दिल्ली की सड़कों पर तिहाड़ जेल के अंदर और भारत की सीमाओं के बाहर से भी हाशिम बाबा गैंग का असर लगातार बना हुआ है। सोमवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाशिम बाबा-राशिद केबल वाला गैंग से जुड़े छह शूटरों और बदमाशों को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत की गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अवैध हथियार, विदेशी पिस्तौल और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए। जांच में पता चला कि आरोपी प्रतिद्वंद्वी गैंग पर हमला करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह गैंग पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में रंगदारी और सट्टे का नेटवर्क भी चला रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैज कुरैशी, माज, नवाजिश, अफाक, इमरान उर्फ तेली और अरशद उर्फ छोटा के रूप में हुई है। सभी उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इन पर हत्या, हत्या की कोशिश, रंगदारी और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।
क्राइम ब्रांच को 6 मई को सूचना मिली थी कि गैंग के सदस्य करोल बाग के पूसा रोड स्थित एक लाउंज के आसपास मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस की टीम ने निगरानी शुरू की। सुबह करीब 4 बजे चार संदिग्ध बाहर निकले, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान पुलिस को चार अवैध पिस्तौल और 32 जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने 10 अवैध हथियार और 81 कारतूस बरामद किए। इनमें दो इटली में बनी बेरिटा पिस्तौल भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इसके पीछे अवैध हथियारों की बड़ी सप्लाई चेन काम कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि गैंग के सदस्य Signal ऐप के जरिए फरार गैंगस्टर राशिद केबल वाला से संपर्क में थे। पुलिस के मुताबिक गैंग स्थानीय कारोबारियों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलता था और युवाओं को अपराध की दुनिया में शामिल कर रहा था।
पुलिस का कहना है कि राशिद केबल वाला 2022 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार होकर दुबई पहुंच गया था। उस पर दिल्ली में कई बड़े अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।






























