TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    अमेरिका का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतस्य इस्लामः? क्या मुस्लिम महिलाओं का ऐसा एक वर्ग हो सकता है जिसने फूल पर बटन दबाया हो?

viveksharma द्वारा viveksharma
14 March 2017
in मत
मुस्लिम भाजपा
Share on FacebookShare on X

वैधानिक चेतावनी – यह लेख एक काल्पनिक किन्तु प्रायिक परिस्थिति को विवेचना एक विशेष दृष्टि से करने के लिए लिखा जा रहा है। इतने कमज़ोर विपक्ष में भाजपा के लिए नई चुनौती बाहरी राजनैतिक नहीं है। और न ही मोदी जी के नेतृत्व में कहीं से कहीं तक आंतरिक कलह की है। ये चुनौती पूर्णरूपेण वैचारिक है, आदर्शों की है।

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों के नतीजे सामने हैं। और विश्लेषण शुरू हो चूका है। जीत प्रचंड है। पर ये जीत एक अनोखा असमंजस ले कर आयी है। एक थ्योरी के अनुसार इस जीत ने भाजपा की नयी चुनावी कांस्टिटुएंसी खोली है। बिना किसी चूं चैं के ये माना जा रहा है की गैर जाटव दलित और गैर यादव पिछड़ा खुल के भाजपा के साथ आया है। भाजपा के आदर्शों में इस वर्ग के लिए पहले से ही जगह है। तो फिर चुनौती कहाँ है? चुनौती बुरखे के अंदर से झांकती आँखों में है।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

और लोड करें

यदि….

चुनाव के नतीजे आते आते दो चुटकुले मशहूर हुए। एक “अब्दुल सोता रह गया और रेशमा चुपके से फूल का बटन दबा आयी” और एक कार्टून जिसमें हिजाब पहने एक मुस्लिम लड़की वोटिंग मशीन के सामने खड़ी है। वोटिंग मशीन पर कांग्रेस, सपा और बसपा के सामने लिखा है, तलाक़, तलाक़, तलाक़। पर मजाक मजाक में ये चुटकुले गंभीर विषय छेड़ गए हैं। क्या ट्रिपल तलाक़ के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय में मोदी सरकार ने जो विचार दिया है उसने मुस्लिम महिलाओं की दुखती रग को छुआ है? और यदि छुआ भी है तो क्या छोटे ही सही पर मुसलमानों के एक वर्ग ने भाजपा को वोट दिया है? प्रश्न अजीब है और व्यावहारिक राजनीति इसका सकारात्मक उत्तर नहीं देती। मुझे खुद भी शक़ है। पर कई आँकड़े संदिग्ध हैं।

134 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में से 101 पर भाजपा को जीत मिली है। और कई न्यूज़रूम्स में इस पर चर्चा शुरू हो गई है। पर हिन्दू शुभचिंतक इस सम्भावना को सिरे से ख़ारिज करते हुए नज़र आ रहे हैं। तर्क़ ये है कि ये जीतें ऐसी सीटों पर हिंदुओं के एकजुट होने, और विरोधियों के द्वारा कई मुस्लिम उम्मीदवार खड़े करने की गलती से मिली हैं। बात में दम भी है। इसके पक्ष में एक थ्योरी ये आयी है कि जहाँ भी मुस्लिम आबादी ३५% से अधिक हैं वहां सपा या बसपा के उम्मीदवार जीते हैं। पर ये अपरिपक्व थ्योरी है। बहुत सारे अपवाद हैं। पर चुनावी गणित से अलग एक प्रश्न। क्या

ऐसा संभव है? क्या मुस्लिम महिलाओं का ऐसा एक वर्ग हो सकता है जिसने फूल पर बटन दबाया हो?

कई दोस्तों को लग सकता है कि ये तो खुश होने की बात है। यदि मोदी जी ने यदि कुछ मुस्लिम महिलाओं का समर्थन जीत है तो भाजपा की स्वीकार्यता मुस्लिम समाज में बढ़ रही है। पर ज़रा एक मिनट सोचिये। क्या ये सामंजस्य इतना आसान है? वर्षों के बाद २०१४ में तथाकथित रूप से एक हिन्दू वोट बैंक की स्थापना हुई थी। क्या वो इस संभावित नए मेहमान से दोस्ती कर पायेगा? कॉमन सिविल कोड, राम मंदिर और धारा ३७० जैसे वैचारिक मुद्दे कहाँ जायेंगे?

प्रश्न कठिन है और दीर्घउत्तरीय है। पर अपने पर बहुत टाइम है। मैं सांख्यिकी में नहीं जाऊंगा। वो मेरी अपनी बचपन से ख़राब है। पर इस विषय को पूरी तरह काल्पनिक मान के भी तर्क तो लगाया ही जा सकता है।

भारतस्य इस्लामः?

हम चाहें न चाहें पर हम एक बहुसंस्कृर्तिक देश हैं। और एक बहुत बड़ी मुस्लिम आबादी हमारा सच है। इस सच से कइयों की दिक्कत होती है। इतने धोखों और इतनी जंगों के बाद स्वाभाविक है कि हिंदुओं में एक ऐसा वर्ग पैर पसार चूका है जो इस्लाम पर भरोसा अपनी सबसे भोली कल्पनाओं में भी नहीं कर सकता। पर क्या ये बैर चिर स्थाई है? या फिर क्या इस तनाव को कुछ ऐसे व्यवस्थित किया जा सकता है कि बिना टूटे कोई मधुर स्वर निकल सके। इतिहास में हमेशा मदद मिलती है।

हसन गंगू से शुरू करता हूँ। हसन गंगू उर्फ़ ज़फर खान उर्फ़ अलाउद्दीन बहमन शाह। तुग़लक़ का वो ख़ास जंगबाज़ जिसने दक्किन में १४वीं शताब्दी बहमनी साम्राज्य की नींव रखी। गंगू। इस नाम की भी एक कहानी है। फरिश्ता ने अपनी किताब में ज़िक्र किया है कि हसन दिल्ली में एक ब्राह्मण गंगाधर शास्त्री के यहाँ नौकर था। एक दिन उसे खेत में हल चलाते हुए ज़मीन में गड़ा कुछ सोना मिला जिसने उसे अपने मालिक को लौट दिया। इनाम में ब्राह्मण ने उसे हिस्सा दिया और साथ में आशीर्वाद भी कि वो अपने खुद का साम्राज्य स्थापित करेगा। समय बीत और ऐसा ही हुआ। जब गंगू ने अपना साम्राज्य बनाया तो उसका नाम बहमनी रखा गया जो शब्द ब्राह्मण की उपज है। साथ ही उसने दिल्ली से गंगाधर को बुलवा कर अपना दीवान नियुक्त किया। मैं इस कहानी को दोआबी तहज़ीब से बढ़कर ज़रूरतों, लगावों और अक्लमंदी की कहानी मानता हूँ। हिन्दू मुस्लिम रिश्तों को रोमांटिसाइज करने का मेरा कोई उद्देश्य नहीं है। पर मैं सच और झूठ से परे एक ख्वाहिश रखता हूँ। भारतीय मुसलमान की। एक ऐसा मुसलमान जो अपनी नींव पहचाने और अपने आप को दाढ़ी और सुरमे की अरबी पहचान से स्वयं बाहर निकाले। जो ११वीं शताब्दी से पहले के भारतीय इतिहास को अपनाये, अपने पूर्वजों का सम्मान करे, इस्लाम को सूफी आईने से देख सके, जो हड़प्पा, मोहनजोदाड़ो, तक्षशिला और मगध के इतिहास पर गर्व करे। जो गौरी, गजनवी, तैमूर और नादिर शाह जैसे लूटेरों को अपना वली न समझे। जो औपनिवेशिक इतिहास से बहक कर अकबर को सबसे पहले जज़िया हटाने का श्रेय न दे जबकि ऐसा करने वाला पहला मुस्लिम शासक कश्मीर का ज़ैनुल-आबेदीन था। अगर भारत के इतिहास में किसी इस्लामिक शासक ने हिंदुओं का हाथ थामा तो वो ज़ैनुल था। अपने पूर्व शासकों के अत्याचारों से भाग चुके हिंदुओं को उसने वापिस बुलाया, रोज़गार दिलाया और फलने फूलने का एक मौका दिया। ये लिस्ट छोटी नहीं है, इसमें कई बुल्ले शाह, बाबा फरीद, वारिस शाह जैसे औलिया, दाराशिकोह जैसा राजकुमार, रसखान और रहीम जैसे कवि, अशफाकुल्ला खान जैसा क्रांतिकारी जिसने तमन्ना की थी कि काश मैं हिन्दू होता तो दोबारा जन्म ले के वतन पर फिर मरता, वीर अब्दुल हमीद जैसा सिपाही और अब्दुल कलाम जैसा वैज्ञानिक है। भारतीय मुसलमान खुशकिस्मत हैं कि उनके सामने पाकिस्तान की तरह की आइडेंटिटी क्राइसिस नहीं है। पर वो स्वयं के लिए पैदा ज़रूर कर सकता है। और ऐसा उसने पिछले कई सौ सालों से किया भी है पर ऐसे भी अनगिनत मुसलमान हैं जो इस नए दौर में खुद को भारत की पहचान और इतिहास के साथ जोड़ रहे हैं। और उनके पास कोई विकल्प भी नहीं है। जो दूसरा विकल्प है वो अनपढ़ों का कट्टरपंथ है। अगर २१वीं शताब्दी में भी इस्लाम ने देश और मज़हब में तालमेल न सीखा तो २०७० तक आबादी चाहे जितनी हो उसका भविष्य अँधेरे में ही रहेगा।

पहल

ये कब होगा मैं नहीं जानता पर मैं ये ज़रूर जनता हूँ कि आज नहीं तो कल ये बिगुल महिलाएं ही फूंकेंगी। क्यों? आसान है। क्योंकि उनके पास ऐसा करने के अधिक कारण हैं। तलाक़ का मुद्दा बड़ा है। और सामाजिक और धार्मिक से आगे ये वैयक्तिक मुद्दा है। कोई सामने आये न आये पर अपनी रसोइयों के अंदर खाना पकाती मुस्लिम महिलाएं ज़रूर सोच रही होंगी। वोट दिया हो न दिया हो पर दिल ही दिल में ये तमन्ना ज़रूर होगी की सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके हक़ में आ जाये। यदि ऐसा होता है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा की भाजपा को एक नया पर छोटा वोट वर्ग मिल जाये।

चुनौती

यदि ऐसा होता है तो? बड़ा विस्फोट हो सकता है। क्या भाजपा का आम वोटर इस नए मेहमान का स्वागत कर पायेगा? क्योंकि फिर बहुत सारी परतें खुलेंगी। जिसमे अयोध्या भी होगी और कैराना भी जिसमें धारा ३७० भी होगी और बकरीद भी। और ऐसे में शीर्ष नेतृत्व और संघ विचारकों के सामने बड़ा धर्मसंकट होगा। या तो वह इस नयी वोट कांस्टिटुएंसी को अपना कर अपनी पारंपरिक वोट को उत्तर देगा या इसे ठुकरा कर अपने ही विस्तार को रोकेगा क्योंकि दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के बाद यही एक विस्तार बचा है।

हल- कुआँ और प्यासा

मेरे अनुसार इसका एक सामान्य हल है। कोशिश न की जाये। ऐसा नहीं है की भाजपा के पास मुस्लिम नेतृत्व नहीं। है, और शानदार है। शाहनवाज़ हुसैन, मुख्तार अब्बास नक़वी, एम् जे अकबर आदि। पढ़े लिखे, सभ्य, खुले विचारों के भारतीय मुसलमान। और इन्हें पार्टी में लाने के लिए कोई हाथी घोड़े नहीं लगाए गए हैं। ये वह लोग हैं जो खुद चल कर पार्टी में आये और शानदार काम कर रहे हैं। मुस्लिम समुदाय भाजपा का प्राकृतिक वोट नहीं है और न कभी हो सकता है। और इसलिए एक मुद्दे के भ्रम में आकर अलग से इस वोट को अप्प्रोच करना भारी भूल होगी क्योंकि ऐसा करने में पार्टी में बदलाव की आवश्यकता होगी। जिससे स्थापित वोट खिसक सकता है और नए अधिक कट्टर हिन्दुत्व गुटों की स्थापना भाजपा से अलग हो सकती है। ऐसे में डॉ स्वामी का सपना सच होने के लिए आगे बढ़ेगा। जिसमें वो केवल दो पार्टियों की कल्पना करते हैं, एक विराट हिन्दुत्व और एक कोमल हिन्दुत्व।

पर यदि पार्टी अपने आदर्शों पर कायम रह कर तेज़ी से इस वर्ग के लिए कार्य पालिका से कदम उठाती है तो वर्ग स्वयं आपकी और आकर्षित होगा। और ऐसा खुद से चल के आया मतदाता क़्वालिटी मतदाता होगा।

कहने का मतलब ये कि कुँए प्यासे के इस खेल में हमें कुआँ बनना है प्यासा नहीं, प्यासे तो वैसे ही बहुत हैं।

शीर्षक है भारतस्य इस्लामः, क्योंकि यदि कोई चीज़ भारत के इतिहास के मोतियों को अपने धागे में पिरोती है तो वो है संस्कृत। और जिस दिन इस देश का मुसलमान संस्कृत को अपना लेगा उस दिन वो दाराशिकोह हो जायेगा। शीर्षक के साथ में “?” भी लगा है क्योंकि ऐसा निकट भविष्य में होगा इसपर “?” है।

फिर भी उम्मीद है ऐसा दिन जल्द आएगा। और हिंदुओं की धरती पर इस्लाम को नयी परिभाषा मिलेगी जिसमे अल जब्र राजमिस्त्रीगिरी छोड़ कर फिर से गणित में खोज करेगा, जिसमे कोई उमर खय्याम लकड़ी का काम छोड़ कर रुबाइयाँ लिखेगा और जिसमे कोई मंसूर अल हलाज सरिया काटना छोड़ के फिर से कह सकेगा “अन-अल हक़”। पर उसकी गर्दन नहीं उड़ाई जाएगी।

Tags: भाजपाभारतीयमुस्लिम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सुकमा हमले के बाद कहाँ मर गए आजादी के पैरोकार?

अगली पोस्ट

यूपी की जनता ने 10 साल पहले किया था ये इशारा

संबंधित पोस्ट

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. रोहित says:
    9 years पहले

    भाई ये सिर्फ़ कल्पना है कि मुस्लिम वोट मिला। मे उन कट्टर बसपा समर्थको से मिला जिन्होंने बसपा को वोट सिर्फ इसलिये नही दिया क्योंकि वहाँ मुस्लिम उम्मीदवार था। और वो नहीं चाहते थे। कि किसि काम के लिए मिलने जाओ तो राम राम की जगह अस्सलाम वालेकुम कहना पड़े।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited