TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

लेफ्टिनेंट कर्नल हरीपाल कौशिक की वो कहानी जो आपके रोंगटे खड़े कर देगी

युद्ध भूमि से लेकर खेल के मैदान तक- भारत के 'नायक' की कहानी।

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
18 February 2023
in इतिहास, प्रीमियम
हरीपाल कौशिक

Source: SportsKeeda

Share on FacebookShare on X

लेफ्टिनेंट कर्नल हरीपाल कौशिक की कहानी: भारत और पाकिस्तान के बीच में आधिकारिक रूप से चार युद्ध लड़े गए: 1948, 1965, 1971 एवं 1999। परंतु अनाधिकारिक रूप से, कई मोर्चों पर दोनों ही देश आपस में भिड़ते रहे हैं, जिसमें 2016 एवं 2019 की झड़प कोई नहीं भूल सकता।

परंतु एक ऐसा ही मोर्चा था, जहां पर पाकिस्तान और भारत एक नहीं, अनेक बार भिड़े, 1964 में ये भिड़ंत टोक्यो के कोमाज़ावा मैदान पर हुई थी, जहां हाथों में बंदूक नहीं, हॉकी स्टिक थे, और लक्ष्य था ओलंपिक गोल्ड मेडल। यह एक प्रतियोगिता नहीं बल्कि युद्धभूमि अधिक प्रतीत हो रही थी, इस युद्ध में भारत विजयी हुआ और अपना 7वां ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

लेफ्टिनेंट कर्नल हरीपाल कौशिक की कहानी

इस टीम की टोक्यो यात्रा से लेकर इस टीम के हर सदस्य की अपनी एक अनोखी कहानी थी, जिसे अगर परदे या कागज़ पर उतारो तो जाने कितनी वाहवाही बटोरे। ऐसे ही एक नायक थे लेफ्टिनेंट कर्नल हरीपाल कौशिक।

इस लेख में आप पढ़ेंगे लेफ्टिनेंट कर्नल हरीपाल कौशिक के बारे में जो न केवल एक उत्कृष्ट हॉकी खिलाड़ी थे, अपितु उतने ही दृढ़निश्चयी योद्धा भी थे।

हरीपाल कौशिक का जन्म जालंधर के निकट खुसरोपुर गाँव में 2 फरवरी 1934 को हुआ था। वो हॉकी के प्रति बचपन से ही आकर्षित थे और कुछ भी करके इससे जुड़ना चाहते थे।

उनकी मेहनत सफल हुई और उन्होंने 1956 में मेलबर्न ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया। वो लगातार 6 ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय हॉकी टीम का भाग भी बने।

और पढ़ें: वीर आल्हा-ऊदल की अनकही कहानी

हरीपाल कौशिक बने सेना का भाग

इसके बाद हरीपाल कौशिक 1959 में भारतीय सेना का भाग बने और उन्हे सिख रेजिमेंट में पोस्ट किया गया। 1960 के रोम ओलंपिक का भी वे हिस्सा बने पर उन्हे अधिकतम समय बेंच पर ही बिठाए रखा।

इस ओलंपिक में लगभग अजेय रहे भारत को फाइनल में ज़ोर का झटका, जब नसीर अहमद ने एक अवसर का लाभ उठाया और गेंद भारतीय गोलपोस्ट में फ्लिक की, जिसे गोलकीपर शंकर लक्ष्मण चाहकर भी नहीं रोक पाए, और 6 बार की चैंपियन को इस बार रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।

इसी बीच 1962 में भारत पर संकट आ पड़ा, जब चीन ने पूर्वोत्तर भारत के अनेकों पोस्ट्स पर आक्रमण कर दिया। भारत और चीन के बीच युद्ध प्रारंभ हो गया और इसी बीच हरीपाल कौशिक भी युद्धभूमि पहुँच गए।

मूल तौर पर खिलाड़ियों का युद्ध में भाग लेना अवश्यंभावी नहीं था पर हरीपाल ने ठान लिया और वे मोर्चे पर पहुंचकर ही माने। 23 अक्टूबर 1962 को जब चीन ने अरुणाचल में टोंगपेन ला के मोर्चे पर हमला किया, उस वक्त वहाँ 1 सिख रेजिमेंट की एक बटालियन भी तैनात थी, जिसमें हरीपाल भी सम्मिलित थे।

पर्याप्त शस्त्र तो छोड़िए, सैकड़ों की तादाद में आक्रमण कर रहे चीनी सैनिकों से भिड़ने वाले भारतीय जवानों के पास ठंड से बचने हेतु पर्याप्त कपड़े भी नहीं थे। परंतु इन सब कठिनाइयों को ताक पर रखते हुए 1 सिख रेजिमेंट के जवानों ने डटकर शत्रुओं का सामना किया और उन्हे बढ़त नहीं बनाने दी।

 

हरीपाल कौशिक वीर चक्र से सम्मानित

जहां हरीपाल ने आवश्यक शस्त्रों एवं आयुध को चीनियों की पहुँच से दूर रखा एवं अपनी तोपों की भी रक्षा की तो वहीं फॉरवर्ड प्लाटून के कमांडर, सूबेदार जोगिंदर सिंह साहनन ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए करीब 20 जवानों के साथ सैकड़ों चीनी सैनिकों पर टूट पड़े, और तब तक लड़े, जब तक वे मरणासन्न नहीं हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।

और पढ़ें: “इस बैठक के बाद स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीर बदल गई”, वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने क्या बातचीत की थी?

इस अदम्य साहस के लिए जोगिंदर सिंह को मरणोपरांत जहां देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया, तो वहीं तत्कालीन लेफ्टिनेंट हरीपाल कौशिक को देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन सम्मान वीर चक्र से सम्मानित किया गया।

परंतु हरीपाल इससे अधिक प्रसन्न नहीं थे, क्योंकि उनके कई मातहत इस युद्ध में मारे गए थे। उन्हे एक अवसर चाहिए था, अपने आप को सिद्ध करने का और यह अवसर मिला 1964 में टोक्यो ओलंपिक के रूप में। केवल एक ओलंपिक जीतने से पाकिस्तान का भाव सातवें आसमान पर चढ़ गया। दूसरी तरफ जब भारत ने कुछ अभ्यास मैच हारे, तो मीडिया ने यह प्रचारित करना प्रारंभ किया कि ओलंपिक में पदक की आशा छोड़ ही दीजिए।

परंतु भारतीय टीम ने इस नकारात्मक अभियान को अपने पक्ष में लेते हुए अपने खेल से इन्हे मुंहतोड़ जवाब देने की ठान ली। जर्मनी और स्पेन से ड्रॉ कराने के बाद टीम इंडिया ने हर टीम पर ताबड़तोड़ धावा बोला और अपने बाकी सभी मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

ऑस्ट्रेलिया से एक गोल से पिछड़ने के बाद भी भारतीय टीम ने पराजय नहीं मानी और विपक्षी टीम के डिफेंस पर ताबड़तोड़ धावा बोलते हुए भारत ने 3-1 से मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। इस पूरे समय हरीपाल ने रक्षण एवं टीम की एकता में कप्तान चरणजीत सिंह का भरपूर साथ दिया।

पाकिस्तान को सिखाया सबक

अब फाइनल में पुनः भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। ये एक प्रतियोगिता कम और युद्धभूमि अधिक प्रतीत हो रही थी और कई बार ऐसे अवसर भी आए जब लगा कि खिलाड़ी अभी हॉकी स्टिक त्यागकर हाथापाई पे उतर आएंगे।

और पढ़ें: कुतुबुद्दीन ऐबक को जमीन पर पटक कर, उसे कूच-कूच कर मार डालने वाले घोड़े शुभ्रक की कहानी

परंतु सेकेंड हाफ में हरीपाल का दांव रोकने में पाकिस्तानी कप्तान मुनीर डार ने गलती कर दी और भारत को शॉर्ट कॉर्नर जिसे अब पेनाल्टी कॉर्नर कहा जाता है, मिला। जिसे मोहिन्दर लाल ने गोल में परिवर्तित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यह मैच का एकमात्र गोल था और फाइनल सीटी बजने पर भारत के दर्शक खुशी से झूम पड़े। यह भारत का सातवाँ ओलंपिक गोल्ड मेडल था।

हरीपाल ने भारत को एशियाई खेल 1966 में उसका प्रथम स्वर्ण पदक दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जहां टोक्यो ओलंपिक के एक अन्य नायक, और गोलकीपर शंकर लक्ष्मण टीम के कप्तान थे।

परंतु दोनों ही खिलाड़ियों को मेक्सिको ओलंपिक 1968 के लिए नहीं चुना गया और दोनों ही खिलाड़ियों को एक एक करके सन्यास लेने को विवश होना पड़ा। आज यदि के एल राहुल जैसे क्रिकेटर सांस ले ले, तो वो भी खबर बन जाती थी, परंतु इतनी अभूतपूर्व विजय एवं उसके नायकों को अब भी उनका उचित सम्मान नहीं मिला।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Lt. Col. Haripal Kaushikभारतीय हॉकी ओलंपिकहरीपाल कौशिक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

हिंदी को वैश्विक भाषा बनाने के लिए निकल पड़े हैं विदेश मंत्री एस. जयशंकर

अगली पोस्ट

वामपंथियों के सरगना जॉर्ज सोरोस मोदी विरोध में उल्टियां क्यों कर रहे हैं?

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited