TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोपला हिंदू विरोधी नरसंहार: क्यों आवश्यक है “मोपला नरसंहार दिवस”

भाग-7

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
17 September 2021
in इतिहास
मोपला नरसंहार दिवस
Share on FacebookShare on X

पिछले महीने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि 14 अगस्त को अब से ‘विभाजन भयावह स्मरण दिवस’ के रूप में मान्यता दी जाएगी। भावी पीढ़ी को भारत के विभाजन के दौरान हुए भीषण अत्याचारों के अकथनीय कृत्यों को स्मरण दिलाने के लिए यह आवश्यक था। वामपंथी इतिहासकारों ने सदैव ही हिंदू जनमानस के साथ त्यज्य समुदाय की भांति व्यवहार किया। हिंदू जनमानस के दुख, उन पर हुए अत्याचार, महिलाओं के बलात्कार, मंदिरों का विध्वंस, बलपूर्वक कराए गए मतांतरण आदि को इतिहास लेखन में कभी स्थान नहीं मिला। हिंदू मस्तिष्क में धर्मनिरपेक्षता के विचारों को मादकता के स्तर तक पहुँचाने के लिए झूठा इतिहास लेखन किया गया। यह सब इसलिए हुआ कि हिंदू स्त्रियों के जोहर की लपटें, वर्तमान में विप्लवकारी अग्नि बनकर फुट ना पड़ें।

किन्तु इतिहास साक्षी है, जो समाज इतिहास को विस्मृत कर देता है, वही समाज इतिहास की पुनरावृत्ति भी करता है। इसलिए, आवश्यकता है कि वास्तविक इतिहास लोगों के मस्तिष्क में इस प्रकार छप जाए कि अंधकार में भी हम उसे ज्ञानदीप बनाकर अपना मार्ग प्रशस्त कर सकें।

संबंधितपोस्ट

केरल कांग्रेस की ताज़ा राजनीतिक शर्मिंदगी बना: बहुमत मिलने के बावजूद मुख्यमंत्री का अब तक कोई फैसला नहीं

क्या बंगाल में कांग्रेस टीएमसी के साथ वही करने वाली है जो उसने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ किया?

जन्मदिवस विशेष: नाभा जेल में नेहरू की बदबूदार कोठरी और बाहर निकलने के लिए अंग्रेजों को दिया गया ‘वचनपत्र’

और लोड करें

मोपला नरसंहार दिवस की आवश्यकता

इतिहास की अनेकों घटनाओं में एक मोपला नरसंहार भी है, जिसे वामपंथी इतिहासकारों द्वारा राष्ट्रवादी आंदोलन का स्वरूप दे दिया गया, किंतु जो वास्तव में ‛काफिरों’ के विरुद्ध घृणा के कारण हुई विभत्सता की पराकाष्ठा थी। इस हिन्दू विरोधी नरसंहार का कारण इस्लामिक जिहाद और खिलाफत की स्थापना जैसे विचार थे। इस नरसंहार के शताब्दी वर्ष पर, यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम एक समाज के रूप में खड़े हों और घटनाओं के सही इतिहास को स्वीकार करें। इसी के लिए यह आवश्यक है कि इस नरसंहार को याद रखने के लिए ‘मोपला नरसंहार दिवस’ भी मनाया जाए।

मोपला नरसंहार केरल के मालाबार जिले में 1921 में हुआ था किंतु इसकी पृष्टभूमि बहुत समय पूर्व से तैयार हो रही थी। पिछले छह अंकों में हमनें मलाबार में मोपला मुसलमानों का उदय, मोपलाओं का मूल हिंदुओं से विश्वासघात को देखा। साथ ही यह भी देखा कि कैसे हैदर ने स्थानीय मोपलाओं के सहयोग से इस क्षेत्र पर आक्रमण किया, स्थानीय हिंदू राजा को पराजित किया, हिंदुओ के रक्त से भूमि लाल कर दी तथा हिन्दू मंदिरों को अपवित्र किया। हैदर ने महिलाओं पर वह सभी अत्याचार किए गए जो किसी इस्लामिक सेना द्वारा विजय के बाद 1400 वर्षों से परंपरागत रूप से किए जाते रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है, कि हैदर ने यह सभी अत्याचार उन मोपला मुसलमानों के सहयोग से किए थे, जिन्हें हिंदुओं ने ही अपने क्षेत्र में बसने की अनुमति प्रदान की थी।

10,000 से अधिक हिंदुओं का नरसंहार किया गया

1789 में हैदर के बेटे टीपू ने स्थानीय हिंदू नायरों की शक्ति को कुचलने के लिए पुनः मालाबार क्षेत्र में सैन्य अभियान किया। स्थानीय मुसलमानों ने पुनः इस्लामिक एकता का प्रदर्शन किया और टीपू का सहयोग किया। जब अंग्रेजों ने टीपू सुल्तान की शक्ति को कुचल दिया उसके बाद भी हिंदुओं और मुसलमानों के बीच आपसी प्रेम और विश्वास में अंगुली भर भी बढ़ोतरी नहीं हुई। हैदर और टीपू के शासन में भी हिंदुओं ने कई बार विद्रोह किए थे किंतु टीपु की पराजय के बाद हिंदुओं ने मुस्लिम आधिपत्य का जुआ उतार फेंका और अपनी सम्पत्तियों को पुनः प्राप्त किया। समय के साथ इस क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम जमीदारों की एक अच्छी संख्या हो गई। ब्रिटिश अभिलेखों से पता चलता है कि जहां एक और हिंदू जमींदार अपने काश्तकारों के बीच भेदभाव नहीं करते थे वही मुस्लिम जमींदार सदैव ही हिंदू काश्तकारों पर अत्याचार करते थे।

1836 से 1921 के बीच इस क्षेत्र में 50 से अधिक साम्प्रदायिक दंगे हुए। अंततः 1921 में इस क्षेत्र में मुस्लिम जनसंख्या 10 लाख पहुंच गई, जो कुल जनसंख्या का 32% थी। 1921 के अगस्त माह में मालाबार क्षेत्र हिंदुओं के रक्त से सन गया। 10,000 हजार से अधिक हिंदू मारे गए और बड़ी संख्या में लोगों का पलायन हुआ है।

मोपला नरसंहार एक सीख है, कैसे इस्लाम किसी क्षेत्र में अतिथि बनकर प्रवेश करता है, फिर वहां का मूलनिवासी बनकर अधिकार मांगता है और अंततः शक्ति मिलते पूरे क्षेत्र दार उल इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए प्रयास आरंभ कर देता है।

नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता का आवरण हटाने की आवश्यकता

आज तक, कम्युनिस्टों और इस्लामवादियों के अपवित्र गठजोड़ ने इस नरसंहार की वास्तविकता को आम जनमानस तक पहुँचने ही नहीं दिया। यह हिंदुओं के खिलाफ एक जनसंहार था, लेकिन मार्क्सवादी इतिहासकार आपको यह विश्वास दिलाएंगे कि यह एक किसान विद्रोह था, कृषि संकट से उत्पन्न विरोध था, या केवल ब्रिटिश राज के खिलाफ धर्मयुद्ध था।

मोपला नरसंहार की वास्तविकता पर प्रकाश डालने वाली TFI के इस सीरीज का समापन हो रहा है, यह हमारा कर्तव्य है कि हम विनम्रतापूर्वक यह स्वीकार करें कि मालाबार में विलुप्त होने के कगार पर धकेल दिए जाने के बावजूद हिंदू अभी भी मजबूत हैं। वे अभी भी अपनी विरासत को संभाले हुए हैं और कम से कम, सरकार यह तो कर ही सकती है कि मोपला जैसी हिन्दू विरोधी जनसंहार जैसी घटनाओं की वास्तविकता को दिखाने के लिए नेहरूवादी धर्मनिरपेक्षता को हटा दें।

हाल ही में मोदी सरकार ने दो महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। पहला 14 अगस्त को विभाजन स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाना और दूसरा मोपला नरसंहार से जुड़े 387 लोगों का नाम स्वतंत्रता सेनानियों की सूची से बाहर करना। मोपला नरसंहार जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने का एक ही मार्ग है, इतिहास को भुलाने, विकृत करने या छिपाने के स्थान पर उससे सीख ली जाए।

इस्लामिक कट्टरपंथ के अनुयायियों ने अपने कृत्यों से ही अपने मत की यह छवि बना ली है कि इसे एक मानसिक विषाणु (अंग्रेजी में आइडियोलॉजीकल वायरस) की संज्ञा देना अनुचित प्रतीत नहीं होता है। आए दिन होने वाली साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाएं, लव जिहाद, आतंकियों का पकड़ा जाना आदि घटनाओं को देखकर यही कहा जा सकता है कि हिंदुओं को सदैव चौकन्ना रहना चाहिए क्योंकि आज भी हमारे देश और समाज में ऐसे लोग बड़ी संख्या में उपस्थित हैं, जो हिंदुओं के साथ मोपला का इतिहास दोहराने की ताक में हैं। साथ ही आज वामपंथी प्रचार तंत्र इतना विस्तृत और शक्तिशाली है कि ऐसी किसी भी घटना को तोड़ मरोड़ कर उसे विस्मृत करा सकती है।

हम दिवंगत आत्माओं को सांत्वना नहीं दे सकते हैं, कम से कम हम यह स्वीकार कर सकते हैं कि समाज के एक वर्ग द्वारा उनके साथ अन्याय किया गया और राजनीतिक वर्ग द्वारा गुमनामी में छोड़ दिया गया जिसने नरसंहार की वास्तविकता को Whitewash करने की पूरी कोशिश की। यही कारण है कि अब सरकार को एक्शन लेते हुए “मोपला नरसंहार दिवस” की घोषणा करनी चाहिए।

भाग 1 – मोपला नरसंहार: कैसे टीपू सुल्तान और उसके पिता हैदर अली ने मोपला नरसंहार के बीज बोए थे

भाग 2- मोपला नरसंहार: टीपू सुल्तान के बाद मोपला मुसलमानों और हिंदुओं के बीच विभाजन का कारण 

भाग 3- मोपला नरसंहार: 1921 कोई अकेली घटना नहीं थी, 1836 से 1921 के बीच 50 से अधिक दंगे हुए थे

भाग 4- कैसे ओट्टोमन साम्राज्य के विध्वंस ने खिलाफत आंदोलन की नींव रखी जिसके कारण मोपला हिंदू विरोधी नरसंहार हुआ

भाग 5- मोपला हिंदू विरोधी नरसंहार का सच: इस्लाम न अपनाने पर 10,000 हिंदुओं की हत्या कर दी गई

भाग 6- मोपला हिंदू विरोधी नरसंहार: कांग्रेस ने इसे स्वतंत्रता संग्राम और कम्युनिस्टों ने ‘कृषक क्रांति’ कहा

 

Tags: कांग्रेसमोपला नरसंहार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मोपला हिंदू विरोधी नरसंहार: कांग्रेस ने इसे स्वतंत्रता संग्राम और कम्युनिस्टों ने ‘कृषक क्रांति’ कहा

अगली पोस्ट

कैसे सरदार पटेल के नेतृत्व में ऑपरेशन पोलो ने भारत को सम्पूर्ण इस्लामीकरण से बचाया

संबंधित पोस्ट

कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

16 May 2026

जब किसी आक्रांता ने किसी मंदिर को तोड़ा होगा, तब शायद उसे यह विश्वास रहा होगा कि उसने केवल पत्थर नहीं गिराए, बल्कि एक सभ्यता...

भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत
इतिहास

धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

15 May 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद पर आज बड़ा न्यायिक फैसला आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने...

महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
इतिहास

महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

9 May 2026

भारत देशव्यापी श्रद्धांजलि के साथ महाराणा प्रताप जयंती मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्मरणोत्सव का नेतृत्व किया और मेवाड़ के शासक को...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited