पिछले दो दशकों से न्यायिक व्यवस्था में प्रचलित लालफीताशाही को लेकर काफी शोर-शराबा हुआ है। सार्वजनिक मंचों से इस समस्या पर लगातार चर्चा...
“क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो, उसका क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत सरल हो?” कवि रामधारी सिंह दिनकर की यह...
कहा जाता है कि 'कभी- कभी अपराध से ज्यादा खतरनाक होती है गंदी राजनीति' ऐसे में, अगर कोई यह समझना चाहता है कि...
कहते हैं, बंद घड़ी भी दिन में दो बार सही समय दिखा देती है, परन्तु जिस जिसने ‘सत्यमेव जयते 2’ का थर्ड डिग्री...
पूर्व IPS अधिकारी के. राधाकृष्णन की कहानी बताती है कि जब पूरा राजनीतिक नेक्सस किसी एक राजनीतिक दल का गुलाम हो जाता है,...
भारत में छद्म धर्मनिरपेक्षता की, छद्म आदर्शवाद की, छद्म पर्यावरण संरक्षण की वकालत करने वालों की सामने से आलोचना करना एक महत्वपूर्ण एवं...
भारत एक कृषि प्रधान राष्ट्र है और यह देश के 50 प्रतिशत रोजगार का सृजनकर्ता है। देश के सकल घरेलू आय में लगभग...
सतत विकास लक्ष्य इंडिया इंडेक्स - हाथ कंगन को आरसी क्या और पढ़े लिखे को फ़ारसी क्या! ये पंक्ति आपने बहुत बार सुनी...
एक सरकारी विज्ञापन में संविधान के प्रस्तावना पाठ को 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्दों के बिना चित्रित करने से विवाद खड़ा हो गया है।...
दिन 26 जनवरी, गणतन्त्र दिवस का उत्सव और राजपथ पर होने वाली परेड समाप्त हो चुकी थी। तभी लाल किले के आस-पास गहमा-गहमी...
भारत जनसंख्या के अनुसार दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है और लंबे समय से ऐसी उम्मीद लगाई जाती रही है कि इस...
हेमंत करकरे, एक ऐसा नाम जिसे एक समय भारत का बच्चा-बच्चा जानता था। हेमंत करकरे मुम्बई ATS के प्रमुख थे और 26 नवम्बर...


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