NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने भारतीय फुटबॉल को सदैव के लिए के लिए ख़त्म कर दिया
एक कहावत है, जब-जब किसी व्यक्ति की महत्वकांशा अपने पद और फायदे के लिए बढ़ी है तब-तब उस व्यक्ति का बंटाधार ...
एक कहावत है, जब-जब किसी व्यक्ति की महत्वकांशा अपने पद और फायदे के लिए बढ़ी है तब-तब उस व्यक्ति का बंटाधार ...
भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे हो गए हैं और हम 76वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हैं। देश ने ...
कुछ लोगों को देखकर एक ही बात स्मरण आती है, ‘चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए’ और हमारी मीडिया पर भी ...
'झूठ बोलो, बार-बार झूठ बोलो। कुछ कहो तो झूठ कहो, कुछ लिखो तो सिर्फ झूठ लिखो और इतना झूठ फैलाओ कि ...
समय जब करवट लेता है तो राजा को रंक बनते देर नहीं लगती। एक समय ऐसा था जब तीनों खान बॉलीवुड ...
जब बुरा समय आता है तो आप कहीं के नहीं रहते और आमिर खान को इसका आभास कुछ अलग ही प्रकार ...
ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं! हर बार जब भी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक गठबंधन साथी ...
एक समय हुआ करता था जब देश में भ्रष्टाचार और परिवारवाद के खिलाफ कोई चू तक नहीं बोलता था क्योंकि सभी ...
हमारे देश में एक अलग प्रकार की बीमारी है, जहां 'गाली देना और उसी व्यक्ति से सहयोग लेना' दोनों साथ-साथ चलता ...
स्वदेशी तकनीक तब तक सफल नहीं मानी जाती जबतक उसका अनुसरण न कर लिया जाए, वो तबतक परीक्षण के तंत्र से ...
देश की आजादी में वीर सावरकर के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है लेकिन कांग्रेसियों की कुंठा, वामपंथियों का एजेंडा ...
देखो बंधु, सुबह का भूला यदि शाम को घर लौट आये तो उसे भूला नहीं कहते। बड़े-बड़े तुर्रम खान भटक गए, ...


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