TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज

    पेपर लीक, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सियासत तेज, पीएम मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की कही बात

    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

‘धूम मचा रही है भारत की विदेश नीति’, फिर भी जयशंकर के पीछे क्यों पड़े हैं वामपंथी?

अब तो ये लोग "पठान" फिल्म से जयशंकर को भारत की विदेश नीति सिखाने पर तुले हैं।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
1 February 2023
in मत
Left lobby’s trying to tarnish Jaishankar's reputation

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

क्रिकेट में स्लेजिंग तो आप सबने देखी या सुनी तो अवश्य होंगी, परंतु राजनीति में कभी स्लेजिंग सुनी है? इसका कांग्रेस से शत प्रतिशत नाता नहीं है, परंतु कुछ ऐसे लोग हैं, जो वामपंथी लॉबी के अपेक्षाओं के ठीक विपरीत होने के कारण उन्हें चैन से सोने भी नहीं देते और फिर राजनीतिक स्लेजिंग का सहारा लेते हैं, ताकि उनके हितों का विरोधी भ्रमित हो जाए, अपने कर्तव्य पथ से विमुख हो जाए और ऐसे ही एक व्यक्ति हैं हमारे विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर। इस लेख में हम जानेंगे कि कैसे सुब्रह्मण्यम जयशंकर के वर्तमान विचारों के कारण वामपंथी लॉबी हाथ धोकर पीछे पड़ी हुई है?

और पढ़ें: “भारत ने बालाकोट और उरी स्ट्राइक से दिखा दिया कि…” जयशंकर ने गलवान से लेकर अखंड भारत तक क्यों बोला?

संबंधितपोस्ट

पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, कई लोग घायल

S. Jaishankar के मजाकिया कमेंट पर फिनलैंड की विदेश मंत्री का रिएक्शन वायरल, बोले- ‘आपको ये नहीं कहना था

टीएमसी का कांग्रेस में विलय होगा या नहीं? घंटेभर की बैठक के बाद सामने आया बड़ा फैसला

और लोड करें

क्यों जयशंकर के पीछे पड़े वामपंथी? 

पिछले कई दिनों से सुब्रह्मण्यम जयशंकर विभिन्न कारणों से चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं और उतनी ही तत्परता से वामपंथी लॉबी भी इनके पीछे हाथ धोकर पड़ी हुई है। परंतु जयशंकर महोदय ने ऐसा क्या किया जो लगभग हर वामपंथी उनको निशाने पर ले रहा हैं? कारण बड़ा सरल है- जयशंकर द्वारा भारत की विदेश नीति का कायाकल्प एवं लगभग हर जटिल समस्या के लिए जयशंकर के पास एक उचित समाधान होना, जो वामपंथियों को फूटी आंख नहीं सुहा रहा है।

एक समय था, जब भारत अपने आप को एक “शांतिप्रिय देश” के रूप में प्रदर्शित था, जो गुट निरपेक्षता का कट्टर समर्थक था। तत्कालीन पीएम नेहरू की इस ऊटपटांग नीति में कभी कोई बदलाव नहीं हुआ और यदि कोई अन्य सरकार आई, तो उसने भी कोई क्रांतिकारी परिवर्तन नहीं हुए। स्वयं एस जयशंकर भी कुछ देशों को बतौर राजदूत अपनी सेवाएं दे चुके थे। ऐसे में जब 2019 में सुषमा स्वराज के स्थान पर उन्हें को विदेश मंत्री बनाया गया, तो अधिकतम राजनीतिक विश्लेषकों, विशेषकर वामपंथियों का मानना था कि वे कुछ खास नहीं करेंगे और पीएम मोदी ही परदे के पीछे से समस्त कार्यभार संभालेंगे।

और पढ़ें: एस. जयशंकर ने चीन-पाकिस्तान के साथ पश्चिमी देशों को ऐसा कूटा कि वो याद रखेंगे

भारत की विदेश नीति में परिवर्तन

परंतु वो कहते हैं न, जो दिखता है, आवश्यक नहीं कि वही हो। एस जयशंकर ने भारत की विदेश नीति संभालते हुए उसमें ऐसे क्रांतिकारी परिवर्तन किये कि सब के सब आश्चर्यचकित रह गए। जो भारत कल तक पाकिस्तान छोड़िए, नेपाल से भी सीधे मुंह बात करने से कतराता था, वो अचानक से चीन सहित अमेरिका तक को प्रत्यक्ष तौर पर चुनौती देने लगा। रूस-यूक्रेन युद्ध में अमेरिका ने सभी हथकंडे अपनाए, यहां तक कि भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की धमकी भी दी, परंतु एस जयशंकर के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति टस से मस नहीं हुई।

इसके अतिरिक्त एस जयशंकर उन सभी नीतियों का अक्षरश: पालन करते हैं, जिसके आधार पर पीएम नरेंद्र मोदी भारत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। चाहे अपनी संस्कृति से समझौता न करना हो, या फिर शत्रु को ऐसा उत्तर देना कि वे प्रत्युत्तर देने योग्य न रहे, जयशंकर लगभग सभी में निपुण है। हाल ही में उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर कूटनीति सीखनी है, तो पवनपुत्र हनुमान और योगीराज श्रीकृष्ण से सीखे, जो अपने आप में संसार के सर्वप्रथम राजनयिकों में से एक थे। उनका ध्येय स्पष्ट था- अब कोई भी देश, चाहे वो पाकिस्तान हो या फिर अमेरिका, भारत को हल्के में लेने की भूल कदापि न करें।

और पढ़ें: जयशंकर को ज्ञान देने चले थे राहुल गांधी और केजरीवाल, लग गई

इसीलिए चिढ़े हुए हैं वामपंथी

अब ऐसा व्यक्ति यदि भारत को आगे बढ़ाएगा, तो हमारे वामपंथी बंधु तो कतई न प्रसन्न होने वाले और हुआ भी वही। हाल ही में जयशंकर के उक्त बयान को लेकर द हिन्दू के एक पत्रकार ने आवश्यकता से अधिक होशियारी दिखाते हुए कटाक्ष किया, “IFS के किस बैच से ये लोग थे सर?” परंतु यह दांव उल्टा पड़ा और उस पत्रकार को जमकर गालियां तो मिली ही, साथ ही साथ द हिन्दू के एडिटोरियल समूह ने भी इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इनके विचारों से हमारा कोई संबंध नहीं।

परंतु बात केवल यहीं तक थोड़ी न सीमित है। जिस प्रकार हिंडनबर्ग रिसर्च के एक आधे अधूरे रिपोर्ट के पीछे लोग गौतम अडानी को घेरे में ले रहे हैं, ठीक उसी प्रकार वामपंथी अब एस जयशंकर को उनके मुखर, राष्ट्रवादी विचारों के लिए आड़े हाथ ले रहे हैं। अभी हाल ही में जब जयशंकर ने राहुल गांधी को उनके अधकचरे विचारों, विशेषकर चीन के साथ हमारी नीतियों पर क्लास लगाई, तो राहुल गांधी के चमचा प्रमुख और कभी यूपीए सरकार में मंत्री रहे जयराम रमेश बिदक गए और वे लगे एस जयशंकर को खरी खोटी सुनाने।

जयराम रमेश DDLJ का उदाहरण देते हुए कहते हैं, “इन दिनों सरकार DDLJ मोड में है, यानी Deny, Distract, Lie, Justify। DDLJ के केंद्र सरकार वाले वर्जन में विदेश मंत्री एस जयशंकर लीड रोल में हैं।”

परंतु ये साहब उतने पे न रुके। आगे कहते हैं, “लद्दाख में चीनियों की घुसपैठ पर भारत सरकार जो नीति अपना रही है, वो DDLJ पॉलिसी है। कांग्रेस पार्टी पर विदेश मंत्री का बयान, साफ तौर पर चीन पर मोदी सरकार की असफलता से ध्यान हटाना है। सबसे ताजा खुलासा यह है कि मई 2020 से अब तक भारत ने 65 में से 25 पेट्रोलिंग स्टेशन खो दिए हैं।

फैक्ट यह है कि 1962 से अब तक के बीच कोई तुलना नहीं है, जब भारत ने अपनी जमीनों को बचाने के लिए जंग लड़ी थी। 2020 के बाद भारत ने चीन की घुसपैठ को चुपचाप स्वीकार कर लिया और डिसइंगेजमेंट के नाम पर इसे नकार भी दिया। इस दौरान भारत ने अपनी हजारों किलोमीटर जमीन खो दी। 2017 में जब राहुल गांधी ने चीन के एम्बेसडर से मुलाकात की थी, तब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने उनके खिलाफ ओछी बयानबाजी की थी। क्या विपक्ष के नेता किसी ऐसे देश के राजदूत से नहीं मिल सकते, जो व्यापार, निवेश, सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो?”

और पढ़ें: ‘भारत को ज्ञान न दे’, पश्चिमी देशों के व्यवहार पर दिखा जयशंकर का ‘रौद्र रूप’

द प्रिंट ने पठाने देखने की सलाह दे डाली

पर छोड़िए, ये तो जयराम रमेश ठहरे, इनका ऐसे बकैती करना स्वाभाविक भी है। परंतु द प्रिन्ट तो इनसे भी दस कदम आगे निकलते हुए जयशंकर को “पठान” देखने का सुझाव देने लगा। इनके अनुसार, “यदि जयशंकर को मोदी के विचारों को आगे ही बढ़ाना है, तो उन्हे ‘पठान’ देखने की सख्त आवश्यकता है, क्योंकि यह भारत-पाक संबंधों को एक अलग दृष्टिकोण से देखती है।”

तो मतलब हमारे वर्तमान विदेश मंत्री इतने अपरिपक्व हैं कि इनको एक ऐसी फिल्म को देखने की आवश्यकता पड़ेगी, जिसका न कोई सर है पैर, और उसका एजेंडा भी इतना अधपका है कि आप क्रोधित होने के बजाए हंस पड़ोगे। ऐसे में ये कहना गलत नहीं है कि सुब्रह्मण्यम जयशंकर के पीछे जिस प्रकार से वामपंथी लॉबी अभी हाथ धोकर पड़ी है, उसका एक ही उद्देश्य है, जयशंकर को कैसे भी करके नीचे दिखाना, चाहे स्वयं की लंका क्यों न लगे।

और पढ़ें: “हमें हिंदू राष्ट्रवादी बताते हैं, अपने देश को ईसाई राष्ट्रवादी क्यों नहीं?” जयशंकर ने चीन का नाम लेकर राहुल को ढंग से लपेट दिया

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: S JaiShankarकांग्रेसजयराम रमेशद प्रिन्टपठानवामपंथी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जब भरी सभा में दिलीप कुमार ने इंदिरा गांधी की निकाल दी थी हेकड़ी

अगली पोस्ट

हनुमान मंत्र इन हिंदी : पाठ एवं दोहा

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23

TRUMP'S PHARMA TARIFF SHOCK

00:03:54
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited