TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव

    ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

    जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा

    अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

    कल्पवृक्ष बुक क्लब

    कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

    सीमांचल को लेकर पप्पू यादव के ट्वीट पर गृह मंत्री का जवाब

    सीमांचल बनेगा केंद्र शासित प्रदेश? सरकार ने सामने रखी सच्चाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    रूस से 5 और S-400 खरीदने को वायु सेना को मिली हरी झंडी

    Tejas mark -1

    वायु सेना का तीसरा तेजस लड़ाकू विमान हादसे का शिकार, पायलट सुरक्षित; हादसे की जांच जारी

    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद

    ईरान ने भारत का किया धन्यवाद, कोच्चि डॉकिंग पर जयशंकर ने संसद को बताया हाल

    ईरान का बहरीन की BAPCO तेल रिफाइनरी पर हमला

    ईरान के हमले के बाद BAPCO रिफाइनरी से उठता दिखा घना धुआं

    आईआरआईएस डेना

    ईरानी युद्धपोत ‘IRIS देना’ पर हमला युद्ध का परिणाम, भारतीय नौसेना को इसमें घसीटना प्रोपेगेंडा से ज्यादा कुछ नहीं

    इज़राइल और ईरान

    इज़राइल और ईरान: सद्दाम के खिलाफ रणनीतिक सहयोगी से बदलते रिश्तों के कारण कट्टर प्रतिद्वंद्वी बने

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पाश्चात्य सभ्यता में महिलाओं को कमतर आँकने के विचार को एक सिद्धान्त ने और पुष्ट किया कि उनमें आत्मा नहीं पायी जाती है।

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस: नारी सशक्तिकरण और पाश्चात्य Vs वैदिक दर्शन, क्या वैदिक काल में महिलाओं को प्राप्त अधिकारों का स्तर हासिल कर सके हैं पश्चिमी देश?

    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

शिवपाल को सत्ता से दूर रखने के लिए मुलायम सिंह यादव ने शिवपाल और अखिलेश के बीच पैदा की थी दरार!

यह पुत्र मोह है बाबू भैया!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
13 November 2021
in राजनीति
शिवपाल यादव पार्टी

Source- Google

Share on FacebookShare on X

राजनीति में कब पासा पलट जाए यह कहना नामुमकिन है। राजनीति में कौन अपने राजनीतिक चाल को किस दीर्घावधि के लिए चला रहा यह भी कहना नामुमकिन हैं। पुत्रमोह के लिए किस बड़े नेता द्वारा कितना बड़ा चाल चला जा रहा है, यह भी पता लगाना लगभग मुश्किल ही होता है। जब भी उत्तर प्रदेश के चुनाव आते हैं, ऐसी दूरदर्शिता देखने को मिलती है। इस बार के चुनाव में योगी आदित्यनाथ की सरकार को मात देने के लिए दुश्मन-दुश्मन एक हो रहे हैं, ऐसे में परिवार वाले कैसे दूर रह सकते थे। इसी बीच समाजवादी पार्टी का आंतरिक कलह भी एक नए आयाम पर पहुंचने वाला है। खबर है कि शिवपाल यादव दोबारा से अपनी नई पार्टी का विलय सपा में कर सकते हैं।

सपा में शामिल हो सकते हैं शिवपाल 

देखा जाए तो आंतरिक कलह के कारण शिवपाल यादव को समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया था और अब नेताजी स्वयं उनका विलय कराना चाहते हैं, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच दरार हुई नहीं थी बल्कि उन दोनों के बीच दरार बनाई गई थी, वह भी मुलायम सिंह यादव द्वारा! इसका कारण कुछ और नहीं, बल्कि शिवपाल का पार्टी में बढ़ता कद था जिससे वह पार्टी के अगले मुखिया बनने की राह पर थे। इससे अखिलेश पीछे रह जाते, जिसे देखते हुए पुत्र मोह में नेताजी ने एक ऐसा जाल बुना जिसे The Great Game भी कहा जा सकता है कि एसपी में अंतरिक कलह आरंभ हो गया और फिर सत्ता अखिलेश को मिल गई।

संबंधितपोस्ट

पार्टी दफ्तर समझ रखा है क्या? अखिलेश की मस्जिद में मीटिंग पर BJP ने उठाया सवाल ​

मुहर्रम के जुलूस में मारे गए अजय यादव M-Y समीकरण के Y हों या न हों, उनकी पहचान हिंदू थी

अखिलेश यादव के गृह प्रवेश में जाने से काशी के पंडितों ने किया इनकार, जानें क्या है मामला?

और लोड करें

दरअसल, मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव का दावा है कि जल्द ही अखिलेश और शिवपाल के बीच चल रहा मनमुटाव खत्म हो जाएगा। राज्यसभा सांसद सुखराम यादव ने कहा है कि चुनाव से पहले नेताजी यानी कि मुलायम सिंह यादव, अखिलेश और शिवपाल के बीच मध्यस्थता करा कर गठबंधन करवाएंगे। वहीं, दूसरी ओर शिवपाल भी समाजवादी पार्टी में वापस जाने के लिए उतावले दिख रहे हैं।

और पढ़ें: अब मुस्लिमों के पक्ष में खड़े क्यों नहीं दिखना चाहते अखिलेश यादव, ‘अब्बाजान’ पर बुरी तरह भड़के

मुलायम सिंह यादव का मास्टर गेम

आज अगर मुलायम सिंह यादव द्वारा शिवपाल को वापस बुलाने के लिए मजबूर होना पड़ा है, तो इसका कारण सपा की घट चुकी साख और बीजेपी का बढ़ता जनाधार है। मुलायम को शिवपाल की कमी खल रही है और यह उन्हें भी अच्छे से पता है कि शिवपाल ही वो नेता थे, जिनकी पकड़ जमीनी स्तर पर सबसे अधिक थी। रैलियों के आयोजन से पैसा वसूली और पार्टी के बाहुबल को प्रदर्शित करने का जिम्मा भी शिवपाल पर ही था! जो व्यक्ति इस तरह से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से जुड़ा हुआ है, उसका स्पष्ट रूप से पार्टी में कद भी बढ़ता जायेगा। शिवपाल के साथ यही हुआ और वह धीरे-धीरे अखिलेश के लिए खतरा बन गए।

जिसके बाद मुलायम सिंह यादव ने अपना ग्रेट गेम खेलना आरंभ किया। इस कलह के बीज बहुत पहले बोए गए थे, जब सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने 2012 के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद राज्य सरकार का नेतृत्व करने के लिए अखिलेश को शिवपाल से आगे कर दिया था। हालांकि, तब शिवपाल ने अपनी नाराजगी ​​को अच्छी तरह छिपा लिया और जो काम मिला उसे करते रहे। तब अखिलेश ने उन्हें आकर्षक मंत्रीपद दिए थे।

चाचा-भतीजे के संबंधों के बीच रोड़ा साल 2015 में सैफई महोत्सव के उद्घाटन के दिन आया। तब शिवपाल ने अखिलेश यादव के तीन करीबी सहयोगियों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया। नतीजतन, राज्य के तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव पारिवारिक उत्सव में शामिल नहीं हो सके थे। तभी राजनीति गलियारों में दरार की अटकलें उड़ने लगीं। हालांकि, पार्टी ने मुलायम के कहने पर निष्कासित नेताओं को बहाल कर लिया और स्थिति पर जल्द ही काबू पाने का ढोंग भी किया गया।

और पढ़ें: UP चुनाव से पहले अखिलेश यादव, प्रियंका वाड्रा और संजय सिंह, रंग बदल फिर अपनाएंगे हिंदू धर्म

अमर सिंह ने लगा दिया संवाद पर ग्रहण

उसके बाद एक बाद एक ऐसी घटना हुई, जिसमें चाचा और भतीजा दोनों ने अपने आप को पार्टी के सबसे बड़े नेता के रूप में पेश करने की कोशिश की। शिवपाल यादव, बाहुबली अपराधी मुख्तार अंसारी और उनकी पार्टी को सपा के पाले में लेकर आए लेकिन तभी अखिलेश यादव ने फैसले का विरोध किया और विलय रद्द करा दिया। शिवपाल ने बहुत कोशिश की, यहां तक कि अपने इस्तीफे की धमकी भी दी। ऐसे में मुलायम ने बीच बचाव किया और कहा कि अगर शिवपाल चले गए तो पार्टी बिखर जाएगी, जिसके बाद अखिलेश शांत हो गए।

हालांकि, जब तक संवाद होता है, मनमुटाव को समाप्त करने का एक अवसर भी होता हैं। अब इसी कहानी में स्वर्गीय अमर सिंह ने दोनों गुटों के बीच संवाद पर ग्रहण लगाने का काम किया। इन दोनों गुटों के बीच मनमुटाव चल ही रहा था कि अमर सिंह को पार्टी में 6 वर्षों के बाद शामिल कर लिया गया। इस फैसले का अखिलेश ने जोरदार विरोध किया था।

बताया जाता है कि अमर सिंह और मुलायम सिंह यादव के बैठक की खबरों के बीच, सपा संरक्षक ने अखिलेश यादव को पद से हटा दिया और उनकी जगह शिवपाल यादव को राज्य इकाई के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। जिसके बाद अखिलेश यादव ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आकर्षक पीडब्ल्यूडी विभाग सहित सभी प्रमुख विभागों को शिवपाल से  छीन लिया।

और पढ़ें: अखिलेश यादव यूपी में बस उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए लड़ रहे हैं, उनके पास कोई रणनीति नहीं है

तब नाराज शिवपाल ने सैफई में डेरा डाला और यहीं से मुलायम सिंह ने अपनी 3-डी शतरंज की चालें चलना शुरू कर किया। सिलसिलेवार प्रेस कांफ्रेंस में मुलायम यादव, शिवपाल के पास बैठे और सबको विश्वास दिलाया कि ये दोनों अखिलेश के कारण पीड़ित हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या शिवपाल पार्टी छोड़ देंगे, मुलायम ने टिप्पणी की थी और कहा था कि “शिवपाल पार्टी और सरकार दोनों में होंगे। वह यूपी में पार्टी की देखभाल करेंगे। मैंने और राम गोपाल यादव ने फैसला लिया है।”

अखिलेश को कर दिया था पार्टी से निष्कासित

पार्टी सुप्रीमो का समर्थन सुनिश्चित करने के बाद शिवपाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते हुए कहा था कि “जो नेताजी (मुलायम) को स्वीकार्य है वह मुझे भी स्वीकार्य है।” यह एक विशेष रूप से चतुर चाल थी, क्योंकि शिवपाल यादव, मुलायम को निशाना नहीं बना सकते थे, वह भी तब जब नेताजी बगल में बैठे हों। तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव द्वारा उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद मुलायम सिंह यादव ने ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। हालांकि, एक दयालु पिता के समान, मुलायम सिंह ने जल्दी से अपने फैसले को पलट दिया और एक दिन बाद ही अपने बेटे को बहाल कर दिया।

उसके बाद जल्द ही अखिलेश यादव ने राज्य के पार्टी विधायकों को अपनी ओर कर लिया और  खुद को राज्य इकाई के नेता के रूप में अपनी ताजपोशी की और शिवपाल को कहीं का नहीं छोड़ा। एक ही रात में शिवपाल यादव और अमर सिंह दोनों इतिहास बन गए। शिवपाल को यह सोचकर पार्टी से अलग होने के लिए मजबूर होना पड़ा कि अखिलेश ने उनके राजनीतिक करियर के अंत की कहानी बुनी है। उनके लिए एक और युक्ति जो उल्टा पड़ गई, वह यह थी कि उन्होंने मुलायम की दूसरी पत्नी के बच्चों को शामिल करके परिवार के भीतर मुलायम की पकड़ को कमजोर करने के लिए एक आंतरिक खेल खेलने की कोशिश की थी।

और पढ़ें: ‘कह के लेना इसी को कहते हैं’, योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव को जमकर धोया

जबकि पार्टी कार्यकर्ताओं का व्यापक रूप से मानना ​​​​था कि मुलायम और अखिलेश कभी अलग नहीं होंगे, मां से भाइयों और बहनों का पारिवारिक विवाद शामिल करना शिवपाल का गलत कदम था। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के व्यक्तिगत मुद्दों को राष्ट्रीय समाचार बना दिया था! भले ही राजनीतिक मंच पर अखिलेश द्वारा मुलायम सिंह यादव के साथ अशिष्ट व्यवहार किया गया था, लेकिन मुलायम किसी और को पार्टी की बागडोर नहीं देना चाहते थे, विशेष रूप से ऐसा व्यक्ति जो आंतरिक पारिवारिक मामलों को बाहर लाता हो!

यह मुलायम सिंह यादव ही थे, जिन्होंने बेहद ही सूक्ष्म तरीके से अखिलेश और शिवपाल के बीच दरार पैदा कर दी थी, जिससे समाजवादी पार्टी की बागडोर उनके भाई नहीं बल्कि पुत्र के हाथों में जाए।

Tags: अखिलेश यादवमुलायम सिंह यादव
शेयर42ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

निशा दहिया “मृतक” – PM मोदी को घेरने के लिए कांग्रेस ने एक जिंदा खिलाड़ी को ही मार दिया

अगली पोस्ट

अब सरकारी बॉन्ड में निवेश कर सकेंगे खुदरा निवेशक, कर्ज में आएगी तेजी

संबंधित पोस्ट

ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव
राजनीति

ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: संसद में सरकार-विपक्ष आमने-सामने

9 March 2026

लोकसभा स्पीकर ओमम बिरला को लेकर सदन में कई बार चर्चा हो चुकी है कि उन्हें स्पीकर पद से हटा दिया जाए, जैसे ही सोमवार...

जयशंकर बोले – भारत की प्रगति का रास्ता भारत खुद तय करेगा
राजनीति

अमेरिका के बयान पर विदेश मंत्री जयशंकर की प्रतिक्रिया, कहा– भारत आगे बढ़ता रहेगा

7 March 2026

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हिंद महासागर में हुए एक विवादित घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत ने एक ईरानी...

कल्पवृक्ष बुक क्लब
चर्चित

कल्पवृक्ष बुक क्लब, उदयपुर में “अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस” पर महिला विशेष पुस्तक सत्र आयोजित

7 March 2026

कल्पवृक्ष रीडिंग क्लब, उदयपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष पुस्तक समीक्षा सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय साहित्य में नारी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited