रूमी से शिवा तक: ब्रह्मास्त्र की “अद्वितीय यात्रा”
भ्राता रणबीर कपूर, कुछ तो रिकॉर्ड साफ रखते। हम सभी जानते हैं कि इस समय आप पर काफी दबाव हैं और आपके फिल्म उद्योग पर तो और अधिक दबाव है पर जैसा चल रहा है वैसे तो...
भ्राता रणबीर कपूर, कुछ तो रिकॉर्ड साफ रखते। हम सभी जानते हैं कि इस समय आप पर काफी दबाव हैं और आपके फिल्म उद्योग पर तो और अधिक दबाव है पर जैसा चल रहा है वैसे तो...
“राजनीति में कोई किसी का सगा नहीं होता”, यह इस व्यवसाय का सबसे कटु सत्य है पर इसका सबसे निकृष्ट रूप हमें ऐसे देखने को मिलेगा, यह शायद ही किसी ने सोचा था। सत्ता के लालच में...
'मजबूरी का नाम महात्मा गांधी' कहावत यूं ही नहीं कहा जाता है, यह कूटनीति की ऐसी दुविधा को दर्शाता है, जो भारत को न चाहते हुए भी निभानी पड़ती है। ऐसे अनेक अवसर आते हैं, जब भारत...
“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं” ये कथन निरंतर हमने सुना है, परंतु एक संस्था के कारनामे इसे किस तरीके से हमें बताएगा किसी ने नहीं सोचा था। BYJUs कहने को एक शैक्षणिक व्यवस्था में ‘क्रांति’...
हमारे वृद्धजन यूं ही नहीं कहते हैं कि “जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है वो स्वयं उसी गड्ढे में गिर जाता है।” बड़ा गूढ़ अर्थ छुपा है इस कहावत के पीछे और यह कहावत चीन पर...
“काका, म्हाला वाचवा!” एक बालक प्रांगण में इधर से उधर दौड़ते हुए चिल्ला रहा था पर उसकी पुकार एक व्यक्ति देखकर भी अनसुनी कर रहा था। सत्ता की लालसा में वह इतना अंधा हो चुका था कि...
सच्चा मित्र वही, जो मित्र के काम आए। ये बात भारत और रूस के लिय अक्षरश: चरितार्थ होती है। रूस यूक्रेन विवाद पर भारत ने संसार की रीतियों और नीतियों से ठीक उलट अपनी अलग परिपाटी अपनाते...
देखो भई करण, तुम आदमी जैसे भी हो, परंतु यह काम नहीं करना चाहिए था। जयकान्त शिकरे जैसा एटीट्यूड केवल जयकान्त शिकरे पर ही सुहाता है आप पर नहीं, जिनसे खुद की एक ओरिजिनल फिल्म तक न...
कभी कभी ऐसे भी अवसर आपके समक्ष आते हैं, जिसे देख आप नहीं समझ पाते कि करे तो करे क्या। ये प्रारंभ में एकदम हास्यास्पद प्रतीत होंगे परंतु एक ही तीर से दो लक्ष्य भेदने में सक्षम...
आप किसी प्रतिस्पर्धा में उतरते हो, तो आपके मन में क्या चलता है सबसे उच्चतम के साथ हमारा मुकाबला होना चाहिए, नहीं। परंतु पुरी जगन्नाध और विजय देवरकोंडा का तो कुछ अलग ही विचार है। यहाँ तो...
जिसने भारतीय क्रिकेट को सदैव के लिए बदलकर रख दिया है। क्यों अब पहले की भांति भारत पाकिस्तान के क्रिकेट मैच में रुचि नहीं रख रहे है लोग।आपके समक्ष एशिया कप प्रारंभ हो चुका है और शीघ्र...
“जिसके साथ नारायण हो, उसे किस बात की चिंता?” हमें कभी ये बातें बड़े बुजुर्गों के मुख से सुनने को मिलती थी परंतु इसे एक फिल्म ने एक अलग ही रूप में आत्मसात किया है और इसकी...


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