हरित क्रांति के बाद अब समय की मांग है ‘सदाबहार क्रांति’
भारत 1960 के दशक में जनसंख्या विस्फोट और कृषि उत्पादकता की कम दर के साथ ही सबसे खराब खाद्य संकटों में ...
भारत 1960 के दशक में जनसंख्या विस्फोट और कृषि उत्पादकता की कम दर के साथ ही सबसे खराब खाद्य संकटों में ...
अरी दादा, तनिक शांत करो हिमंता दा को, ई तो योगी महाराज को टक्कर देने लगे हैं कि कौन अपने विरोधियों ...
मजबूरी इंसान से क्या-क्या नहीं करा देती है। अब जरा इस बात को समझिए कि किसी देश के लिए उसकी सेना, ...
भारत ने अपनी वैश्विक कूटनीतिक को इतना सशक्त कर लिया है कि अमेरिका जैसे देशों की तरफ से आने वाले बयान ...
अमेरिका की बिग टेक कंपनियां अपनी मनमानी के लिए जानी जाती रही हैं जो कि आए दिन विवादों में रहती हैं। ...
उफ ये दुख, ये दर्द, ये कष्ट, ये पीड़ा। सभी को पता था कि NDTV को अडानी द्वारा अधिग्रहण पचेगा नहीं। ...
यह तो हम सभी जानते हैं कि कुत्ता सबसे वफादार होता है, कुत्तों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त भी माना ...
“जब किसी का काम नहीं खराब कर सकते न, तो उसका नाम खराब करो!” ये संवाद न जाने क्यों हमारी मीडिया ...
यह सबसे बड़ी नासमझी होती है कि आप अपने घर की सुरक्षा उसके हाथ में दे दो जो स्वयं आपके दुश्मनों ...
एक व्यक्ति के लिए आप किस स्तर तक जा सकते हैं? कुछ लोग छज्जे फांदते हैं, कुछ तो अंतरराष्ट्रीय सीमाएं पार ...
ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं। कश्मीर में हुए नृशंस नरसंहार के जख्मों को मार्च में आई 'द कश्मीर फाइल्स' ...
अगर आपको लगता है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया की सारी परेशानियां ख़त्म हो गयी हैं और अब लड़ने ...


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