TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    भारतीय जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान से कोई सौदा नहीं

    एस.जयशंकर का बयान- ईरान के साथ है हमारे अच्छे संबंध , भारतीय झंडे वाले जहाजों को रास्ता देने के बदले ईरान की कोई डिमांड नहीं

    ‘जाति’ कार्ड खेलने में माहिर हो चुके राहुल गांधी

    DU एंट्रेंस में कांग्रेस का ‘जाति’ कार्ड और बिहार में ‘राजपूत’ लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या: क्या राहुल सारण में मृतका के घर जा कर इंसाफ़ मांगेंगे?

    पीएम किसान योजना

    पीएम किसान योजना: आज जारी होगी 22वीं किस्त, किसानों के खाते में ₹18,640 करोड़ ट्रांसफर

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है

    ‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

    क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?

    ‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

    शिवालिक और नन्दा देवी लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    LPG लेकर देश पहुँच रहे हैं भारतीय टैंकर लेकिन पाकिस्तान में ईद से पहले त्राहिमाम

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पीएम मोदी ने अपनी ‘रूसी यॉर्कर’ से पश्चिमी देशों को क्लीन बोल्ड कर दिया

भारतीय कूटनीति को समझने के लिए अमेरिका अभी 'बच्चा' है!

Prashant Srivastava द्वारा Prashant Srivastava
3 October 2022
in विश्व
modi putin
Share on FacebookShare on X

कहते हैं कि उगते हुए सूरज को दुनिया सलाम ठोकती है, यह कहावत वर्तमान में भारत के लिए सटीक बैठती है, भारत अपने विकास के पथ पर कुछ इस प्रकार अग्रसर है कि मानो वह सूरज सा चमक रहा हो जिससे नज़रें मिलाने की हिम्मत विश्व के किसी भी देश में न हो। 1947 में आज़ाद हुआ भारत जिस कुशलता से विकास के पथ पर आगे बढ़ा है उसकी सराहना विश्व के साथ-साथ वो आईएमएफ भी कर रहा है जिसने कभी भुगतान संकट में फंसे भारत को अपनी शर्तों पर ऋण दिया था। अमेरिका के पालतू इस संगठन ने बड़ी ही कड़ी शर्तों के साथ भारत को ऋण दिया था।

अमेरिका भी अब भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता

एक वह दिन था जब भारत का उपहास उड़ाया गया था और एक आज का दिन है जहां भारत अब अन्य देशों की आर्थिक मदद करता है, इतना ही नहीं भारत के उपहास उड़ाने का एक भी अवसर नहीं छोड़ने वाला अमेरिका भी अब भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है। स्वयं को सूपरपावर कहने वाला अमेरिका तो बस एक नाम है, ब्रिटेन, फ़्रान्स, जर्मनी इत्यादि सो कॉल्ड सिविलायज़्ड देश भी भारत के साथ एक अच्छे रिश्ते को चाहते हैं। एक वक्त हुआ करता था जब ये देश भारत को संपेरों और गंवारों का देश कहकर संबोधित किया करते थे। किंतु आज भारत ने अपने  अथक परिश्रम और दूरदर्शितापूर्ण नीतियों वाले नेताओं के कारण समस्त विश्व को ना सिर्फ चुप कराया है अपितु स्वयं के लिए उनकी धारणा को भी बदल दिया। वस्तुतः किसी भी देश को अपनी पूर्व की छवि से निकलने के लिए एक करिश्माई एवं दूरदर्शितापूर्ण नेता की ज़रूरत पड़ती है, यूं तो भारत में ऐसे दूरदर्शितापूर्ण नेता बहुत हुए हैं किंतु दूरदर्शितापूर्ण नीति के साथ-साथ हज़िरजवाबी नेता बहुत कम देखने को मिलते हैं। वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी परंपरा से आते हैं।

संबंधितपोस्ट

एम.के. स्टालिन ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल, ईरानी युद्धपोत डूबने पर जताई गहरी चिंता

पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो को दी नई रफ्तार, दो कॉरिडोर शुरू और तीन नई लाइन की नींव रखी

AI IMPACT SUMMIT 2026 : भारत बना एआई नवाचार का वैश्विक केंद्र, प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 का किया उद्घाटन

और लोड करें

नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद तो भारत ने विकास की जो राह पकड़ी है वह निरंतर बढ़ती ही जा रही है। साथ ही भारत की कूटनीतिक शक्ति में भी अपार वृद्धि हुई है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान देखने को मिला, जब सम्पूर्ण विश्व भारत पर रूस के विरुद्ध बोलने का दबाव बना रहा था तब भारत ने सर्वप्रथम अपने हितों को सर्वोपरि रखा, परिणामस्वरूप भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने वही वक्तव्य दिया जो राष्ट्र के हित में था, महान लीडर्शिप यही होती है कि आप अपने हितों को भी साध लें और किसी को अपना शत्रु भी ना बनाएं।

और पढ़ें- पोलैंड ने रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की भारत की क्षमता पर दिखाया भरोसा

यूक्रेन के शहरों को रूस का घोषित किया गया

हाल ही में रूस  के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के कब्जाए गए शहरों को रूस में शामिल कर दिया है। इस ऐलान के लिए एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें औपचारिक तौर पर पुतिन ने यूक्रेन के शहरों और स्थानों को रूस का घोषित किया। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रैमलिन में आयोजित एक समारोह में डोनेट्स्क, लुहान्स्क, जापोरिजिया, खेरसॉन को रूसी क्षेत्र में शामिल किया। वस्तुतः रूस द्वारा उठाए गए इस कदम से पश्चिमी देश एवं उसके दलाल मीडिया ने भारत के ऊपर फिर से दबाव बनाने की भरसक कोशिश की किंतु पीएम मोदी के नेतृत्व में चट्टान के समान खड़े भारत ने अपने उसी वक्तव्य को दोहराया की भारत शांति चाहता है युद्ध नहीं।

भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस एक प्रस्ताव पर भाग नहीं लिया, जिसने मॉस्को के “अवैध जनमतसंग्रह” की निंदा की और चार यूक्रेनी क्षेत्रों के अपने कब्जे को अमान्य घोषित कर दिया।UNSC के प्रस्ताव को रूस ने वीटो कर दिया था।

यूएनएससी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सका क्योंकि रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का एक स्थायी सदस्य होने के नाते इसे वीटो कर दिया।  इस प्रस्ताव को परिषद के 15 सदस्यों में से 10 का समर्थन मिला, जबकि चीन, गैबॉन, भारत और ब्राजील ने मतदान में भाग नहीं लिया।

देखने वाली बात है कि सो कॉल्ड ये सभ्य देश छोटे बच्चे की भांति किसी वक्तव्य का कोई भी अर्थ निकालते जा रहा हैं। आपको याद तो होगा ही कि हाल ही में पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात एससीओ बैठक में हुई थी। इस मुलाकात में दोनों ही देशों के शीर्ष नेताओं के बीच यूक्रेन युद्ध समेत कई अहम मुद्दों पर बात हुई थी।

और पढ़ें- “पश्चिम ने भारत को लूटा” रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को लताड़ दिया

अमेरिका का बचपना

पुतिन और पीएम मोदी के बीच युक्रेन मामले पर हुई बात को लेकर बाइडेन प्रशासन की ओर से बयान जारी किया गया है। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलेविन (Jake Sullivan) ने मंगलवार को कहा कि पुतिन के साथ पीएम मोदी की बातचीत कि ‘यह युद्ध का समय नहीं है।’ पुतिन के साथ हुई पीएम मोदी की बैठक में यह एक सैद्धांतिक बयान था, जिसे वह सही मानते हैं। अमेरिका भारत के इस बयान का स्वागत करता है। वैसे देखें तो पीएम मोदी ने यहां पर कोई नयी बात नहीं कही थी, किंतु अमेरिका का बचपना कहें या उसकी नासमझी कि वह इतना बहक गया कि उसने कहां की बात को कहां ले जाकर जोड़ा।

अंततः पूरी पश्चिमी मीडिया द्वारा भी इस बयान को ऐसे पेश किया गया  जैसे पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति को डांट कर बोल रहे हों, हाल ही में हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा के 77वें सत्र में दूसरे देशों द्वारा भारत की बहुत अधिक सराहना की जा रही है। भारत की आर्थिक और विदेश नीति से प्रभावित होकर दुनिया के कई विकासशील और विकसित देशों ने उसकी पीठ थपथपायी है। साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी बहुत प्रशंसा की गयी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से लेकर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित अन्य कई नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले भारत की नीतियों की बहुत प्रशंसा की है।

और पढ़ें- G7, रूस और ईराक, तेल को लेकर भारत के समक्ष प्रार्थना क्यों कर रहे हैं?

मोदी की कुशल कूटनीति

यह पीएम मोदी की कुशल कूटनीति और भारत का बढ़ता वर्चस्व ही है कि ईरान ने ओएनजीसी विदेश लिमिटेड और उसके भागीदारों को फरजाद-बी गैस क्षेत्र को विकसित करने में 30% हिस्सेदारी की पेशकश की है, जिसे भारत ने फारस की खाड़ी में खोजा था। 3,500 वर्ग किलोमीटर फ़ारसी अपतटीय ब्लॉक में, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने 2008 में एक विशाल गैस क्षेत्र की खोज की थी। इसने अप्रैल 2011 में एक मास्टर डेवलपमेंट प्लान (एमडीपी) प्रस्तुत किया था, जिसे फरजाद-बी के नाम से जाना जाता है। इसे बाद में उत्पादन में लाया गया लेकिन ईरान पर उसकी परमाणु महत्वाकांक्षाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के परिणामस्वरूप बातचीत बंद हो गई। चूंकि अमेरिका ईरान की इस महत्वकांक्षा का शुरुआत से विरोधी था तो उसी के परिणामस्वरूप अमेरिका ने एक के बाद एक प्रतिबंध लगाए।

इन प्रतिबंधों में सबसे ज़्यादा प्रभावशाली काटसा था। काटसा की बात करें तो अमेरिका द्वारा अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरोध हेतु बनाए गए दंडात्मक अधिनियम CAATSA (Countering America’s Adversaries Through Sanctions Act) को वर्ष 2018 में लागू किया गया था, इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य दंडनीय उपायों के माध्यम से ईरान, रूस और उत्तर कोरिया की आक्रामकता का सामना करना था। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि यह अधिनियम प्राथमिक रूप से रूसी हितों जैसे कि तेल और गैस उद्योग, रक्षा क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित है। किंतु भारत यहां भी अपने हितों को साधने के भरपूर प्रयास में हैं अब यदि भारत ऐसा करने में कामयाब हो जाता है तो वह एकमात्र  ऐसा देश होगा जो अमेरिका के आँखों में आँखें डालकर उन देशों से व्यापार करेगा जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया हुआ है। इससे भारत की विश्व पटल पर साख तो बढ़ेगी ही साथ में अन्य देश भी भारत के साथ रिश्तों को अच्छा बनना चाहेंगे । वस्तुतः यह नये भारत का नया क़िस्सा है जो अभी कहानी बनने के लिए बेताब है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: पीएम मोदीराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकाररूस-यूक्रेन युद्धरूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

Sanskrit and Hindi Saraswati Vandana Meaning in Hindi

अगली पोस्ट

कोरोना महामारी पर निबंध कक्षा 5 से 9 तक के लिए

संबंधित पोस्ट

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

तीसरा भारतीय टैंकर पहले ही सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है
विश्व

‘यूक्रेन’ के बाद ‘होर्मुज’ में भी दिखी तिरंगे की ताकत, हजारों टन LPG लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा शिवालिक, रास्ते में हैं Nanda Devi समेत भारतीय झंडे वाले दो टैंकर

16 March 2026

जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण Strait of Hormuz दुनिया की राजनीति का केंद्र बन गया है, तब भारत चुपचाप अपनी सबसे महत्वपूर्ण...

क्या मीनाब में ईरानी बच्चियों की सामूहिक कब्रें एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों की चेतना झकझोर सकेंगी?
विश्व

‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?

16 March 2026

साल 1969 की बात है, वॉशिंगटन के एक फ्रीलांस खोजी पत्रकार सीमोर हर्श किसी ख़बर की तलाश में थे, जिसे अखबारों में छपवाया जा सके,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited