TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत को धमकाने के लिए अमेरिका ने हर पैंतरा अपनाया फिर भी उसकी एक न चली

ये नया भारत है, झुकेगा नहीं!

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
12 April 2022
in चर्चित, विश्व
अमेरिका भारत

source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X

भारत पर दबाव डालने की मूल प्रवृत्ति को अमेरिका ने कभी भी त्यागना उचित नहीं समझा क्योंकि उसकी हीन दृष्टि सदैव भारत को दबाने की सोच के साथ ही जीती आई है। वहीं वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने तो सारी ताकत लगा यह तय करना चाहा था कि भारत किसी भी तरह उसके चंगुल में फंस जाए। यही कारण है कि हालिया रूस-यूक्रेन विवाद में सबसे बड़ा मध्यस्थ बनने की जुगत में अमेरिका ने कई बार भारत पर दबाव बनाया पर भारत तो भारत ठहरा और वो भी पीएम मोदी के नेतृत्व वाला, ऐसे में झुकने का तो कोई सवाल ही नहीं था।

और पढ़ें- जब भारत के साथ अमेरिका के संबंधों की बात आती है तो बाइडन प्रशासन भ्रमित हो जाता है

संबंधितपोस्ट

USCIRF की RSS पर बैन की सिफारिश, अमेरिका को आईना देखने की जरुरत

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: सामूहिक स्वराज, व्यक्तिगत स्वराज में परिवर्तित हो जाता है तो पाकिस्तान का निर्माण होता है

अमेरिका का बड़ा दावा: चीन पर टैरिफ से बचाने वाले 40 से ज्यादा देशों पर नजर, भारत भी सूची में

और लोड करें

पूरी तरह सक्षम है भारत

भारत ने रूस-यूक्रेन विवाद में अपने तटस्थ रुख से ये दिखा दिया कि भारत आज एक नेतृत्वकर्ता के रूप में निर्णय लेने के लिए पूरी तरह सक्षम है और उसे अपने देश के आम जनों के लिए जो हितकर लगेगा उसी दिशा में वो कदम बढ़ाएगा। दरअसल, इसी बीच हाल ही में जब भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका में शासन से मुलाकात सुनिश्चित की तो अमेरिकी प्रशासन ने अपने सभी भारी-भरकम और बड़े चेहरों को रूस-यूक्रेन विवाद के दौरान भारत पर दबाव बनाने के लिए उतार दिया लेकिन यह पासा उसी पर उल्टा पड़ गया।

बीते सोमवार को राजनाथ सिंह और एस.जयशंकर की मुलाकात के दौरान भारत को डराने के लिए अमेरिका ने अपने सभी दिग्गजों को मैदान में उतार दिया। इस 2+2 बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने भाग लिया, हालांकि बाइडेन भी इसमें शामिल हुए।  2+2 बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वर्चुअल मीटिंग की, उन्होंने अमेरिका में भारत के दो मंत्रियों से भी मुलाकात की। सत्य तो यह है कि यह स्पष्ट रूप से रूस-यूक्रेन विवाद के दौरान अमेरिका की ओर से ताकत का प्रदर्शन था जिसका जोर वो भारत में आज़माना चाह रहा था।

और पढ़ें-एस जयशंकर ने अमेरिका को लताड़ते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि “वह गलत जगह बकलोली कर रहा है”

अमेरिका ने भारत को डराने के लिए क्या क्या किया?

जब से रूस यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ है, अमेरिका भारत को डराने की कोशिश कर रहा है। वह भारत को यूएस-नाटो लाइन पर खड़ा करने के लिए हर तरह की धमकियां देता रहा है। हालांकि, भारत अडिग बना रहा और यह कहता रहा है कि वह इस संबंध में अपने हितों का पालन करेगा। इसलिए, जब भारत और अमेरिका ने दोनों पक्षों के विदेश और रक्षा मंत्रियों को शामिल करते हुए 2+2 वार्ता की, तो अमेरिका ने भारत को डराने के लिए अपने सभी दिग्गजों को मैदान में उतारा। हालांकि, भारत ने एक बात स्पष्ट कर दी कि वह अमेरिका या अतीत की किसी अन्य महाशक्ति के सामने नहीं झुकेगा क्योंकि उसका भी औचित्य उतना ही है जितना अन्य किसी विकसित देश का, आज जब कई देश पूर्ण रूप से दूसरों पर आश्रित हैं तो वहीं भारत आत्मनिर्भर वाले अपने मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।

इस वार्ता की शुरुआत ही अमेरिका की झमाझम धमकियों से मोदी-बाइडेन आभासी शिखर सम्मेलन के साथ ही शुरू हुई थी। राष्ट्रपति बाइडेन ने रूसी तेल खरीदने के विरुद्ध अपने स्वर उष्मित और बुलंद किये। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, “राष्ट्रपति… ने बताया कि हम यहां उनके यानी भारत के तेल आयात के साधनों में विविधता लाने में मदद करने के लिए हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका से आयात पहले से ही महत्वपूर्ण हैं, रूस से प्राप्त होने वाले आयात से बहुत बड़ा है।”

और पढ़ें- सत्ता जाने के डर से बौखलाए इमरान खान अमेरिका पर गुर्राने लगे हैं

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बाइडन की टिप्पणी को प्रतिध्वनित किया। उन्होंने कहा, “जब तेल खरीद, प्रतिबंधों, वगैरह की बात आती है, तो मैं सिर्फ यह उल्लेख करता हूं कि ऊर्जा खरीद के लिए नक्काशी है। बेशक, हम देशों को रूस से अतिरिक्त ऊर्जा आपूर्ति नहीं खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। हर देश अलग-अलग जगह स्थित हैं, उनकी अलग-अलग ज़रूरतें हैं लेकिन हम सहयोगियों और साझेदारों की ओर देख रहे हैं कि वे रूसी ऊर्जा की अपनी ख़रीद न बढ़ाएं।” और फिर, अन्य प्रकार के खतरों के बारे में ब्लिंकन ने कहा, “हम भारत में कुछ हालिया घटनाक्रमों की निगरानी कर रहे हैं, जिनमें कुछ सरकार, पुलिस और जेल अधिकारियों द्वारा मानवाधिकारों के हनन में वृद्धि शामिल है। और हां, CATSAA  भी था।” ब्लिंकन ने कहा कि, “अमेरिका ने अभी तक संभावित CATSAA प्रतिबंधों या भारत द्वारा रूसी S-400 वायु रक्षा प्रणाली की खरीद पर छूट पर निर्णय नहीं लिया है।” वह मूल रूप से सुझाव या यूं कहें कि धमकी दे रहा था कि, “हमने आपको मंजूरी नहीं दी है, लेकिन अगर चीजें हमारे कथन के अनुसार नहीं होती हैं तो हम कर सकते हैं।”

हालांकि, इतने दबावों के बाद भी भारत अडिग रहा। सबसे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संकट पर कोई स्पष्टीकरण दिए बिना आभासी शिखर सम्मेलन के दौरान अपनी नीति के बारे में बताया। और फिर, भारत के मंत्रियों ने भी यह स्पष्ट कर दिया कि नई दिल्ली, अमेरिका के अनुरूप अपना रुख नहीं बदलेगी। जयशंकर ने कहा, “यदि आप रूस से ऊर्जा खरीद देख रहे हैं, तो मेरा सुझाव है कि आपका ध्यान यूरोप पर केंद्रित होना चाहिए। हम कुछ ऊर्जा खरीदते हैं जो हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए आवश्यक है, लेकिन मुझे आंकड़ों को देखकर संदेह है, संभवत: भारत की प्रति माह की कुल खरीदारी, यूरोप द्वारा हर हफ्ते की जा रही तेल खरीद से काम ही है।”  जेन साकी ने भी कहा, “भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका से 10 प्रतिशत आयात करता है। यह किसी भी प्रतिबंध या किसी तरह की अवहेलना या किसी भी चीज़ का उल्लंघन नहीं है।”

और पढ़ें-ज्ञान देने के अलावा आज तक अमेरिका ने कुछ नहीं किया है!

एस. जयशंकर विदेशी मामलों के जानकारों को धूल चटा देते हैं

फिर क्या था, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के तेवर शुरुआत से ही अमेरिका को पता हैं, वो किस प्रकार शांत रहते हुए बड़े-बड़े विदेशी मामलों के जानकारों को धूल चटा देते हैं यह रूस-यूक्रेन विवाद के दौरान सबने देखा था और सोमवार को हुई वार्ता में बाइडन प्रशासन के अधिकारी वास्तव में डर गए। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा, “हम भारत को यह नहीं बता रहे हैं कि उसे क्या करना है।”

सत्य तो यही है कि, जिस बर्ताव के साथ अमेरिकी प्रशासन ने बात शुरू की थी उसके बिलकुल विपरीत उसकी भाषा तब हो गई जब वार्ता की समाप्ति हुई। यह पीएम मोदी के नेतृत्व और अपने निर्णयों के प्रति दृढ इच्छा एवं संकल्पशक्ति थी इसलिए अमेरिका अपनी पूरी ताकत से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश करता रह गया लेकिन यह भारत है जिसने अमेरिकी दिग्गजों को डरा दिया।

Tags: अमेरिकाएस जयशंकरजो बाइडनभारतरूस-यूक्रेन विवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कर्नाटक में भाजपा को मिलने वाली बेहतरीन जीत से बदल जाएगी दक्षिण भारत की राजनीति

अगली पोस्ट

भारतीय साइबर सुरक्षा योद्धाओं ने चीनी हैकर्स द्वारा शुरू किए गए पूर्ण विकसित युद्ध को विफल कर दिया है

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

Judge Ravi Diwakar
चर्चित

जज रवि दिवाकर की कोर्ट से 100 केस ट्रांसफर, 22 को फांसी; DGP को क्यों लिखी चिट्ठी?

21 August 2026

मुजफ्फरनगर की फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर एक बार फिर चर्चा में हैं। जिला जज ने उनकी अदालत से करीब 100 मुकदमों...

वंदे मातरम पर शर्मिला टैगोर की टिप्पणी से बहस तेज
चर्चित

वंदे मातरम पर शर्मिला टैगोर की टिप्पणी से बहस तेज, कंगना रनौत ने दिया जवाब

21 August 2026

दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम को लेकर की गई टिप्पणी के बाद एक बार फिर राजनीतिक और सांस्कृतिक बहस शुरू हो गई है।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited