TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अनिल अंबानी के अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी।

एक समय दुनिया के छठे सबसे धनाढ्य व्यक्ति रहे अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। उन्हें ताजा झटका उच्चतम न्यायालय के फैसले से लगा है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
11 April 2024
in चर्चित, व्यवसाय, व्यापार
रिलायंस इंफ्रा,अनिल अंबानी, सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली मेट्रो,दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लि.
Share on FacebookShare on X

एक समय दुनिया के छठे सबसे धनाढ्य व्यक्ति रहे अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। उन्हें ताजा झटका उच्चतम न्यायालय के फैसले से लगा है। फैसले में उनके समूह की कंपनी को 8,000 करोड़ दिये जाने के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के निर्णय को खारिज कर दिया गया है। 

अंबानी 2008 में दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे लेकिन बार-बार लगते झटकों के कारण उनकी स्थिति बदल गयी और अब वह धनाढ्यों की सूची से बाहर हैं। अमेरिका के व्हार्टन स्कूल से एमबीए करने वाले 64 वर्षीय अनिल अंबानी चर्चित उद्योगपति धीरूभाई अंबानी के छोटे पुत्र हैं। वह अपने सफल कारोबारी कौशल के मामले में तेजतर्रार स्वभाव के जाने जाते थे। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री टीना मुनीम से शादी की और दो साल तक राज्यसभा सदस्य रहे।

संबंधितपोस्ट

NCERT किताब विवाद के बीच केंद्र ने मांगी माफी , CJI ने काउंसिल पर कड़ा रुख अपनाया

ट्रंप का टैरिफ ड्रामा : कोर्ट के झटके के बाद नया आदेश 10% ग्लोबल टैरिफ का किया ऐलान

जनआंदोलन के बाद ‘जनादेश’ की बारी: नेपाल की राजनीतिक संरचना की निर्णायक परीक्षा



और लोड करें

कारोबार में लगे कई झटके

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में उन्हें अपने कारोबार में कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। इन झटकों ने उन्हें अरबपतियों की सूची से बाहर कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लि. (DAMEPL) के पक्ष में दिये गये 8,000 करोड़ रुपये के मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को रद्द कर दिया। 

यह निर्णय 2008 में डीएएमईपीएल (अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडियरी कंपनी) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बीच हुए ‘रियायती समझौते’ से उत्पन्न विवाद के मामले में था। न्यायालय ने डीएएमईपीएल को मध्यस्थता फैसले के अनुसार, दिल्ली मेट्रो रेल द्वारा पहले भुगतान की गई सभी रकम वापस करने को कहा। डीएमआरसी ने रिलायंस इन्फ्रा की इकाई को 3,300 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। इसे अब वापस करना है।

और पढ़े:- राष्ट्रविरोधी तत्वों की प्रयोगशाला बनता जा रहा उत्तराखंड

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने क्या कहा

अनिल अंबानी की रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से उसपर कोई देनदारी नहीं बनती है। कंपनी ने कहा, “रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर यह स्पष्ट करना चाहती है कि न्यायालय के 10 अप्रैल, 2024 को पारित आदेश में कंपनी पर कोई दायित्व नहीं डाला गया है और कंपनी को मध्यस्थता निर्णय के तहत डीएमआरसी/डीएएमईपीएल से कोई पैसा भी नहीं मिला है।’’ डीएएमईपीएल भले ही रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडियरी कंपनी है। यह एक अलग इकाई है और देनदारी उसपर आती है।

दोनों भाइयों के बीच विवाद

धीरूभाई को साल 1986 में दौरा पड़ने के बाद अनिल ने अपने पिता की देखरेख में रिलायंस के वित्तीय मामलों को संभाला था। अपने पिता की 2002 में मृत्यु के बाद उन्होंने और उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी ने रिलायंस कंपनियों को संयुक्त रूप से संभाला। लेकिन जल्द ही उनके बीच नियंत्रण को लेकर विवाद शुरू हो गया। 

परिणामस्वरूप कारोबार का विभाजन हो गया। मुकेश को कंपनी का प्रमुख कारोबार तेल और पेट्रो रसायन की जिम्मेदारी मिली जबकि अनिल ने 2005 के विभाजन के जरिये दूरसंचार, बिजली उत्पादन और वित्तीय सेवाओं जैसे नये कारोबार का नियंत्रण हासिल किया।

जियो ने सबको छोड़ दिया पीछे

इसके बाद भी दोनों भाइयों के बीच विवाद खत्म नहीं हुआ। दोनों के बीच मुकेश की कंपनी से अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह के बिजली संयंत्र को गैस की आपूर्ति को लेकर विवाद हुआ। बड़े भाई ने उच्चतम न्यायालय में मामला जीता। इसमें कहा गया कि पारिवारिक समझौता सरकार की आवंटन नीति को खत्म नहीं कर सकता। अनिल ने बुनियादी ढांचा, रक्षा और मनोरंजन कारोबार में विस्तार के लिए कर्ज लिया। 

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2009 में अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह द्वारा उत्तर प्रदेश के दादरी में प्रस्तावित वृहद गैस-आधारित बिजली परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को रद्द कर दिया। भाइयों के बीच गैर-प्रतिस्पर्धा उपबंध ने मुकेश को दूरसंचार से दूर रखा लेकिन 2010 में इस प्रावधान को समाप्त कर दिया गया। 

इसके बाद मुकेश ने इस क्षेत्र में तेजी से वापसी की। उन्होंने 4जी वायरलेस नेटवर्क बनाने के लिए अगले सात साल में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया। इससे अनिल की रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) सहित कई कंपनियां प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गयीं। 

इसके साथ ही 2005 में एडलैब्स और 2008 में ड्रीमवर्क्स के साथ 1.2 अरब डॉलर के सौदे के साथ मनोरंजन कारोबार में उनका उद्यम सफल नहीं रहा। 2014 में उनकी बिजली और बुनियादी ढांचा कंपनियां भारी कर्ज में डूब गई।

अनिल अंबानी पर हो गया काफी कर्ज

अनिल ने अपनी कुछ कंपनियों के ऊपर कर्ज को लेकर निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए संपत्तियां बेचीं। उन्होंने बिग सिनेमा, रिलायंस बिग ब्रॉडकास्टिंग और बिग मैजिक जैसी कंपनियां बेचीं। देश में दूरसंचार क्रांति की शुरुआत करने वाली आरकॉम को कर्ज चुकाने के लिए दिवालिया कार्यवाही का सामना करना पड़ा। रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। 

रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के एरिक्सन एबी की भारतीय इकाई को 550 करोड़ रुपये का भुगतान करने में विफल रहने के बाद उच्चतम न्यायालय ने अनिल अंबानी को जेल में डालने की बात कही थी। न्यायालय ने उन्हें पैसा देने के लिए एक महीने का समय दिया। उस समय मुकेश अंबानी अपने भाई की मदद के लिए आगे आये थे। 

दिवालिया हुई रिलायंस कैपिटल

इतना ही नहीं तीन चीनी बैंकों ने 2019 में 68 करोड़ डॉलर के कर्ज चूक पर अनिल अंबनी को लंदन की अदालत में भी घसीटा था। इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना लि., चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक ऑफ चाइना ने 2012 में उनके समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस को इस शर्त पर 92.5 करोड़ डॉलर का ऋण देने पर सहमति व्यक्त की थी कि वह व्यक्तिगत गारंटी प्रदान करेंगे। 

आरकॉम के कर्ज लौटाने में चूक के बाद तीनों बैंकों ने अंबानी पर मुकदमा किया। अनिल ने कहा कि वह व्यक्तिगत तौर पर गैर-बाध्यकारी पत्र मात्र देने के लिए सहमत हुए। उन्होंने कभी भी उनकी व्यक्तिगत संपत्ति से जुड़ी गारंटी नहीं दी। मामला अब भी अदालत में है। रिलायंस कैपिटल ने 24,000 करोड़ रुपये के बॉन्ड के मामले में चूक करने के बाद 2021 में दिवाला कार्यवाही के लिए आवेदन दिया है।

और पढ़ें:- गौतम नवलखा को चुकाने होंगे 1.64 करोड़, SC ने दिया आदेश।

Tags: Anil AmbaniDelhi Airport Metro Express Pvt Ltd.Delhi MetroReliance InfraSupreme Courtअनिल अंबानीदिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लि.दिल्ली मेट्रोरिलायंस इंफ्रासुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

दिल्ली दंगा: उमर खालिद ने प्रभावशाली लोगों के माध्यम से गढ़ा झूठा नैरेटिव

अगली पोस्ट

मंदी की संभावनाओं के बीच क्या मंदी को मात दे पाएगी भारतीय अर्थव्यवस्था?

संबंधित पोस्ट

रेलवे ने फर्जी वेंडरों पर कसा शिकंजा : QR कोड ट्रैकिंग और सख्त फूड सेफ्टी व्यवस्था लागू
चर्चित

रेलवे ने फर्जी वेंडरों पर कसा शिकंजा : QR कोड ट्रैकिंग और सख्त फूड सेफ्टी व्यवस्था लागू

19 March 2026

अनधिकृत वेंडिंग पर रोक लगाने और यात्रियों का भरोसा वापस जीतने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, इंडियन रेलवे ने ट्रेनों में काम करने...

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!
चर्चित

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!

19 March 2026

दिसंबर 2025 में स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद आदित्य थार और रणवीर सिंह एक बार फिर इसके सीक्वल...

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?
चर्चित

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

19 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited