TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जानें कैसे कम्युनिस्ट जिनपिंग ने अपने शासनकाल में पूरे चीन की बर्बादी लिख दी!

माओ के बाद चीन की बर्बादी लिखने वाला नेता!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
26 May 2020
in विश्व
जिनपिंग, चीन, कम्युनिस्ट,
Share on FacebookShare on X

एक वायरस, सिर्फ एक वायरस संसार की रीति और नीति दोनों बदल सकता है। वुहान वायरस ने इस बात को सच साबित किया है। बड़े से बड़ा देश भी इसके सामने नहीं टिक पाया है। लेकिन इस महामारी ने यदि किसी को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाया है, तो वह है चीन, जहां से यह महामारी उत्पन्न हुई थी।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बतौर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का कार्यकाल बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा है। चाहे हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन में भयंकर आक्रोश बढ़ने की बात हो, या फिर ताइवान के स्वतंत्रता आंदोलन और उसके लिए बढ़ता वैश्विक समर्थन हो, या फिर वुहान वायरस से निपटने में चीनी प्रशासन की अक्षमता ही क्यों ना हो, इतिहास शी जिनपिंग को इस बात के लिए हमेशा याद रखेगा कि उसने कम्युनिस्ट चीन के विध्वंस की नींव रखी।

संबंधितपोस्ट

लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

भारत में मई की भीषण गर्मी की आहट: असमान बारिश के बीच IMD ने दी लू (Heatwave) के दिनों में बढ़ोतरी की चेतावनी

और लोड करें

China crowns Xi with special title, citing rare crisis - Nikkei ...

जब से शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता संभाली है, तभी से पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को अनेक मुसीबतों का सामना करना पड़ा है। कुछ समय पहले तक चीन वैश्विक विकास में सबसे आगे चल रहा था, पर अब वह दिन मानों बहुत दूर चले गए हों।

यूं तो कम्युनिस्ट चीन की स्थापना 1949 में हुई थी, पर वैश्विक फैक्ट्री के स्टेटस की नींव पड़ी 1977 में, जब डेंग शाओपिंग ने चीन की अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किया। उस समय पश्चिमी देशों के पास लेबर की बहुत भारी कमी थी, और चीन ने मौके पर चौका लगाते हुए विश्व को चीन में निवेश करने का सुनहरा अवसर प्रदान किया। सब कुछ बढ़िया चल रहा था, और एक समय पर चीन विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका था, पर तभी आगमन हुआ शी जिनपिंग का।

Xi Jinping visits Mao's tomb on eve of China's 70th anniversary ...

उइगर अत्याचार, हॉन्ग कॉन्ग में दमन

चीन में मीडिया की स्वतंत्रता और मानवाधिकार तो वैसे भी कोई मायने नहीं रखता, परन्तु शी जिनपिंग के नेतृत्व में स्थिति बद से बदतर हो गई। Uighur समुदाय पर अत्याचार हो, होंग कोंग में लोकतंत्र की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरता हो, या फिर ताइवान में स्वतंत्रता आंदोलन को कुचलने का प्रयास हो, आप बस बोलते जाइए और जिनपिंग महोदय ने वो सब कुछ किया है, जिससे चीन की छवि में जबरदस्त गिरावट हो।

China's Uighur Genocide Must Be Put on Trial

इसके अलावा बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव जैसे कार्यक्रमों से जिंगपिंग प्रशासन ने जिस तरह से कर्ज़ का मायाजाल बिछाया, उसमें फंसकर ना सिर्फ कई देश तबाह हुए, बल्कि वुहान वायरस से भी उनको काफी नुकसान झेलना पड़ा था।

जिनपिंग ने तानाशाही चलाने के लिए संविधान में बदलाव कर डाला

जब शी जिनपिंग ने मेड इन चाइना से narrative को बदलकर कल्ट बिल्डिंग पर ध्यान केंद्रित किया, तभी लोगों को समझ जाना चाहिए था कि यह व्यक्ति वास्तव में क्या चाहता है। 2017 में जब CCP के केंद्रीय कमेटी ने शी जिनपिंग के विचारों को चीनी संविधान का हिस्सा बनाया, तब उसी समय स्पष्ट हो गया था कि जनाब को माओ त्से तुंग की भांति चीन का तानाशाह बनना है.

Xi's China: The rise of party politics | Financial Times

इसके साथ-साथ वुहान वायरस पर शी जिनपिंग के प्रशासन की चुप्पी और उसके लचर व्यवस्था ने आग में घी का काम किया। वुहान वायरस के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट की स्थिति ने कई बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के साथ तनाव पैदा कर दिया और इसी तनाव के कारण सभी देश चीन को ग्लोबल सप्लाइ चेन से बाहर करने का प्लान भी बना चुके हैं।

अभी 30 अप्रैल को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भी यह कहा था कि अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और वियतनाम जैसे देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जा सके।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पोम्पियो ने कहा था–

“हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द वैश्विक सप्लाई चेन दुरुस्त हो और हम सभी देश अपनी पूरी क्षमता पर काम कर सकें, ताकि किसी भी देश के सामने दोबारा कभी ऐसी स्थिति पेश न हो। इसका एक उदाहरण हमें भारत में देखने को मिला जब भारत ने कोविड के मरीजों के उपचार के संबंध में ज़रूरी दवाइयों के एक्सपोर्ट पर से बैन हटाकर उन्हें दुनियाभर में एक्सपोर्ट किया।”

US In Talks With India, Other 'Friends' To Restructure Global ...

जापान की कंपनियां भी चीन छोड़कर भाग रही हैं

इसी कड़ी में जापान का अपनी कंपनियों को चीन से बाहर आने के लिए कहना और अमेरिकी कंपनियों का चीन छोड़कर भारत में अपना प्रोडक्शन शिफ्ट करना यह दर्शाता है कि अब दुनिया चीन को ग्लोबल सप्लाई चेन से दूर कर रही है। जापान कोरोना से पहले तक चीन से 148 बिलियन डॉलर का इम्पोर्ट करता था, लेकिन अब जापान अपनी कंपनियों को चीन से बाहर जापान या फिर किसी अन्य देश में जाने को कह रहा है, जिसके बाद यहाँ से भी चीन वैश्विक सप्लाई चेन से कट जाएगा।

यही नहीं, शी जिनपिंग के नेतृत्व में भारत चीन संबंध एक बार फिर से रसातल में गए हैं। 2017 में चीनी गुंडई का जवाब देने के लिए भारत को डोकलाम में आक्रामक रुख अपनाना पड़ा था। इसके अलावा जिस तरह से भारत की क्षेत्रीय अखंडता में आए दिन चीन दखल देता आया है, उसने भारत के सामने कोई और विकल्प तो मानो छोड़ा ही नहीं है।

ताइवान के पक्ष में खुलकर आ रहा है भारत

इसीलिए पिछले काफी समय से केंद्र सरकार यह संकेत दे रही है कि भारत सरकार ताइवान को लेकर अपने आधिकारिक रुख में बड़ा बदलाव कर सकती है। हाल ही में भारत ने अवसरवादी चीनी निवेश से देश की कंपनियों को बचाने के लिए FDI संबन्धित नियमों में जो बदलाव किए थे, और चीन पर जो प्रतिबंध लगाए गए थे, उनसे Taiwan को बाहर रखा गया था। ऐसा करके भारत ने पहली बार वन चाइना पॉलिसी को कूड़े के ढेर में फेंका था। इसके साथ ही अभी खबर आई थी कि ताइवान की राष्ट्रपति के दूसरे शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा की दिग्गज नेता व सांसद मिनाक्षी लेखी शामिल हुई थीं, जिस पर चीन को भयंकर मिर्ची लगी थी.

इस बार ताइवान को मान्यता देकर भारत चीन के गाल पर एक करारा कूटनीतिक तमाचा जड़ सकता है। चीन पहले ही भारत की सीमा पर तनाव बढ़ाकर भारत को आंखें दिखा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ना सिर्फ भारत के राज्य सिक्किम में घुसपैठ कर रहा है, बल्कि चीन के हजारों सैनिक लद्दाख क्षेत्र में भारतीय ज़मीन पर अपने तम्बू गाड़ने में लगे हैं।

चीनी गुंडई के जवाब में सेना तैनात, सड़कें बन रही हैं

भारतीय सेना भी चीनी गुंडई का जवाब अपने तरीके से दे रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने भी अपनी तैनाती बढ़ा दी है. इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है. कुल मिलाकर चीन को उसकी गुंडई का माकूल जवाब भारत की ओर से मिल रहा है.

India builds world's highest motorable road near Chinese border in ...

ताइवान को लेकर चीन बेहद संवेदनशील है. ऐसा माना जाता है कि ताइवान चीन के गर्दन के समान है और इसे छूने भर से ही चीन बौखला जाता है. ऐसे में भारत को अब पंचशील सिद्धांत और वन चाइना पॉलिसी कूड़े में फेंककर सीधे उसकी दुखती रग पर हाथ रखने की जरूरत है जिससे चीन को उसकी औकात पता चले.

सच कहें तो शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन का वास्तविक रूप सबके सामने आ चुका है। ऐसे में कोई हैरानी की बात नहीं होगी यदि आने वाले वर्षों में कम्यूनिज्म का नामोनिशान मिट जाए, जिसके लिए केवल एक व्यक्ति उत्तरदाई होगा – शी जिनपिंग।

शेयर47ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘मंदिर की संपत्ति छूना मत’- TTD मामले में पवन कल्याण vs जगन, पवन कल्याण के पीछे हिंदुओं की ताकत

अगली पोस्ट

नक्सल समर्थक, एंटी इंडियन आर्मी से भरपूर है शाहरुख खान की नई प्रोपेगेंडा सीरीज ‘बेताल’

संबंधित पोस्ट

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका
भू-राजनीति

समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

23 April 2026

इन पंक्तियों के लिखे जाने तक निष्कर्ष यही है कि अमेरिका-ईरान के बीच तत्काल शांति समझौते की संभावना खत्म हो चुकी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति...

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली
विश्व

भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

16 April 2026

पाकिस्तान के लाहौर शहर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्यों में शामिल...

Donald Trump Iran ceasefire
अर्थव्यवस्था

हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

8 April 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प कल कुछ घंटों पहले तक एक सभ्यता की समाप्ति का खुला ऐलान कर रहे थे। ऑलमोस्ट गरिया रहे थे कि ए…@#^$...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited