TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अपने ही छात्रों के मूल्यांकन का अधिकार कॉलेजों से छीन लिया जाना चाहिए

इस कदम से ही गुरु घंटाल और चेला चोर होने से बचेगा!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
14 March 2022
in मत, शिक्षा
अपने ही छात्रों के मूल्यांकन का अधिकार कॉलेजों से छीन लिया जाना चाहिए

source- google

Share on FacebookShare on X

आप जब कोई वस्तु खरीदते हैं तो क्या चाहते हैं? एक उपभोक्ता के तौर पर आप चाहते है की कम से कम पैसे में आपको अधिक से अधिक गुणवत्ता वाली वस्तु मिल सके। पर शायद शिक्षा इस क्षेत्र में एक अपवाद बन चुकी है। हमारे माता-पिता हमें एक उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान से शिक्षा दिलाने के लिए अत्यंत मेहनत और पैसा खर्च करते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। परंतु, जो इसके असल उपभोक्ता है यानी कि विद्यार्थी और जो इसके असल आपूर्तिकर्ता है यानी कि प्रोफ़ेसर, वह कितनी मेहनत और लगन से इस सौदे को सुगम और सार्थक बनाते हैं यह प्रश्न का विषय है?

सबसे पहले तो आपको एक उदाहरण से समझाने का प्रयास करते हैं। अगर आप किसी होटल में खाना खाने जाते हैं तो एक उपभोक्ता के तौर पर आप सेवा, सुगमता और खाने की गुणवत्ता को लेकर संवेदनशील होते हैं। अगर आपने निर्धारित राशि का भुगतान किया है तो आप यह अवश्य चाहेंगे कि आपको जल्दी से जल्दी और मानक के अनुरूप खाना परोसा जाए लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा नहीं है। हम सभी जानते हैं कि हमारे देश में कुछ चुनिंदा गुणवत्ता वाले शिक्षण संस्थानों को छोड़कर अधिकतर शिक्षण संस्थान निजी हैं चाहे वह किसी भी प्रकार की शिक्षा और डिग्री मुहैया कराते हों। इन शिक्षण संस्थानों में माता-पिता अत्यधिक श्रम और पैसा खर्च करके अपने बच्चों का दाखिला कराते हैं। पर, वहां जाने वाले विद्यार्थी एक उपभोक्ता के तौर पर ना तो शिक्षा की अहमियत समझते हैं और ना ही उसको प्रदान की जाने वाली गुणवत्ता में होने वाली खामी को उजागर करना चाहते हैं। वह चाहते हैं की प्रोफ़ेसर उन्हें कक्षा में उपस्थित होने से छूट दे,  अंतिम पंक्ति में बैठकर मजे करने की अनुमति दें, खुद भी छुट्टी ले और उन्हें भी मटरगश्ती करने दे।

संबंधितपोस्ट

NCERT removes chapters on Mughal Empire: कैसे छाती पीट पीट के रो रहे हैं लिबरल मुगलों की सफाई पर

BYJU’S के पीछे का सच अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है, यह घोटाला तो बहुत बड़ा है

बजट 2022: कोरोना महामारी से हुए शिक्षा के नुकसान की भरपाई करेगा

और लोड करें

और पढ़ें- भाजपा की नई डस्टबीन बनती जा रही है TMC, आसनसोल से शत्रुघ्न सिन्हा को ममता ने बनाया उम्मीदवार

छात्र और प्रोफेसर दोनों ही दोषी हैं-

जिसके चलते शनै: शनै: वह प्रोफेसर भी लेक्चर लेने और पढ़ाने के प्रति उदासीन हो जाता है क्योंकि उसकी जवाबदेही तय करने वाले उपभोक्ता यानी कि विद्यार्थी स्वयं ही अपने द्वारा खर्च किए गए पैसे का मूल्य प्राप्त करने को इच्छुक नहीं होते हैं। प्रश्न पत्र भी इसी उद्देश्य से सेट किया जाता है कि सभी बच्चे किसी तरीके से बस पास कर जाएं। किसी किसी निजी शिक्षण संस्थान में तो शिक्षक पहले ही परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को बता देते हैं। कहीं कहीं तो सीधे डिग्री प्रदान कर दी जाती है। गुणवत्ता का ख्याल ना तो प्रश्न पत्र तैयार करने में रखा जाता है और ना ही मूल्यांकन में, क्योंकि प्रोफेसर ने भी उस स्तर का नहीं पढ़ाया होता है तो उस स्तर का प्रश्न पत्र भी किस मुंह से तैयार कर सकते हैं?

सबसे गम्भीर समस्या यह है कि प्रैक्टिकल में नंबर दिए नहीं बल्कि बांटे जाते हैं। थीसिस बनाई नहीं बल्कि खरीदी जाती है। कोविड-19 के दौरान इन निजी क्षेत्रों की परीक्षा पद्धति, प्रश्न पत्र की गुणवत्ता और मूल्यांकन के तरीकों में और भी गिरावट आई है। जिससे ना तो यह बच्चे कुछ सीख पाते हैं और ना ही सीखने का प्रयास करते हैं। बस मास्टर जी और बच्चों की मिलीभगत से विद्यार्थी परीक्षा पास करके जाता हैं। गुरु शिष्य के कर्तव्य से पीछा छुड़ाकर दोनों पक्ष खुश होते हैं और कोई जवाबदेही तय करने वाला भी नहीं होता है। परंतु आप स्वयं सोचिए क्या यह सही है?

और पढ़ें- योगी के शपथ से पहले ही ATS ने देशविरोधी तत्वों की क्लास लगानी प्रारंभ कर दी है

आप स्वयं चिंतन करिए कि क्या इस तरीके के मूल्यांकन और गुणवत्ता हीन शैक्षणिक प्रक्रिया के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में नहीं हो रहा है? स्नातक किए हुए बच्चे राष्ट्र निर्माण में हाथ बटाना तो दूर, एक छोटी सी दरख्वास्त लिखने में भी असमर्थ होते हैं। न तो उनके व्यक्तित्व का निर्माण हो पाता है, ना ही चरित्र का और ना ही वह इतने दक्ष हो पाते हैं कि कोई भी उद्द्यम उन्हें बिना अनुभव के नौकरी दे सकें।

सुधार के लिए मूल्यांकन का अधिकार संस्थाओं से वापस लेना होगा-

तो इसका क्या उपाय है?  इसका एकमात्र उपाय यही है कि इन निजी कॉलेजों के हाथ से मूल्यांकन का अधिकार छीन लिया जाए। वैसे भी हमारे संस्कृति में यह परंपरा प्राचीन समय से विद्यमान रही है। महाभारत काल में भी जब द्रोणाचार्य से शिक्षा प्राप्त कर कौरव और पांडव हस्तिनापुर पहुंचे तो उनके शिक्षा का मूल्यांकन वहां की जनता ने रंगभूमि में प्रतियोगिता कराकर की। गुरु वशिष्ट से शिक्षा प्राप्त कर राम भी जब अयोध्या पहुंचे तो उनका मूल्यांकन महर्षि विश्वामित्र ने किया।

वैसे भी यह सैद्धांतिक रूप से भी यह उचित नहीं लगता कि जो शिक्षित करें वही मूल्यांकन करें क्योंकि अगर शिक्षित करने वाला व्यक्ति ही मूल्यांकन करेगा तो हो सकता है वह किसी न किसी प्रकार के पूर्वाग्रह से ग्रसित हो। अतः सरकार को राष्ट्र हित को ध्यान में रखते हुए भविष्य के इन कर्णधारों का मूल्यांकन यूजीसी AICTE सरकारी एजेंसियों या फिर गुणवत्ता वाली शिक्षण संस्थानों को सौंप देना चाहिए।

और पढ़ें- कैसे मोदी के करीबी प्रफुल्ल पटेल CM केजरीवाल को अपंग करने जा रहे हैं?

पुनः एक उदाहरण लीजिए और स्वयं सोचिए, क्या हो अगर आपके शहर में स्थापित किसी निजी इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रश्न पत्र आईआईटी द्वारा तैयार होकर आए और बच्चों की उत्तर पुस्तिका भी जांच होने के लिए ऐसी ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षण संस्थानों में भेजी जाए, बिल्कुल उसी प्रकार से जैसा कि बोर्ड एग्जाम में किया जाता है।

इसका परिणाम यह होगा कि बच्चे पास करने के लिए अथक श्रम करेंगे और अगर नहीं किया तो इसका परिणाम अनुत्तीर्णता (फेल) के रूप में सामने आएगा। प्रोफेसर भी अपने पढ़ाने के तौर तरीके को लेकर के जागरूक होंगे अन्यथा अगर उनके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी बड़े पैमाने पर फेल होते हैं तो उनकी भी जवाबदेही तय होगी और उनके द्वारा प्रदान की गई शिक्षा के गुणवत्ता पर प्रश्न उठेंगे।

कॉलेज में शैक्षणिक मूल्यांकन के दो आधार हैं। प्रथम, प्रश्न पत्र तैयार करना और द्वितीय उत्तर पुस्तिका की जांच करना। इन दोनों आधारों का मजबूत होना और किसी भी प्रकार के मिलावट से रहित होना बच्चों के भविष्य के लिए आवश्यक हैं जिसके लिए इन निजी कॉलेजों से मूल्यांकन का आधार छीनना आवश्यक है।

और पढ़ें- Dear Shashi Tharoor, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत पहले ही एक पक्ष ले चुका है

Tags: विश्वविद्यालयशिक्षा नीतिशिक्षा प्रणाली
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सोनिया गांधी ने CWC के जरिए कांग्रेस को कर लिया है हाईजैक

अगली पोस्ट

यहां समझिए कि कैसा होगा योगी आदित्यनाथ का नया कैबिनेट

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

NEET-UG परीक्षा से संबंधित प्रतिनिधिक
चर्चित

NEET Scam: ₹10 लाख के पेपर लीक जाल का खुलासा, जानिए कैसे टेलीग्राम ठगों ने खड़ा किया धोखाधड़ी का पूरा नेटवर्क

17 June 2026

21 जून को होने वाली NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा (Re-Exam) से पहले अधिकारियों ने टेलीग्राम पर चल रहे एक संगठित ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited