TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सुनिए शशि थरूर के बोल बचन, ग़ुलामी का ऐसा जस्टिफ़िकेशन और कहीं नहीं मिलेगा

Frustmanoos द्वारा Frustmanoos
31 August 2017
in मत
शशि थरूर मुस्लिम

Image: oneindia

Share on FacebookShare on X

थिम्फू के माउंटेन एकोस लिटेररी फेस्टिवल में अपने शब्दों से मानो शशि थरूर ने बरईय्ये के छत्ते में हाथ डाल दिया है। जिन शब्दों से राजनैतिक इरादों की बू साफ निकल रही थी, थरूर ने कहा की उनका मानना है की भारत को अंग्रेजों ने अपना ग़ुलाम बनाया था जबकि नरेंद्र मोदी के लिए भारत की ग़ुलामी उपमहाद्वीप पर इस्लामिक शासन से ही शुरू हो गयी थी। उन्होने अपने बचकाने बोल के समर्थन में ये बोला कि अंग्रेज़ तो भारत का धन और संपत्ति लूटकर अपने साथ ब्रिटेन ले गए, जबकि इस्लामिक शासकों ने वो पैसा भारत में ही खर्च किया, सो इसलिए इन्हे साम्राज्यवादी की संज्ञा नहीं दी जा सकती। इनहोने यह भी कहा की जो सदियों पहले पाप हुये हैं, उनका प्रायश्चित करना नामुमकिन है, और जिन लोगों का इन सब से कोई लेना देना नहीं है, उन्हे उनके पूर्वजों के पापों के लिए परेशान करना कोई अच्छी बात नहीं है।

संक्षेप में कहें, तो शशि थरूर ने यह समझाने की कोशिश की भले ही भारत पर इसलामियों ने आक्रमण किया हो, पर इसके लिए भारत को इसका विरोध नहीं करना चाहिए, और इसे नियति की करनी मानकर इसके साथ जीना होगा, और सिर्फ और सिर्फ ब्रिटिश हुकूमत की ग़ुलामी का विरोध करना चाहिए। कोई ऐसा मनुष्य, जो धर्मनिरपेक्षता की पराकाष्ठा पार कर चुका हो, वही इस बचकाने बोल और इसके पीछे की बचकानी सोच को नज़रअंदाज़ करेगा।

संबंधितपोस्ट

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

अपनी ही पार्टी पर बरसे मनीष तिवारी, ‘भारत की बात’ से कांग्रेस पर वार!

कांग्रेस छोड़ रहे हैं शशि थरूर!: क्रिप्टिक X पोस्ट ने अटकलों को दी हवा

और लोड करें

सुनन्दा पुष्कर थरूर हत्याकांड में हाथ होने की प्रसिद्धि के अलावा शशि थरूर अपनी ऑक्सफोर्ड यूनियन डेबेट के लिए काफी प्रसिद्ध हैं, जहां उन्होने इन दावों की धज्जियां उड़ा दी की साम्राज्यवाद से भारत का भला हुआ है। अपने कुशल तर्क, सुलझे तथ्य, शब्दों के अपने सही चयन और उनके तर्कों की प्रतिबद्धता ने वहाँ उपस्थित सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके भाषण की एक यूट्यूब विडियो काफी वाइरल भी हुई, और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके भाषण की तारीफ की। पर जिस राजनैतिक संस्था से शशि थरूर जुड़े हैं, वो राष्ट्रवाद से अब इतना विमुख हो चुका है, की पूछिये ही मत। अब तो शशि थरूर का वो भाषण इनकी नज़रों में किसी पाप से कम न होगा। उन्हे भारतियों की उपलब्धियों का गुणगान किया, जिसका डंका अंग्रेजों के भारत आगमन से पहले पूरे विश्व में बजता था। उन्होने इसका भी बखान किया की कैसे अंग्रेजों की वजह से  मानो भारत की समृद्धि को एक ग्रहण सा लग गया – कैसे अर्थव्यवस्था ढह गयी, कैसे सूखे और अकाल आम बात हो गयी, और कैसे समाज की प्रगति को रोका गया, इत्यादि।

जिसने ग़ुलामी के दंश के मसले पर भारत की बात को इतनी दक्षता से दुनिया के सामने रखा हो, ऐसे में ये हैरानी की बात है की इनकी भारत के इतिहास के सबसे काले दौर, यानि इस्लामिक शासन पर इनके बेतुके तर्क पर अभी तक कोई विशेष विरोध नहीं हुआ है, और न ही किसी का इस पर खून खौलता है। और कोई समय हो न हो, 12वीं से 18वीं सदी के बीच का समय अराजकता, अनंत युद्ध, सामाजिक दरिद्रता और आध्यात्मिक पतन का प्रतीक था भारतीय सभ्यता के लिए। शशि थरूर और उनके जैसे इतिहासकारों ने इनका चाहे जितना महिमामंडन किया हो, पर अधिकांश इस्लामिक शासक धूर्त, नीच और लुटेरे से ज्यादा कुछ नहीं थे।

अरबों का आप उदाहरण लीजिये, जिनहोने सिंध और पंजाब के कुछ हिस्सों पर 8वीं से 10वीं सदी के बीच आक्रमण किया। वो नियमित रूप से मंदिर लूटते, गैर मुस्लिमों पर कर लगाते और हमेशा लड़ाई भिड़ाई में मशगूल रहते। मुल्तान का सूर्य मंदिर की रक्षा अरब सिर्फ इसलिए करते थे, ताकि इससे वे हिंदुओं को अपने काबू में रख सके, ये धम्की देकर की पवित्र मूर्ति को नष्ट कर दिया जाएगा। इस मंदिर से राज्य को लगभग 30% का राजस्व भी मिलता था, जिसका इस्तेमाल ‘काफिरों’ के विरुद्ध युद्ध में किया जाता था। जब मंदिर का काम पूरा हो गया, तो उसे बड़ी बेरहमी से गिरा दिया गया।

नालंदा विश्वविद्यालय का भी आप उदाहरण ले सकते थे, जो पूरी तरह गैर लड़ाकों से भरा हुआ था, पर जिसे बख्तियार खिलजी ने बड़ी बेरहमी से जला दिया। जितने मंदिर और मस्जिद मुस्लिमों ने जलाए हैं, उनकी संख्या हजारों में होती है। बौद्ध और जैन धर्म का तो लगभग इसलामियों ने सफाया ही कर दिया। सनातन धर्म लगभग अपनी परछाई मात्र रह गयी थी, जिस पर अनावश्यक, रीतियों, रूढ़ियों और वर्जनाओं का ग्रहण सा लग गया था। सांस्कृतिक रूप से भारतीय सभ्यता इस्लामिक आक्रमणकारियों के आगे झुक सी गयी थी।

इन आक्रमणकारियों के लिए भारत सिर्फ इनकी तिजोरियाँ भरने के लिए एक अकूत ज़मीन थी।

इनकी वफादारी और इनकी पूजनीय वस्तुएँ मिडिल ईस्ट में स्थित थी, न की भारत में। इसलिए जब घजनावी के महमूद ने भारत पर आक्रमण किया, तो उन्होने सोमनाथ मंदिर बर्बाद कर दिया और उससे लूटा खजाना इनहोने अपने वतन, अफ़ग़ानिस्तान को वापस भेजा। यही कहानी मुहम्मद घोरी और अहमद शाह अब्दाली और नादिर शाह जैसे अनेक आक्रमणकारियों की थी, जिनहोने भारत में उत्तरी पश्चिम सीमा से आक्रमण किया।

यहाँ तक की मुग़ल, जिनके सुशासन की मिसालें दी जाती हैं, इन अरबों और तुर्कों से कहीं से भी अलग नहीं थे। राजपूत राज्यों पर निरंतर हमले होते रहते थे और राजपूत औरतों को मजबूरन मुस्लिम सैनिकों और मंत्रियों की बीवियाँ बनना पड़ता था। जौहर की रीति इसलिए इतनी कुख्यात हुई, क्योंकि राजपूत औरतें अपने आत्मसम्मान की बलि कतई नहीं चढ़ा सकती थी। दस प्रथा मुग़ल काल में भी व्याप्त रहती थी। जहाँगीर ने लगभग 2 लाख ग़ुलाम ईरान भेजे थे। लगभग सभी मुग़ल शासकों और मंत्रियों की विशाल हरमें होती थी, जहां हजारों दासियाँ रहती थी। यहाँ तक की टीपू सुल्तान, जिसे एक प्रकार के राष्ट्रवादी प्रतिबिंब के तौर पर देखा जाता है, ने हजारों हिंदुओं को पकड़कर उन्हे जबरन इस्लाम में परिवर्तित करवाया था। सभी इस्लामिक अभियान में लूट का थोड़ा सा हिस्सा खलीफा को भेजा था, और थोड़ा हिस्सा मक्का मदीना की तरफ जाता था। संक्षेप में कहें, तो जो भी लूट इस्लामिक शासक इकट्ठा करते थे, वो अपने गोद ली गयी भूमि के विकास के लिए तो कदापि नहीं करते थे।

ऐसे तो वैश्विक रूप से कितने हिन्दू आक्रमणकारी इस्लामिक शासकों द्वारा मारे गए हैं, इसका कोई लिखित उल्लेख नहीं है, पर अनुमान के मुताबिक आंकड़ा लाखों में दौड़ता है। कई हजारों को ग़ुलाम बना लिया गया, और कईयों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार हुआ।  हिंदुकुश [वास्तविक अर्थ ही है हिंदुओं का संहार करने वाला] पहाड़ों का नाम ही इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ कई हिन्दू, जिनहे ज़बरदस्ती अफ़ग़ानिस्तान और इस्लामी दुनिया के दूसरे हिस्सों में घसीटा जा रहा था, यहाँ मारे गए या वीरगति को प्राप्त हुये, अगर कोई इतने वीर थे तो। इसी मानव लागत में आप आक्रमण, विध्वंस और लूट की सामाग्री का अंकलन कीजिये। इसके साथ ही साथ सांस्कृतिक नुकसान का भी अनुमान लगा लीजिये। भारतीय सभ्यता अगर आज दबी कुचली सी दिखती है, तो इसी कारण। जिस समाज में महिलाओं को संतों और योद्धाओं की तरह पूजा जाता था, अब उन्हे पर्दे में रखने को विवश होना पड़ता है, और सम्मान के लिए कभी कभी उन्हे आग में भी झोंक दिया जाता है। भारत पर इस्लामिक आक्रमणों के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक लागत का अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन समान है।

इसलिए श्रीमान शशि थरूर, अगर हम उन गलतियों का प्रायश्चित नहीं कर सकते, तो उन गलतियों को छुपाना भी कोई समझदारी का काम नहीं है।

सच तो यह है की अंग्रेजों के भारत आने से पहले ही भारत के ग़ुलामी की इबारत लिखी जानी शुरू हो गयी थी। ये तब हुआ था जब अरब आक्रमणकारियों ने सिंध पर 8वीं सदी में हमला किया था, और उसका असर अभी तक हमारे देश में दिखता है।

Tags: अंग्रेज़ शाशनइस्लामिक शाशनमुग़लमुग़ल कालमुस्लिम शाशनशशि थरूर
शेयर209ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

डरावने सच: 2000 से 2008 तक भारत में जो हुआ, सब कर्नल पुरोहित के बयानों से साफ़ होते हैं

अगली पोस्ट

ये है निर्मला सीतारमण के रक्षा मंत्रालय की रेस जीतने का सबसे बड़ा कारण

संबंधित पोस्ट

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक
मत

विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

20 October 2026

विजयादशमी केवल एक त्यौहार नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय चेतना का जीवंत प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि जब-जब आसुरी शक्तियाँ बढ़ती हैं,...

संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक
भारत

संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

19 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्ष की यात्रा भारतीय समाजजीवन में संगठन, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार की महत्त्वपूर्ण गाथा है। 27 सितंबर...

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र
मत

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

19 October 2026

शाखा शब्द सुनते ही मन में एक जीवंत चित्र उभरता है। जैसे वटवृक्ष की शाखा अपने मूल तने से रस लेकर नई कोंपलें फोड़ती है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited