TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस JNU में चलता था राष्ट्रविरोधी एजेंडा, उसे सुधारने में लग गई हैं नई VC शांतिश्री धूलिपुडी

अब मिला है JNU को असली थानेदार!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
22 February 2022
in चर्चित
जेएनयू

Source- Google

Share on FacebookShare on X

देश के शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण की नींव होते है। पर, कुछ शिक्षण संस्थानों की महत्ता इतनी अधिक होती है कि वो न सिर्फ राष्ट्र को वैचारिक स्तर पर प्रभावित करते हैं, बल्कि इसकी धुरी भी बनते हैं। ऐसे ही कुछ शिक्षण संस्थान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भी सम्मिलित है। यह देश का एक अग्रणी शिक्षण संस्थान है जहां से राष्ट्र का संचालन करने वाले नायक निकलते हैं। प्रभाकर परकला, उनकी पत्नी निर्मला सीतारमण, डीएमके नेता सेल्वगणपति, मेनका गांधी, नीति आयोग के अध्यक्ष अमिताभ कांत, विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे बड़े नाम इसी शिक्षण संस्थान द्वारा पल्लवित किए गए हैं। पर विगत 10 वर्षों में इस विश्वविद्याल के गौरवशाली परंपरा को हाइजैक कर लिया गया। जिसे अब संस्थान की नई VC डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित सुधारने में लगी हुई हैं।

और पढ़ें: जेएनयू: क्या लेफ्ट ने रची साजिश और फिर एबीवीपी के खिलाफ खेला विक्टिम कार्ड?

संबंधितपोस्ट

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

और लोड करें

जेएनयू और राष्ट्रविरोधी एजेंडा

गौरतलब है कि जेएनयू में काफी लंबे समय से राष्ट्र निर्माण या राष्ट्र के वैचारिक सिद्धांतों की नींव रखने के लिए सेमिनार, संगोष्ठी या चर्चा नहीं होती, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनती है। दीपिका, स्वरा और अरुंधति जैसे लोगों को भाषण देने के लिए बुलाया जाता है, जो इस संस्थान के माध्यम से बड़े पैमाने पर अपना राष्ट्रविरोधी एजेंडा चलाते हैं! पहले जेएनयू से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी देश की राजनीति की दिशा देते थे। ये देश और सरकार की सबसे मूल्यवान संपत्ति हुआ करते थे, पर अब ये संस्थान के परिसर में ही राजनीतिक दलों के झंडे बुलंद कर देश को तोड़ने की बात करने लगे। ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और ‘हिन्दू तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे आम हो गए।

बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम, सेक्स टॉय, दारू की बोतल आदि आपत्तिजनक चीजों से परिसर पटा रहता था। कभी कभी तो ऐसा लगता था मानों आप किसी शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि किसी खुले मैदान में आयोजित रेव पार्टी में आये हों। फिर, इस संस्थान से शेहला रशीद, उमर खालिद और कन्हैया कुमार जैसे विद्यार्थी निकले, जो एक तरह से सरकार के टुकड़ों पर पलते रहें! शिक्षा के नाम पर उन्होंने जेएनयू को अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का अड्डा बना दिया। सालों से देश और करदाताओं के पैसों पर फ्री के छात्रावास, वाईफाई, खाना और अन्य सुविधाओं का लाभ लिया। ऊपर से देश के भले के लिए कुछ नहीं करते, बल्कि इसे तोड़ने का दुस्वप्न अलग देखते हैं।

और पढ़ें: जेएनयू हिंसा मामले में पत्रकार बरखा दत्त ने खोली कांग्रेस पार्टी की पोल

भाजपा के आने के बाद बदली स्थिति

जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी सरकार सत्ता में आई है, तब से इन मार्क्सवादियों, समाजवादियों, कम्युनिस्टों, इस्लामिस्टों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों में उभार आया है। इन असामाजिक तत्वों ने लंबे समय तक यथास्थिति बनाए रखी और छात्रों को भ्रमित कर देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने के लिए छिपकर काम किया। पर, नरेंद्र मोदी की सरकार आते ही और प्रमुख रूप से CAA के बाद इनपर नज़र रखा जाने लगा। अतः वे अपने सब्सिडी वाले छात्रावास कमरे और स्टाफ रूम से बाहर निकल गए। उन्हें लगा कि भाजपा सरकार उनकी पारिस्थितिकी तंत्र को तोड़ सकती है।

ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस सरकार में छात्र निकायों का बड़े पैमाने पर राजनीतिकरण हुआ था और अब यह बीमारी हमारे शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित कर रही है तथा यही हमारे शैक्षणिक वातावरण में जहर भी घोल रही है। इस शिक्षण संस्थान का हर स्थान चाहे वह कक्षा हो, छात्रावास हो या फिर वो गोदावरी जैसे चाय पीने की जगह, सभी आजकल राजनीतिक संगोष्ठी के अड्डे बन गए है जहां निरंकुश स्वतन्त्रता के नाम पर भारत को तोड़ने की चर्चा आम वार्तालाप का हिस्सा बन चुकी हैं।

शांतिश्री ने संभाला कमान

लेकिन खबरों की मानें तो अब जमीनी स्तर पर JNU परिसर में प्रवेश को नियंत्रित कर दिया गया है। पहले कोई भी न्यूनतम जांच के बिना विश्वविद्यालय में घुस सकता था और अराजकता फैलाकर चला जाता था। पर, अब इस विश्वविद्यालय के नए कुलपति डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने इसे एक पिकनिक स्पॉट या राजनीतिक अड्डे के बजाए, इसे एक विश्वविद्यालय परिसर का स्वरूप देने में जी जान से जुट गई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि डॉ पंडित विश्वविद्यालय की “ढाबा संस्कृति” पर कार्रवाई कर सकती हैं, जो JNU के विषाक्त और अत्यधिक अस्थिर विचारों का प्रजनन स्थल रहा है।

हालांकि, नए प्रशासन द्वारा लाया गया सबसे बड़ा बदलाव प्रवेश परीक्षा की शुरूआत है। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रणाली में बदलाव के बाद, जेएनयू में प्रवेश भी सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) के माध्यम से ही किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने खुद इस बड़े फैसले की घोषणा की है और कहा है कि प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की योजना के अनुसार आयोजित की जाएगी। यह एक कदम पूरी तरह से पुराने पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म कर देगा, जिसने जेएनयू को वामपंथी विचारधारा का केंद्र बना दिया था। इसके अलावा, छात्रों को सक्षम बनाने के लिए पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जा रहा है। जैसा कि टीएफआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है, अकादमिक परिषद के अनुमोदन पर, विश्वविद्यालय ने पिछले साल दोहरी डिग्री कार्यक्रम का पीछा करने वाले इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू किया था।

और पढ़ें: ‘हॉस्टल में मिला आउट साइडर तो छात्रों पर होगी कार्रवाई’, जेएनयू प्रशासन

पाठ्यक्रम में कहा गया है कि “जिहादी आतंकवाद” “कट्टरपंथी-धार्मिक आतंकवाद” का एकमात्र रूप है, और उन्हें ऐतिहासिक रूप से चीन और सोवियत संघ जैसे कम्युनिस्ट पृष्ठभूमि वाले देशों द्वारा समर्थित किया गया है। भाकपा और टीएमसी जैसे दलों के विरोध के बावजूद, विश्वविद्यालय वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू करने में दृढ़ रहा। इस महीने की शुरुआत में, शिक्षा मंत्रालय ने डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित को एम जगदीश कुमार की जगह विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया। डॉक्टर पंडित की नियुक्ति सार्वजनिक होने के बाद वामपंथियों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद उनके ट्विटर हैंडल को डिलीट कर दिया गया था। डॉ पंडित को साम्यवादियों के जिस प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा हैं, वह अपमानजनक है।

कई मामलों में मुखर रही हैं शांतिश्री

ध्यान देने वाली बात है कि डॉ पंडित इस बात की मुखर आलोचक रही हैं कि भारत के इतिहास को कैसे चित्रित किया गया है। श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक वेबिनार में पंडित ने दशकों से भारतीयों को पढ़ाए जा रहे भारतीय इतिहास के गलत आख्यान की आलोचना की। उन्होंने दावा किया था कि NCERT की पाठ्यपुस्तकें न केवल ‘मुगलों’ बल्कि ‘नेहरू गांधी वंश’ की भी चित्रित छवि सिखा रही है। उन्होंने भारत पर ‘इस्लामी आक्रमणों’ के इतिहास का महिमामंडन करने की खुले तौर पर आलोचना की थी। वो इस बारे में बात करने से भी पीछे नहीं हटी कि भारतीय क्रांतिकारियों द्वारा किए गए बलिदानों को एक कथा के निर्माण के लिए कैसे मिटा दिया गया और यह बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन एक शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन था।

बताते चलें कि पिछला दशक JNU की छवि पर धब्बा रहा है। इसने केवल अलगाववाद और आतंकवाद के मुद्दों की अगुवाई के लिए सुर्खियां बटोरी। विश्वविद्यालय ने केवल वैचारिक सैनिकों का निर्माण किया, जिन्होंने सोचा था कि अफ्रीकी अध्ययन में पीएचडी पूरा करना ही समाज में योगदान करने का एकमात्र तरीका है। हालांकि, अब यह सब बदल रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही JNU अपनी पुरानी स्थिति में वापस लौट जाएगा!

और पढ़ें: जेएनयू के टेक्निकली challenged क्रांतिकारियों की ‘मेल ट्वीट’ पर खुली पोल

Tags: जेएनयूभाजपाशांतिश्री धूलिपुडी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘फेक न्यूज’ पर सरकार की नीतियों को चैलेंज कर रहा ट्विटर लेकिन अश्विनी वैष्णव हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं!

अगली पोस्ट

मोदी सरकार को अब धर्मनिरपेक्ष होना होगा, लेकिन रुकिए हम अलग धर्मनिरपेक्षता की बात कर रहे हैं

संबंधित पोस्ट

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार
क्राइम

पश्चिम बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य गिरफ्तार, जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क की कर रहीं जांच

31 July 2026

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान (पुरबा बर्धमान) जिले से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस और जांच एजेंसियां...

'संसद चलो' मार्च में घायल पुलिसकर्मियों
चर्चित

‘संसद चलो’ मार्च में घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की गुहार: संसद में हमारे दर्द पर भी हो चर्चा

31 July 2026

20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित 'संसद चलो' मार्च के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के जवानों के परिजनों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

POJK ERUPTS IN PROTEST

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54

A Decade After 709 Crackdown: Remembering China's Human Rights Lawyers

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited