TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अच्छा तो अरविंद केजरीवाल आज कल इसलिए चुप बैठे हैं!

Ajit Datta द्वारा Ajit Datta
13 July 2017
in मत
केजरीवाल
Share on FacebookShare on X

आजकल भारतीय राजनीति में मानो भूचाल सा आ गया है। भूचाल इसलिए की जिस तरह के विधवा विलाप और मार के भागो राजनीति का इस्तेमाल 2011 से हम भारतियों को झेलने की आदत पड़ चुकी है, उस आदत का गायब होना अपाच्य प्रतीत होता है। चाहे राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा हो, या जीएसटी का ऐतिहासिक रूप में संसद से मध्यरात्रि को पारित होना, या लिंचिस्तान के ढोंगी कथा का प्रचार हो, या बंगाल के दंगों की सुगबुगाहट हो, हर राजनैतिक मुद्दे में आम आदमी पार्टी का मौन उसकी उछल कूद से ज़्यादा खल रहा है।

अरे, आप वैसे मत सोचिए। हम शिकायत थोड़ी न कर रहे हैं, और न ही कोई और कर रहा है। उनके राजनैतिक निरर्थकता के कारण लोगों ने उनसे  उम्मीद करना पहले ही छोड़ दिया था, सो इसलिए कोई भी उनपर विशेष ध्यान नहीं दे रहा है। काफी समय पहले ही लोगों को आभास हो गया था की इनकी पकड़ सिर्फ एक केन्द्रीय क्षेत्र, दिल्ली में है, और राष्ट्रीय मंच पर इनकी धमक सिर्फ मुख्य मीडिया के आँखों के तारे होने के कारण ही थी। पर इसके बावजूद, इस पार्टी और इसके मुखिया की चुप्पी न सिर्फ अस्वाभाविक है, बल्कि इसे अध्ययन की भी आवश्यकता है।

संबंधितपोस्ट

सादगी की सरकार, शीशे के महल में बंद: दिल्ली से चंडीगढ़ तक केजरीवाल की चमचमाती सादगी की कहानी

पंजाब के किसान बाढ़ से बेहाल हैं, लेकिन केंद्र सरकार को उन्हें मुआवजा देने में क्यों हो रही है दिक्कत?

जय भीम योजना में ₹145 करोड़ का घोटाला: वंचितों की ‘शिक्षा क्रांति’ को केजरीवाल सरकार ने कैसे बनाया फर्जीवाड़े की पाठशाला?

और लोड करें

2015 में सबकी उम्मीदों को धता बताते हुये आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में 70 में से 67 सीटों पर कब्जा जमाकर भाजपा के 2014 से चल रहे विजय रथ पर लगाम लगाई। क्योंकि इस वक़्त समस्त विपक्ष 2014 के मिले अपने जख्म सहला रहा था , ऐसे में आप को एक ज़ख्मी और कुचली हुई विपक्ष में उम्मीद की एक किरण बताई जा रही थी। उनका खेमा एक था, और समाज के कई हिस्सों में उनकी लोकप्रियता बढ़ती ही जा रही थी।

पर दो साल बाद, इनमे और बाकी के विपक्ष में कोई विशेष अंतर नहीं दिख रहा है। इनके नेता, अरविंद केजरीवाल , अपने सत्ता के लालच में किसी आम भारतीय राजनेता से ज़्यादा दुश्मन बना चुके हैं। इनके प्रधानमंत्री पर ओछे हमले किसी से नहीं छुपे है, और वित्त मंत्री अरुण जेटली के विरुद्ध इनके आरोपों ने इन्हे कोर्ट के चक्कर लगाने पर विवश कर दिया। इंडिया अगेन्स्ट करप्शन आंदोलन का आज कोई मुश्किल से ऐसा सदस्य होगा जो आज भी केजरीवाल का साथ देता हो। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, चुनाव विश्लेषक योगेंद्र यादव और कई और सदस्य, जिनहोने इस पार्टी की नींव रखी थी, उन्हे पहले अलग रखा गया, फिर केजरीवाल द्वारा धक्के मार कर निकाला गया। राजौरी गार्डेन में हुये उपचुनाव में न सिर्फ पार्टी बीजेपी से हारी, बल्कि इसी सीट पर जीतने वाले विधायक को अपनी जमानत भी गंवानी पड़ी। ये अगर कुछ नहीं था, तो स्थानीय निकाय चुनावों में भी भाजपा ने सूपड़ा साफ किया। और राज्यों में भी आम आदमी पार्टी अपनी प्रतिष्ठा तक न बचा पायी, विशेषकर पंजाब में, जहां इन्हे जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। दिल्ली में कई विधायकों ने तो बगावत कर दी है, और 21 विधायकों पर मुनाफे का पद संभालने के अपराध में सदन से निष्कासन का खतरा भी मंडरा रहा है।

पर ये किसी भी दर्जे में ‘आप’ की चिंताएँ नहीं लगती। जिसने भ्रष्टाचार के विरुद्ध युद्ध का आवाहन करते हुये राजनीति में कदम रखा, आज उसी के दराज से फूट फूट के इनके पापों के जिन्न बाहर आ रहे हैं। फर्जी डिग्री वाले मंत्री, यौन संबंध के बदले दलाली करने वाले मंत्री, और घपले और मनी लोंड़ेरिंग में लिप्त रहने वाले भ्रष्ट मंत्री तो अब इनके लिए आम बात हो चुकी है। काँग्रेस अगर बड़े बड़े घोटालों के लिए कुख्यात है, तो यह किफ़ायती घोटालों के लिए। करदाताओं का करोड़ों का रुपया चाय और समोसे पर ही उड़ाया जा चुका है, और साथ ही साथ देश भर में पोस्टर छापने और एक व्यक्तिगत मानहानि मुकदमा जो मुख्यमंत्री पर दायर किया हुआ है, उसपर। पिछले दो सालों में इनके हाथ घंटा कुछ लगा है और लगता है की पीएम पर लगातार हमले की इनकी नीति को करारा झटका लगा है।

ऐसे कई संभव कारण है जो केजरीवाल और उनकी उछलती फुदकती पार्टी को मौन होने पर विवश कर चुकी है।

सर्वप्रथम तो पूरी तरह राजनैतिक है। जब घोटाले सामने आने लगे, तो भ्रष्टाचार विरोधी की छवि आम आदमी पार्टी से दूर भागने लगी, और फिर हमने भ्रष्टाचार से मोदी विरोध की तरफ इनका सुनियोजित घुमाव अपनी आँखों से देखा। भाजपा की ताबड़तोड़ कामयाबी और आप की बदस्तूर असफलता इस बात का संकेत है की आप की बोली खोखली है और उसे एक त्वरित सुधार की आवश्यकता है। शायद अपने पतन को उन्होने अपने दांव बदलकर रोका है, और आत्ममंथन के प्रक्रिया में व्यस्त है।

दूसरी वजह है घोटाले। केन्द्रीय सरकार के एजेंसियों के तहत इन घोटालों की जांच की जा रही है और ये शायद अपने ऊपर किसी भी आरोप को लगने नहीं देना चाहते, और ये समझते हैं की धीरे धीरे मामला ठंडा पड़ जाएगा। पर यह शायद काम न करे, क्योंकि केंद्र के पास खोने को कुछ भी नहीं है ऐसे  नमूनों से भिड़ने के बाद, विशेषकर अगर इन आरोपों में कोई दम न हो तो। अरुण जेटली का मानहानि मुकदमा एक और कारण है की पार्टी अभी कुछ भी बकने से बच रही है। जेटली के कई राजनीतिज्ञों के साथ पुराने संबंध है, और केजरीवाल ने चूंकि इनकी तौहीन की है, यह काफी कुछ आप के ओछी राजनीति के औंधे मुंह गिरने का प्रत्यक्ष प्रमाण देता है।  

पंजाब में निराशाजनक प्रदर्शन और दिल्ली सरकार की लाजवाब प्रतिष्ठा के बाद ऐसा लगता है की पार्टी का खजाना साफ हो चुका है। क्योंकि जब पंजाब में चुनाव थे और पार्टी उम्मीद में फूला न समा रही थी, तब खलिस्तान की चापलूसी से उनके खजाने भरना सुनिश्चित था। पर अब लोग इसे असफल पार्टी मानने लगे हैं, और उनमें निवेश न करने का सही कदम लेने लगे हैं। आर्थिक मजबूरियों के कारण भी इन्हे अपने दांव बदलने पड़े हैं।

अब ये देखना लाज़मी है की कब तक ये पार्टी और इसके विवादास्पद नेता मौन रहते हैं। शायद ये अपना ही फायदा करा रहे हैं, क्योंकि जैसे अब्राहम लिंकन ने कहा था ‘ये बेहतर होगा की चुप रहे और बेवकूफ़ समझे जाएँ, बजाए इसके की बोल के सारा शक खत्म कर दे।‘

Tags: अरविंद केजरीवाल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कमांडर अनुभव अत्रे कौन है? बीएसएफ़ इनका कोर्ट मार्शल क्यों कर रही है?

अगली पोस्ट

रैस्टौरेंट में हुए महंगे खाने के झूठे दावों की पोल खोलता जीएसटी विश्लेषण

संबंधित पोस्ट

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक
मत

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

20 October 2026

विजयादशमी केवल एक त्यौहार नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब-जब आसुरी शक्तियाँ बढ़ती हैं,...

संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक
भारत

संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

19 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा भारतीय समाजजीवन में संगठन, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार की महत्त्वपूर्ण गाथा है। 27 सितंबर...

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र
मत

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

19 October 2026

शाखा शब्द सुनते ही मन में एक जीवंत चित्र उभरता है। जैसे वटवृक्ष की शाखा अपने मूल तने से रस लेकर नई कोंपलें फोड़ती है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited