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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने दुनिया के देशों से अपील की है कि वे नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने के लिए एक समान वैश्विक कानूनी ढांचा तैयार करें। उन्होंने कहा कि ड्रग कार्टेल अलग-अलग देशों के कानूनों में मौजूद खामियों का फायदा उठाकर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं।
उन्होंने ये बातें R. N. Kao Memorial Lecture 2026 के दौरान कहीं, जिसका आयोजन Research and Analysis Wing (रॉ) द्वारा New Delhi में किया गया था।
मादक पदार्थ पूरी दुनिया के लिए खतरा
कार्यक्रम की शुरुआत में अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों की समस्या किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुकी है। इसलिए कोई भी देश अकेले इस चुनौती से नहीं निपट सकता।
उन्होंने कहा कि भारत ने “2047 तक नशामुक्त भारत” का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने साफ कहा कि भारत की धरती पर किसी भी तरह के मादक पदार्थों का प्रवेश या ट्रांजिट स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ड्रग तस्करी अब राष्ट्रीय सुरक्षा का बड़ा खतरा
अमित शाह ने कहा कि ड्रग तस्करी अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गई है। यह संगठित अपराध, आतंकवाद और अवैध आर्थिक नेटवर्क को मजबूत कर रही है।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों से होने वाली कमाई अपराधी गिरोहों को ताकत देती है और समाज में लंबे समय तक अस्थिरता पैदा करती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ड्रग्स का शारीरिक और सामाजिक नुकसान अक्सर कम चर्चा में आता है, जबकि इसका असर बेहद गंभीर होता है।
सभी देशों के कानूनों में समानता लाने की अपील
गृह मंत्री ने देशों से आग्रह किया कि वे मादक पदार्थ नियंत्रण कानूनों में एकरूपता लाएं। उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थों की एक समान परिभाषा तय करने और तस्करी से जुड़े अपराधों के लिए समान सजा व्यवस्था बनाने की बात कही।
उन्होंने ड्रग माफियाओं के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही देशों के बीच रियल टाइम इंटेलिजेंस साझा करने की आवश्यकता बताई।
अमित शाह ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो ड्रग कार्टेल कानूनी खामियों का फायदा उठाकर सीमाओं के पार अपने नेटवर्क को लगातार बदलते रहेंगे।
समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संकट और बढ़ेगा
उन्होंने कहा कि यदि दुनिया ने अभी समन्वित कदम नहीं उठाए, तो आने वाले वर्षों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। अमित शाह ने कहा कि यह समस्या 195 देशों और हजारों किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ी हुई है, इसलिए अलग-अलग प्रयास इस चुनौती का सामना नहीं कर सकते।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभी कार्रवाई नहीं हुई तो अगले दशक में इस नुकसान की भरपाई करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
भारत ने ड्रग सिंडिकेट तोड़ने के लिए बनाई रणनीति
अमित शाह ने बताया that भारतीय एजेंसियों ने सीमा पार सक्रिय ड्रग सिंडिकेट को खत्म करने के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार किया है। भारत ने मित्र देशों के साथ सहयोग भी बढ़ाया है ताकि बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में भारत ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मदद से 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को वापस लाने में सफलता हासिल की है। हालांकि उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सफलता के लिए लगातार सहयोग जरूरी रहेगा।
आर. एन. काओ की याद में आयोजित हुआ कार्यक्रम
यह व्याख्यान R. N. Kao की स्मृति में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में 40 से अधिक देशों के राजनयिक, भारत की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और आर. एन. काओ के परिवार के सदस्य शामिल हुए।
इस आयोजन ने यह दिखाया कि भारत मादक पदार्थों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर संयुक्त कार्रवाई की जरूरत को कितना गंभीरता से उठा रहा है।































