दिल्ली में त्रिपुरा के एक युवक के साथ कथित नस्लीय दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है। इस मामले में कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन पर युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां करने, आपत्तिजनक इशारे करने और त्रिपुरा के लोगों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 19 सितंबर को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद पूर्वोत्तर के लोगों में नाराजगी है। कई लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि इस व्यक्ति को सजा मिलेगी। रिजिजू ने कहा कि शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई, लेकिन दिल्ली पुलिस और त्रिपुरा पुलिस आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में नफरत फैलाने वाले व्यवहार को बर्दाश्त करने वाले लोग भी ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।
क्या आमिर शौकीन ने मांगी माफी?
विवाद बढ़ने के बाद आमिर शौकीन ने इंस्टाग्राम पर माफी मांगी। उन्होंने दावा किया कि वीडियो पहले से तय पटकथा के तहत बनाया गया था और उसमें दिखाई देने वाला युवक उनका परिचित था। आमिर के मुताबिक, उनका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
उन्होंने त्रिपुरा के लोगों से माफी मांगते हुए कहा कि अगर उनकी बातों से किसी को दुख पहुंचा है, तो उन्हें इसका अफसोस है। हालांकि, उनकी माफी के बावजूद आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग जारी है।
दो संगठनों ने पुलिस में की शिकायत
इस मामले में त्रिपुरा के दो संगठनों, यूथ टिपरा फेडरेशन (YTF) और टिपरा इंडिजिनस स्टूडेंट्स फेडरेशन (TISF) ने अगरतला के एनसीसी पुलिस थाने में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि आमिर शौकीन ने त्रिपुरा के युवक के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां कीं और राज्य के लोगों के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। दोनों संगठनों ने मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को दिए निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को दिल्ली पुलिस के साथ संपर्क और समन्वय करने का निर्देश दिया है। घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी नाराजगी जताई है और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर है। वीडियो को लेकर उठे विवाद ने पूर्वोत्तर के लोगों के साथ होने वाले कथित नस्लीय भेदभाव के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।




























