बालासाहेबांची शिवसेना: शुरू करो अंताक्षरी लेके प्रभु का नाम, पर अंत ऐसा भयो कि न माया मिली न राम। का करें बंधु, जीवन...
सेवा और चाटुकारिता में स्पष्ट अंतर होता है। जब सेवा की जाती है, तो वो इच्छा से होती है, उसमें अपनापन भी होता...
कांग्रेस का नाम सुनकर आपके दिमाग में क्या आता है? निश्चित तौर पर राजवाड़े जैसी तस्वीर आपके दिमाग में कौंध जाती होंगी, राजा...
पश्चिमी देशों का जोर हमेशा से इस बात पर रहा है कि कैसे भी करके भारत को कमजोर किया जाए। इन लोगों ने...
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने राजनीति में एक लंबी पारी खेली। देश में जब-जब बात होगी बड़े और प्रभावशाली...
'रक्तांचल' में एक बड़ा ही चर्चित संवाद है, “दंगल के नियम कितने भी बदल जाए लेकिन आज भी दंगल दांव से जीते जाते...
धमकी, जिहाद के नारों से, हथियारों से कश्मीर कभी हथिया लोगे यह मत समझो। हमलों से, अत्याचारों से, संहारों से भारत का शीष...
देश के नीति निर्माण भी भिन्न भिन्न प्रकार से तय होते हैं। राजनीति का नीति निर्माण अलग, न्यायपालिका का नीति निर्माण अलग, सैन्य...
जिस विषय पर हम बात करने जा रहे हैं इस लेख में वह विषय हास्य परिहास का विषय तो कतई नहीं है। इस...
मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से देश के अनेकों तीर्थस्थलों का जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण करवाया है। फिर चाहे वो बद्रीनाथ...
ज्ञान तब दो जब आप स्वयं उस पर पूरी तरह से कार्य करते हो। कुछ ऐसा ही स्वयं को वैश्विक महाशक्ति मानने वाले...
कहते हैं जब आपके पास शक्ति होती है तो बड़े से बड़े सूरमा भी आपके आगे नतमस्तक हो जाते है, हर कोई आपसे...


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