फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि चाकू से घायल कप्तान ने कॉकपिट का मजबूत दरवाजा आखिर कैसे खोला। एयरलाइन ने अभी तक इसकी पूरी जानकारी नहीं दी है। अलग-अलग रिपोर्टों में भी घटना के कुछ विवरण अलग बताए गए हैं।
FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। यह बोइंग 737 मैक्स 8 विमान था। उड़ान के दौरान विमान कुछ ही समय में काफी नीचे आ गया। One Mile at a Time की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान करीब एक मिनट में 34,000 फीट से 19,000 फीट की ऊंचाई पर आ गया। वहीं अल जजीरा ने इजरायली अधिकारियों के हवाले से बताया कि विमान 33,000 फीट से 17,000 फीट तक नीचे आया था। इन दोनों आंकड़ों में अंतर है। इसलिए विमान की सही उड़ान स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, विमान के नीचे आने के दौरान कप्तान और को-पायलट के बीच कॉकपिट में लड़ाई हो रही थी। बताया गया कि कप्तान स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का तरीका सक्रिय किया। इसके बाद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू में किया।
9/11 के बाद कॉकपिट के दरवाजे किए गए मजबूत
11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद विमानों के कॉकपिट के दरवाजों को काफी मजबूत बनाया गया। पहले कॉकपिट के दरवाजे बहुत सामान्य और कमजोर होते थे, लेकिन अब इन्हें बाहर से किसी व्यक्ति के जबरन अंदर आने से रोकने के लिए डिजाइन किया जाता है।
आमतौर पर केबिन क्रू कॉकपिट में प्रवेश के लिए अनुरोध करता है और अंदर मौजूद पायलट दरवाजा खोलने का फैसला करते हैं। अलग-अलग विमानों में दरवाजा खोलने की व्यवस्था अलग होती है। बोइंग 737 में भी इसकी अपनी अलग व्यवस्था है और फ्लाईदुबई के विमान में इस्तेमाल की गई सटीक व्यवस्था सार्वजनिक नहीं की गई है।
सामान्य तौर पर कॉकपिट के अंदर मौजूद पायलट दरवाजे को अंदर से अनलॉक कर सकता है। इसी व्यवस्था ने इस घटना में अहम भूमिका निभाई हो सकती है। समस्या यह है कि दरवाजा यह पहचान नहीं सकता कि अंदर का पायलट मदद के लिए किसी को बुला रहा है या किसी हमलावर को अंदर आने दे रहा है।
अगर एक पायलट हिंसक हो जाए और दूसरा पायलट घायल हो जाए, तो कॉकपिट के बाहर मौजूद लोगों के लिए अंदर पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
दरवाजा कैसे खुला, इस पर अभी भी सवाल
घटना के दौरान दरवाजा किस तरह खुला, इसे लेकर कई सवाल हैं।
पहला सवाल दरवाजे की स्थिति को लेकर है। Jerusalem Post की रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री यानिव हयून ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को बताया कि कप्तान ने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया था। उनके मुताबिक दरवाजा खुला हुआ था, लेकिन कप्तान उसके पास होने के कारण उसे पूरी तरह खोलना मुश्किल था। इससे यह संकेत मिलता है कि दरवाजा अनलॉक हो चुका था, लेकिन उसे खोलने में शारीरिक रुकावट हो सकती थी।
दूसरा सवाल दरवाजे की दिशा को लेकर है। एक स्वतंत्र विश्लेषण में दावा किया गया है कि बोइंग 737 मैक्स का कॉकपिट दरवाजा पीछे की ओर खुलता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कॉकपिट के अंदर जमीन पर पड़ा हो, तो सामान्य तौर पर वह दरवाजा खोलने में रुकावट नहीं बनना चाहिए। हालांकि, यह केवल एक विश्लेषण है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तीसरा सवाल कप्तान की गतिविधियों को लेकर है। अगर कप्तान गंभीर रूप से घायल थे, तो वह अपनी सीट से दरवाजे तक कैसे पहुंचे और उसे कैसे खोला, यह भी जांच का अहम हिस्सा है।
यात्रियों ने को-पायलट को काबू में किया
दरवाजा खुलने के बाद यात्री और क्रू के सदस्य कॉकपिट में पहुंचे और को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को किसने उड़ाया, इस बारे में भी अलग-अलग रिपोर्ट सामने आई हैं।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि फ्लाईदुबई के अन्य क्रू सदस्यों ने विमान की कमान संभाली। वहीं कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में यात्रा कर रहे दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान उड़ाया।
आखिरकार विमान को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। फ्लाईदुबई ने कॉकपिट में हुई घटना, विमान के डायवर्ट होने और सुरक्षित लैंडिंग की पुष्टि की है। हालांकि, घटना के पीछे की वजह और मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।
Newsweek की रिपोर्ट के मुताबिक, एक यात्री जो पेशे से दंत चिकित्सक था, उसने घायल कप्तान का इलाज किया।
जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
अब जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि कॉकपिट के दरवाजे का कंट्रोल किसने और किस समय इस्तेमाल किया। यह भी देखा जाएगा कि दरवाजा अंदर से अनलॉक हुआ था या उसे किसी तरह जबरन खोला गया।
इसके अलावा यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि गंभीर चोटों के बावजूद कप्तान दरवाजे तक कैसे पहुंचे।
फ्लाइट का डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर इन सवालों के जवाब देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि घायल कप्तान की मदद से यात्रियों और क्रू को कॉकपिट में प्रवेश का रास्ता मिला, लेकिन दरवाजा वास्तव में किस तरह खुला, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।






























