TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कर्नाटक: देवेगौड़ा के गढ़ पर चढ़ाई करने जा रहे हैं योगी आदित्यनाथ

अगर पासा सही पड़ गया तो भाजपा की दोबारा विजय तय है!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
10 October 2022
in मत
योगी कर्नाटक

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

‘रक्तांचल’ में एक बड़ा ही चर्चित संवाद है, “दंगल के नियम कितने भी बदल जाए लेकिन आज भी दंगल दांव से जीते जाते हैं!” यह बात राजनीति में भी शत प्रतिशत लागू होती है, जहां हर एक सीट, चाहे वह ग्राम प्रधान की ही क्यों न हो, अति महत्वपूर्ण होती है। राजनीति में अभेद्य कुछ भी नहीं होता और यह बात योगी आदित्यनाथ से बेहतर कौन जान सकता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे योगी आदित्यनाथ कर्नाटक के एक महत्वपूर्ण गढ़ पर भाजपा का आधिपत्य स्थापित करने वाले हैं और साथ ही यह भी जानेंगे कि सीएम योगी कैसे एचडी देवेगौड़ा से उनका गढ़ छीनने का खाका तैयार कर रहे हैं। दरअसल, योगी आदित्यनाथ कर्नाटक के मांड्या क्षेत्र के बहुचर्चित कुम्भ मेले में भाग लेने जाने वाले हैं। वो 16 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाले इस मेले में बतौर प्रमुख अतिथि सम्मिलित होंगे।

तो, इसमें इतना महत्वपूर्ण क्या है? भाजपा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राज्य में अपना आधार मजबूत करने के लिए भेज रही है, खासकर ओल्ड मैसूर और बेंगलुरु क्षेत्रों में। खेल मंत्री नारायण गौड़ा ने 16 अक्टूबर को कावेरी, हेमावती और लक्ष्मण तीर्थ नदियों के संगम पर महाकुंभ मेले का उद्घाटन करने के लिए योगी को मांड्या जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र केआर पेट में आमंत्रित किया है। गौड़ा हाल ही में योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित करने पहुंचे थे। योगी कुछ हफ्ते पहले नेलामंगला में धर्मस्थल मंजुनाथेश्वर प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान संस्थान के ‘क्षेमवन’ का उद्घाटन करने के लिए बेंगलुरु गए थे।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

और लोड करें

और पढ़ें: प्रिय मुख्यमंत्री बोम्मई, आप कर्नाटक जीत जाएंगे लेकिन बेंगलुरु खत्म हो जाएगा

देवगौड़ा की बढ़ेगी मुश्किलें

इसका अपना राजनीतिक महत्व है। मांड्या क्षेत्र वह जगह है जहां से भाजपा का विजयी होना लगभग असंभव माना जाता है। कहते हैं कि भाजपा एक बार को पाकिस्तान में सरकार बना ले परंतु यहां नहीं। ऐसा क्यों? क्योंकि यह ‘माटी के लाल’ जेडीएस के संस्थापक एचडी देवेगौड़ा का गढ़ है। वैसे वो कितने माटी के लाल हैं, ये तो वही जाने परंतु यहां के लोगों के लिए वह आराध्य समान हैं।

परंतु प्रश्न तो अब भी उठता है कि इससे देवेगौड़ा के गढ़ को कैसे हानि होगी? असल में एचडी देवेगौड़ा हैं वोक्कालिगा, जिनकी कर्नाटक में काफी प्रभावशाली उपस्थिति है और जिनसे प्रभावशाली भाजपा नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा भी संबंध रखते हैं। ये उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितना कि लिंगायत समुदाय, जिससे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदयुरप्पा आते हैं। वोक्कालिगा समुदाय की लिंगायत और अन्य जातियों से बनती नहीं है और ये कर्नाटक के राजनीति में उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितना यूपी-बिहार की राजनीति में ब्राह्मण, ठाकुर एवं यादव, जाटव और अन्य जातियों की लड़ाई।

ऐसे में योगी क्या करेंगे? स्मरण है कर्नाटक 2018 का विधानसभा चुनाव? भाजपा भले ही प्रारंभ में सरकार नहीं बना पाई परंतु 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही और इसके एक प्रमुख कारण थे- योगी आदित्यनाथ। वो कैसे? महोदय ने जहां भी रैली की है, भाजपा को उस राज्य में बढ़त मिली है। उदाहरण के लिए त्रिपुरा में 25 वर्ष से लेफ्ट की सरकार थी लेकिन भाजपा ने वहां भारी जीत दर्ज कर 60 में से 43 सीटों पर कब्जा जमाकर इतिहास रचा था। सीएम योगी तब भी यहां विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारक थे। योगी ने त्रिपुरा में विधानसभा की 20 सीटों पर चुनाव प्रचार किया था जिनमें से 17 पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी।

ठीक उसी प्रकार कर्नाटक विधासभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने भाजपा के लिए प्रचार किया था। यहां भी वो स्टार प्रचारकों में से एक थे। उन्होंने कर्नाटक में कुल 24 जगहों पर रैलियां थीं। वो नाथ सम्प्रदाय से जुड़े हैं और इसी वजह से योगी ने चुनाव प्रचार में अपनी छाप छोड़ी थी और इसका असर कर्नाटक के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर दिखा भी था। जिन इलाकों में योगी की रैली हुई थी, वहां की काफी सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों को बढ़त मिली थी। फिर क्या था, हिंदुत्व छवि वाले योगी की मांग चुनाव प्रचार के लिए हर राज्य में होने लगी। हिमाचल, गुजरात के बाद त्रिपुरा में भी योगी का जादू चला और कर्नाटक में भी योगी का जादू दिखा था। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि इन पांच राज्यों में भाजपा के मतदाता आधार को और मजबूत करने में योगी अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

और पढ़ें: कर्नाटक में येदियुरप्पा निकालेंगे ‘सावरकर रथ यात्रा’, पीछे घिसेंगे कांग्रेस जेडीएस

नाथ संप्रदाय से आते हैं योगी आदित्यनाथ

इसके अतिरिक्त योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय द्वारा संचालित गोरखपुर स्थित गोरक्षनाथ पीठ के अध्यक्ष भी हैं। यह पद उन्हें अपने आध्यात्मिक गुरु एवं राजनीतिक नेता, महंत अवैद्यनाथ से विरासत में मिला था। तो नाथ संप्रदाय का कर्नाटक से क्या नाता? असल में कर्नाटक में नाथ संप्रदाय का एक प्रमुख वर्ग वास करता है और नाथ संप्रदाय के महंत को इनके अनुयायी अपने आराध्य का दर्जा भी देते हैं। वर्ष 2018 में भी योगी जब भाजपा के स्टार प्रचारक के रूप में कर्नाटक आए थे तो कहीं न कहीं उनके इसी व्यक्तित्व की कुछ भूमिका अवश्य थी, जिसके कारण भाजपा 108 सीटें प्राप्त करने में सफल रही थी।

क्या ऐसा पूर्व में भी हुआ है? निस्संदेह! वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक में भाजपा ने 28 में से 25 संसदीय सीटें अपने नाम की। यदि हम इसमें भाजपा समर्थित कर्नाटक में मांड्या से निर्दलीय उम्मीदवार एवं अभिनेत्री सुमालता को भी जोड़ ले तो कांग्रेस और जेडीएस के हाथ केवल एक एक सीट लगी थी। कर्नाटक में भाजपा की ये जीत कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई दिग्गज जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेसी मंत्री वीरप्पा मोइली एवं के एच मुनियप्पा एवं राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल गौड़ा अपनी अपनी सीटें बचाने में पूरी तरह असफल रहे थे।

जाने माने अखबार ‘द हिन्दू’ की हिन्द सीएसडीएस लोकनीति सर्वे ने भाजपा के प्रति बढ़े जनाधार को बखूबी दिखाया है। सर्वे डेटा के अनुसार, केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति जनता का व्यवहार काफी संतोषजनक रहा है। लगभग तीन चौथाई लोगों ने केंद्र सरकार की नीतियों में अपना विश्वास प्रकट किया। यही नहीं, कर्नाटक राज्य के जातिगत समीकरण भी इस बार भाजपा के पक्ष में दिखाई दिये।

वोक्कालिगा और लिंगायत भाजपा के साथ

जहां एक ओर उत्तरी कर्नाटक में भाजपा ने लिंगायतों में अपना समर्थन बरकरार रखा है। वहीं, जेडीएस और कांग्रेस के बीच बेमेल गठबंधन के खिलाफ दक्षिण कर्नाटक, खासकर वोक्कालिगा बाहुल्य ओल्ड मैसूर की जनता में गुस्सा देखने को मिलते रहा है। इससे भाजपा को राज्य के जातिगत समीकरण बदलने का सुनहरा अवसर मिला। 2019 चुनाव के पश्चात प्रकाशित सर्वे डेटा में बताया गया कि 10 में से 9 लिंगायत मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। यही नहीं, भाजपा राज्य के अन्य ओबीसी और दलितों को भी अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल रही है।

ओल्ड मैसूर के इलाके में स्थित वोक्कालिगा समुदाय का भी जेडीएस से मोहभंग शुरू हो चुका है। सर्वे डेटा के अनुसार, पिछले विधानसभा चुनाव में 10 में से 6 वोक्कालिगा मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। कई विशेषज्ञों के अनुसार, कांग्रेस और जेडीएस का कुल मत प्रतिशत भाजपा को हराने के लिए काफी था पर यह अनुमान सच्चाई से कोसों दूर थी। रही सही कसर कांग्रेस और जेडीएस के स्थानीय कैडरों के बीच तालमेल की भारी कमी ने पूरी कर दी। इतना ही नहीं, दोनों खेमों में उम्मीदवारों के चुनाव को लेकर काफी असंतोष व्याप्त था और इसी अंदरूनी लड़ाई का परिणाम रहा कि कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन कर्नाटक में विफल रहा।

ध्यान देने वाली बात है कि इस समय तो कर्नाटक में हिन्दुत्व अपने चरमोत्कर्ष पर है और कर्नाटक प्रशासन ने भी सुनिश्चित किया है कि किसी भी स्थिति में तुष्टीकरण को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, जिसका प्रमाण हिजाब प्रकरण और हलाल, झटका के विषय पर देखने को मिला है। इसके अतिरिक्त योगी आदित्यनाथ एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी करने में सफल रहे हैं। ऐसे में यदि वो भाजपा के लिए कर्नाटक में प्रचार करते हैं तो यह न केवल भाजपा के लिए सोने पर सुहागा होगा अपितु इससे यह भी सिद्ध होगा कि आज भी हिन्दुत्व भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसमें योगी आदित्यनाथ जैसे दमदार नेता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

और पढ़ें: कर्नाटक चुनाव के लिए भाजपा का ‘मेगा प्लान’ डिकोड, मोदी-नड्डा-संघ फिर दिलाएंगे विजयश्री

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: कर्नाटकनाथ संप्रदायभाजपायोगी आदित्यनाथ
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

1962 की गलती न दोहराई जाए, इसकी तैयारी में जी जान से जुटी है मोदी सरकार

अगली पोस्ट

प्रत्येक भारतीय को अवश्य पढ़नी चाहिए कल्हण की महान कृति राजतरंगिणी

संबंधित पोस्ट

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited