TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिस JNU में चलता था राष्ट्रविरोधी एजेंडा, उसे सुधारने में लग गई हैं नई VC शांतिश्री धूलिपुडी

अब मिला है JNU को असली थानेदार!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
22 February 2022
in चर्चित
जेएनयू

Source- Google

Share on FacebookShare on X

देश के शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण की नींव होते है। पर, कुछ शिक्षण संस्थानों की महत्ता इतनी अधिक होती है कि वो न सिर्फ राष्ट्र को वैचारिक स्तर पर प्रभावित करते हैं, बल्कि इसकी धुरी भी बनते हैं। ऐसे ही कुछ शिक्षण संस्थान में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भी सम्मिलित है। यह देश का एक अग्रणी शिक्षण संस्थान है जहां से राष्ट्र का संचालन करने वाले नायक निकलते हैं। प्रभाकर परकला, उनकी पत्नी निर्मला सीतारमण, डीएमके नेता सेल्वगणपति, मेनका गांधी, नीति आयोग के अध्यक्ष अमिताभ कांत, विदेश मंत्री एस जयशंकर जैसे बड़े नाम इसी शिक्षण संस्थान द्वारा पल्लवित किए गए हैं। पर विगत 10 वर्षों में इस विश्वविद्याल के गौरवशाली परंपरा को हाइजैक कर लिया गया। जिसे अब संस्थान की नई VC डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित सुधारने में लगी हुई हैं।

और पढ़ें: जेएनयू: क्या लेफ्ट ने रची साजिश और फिर एबीवीपी के खिलाफ खेला विक्टिम कार्ड?

संबंधितपोस्ट

जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

संसद में हंगामा: किरण रिजिजू का आरोप—कांग्रेस सांसदों ने स्पीकर से की अभद्रता, पीएम को दी धमकी

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

और लोड करें

जेएनयू और राष्ट्रविरोधी एजेंडा

गौरतलब है कि जेएनयू में काफी लंबे समय से राष्ट्र निर्माण या राष्ट्र के वैचारिक सिद्धांतों की नींव रखने के लिए सेमिनार, संगोष्ठी या चर्चा नहीं होती, बल्कि राजनीतिक रणनीति बनती है। दीपिका, स्वरा और अरुंधति जैसे लोगों को भाषण देने के लिए बुलाया जाता है, जो इस संस्थान के माध्यम से बड़े पैमाने पर अपना राष्ट्रविरोधी एजेंडा चलाते हैं! पहले जेएनयू से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी देश की राजनीति की दिशा देते थे। ये देश और सरकार की सबसे मूल्यवान संपत्ति हुआ करते थे, पर अब ये संस्थान के परिसर में ही राजनीतिक दलों के झंडे बुलंद कर देश को तोड़ने की बात करने लगे। ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और ‘हिन्दू तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे आम हो गए।

बड़ी संख्या में गर्भनिरोधक गोलियां, कंडोम, सेक्स टॉय, दारू की बोतल आदि आपत्तिजनक चीजों से परिसर पटा रहता था। कभी कभी तो ऐसा लगता था मानों आप किसी शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि किसी खुले मैदान में आयोजित रेव पार्टी में आये हों। फिर, इस संस्थान से शेहला रशीद, उमर खालिद और कन्हैया कुमार जैसे विद्यार्थी निकले, जो एक तरह से सरकार के टुकड़ों पर पलते रहें! शिक्षा के नाम पर उन्होंने जेएनयू को अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का अड्डा बना दिया। सालों से देश और करदाताओं के पैसों पर फ्री के छात्रावास, वाईफाई, खाना और अन्य सुविधाओं का लाभ लिया। ऊपर से देश के भले के लिए कुछ नहीं करते, बल्कि इसे तोड़ने का दुस्वप्न अलग देखते हैं।

और पढ़ें: जेएनयू हिंसा मामले में पत्रकार बरखा दत्त ने खोली कांग्रेस पार्टी की पोल

भाजपा के आने के बाद बदली स्थिति

जब से केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी सरकार सत्ता में आई है, तब से इन मार्क्सवादियों, समाजवादियों, कम्युनिस्टों, इस्लामिस्टों और राष्ट्र-विरोधी तत्वों में उभार आया है। इन असामाजिक तत्वों ने लंबे समय तक यथास्थिति बनाए रखी और छात्रों को भ्रमित कर देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने के लिए छिपकर काम किया। पर, नरेंद्र मोदी की सरकार आते ही और प्रमुख रूप से CAA के बाद इनपर नज़र रखा जाने लगा। अतः वे अपने सब्सिडी वाले छात्रावास कमरे और स्टाफ रूम से बाहर निकल गए। उन्हें लगा कि भाजपा सरकार उनकी पारिस्थितिकी तंत्र को तोड़ सकती है।

ध्यान देने वाली बात है कि कांग्रेस सरकार में छात्र निकायों का बड़े पैमाने पर राजनीतिकरण हुआ था और अब यह बीमारी हमारे शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित कर रही है तथा यही हमारे शैक्षणिक वातावरण में जहर भी घोल रही है। इस शिक्षण संस्थान का हर स्थान चाहे वह कक्षा हो, छात्रावास हो या फिर वो गोदावरी जैसे चाय पीने की जगह, सभी आजकल राजनीतिक संगोष्ठी के अड्डे बन गए है जहां निरंकुश स्वतन्त्रता के नाम पर भारत को तोड़ने की चर्चा आम वार्तालाप का हिस्सा बन चुकी हैं।

शांतिश्री ने संभाला कमान

लेकिन खबरों की मानें तो अब जमीनी स्तर पर JNU परिसर में प्रवेश को नियंत्रित कर दिया गया है। पहले कोई भी न्यूनतम जांच के बिना विश्वविद्यालय में घुस सकता था और अराजकता फैलाकर चला जाता था। पर, अब इस विश्वविद्यालय के नए कुलपति डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने इसे एक पिकनिक स्पॉट या राजनीतिक अड्डे के बजाए, इसे एक विश्वविद्यालय परिसर का स्वरूप देने में जी जान से जुट गई हैं। यह भी कहा जा रहा है कि डॉ पंडित विश्वविद्यालय की “ढाबा संस्कृति” पर कार्रवाई कर सकती हैं, जो JNU के विषाक्त और अत्यधिक अस्थिर विचारों का प्रजनन स्थल रहा है।

हालांकि, नए प्रशासन द्वारा लाया गया सबसे बड़ा बदलाव प्रवेश परीक्षा की शुरूआत है। दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रणाली में बदलाव के बाद, जेएनयू में प्रवेश भी सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) के माध्यम से ही किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने खुद इस बड़े फैसले की घोषणा की है और कहा है कि प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की योजना के अनुसार आयोजित की जाएगी। यह एक कदम पूरी तरह से पुराने पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म कर देगा, जिसने जेएनयू को वामपंथी विचारधारा का केंद्र बना दिया था। इसके अलावा, छात्रों को सक्षम बनाने के लिए पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया जा रहा है। जैसा कि टीएफआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है, अकादमिक परिषद के अनुमोदन पर, विश्वविद्यालय ने पिछले साल दोहरी डिग्री कार्यक्रम का पीछा करने वाले इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू किया था।

और पढ़ें: ‘हॉस्टल में मिला आउट साइडर तो छात्रों पर होगी कार्रवाई’, जेएनयू प्रशासन

पाठ्यक्रम में कहा गया है कि “जिहादी आतंकवाद” “कट्टरपंथी-धार्मिक आतंकवाद” का एकमात्र रूप है, और उन्हें ऐतिहासिक रूप से चीन और सोवियत संघ जैसे कम्युनिस्ट पृष्ठभूमि वाले देशों द्वारा समर्थित किया गया है। भाकपा और टीएमसी जैसे दलों के विरोध के बावजूद, विश्वविद्यालय वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू करने में दृढ़ रहा। इस महीने की शुरुआत में, शिक्षा मंत्रालय ने डॉ शांतिश्री धूलिपुडी पंडित को एम जगदीश कुमार की जगह विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया। डॉक्टर पंडित की नियुक्ति सार्वजनिक होने के बाद वामपंथियों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस घटना के बाद उनके ट्विटर हैंडल को डिलीट कर दिया गया था। डॉ पंडित को साम्यवादियों के जिस प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा हैं, वह अपमानजनक है।

कई मामलों में मुखर रही हैं शांतिश्री

ध्यान देने वाली बात है कि डॉ पंडित इस बात की मुखर आलोचक रही हैं कि भारत के इतिहास को कैसे चित्रित किया गया है। श्री वेंकटेश्वर कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक वेबिनार में पंडित ने दशकों से भारतीयों को पढ़ाए जा रहे भारतीय इतिहास के गलत आख्यान की आलोचना की। उन्होंने दावा किया था कि NCERT की पाठ्यपुस्तकें न केवल ‘मुगलों’ बल्कि ‘नेहरू गांधी वंश’ की भी चित्रित छवि सिखा रही है। उन्होंने भारत पर ‘इस्लामी आक्रमणों’ के इतिहास का महिमामंडन करने की खुले तौर पर आलोचना की थी। वो इस बारे में बात करने से भी पीछे नहीं हटी कि भारतीय क्रांतिकारियों द्वारा किए गए बलिदानों को एक कथा के निर्माण के लिए कैसे मिटा दिया गया और यह बताया गया कि भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन एक शांतिपूर्ण अहिंसक आंदोलन था।

बताते चलें कि पिछला दशक JNU की छवि पर धब्बा रहा है। इसने केवल अलगाववाद और आतंकवाद के मुद्दों की अगुवाई के लिए सुर्खियां बटोरी। विश्वविद्यालय ने केवल वैचारिक सैनिकों का निर्माण किया, जिन्होंने सोचा था कि अफ्रीकी अध्ययन में पीएचडी पूरा करना ही समाज में योगदान करने का एकमात्र तरीका है। हालांकि, अब यह सब बदल रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही JNU अपनी पुरानी स्थिति में वापस लौट जाएगा!

और पढ़ें: जेएनयू के टेक्निकली challenged क्रांतिकारियों की ‘मेल ट्वीट’ पर खुली पोल

Tags: जेएनयूभाजपाशांतिश्री धूलिपुडी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘फेक न्यूज’ पर सरकार की नीतियों को चैलेंज कर रहा ट्विटर लेकिन अश्विनी वैष्णव हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं!

अगली पोस्ट

मोदी सरकार को अब धर्मनिरपेक्ष होना होगा, लेकिन रुकिए हम अलग धर्मनिरपेक्षता की बात कर रहे हैं

संबंधित पोस्ट

सहारनपुर के देवबंद में ईद पर भड़काऊ भाषण का मामला, यूपी ATS ने मौलाना को हिरासत में लिया
क्राइम

सहारनपुर के देवबंद में ईद पर भड़काऊ भाषण का मामला, यूपी ATS ने मौलाना को हिरासत में लिया

23 March 2026

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद में ईद के मौके पर दिए गए कथित भड़काऊ भाषण के मामले में यूपी ATS ने एक मौलाना...

“ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”
चर्चित

“ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

23 March 2026

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है। इस बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य के बीच भारत...

एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।
चर्चित

एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

21 March 2026

एक फ्रांसीसी अधिकारी की फिटनेस ऐप पर रिकॉर्ड की गई मॉर्निंग रन ने Charles de Gaulle जैसे परमाणु ऊर्जा संचालित विमानवाहक पोत की गोपनीय लोकेशन...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited