TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बाइडन Iran deal करना चाहते हैं, लेकिन Macron सऊदी-इज़रायल के लिए अब बीच में कूद पड़े हैं

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
10 February 2021
in चर्चित
बाइडन Iran deal करना चाहते हैं, लेकिन Macron सऊदी-इज़रायल के लिए अब बीच में कूद पड़े हैं
Share on FacebookShare on X

जो बाइडन ने ईरान न्यूक्लियर डील को लेकर यह दावा किया था कि सत्ता में आने पर वह ईरान के साथ पुनः 2015 वाले समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद उन्होंने सत्ता में आते ही कई नीतिगत बदलाव किए लेकिन इन सब से ईरान का मनोबल इतना बढ़ गया कि वह अपने यूरेनियम संचय की मात्रा को बढ़ाने लगा।

ईरान द्वारा यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि पहले अमेरिका उसपर से प्रतिबंध हटाए, तब वह 2015 की न्यूक्लियर डील के लिए बातचीत करेगा। इन सब बातों ने पहले ही बाइडन प्रशासन के लिए ईरान से पुनः समझौता करना, मुश्किल बना दिया था। लेकिन अब बाइडन की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं क्योंकि अब मैक्रॉन ने यह साफ कर दिया है कि फ्रांस की मध्यस्थता के बाद ही किसी न्यूक्लियर डील पर समझौता होगा।

संबंधितपोस्ट

फ्लोरिडा हादसा: हरजिंदर सिंह की डंकी रूट एंट्री और खालिस्तान कार्ड का खुलासा

अमेरिका जलता रहा, और बाइडन टुनटुना बजाता रहा

PM Modi Approval Ratings: पीएम मोदी पुनः बने विश्व के सबसे लोकप्रिय जननेता

और लोड करें

मैक्रॉन ने समझौते के लिए किसी भी चर्चा में शामिल होने की बात कही। उन्होंने कहा “मैं अमेरिका की ओर से बातचीत के पुनः प्रयासों में मदद करने के लिए कुछ भी करूंगा, और मैं कोशिश करूंगा कि मैं एक निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाऊं और बातचीत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहूँ।”

मैक्रॉन के आने के बाद यह तय है कि अमेरिका के लिए अब किसी भी समझौते में पश्चिमी एशिया के दो प्रमुख देश, इजराइल और सऊदी अरब को नजरअंदाज करना नामुमकिन होगा। गौरतलब है कि बाइडन ने अपने कई फैसलों से यह बताया कि उनके कार्यकाल में अमेरिकी विदेश नीति में इन देशों का वह स्थान नहीं होगा जो ट्रम्प के दौर में हुआ करता था।

बाइडन ने इजराइल के विरुद्ध फैसला करते हुए फिलिस्तीनी शरणार्थियों को दी जाने वाली आर्थिक मदद पुनः बहाल कर दी, यह जानते हुए की इन शरणार्थियों में से कई, इजराइल विरोधी आतंकी घटनाओं में संलिप्त रहते हैं। उन्होंने वेस्ट बैंक पर इजराइली आधिपत्य को मान्यता देने से इनकार किया और द्विराष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया।

साथ ही उन्होंने यमन गृहयुद्ध में सऊदी अरब को, अमेरिका की ओर से मिल रही मदद, बन्द करने का फैसला किया। यमन गृहयुद्ध से अमेरिका का हटना सीधे तौर पर हूती विद्रोहियों को मदद देगा, जो ईरान की सहायता से सऊदी अरब के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।

बाइडन की इन्हीं नीतियों ने सऊदी और इजराइल, दोनों को चिंता में डाल दिया था। इन्हें भय था कि बाइडन ईरान से न्यूक्लियर समझौता भी, बिना इन देशों को संज्ञान में रखे ही कर लेंगे। किंतु फ्रांस के हस्तक्षेप से समीकरण बदल गए हैं।

मैक्रॉन ने स्पष्ट किया है कि “हमें सऊदी अरब और इजराइल को भी इस बातचीत में शामिल करने के लिए कोई मार्ग ढूंढना होगा, क्योंकि वे क्षेत्र में हमारे उन कुछ प्रमुख सहयोगियों में हैं, जो इस समझौते के परिणामों से प्रत्यक्षतः प्रभावित होंगे।”

यह पहला मौका नहीं है जब फ्रांस ने इजराइल और सऊदी के पक्ष में बात की है। इसके पहले भी फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि यदि ईरान वास्तव में न्यूक्लियर डील पर वापस आना चाहता है तो उसे पहले उकसावे की कार्रवाई से बचना होगा और उन नियमों का सम्मान करना सीखना होगा, जिनका सम्मान वह लंबे समय से नहीं कर रहा। उनका इशारा ईरान के यूरेनियम संवर्धन और 2015 के समझौते के उल्लंघन की ओर था।

ईरान भी यह समझ गया है कि परिदृश्य में मैक्रॉन का प्रवेश उसके लिए मुश्किलें बढ़ाएगा। इसीलिए ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने कहा है “न्यूक्लियर समझौते को किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं है”।

देखा जाए तो फ्रांस का प्रवेश ईरान ही नहीं, बाइडन के लिए भी मुश्किलें खड़ी करने वाला है। बाइडन ट्रम्प की ईरान नीति की आलोचना करते रहे थे। किंतु उनके सत्ता में आने के बाद ईरान ने पहले यूरेनियम संवर्धन किया एवं फिर अमेरिका के सामने यह शर्त रखी, की पहले अमेरिका प्रतिबंध हटाए, तब ईरान अपने न्यूक्लियर कार्यक्रम पर चर्चा करेगा। इन बातों ने बाइडन को बैकफूट पर धकेल दिया।

यदि वे ईरान की शर्तों को स्वीकार कर लेते हैं तो एक कमजोर राष्ट्रपति दिखाई देंगे। बिना शर्तों को स्वीकार किए, ईरान बातचीत को तैयार नहीं हो रहा। ऐसे में बाइडन मजबूर हैं कि वह ईरान पर लगे प्रतिबंधों को जारी रखें। ऐसा करने का मतलब हुआ कि वह ट्रम्प की ईरान नीति को आगे बढ़ा रहे हैं। बाइडन कभी पीछे हटने की सोचेंगे तो भी फ्रांस उन्हें ऐसा नहीं करने देगा।

Tags: न्यूक्लियर समझौताबाइडनमैक्रॉनईरान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

संसद में अपने आखिरी भाषण में गुलाम नबी आज़ाद ने अपनी ही कांग्रेस पार्टी को खूब धोया

अगली पोस्ट

भारत सरकार के आगे झुका ट्विटर-गूगल, कार्रवाई के डर से फ़ेक न्यूज़ फैलाने वाले अंकाउट्स पर किया Crackdown

संबंधित पोस्ट

कॉकरोच के पुतले
चर्चित

दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

20 October 2026

दिल्ली में इस बार दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। पीतमपुरा में...

‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’
चर्चित

‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

17 October 2026

देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों एक अलग ही माहौल बना हुआ है। आये दिन कुछ न कुछ घटित हो रहा है। अब तिरंगा...

France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी
चर्चित

France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

14 October 2026

30 सितंबर को Flydubai की दुबई-तेल अवीव उड़ान में हुए आतंकी हमले की कोशिश के बाद इजरायल ने विमानन सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited