TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

सीआईए जासूस रबिन्दर सिंह की अनकही कथा, जो न घर का रहा न घाट का!

ट्रुथ इज स्ट्रेंजर दैन फिक्शन!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
29 September 2023
in ज्ञान
सीआईए जासूस रबिन्दर सिंह की अनकही कथा, जो न घर का रहा न घाट का!
Share on FacebookShare on X

आपने इन कथनों को कहीं न कहीं सुना या पढ़ा होगा, “Karma is watching” या “Truth is stranger than fiction”? सुनने में ये बड़े प्रभावी लगते थे, पर कइयों को, यहाँ तक कि मुझे भी इन कथनों के प्रभाव का पूर्ण आभास नहीं था, जब तक मैंने हाल ही में ‘ख़ुफ़िया’ फिल्म का ट्रेलर नहीं देखा. कहने को ये फिल्म सच्ची घटनाओं पे आधारित एक थ्रिलर है, जहाँ एक जासूस हमारे देश के साथ विश्वासघात करता है, परन्तु एक ऐसी राह पर चलता है, जहाँ से वापसी लगभग असम्भव है! इस कथा को जानकर मन में सर्वप्रथम प्रश्न यही आया : कहीं इसे पहले भी सुना या देखा था? उत्तर एक ही था : हाँ!

‘ख़ुफ़िया’ कोई साधारण कथा नहीं है। यह रबिंदर सिंह के जीवन की कथा है, जिसने अपने देश के साथ गद्दारी की, लेकिन ऐसा करते हुए उसने अपने सम्मान, अपने सपनों और अंततः अपने जीवन नष्ट कर दिया। वह सीआईए में चले गए, परन्तु जो उसे चाहिए था, वह उसे कभी मिला। उसका अंत एक ऐसे व्यक्ति के रूप में हुआ, जो न घर का रहा, न ही घाट का! आज हम कथा बताएँगे उसी रबिन्दर सिंह की, जिसका लोभ ही उसके विनाश का कारण बना!

संबंधितपोस्ट

लेह–लद्दाख में उभरते आंदोलन: स्थानीय असंतोष और राष्ट्रीय चिंताएं

“गवांर हो तभी बॉर्डर पे भेज दिए गए हो”: सैनिकों का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान

“पाकिस्तान घर जैसा है”: सैम पित्रोदा और कांग्रेस की पाकिस्तान नीति पर विवाद

और लोड करें

कौन था रबिंदर सिंह?

तो कौन था रबिन्दर सिंह? कैसे वह एक आम सरकारी कर्मचारी से सीआईए के दलाल में बदल गया?

इसके लिए हमें उसके अतीत में झांकना होगा। अब रबिंदर सिंह की यात्रा एक सेना अधिकारी के रूप में प्रारम्भ हुई, जहाँ वे मेजर के पद पर सेवानिवृत्त हुए। हालाँकि, सशस्त्र बलों के दायरे में उनकी प्रतिष्ठा कम थी। शायद इसीलिए उन्होंने विदेश मंत्रालय में एक आरामदायक सरकारी पद चुना, जहां उनकी प्रतिभा, या उसकी कमी, उतनी ध्यान देने योग्य नहीं होगी। धीरे धीरे रबिन्दर रॉ की ओर आकृष्ट हुए । फिर भी, अपनी सैन्य पृष्ठभूमि और योग्यता के बावजूद, रबिंदर सिंह को सामान्य डेस्क नौकरियों में धकेल दिया गया। उन्हें प्रारम्भ में कोई गंभीरता से लेता भी नहीं था, परन्तु एक दिन…

कब और क्यों रबिंदर ने किया देश से विश्वासघात?

तो फिर ऐसा अदृश्य, जो रबिन्दर सिंह सीआईए का ‘ख़ास’ बन गया? क्या यह व्यक्तिगत द्वेष, अपने जीवन के प्रति गहरे असंतोष से प्रेरित था, या उसे “हनी ट्रैप” जैसी रणनीति के माध्यम से फंसाया गया था? आज भी इसका स्पष्ट शायद ही किसी को पता होगा, परन्तु एक बात स्पष्ट है : यह 1990 के दशक की शुरुआत में सीआईए की एक महिला केस अधिकारी के हाथों दमिश्क या हेग में स्थित रॉ स्टेशन पर हुआ हो सकता है। कुछ लोगों का सुझाव है कि रबिंदर सिंह, अपनी समृद्ध पृष्ठभूमि के साथ, सीआईए के लिए एक आसान टार्गेट नहीं थे। इसके बजाय, उसकी भर्ती एक सावधानीपूर्वक आयोजित, लंबा मामला प्रतीत हुआ, जिसमें हनी ट्रैप का घातक आकर्षण शामिल था।

और पढ़ें: हमें खंडित मंदिरों का उद्धार करना है, “वर्ल्ड हेरिटेज” की भीख नहीं मांगनी!

सीआईए के गुप्त संरक्षण के तहत, रबिंदर सिंह को अपने आकाओं से सीधे संपर्क किए बिना दस्तावेजों को प्रसारित करने में सावधानीपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त हुआ। विदेशी पोस्टिंग से लौटने पर भी ये गुप्त व्यवस्थाएँ जारी रहीं। विशेष रूप से, नेपाल की उनकी लगातार यात्राओं ने संदेह पैदा किया, सीआईए एजेंटों के साथ गुप्त मुलाकात और भुगतान की प्राप्ति का सुझाव दिया।

हालाँकि, उनकी बढ़ती संपत्ति ही एकमात्र खतरे का संकेत नहीं थी। संदेह तब बढ़ गया जब रबिंदर सिंह की दस्तावेजों की फोटोकॉपी करने की नियमित आदत असामान्य आवृत्ति के साथ होने लगी। इस विशिष्ट व्यवहार पर उनके कुछ साथी R&AW एजेंटों का भी ध्यान गया, परन्तु बिना ठोस दस्तावेज़ों के वे उसे हाथ भी नहीं लगा सकते थे।

रॉ के पूर्व उच्चाधिकारी अमर भूषण के अनुसार, जिन्होंने बाद में इसी विषय पर ‘एस्केप टू नोव्हेयर’ नामक पुस्तक लिखी, रबिंदर सिंह की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद रॉ के काउंटर इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी डिवीजन (सीआईएस) की निगरानी तेज़ हो गई। सीआईए की संबद्धता दिसंबर 2003 में सामने आई। जनवरी 2004 में सीआईएस ने गुप्त रूप से उनके कार्यालय और डिफेंस कॉलोनी स्थित उनके आवास पर तार लगा दिए, जिससे चौंकाने वाला सच सामने आया – कि रबिंदर सिंह न केवल एजेंसी के भीतर विभिन्न स्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्र कर रहे थे, बल्कि गुप्त रूप से इसे सीआईए को आगे बढ़ा रहे थे।

न घर का रहा, न घाट का!

“वाशिंगटन की सुबह के भयानक अंधेरे में, रवि मोहन और उनकी पत्नी, विजिता, डलेस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। सुबह के 3:40 बज रहे थे और जैसे ही वे विमान से उतरे, पैट्रिक बर्न्स नाम का एक व्यक्ति उनका इंतजार कर रहा था। जल्दबाजी में परिचय देकर, वह उन्हें दूर ले गया, कुशलतापूर्वक आप्रवासन और सीमा शुल्क को दरकिनार करते हुए, उन्हें मैरीलैंड के एकांत जंगल के बीचोंबीच ले गया। वहां, दुनिया से छिपकर, भगोड़े छाया के रूप में अपने नए जीवन का इंतजार कर रहे थे”।

यह सिर्फ एक उपन्यास का एक अंश नहीं है; यह रबिंदर सिंह की भयावह वास्तविकता थी, एक ऐसा व्यक्ति जिसने अपने विश्वासघात के लिए भारी कीमत चुकाई।
कई लोगों को ये संदेह था कि रबिन्दर सिंह के वापस न आने पाने में तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, ब्रजेश मिश्रा की भी भूमिका थी. उन्होंने सीआईए सहयोग के बारे में जानने के बाद भी कथित तौर पर जानबूझकर रबिंदर की गिरफ्तारी में देरी की थी। सूत्रों ने संकेत दिया कि मिश्रा ने कोई कार्रवाई नहीं की और ऐसा करके सीआईए को एक सफल जासूसी तख्तापलट को अंजाम देने की अनुमति दी, जिससे उनके नेटवर्क को उजागर होने से बचाया जा सके।

और पढ़ें: “सोमनाथ मंदिर को तोड़कर गजनवी ने कुछ गलत नहीं किया”, ऐसे बयानों को आप जानते हैं लेकिन ये क्यों दिए जाते हैं यह जान लीजिए

परन्तु अमर भूषण ऐसा नहीं मानते. उनकी माने तो निस्संदेह रबिन्दर का सीआईए एजेंट निकलना रॉ के लिए झटका था, परन्तु उसे ऐसे क्षितिज पर छोड़ दिया गया, जहाँ से वह या तो अपने ही साथियों द्वारा मारा जा सकता था, या फिर उन्ही का हो जाता, जिसके कारण उसने भारत से विश्वासघात करने की सोची भी. ये निर्णय सरल नहीं था, पर अमर भूषण सहित उच्चाधिकारियों के पास संभवत कोई अन्य विकल्प भी नहीं बचा था.

रबिंदर सिंह की विश्वासघाती यात्रा के लिए उसे कोई पुरस्कार नहीं मिले। जासूसी की गलाकाट दुनिया में, उसने अपने आकाओं के लिए अपनी उपयोगिता खो दी थी। शायद इसीलिए ख़ुफ़िया में एक संवाद है, “ज़िंदा आदमी बस एक मांस का टुकड़ा है आप लोगों के लिए, जब तक काम आये, तब तक एसेट, वरना लायबिलिटी!: संयुक्त राज्य अमेरिका में जीवन उस ग्लैमरस अस्तित्व से बहुत दूर था जिसकी रबिंदर ने कल्पना की होगी।

इस दुखदायी यात्रा का अंत 2016 में हुआ, जब ये सामने आया कि मैरीलैंड में एक दुखद सड़क दुर्घटना ने रबिन्दर सिंह की जान ले ली, और इसके साथ ही, उसका केस परमानेंटली बंद हो गया। रबिंदर सिंह की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि जासूसी किस हद तक सबसे सुरक्षित संगठनों और मानव प्रेरणा के स्थायी रहस्य में भी प्रवेश कर सकती है। उनकी कहानी जटिल है, परन्तु मानव विकल्पों की अप्रत्याशित प्रकृति और राष्ट्रों और जीवन पर उनके गहरे प्रभाव का एक प्रमाण है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: CIA moleclassified informationCounterintelligenceCovert OperationsDouble agentEspionageEspionage caseEspionage mysteryintelligenceIntelligence agenciesIntelligence communityNational security.Rabinder SinghSpy thrillerUndercover agent
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कर्णम मल्लेश्वरी: भारत की ऐसी नायिका जिसे अब भी उनका उचित सम्मान नहीं मिला

अगली पोस्ट

नाना पाटेकर: कमबैक हो तो ऐसा!

संबंधित पोस्ट

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों
इतिहास

दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

7 July 2026

कहते हैं संयोग और चमत्कार इस दुनिया में होते हैं। कुछ ऐसा ही मेरे साथ भी घटित हुआ। एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक के अनुवाद कार्य में...

राम मंदिर चढ़ावा विवाद
चर्चित

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

30 June 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद साधु-संत समाज की भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। श्रीराम...

शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक
इतिहास

ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

26 June 2026

भारत के सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए छह जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए हैं। इन सभी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited