TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    ‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    Rahul Gandhi का आकाशवाणी धरना: ECI ने खोली पूरी टाइमलाइन, 4 बजे तक मीटिंग की मांग क्यों नहीं आई?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    जब नेहरू वाली गलती दोहराने वाले थे लालबहादुर शास्त्री….

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नुपूर शर्मा के बयान को लेकर जिस जज ने उन्हें ठहराया था गलत, अब वो ही दे रहे बोलने की आजादी पर ज्ञान।

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्य कांत ने कहा है कि बोलने की आजादी की किसी भी तरह रक्षा की जानी चाहिए। इन्हीं जज ने नुपुर शर्मा को उनके बयान को लेकर फटकारा था।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
13 May 2024
in चर्चित, राजनीति
सुप्रीम कोर्ट, बोलने की आजादी, जस्टिस सूर्यकांत, नुपुर शर्मा, न्यायतंत्र
Share on FacebookShare on X

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि बोलने की आजादी की किसी भी तरह रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि इसके लिए सारे कदम उठाए जाने चाहिए। जस्टिस सूर्य कांत ने ही एक सुनवाई के दौरान पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा को जिहादियों द्वारा की गई हत्या का जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। बोलने की आजादी की वकालत करने वाले जस्टिस सूर्य कांत ने नुपुर शर्मा को उनके बयान पर माफी माँगने और डिबेट में हिस्सा लेने के लिए फटकारा था।

एक किताब के विमोचन के दौरान दिया बयान

एक किताब के विमोचन के दौरान जस्टिस सूर्य कांत ने कहा, “इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि बोलने की आजादी के अधिकार को किसी भी तरह बचाने की जरूरत है और हमें उस अधिकार की रक्षा के लिए सभी उपाय करने चाहिए। इसको रोकने के लिए अलग-अलग तरीकों से प्रयास हो सकते हैं, क्योंकि यह एक नई दुनिया है और लोग अलग प्रकार के तरीकों और तकनीकों खोजते रहते हैं जिससे बोलने की आजादी छीनी जा सके।”

संबंधितपोस्ट

बच्चों के लिए इंटरनेट मौलिक अधिकार, बैन समाधान नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने क्यों सुझाया सोशल मीडिया पर ‘चाइल्ड मोड’?

मंदिर प्रशासन में तमिलनाडु सरकार की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट के सवाल, कपालीश्वर मंदिर की मूर्ति से जुड़ा है मामला

SIR पर राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

और लोड करें

पत्रकारों को हो बोलने की आजादी

इसके बाद जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि मीडिया के लोगों को विशेषतः बोलने की आजादी हो। उन्होंने कहा, “विशेष रूप से, पत्रकारों और मीडिया के लिए अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए, चाहे जो भी संवैधानिक प्रतिबंध हों। इनसे परे, अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए।”

जहां वर्तमान में जस्टिस सूर्य कांत बोलने के अधिकार को बचाने की बात कर रहे हैं, वहीं वह आज से लगभग 2 वर्ष पहले पूर्व भाजपा प्रवक्ता के बोलने को लेकर ही सुप्रीम कोर्ट में आग बबूला हो गए थे। नुपुर शर्मा पर सुनवाई के दौरान उन्होंने बोलने को लेकर कई टिप्पणियां की थीं।

कन्हैला लाल की मौत का जिम्मेदार नुपुर को बताया था

जस्टिस सूर्य कांत ने उदयपुर में कन्हैया लाल का गला मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद द्वारा काटे जाने का जिम्मेदार नुपुर शर्मा को बताया था। जस्टिस सूर्य कांत ने नुपुर शर्मा पर देश में आग लगाने के आरोप लगाए थे। वर्तमान समय में बोलने की आजादी को बचाने की बात कहने वाले जस्टिस सूर्य कांत ने तब नुपुर शर्मा को उनके बोलने को लेकर माफ़ी माँगने को कहा था।

नुपूर देश की सुरक्षा के लिए खतरा

जस्टिस सूर्य कांत बोले थे कि नुपुर को खुद खतरा है या वो देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई हैं? जिस तरह उन्होंने देश में भावनाओं को भड़काया, उसके लिए और देश में जो कुछ हो रहा है उसके लिए उन्हें एकलौता जिम्मेदार माना जाना चाहिए। बोलने की आजादी पर बात करने वाले जस्टिस सूर्य कांत ने सुनवाई में यहां तक कह दिया था कि आखिर न्यूज चैनल ने किसी मुद्दे पर बहस रखी ही क्यों और उसमें नुपुर शर्मा ने उसमें बोला ही क्यों।

इसी सुनवाई में जस्टिस सूर्य कांत ने नुपुर शर्मा के बोलने की आजादी की तुलना गधे के खाने के अधिकार और घास के बढ़ने के अधिकार से कर दी थी। यहां जस्टिस सूर्य कांत ने यह भी कह दिया था कि मीडिया वालों के जैसे नुपुर शर्मा को बोलने की आजादी नहीं हो सकती।

इस बात पर जस्टिस सूर्य कांत खीझ गए थे कि नुपुर शर्मा को सलाखों के पीछे क्यों नहीं डाला गया। यह सभी टिप्पणियां उन्होंने नुपुर शर्मा की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की थीं। नुपुर शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिका लगाई थी कि उनके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज FIR को दिल्ली ट्रांसफर कर दिया जाए क्योंकि उनकी जान को खतरा है।

क्या नुपुर शर्मा का बयान

दरअसल, भाजपा प्रवक्ता की हैसियत से एक टीवी डिबेट शो में वाराणसी के ज्ञानवापी विवादित ढांचे में मिले शिवलिंग पर अपनी बात रख रहीं थी। इस दौरान लगातार शिवलिंग पर प्रश्न उठाए जाने के कारण एक मुस्लिम वक्ता से इस्लाम सम्बंधित एक बात कही थी। इसको लेकर बाद में कट्टरपंथियों ने खूब हंगामा किया था। नुपुर शर्मा को ‘सर तन से जुदा’ की धमकियां दी गई थीं। उनका सार्वजनिक रूप से बाहर निकलना अभी भी बंद है। नुपुर शर्मा ने इसको लेकर माफ़ी भी मांगी थी।

परिवार को झेलनी पड़ी कई समस्याएं

सुप्रीम कोर्ट की इन टिप्पणियों ने नुपुर शर्मा को ही हर चीज के लिए जिम्मेदार मान लिया था। इसके कारण उन्हें और उनके परिवार को काफी समस्याएं झेलनी पड़ी हैं। उन्हें लगातार सुरक्षा का खतरा बना हुआ है, वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पातीं। अब भी उनकी हत्या के लिए लगातार कट्टरपन्थी लगे हुए हैं और इसके लिए सुपारी दे रहे हैं।

जज की चिप्पणियों के बाद लोगों ने कहा इस बेंच को ‘शरिया कोर्ट’

गौरतलब है कि जस्टिस सूर्य कांत ने जहां नुपुर शर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणियां की थीं और जिहादियों द्वारा कन्हैया लाल के क़त्ल का जिम्मेदार उन्हें ही माना था, वहीं इन बातों का जिक्र आधिकारिक कोर्ट रिकॉर्ड में नहीं किया था। उनकी इन टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी डाली गई थी। इन टिप्पणियों को वापस लेने को कहा गया था। इन टिप्पणियों के कारण लोगों ने आलोचना करते हुए इस बेंच को ‘शरिया कोर्ट’ कहा था।

नुपुर शर्मा पर टिप्पणी करने वाली बेंच में शामिल जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस सूर्य कांत के विरुद्ध देश की बड़ी हस्तियों ने एक खुला पत्र भी लिखा था। 15 सेवानिवृत्त जजों, 77 रिटायर्ड नौकरशाहों और 25 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने खुला पत्र जारी कर के नूपुर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट के दोनों जजों की टिप्पणी को ‘दुर्भाग्यपूर्ण और गलत उदाहरण पेश करने वाला’ करार दिया था। उन्होंने लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट के दो जजों द्वारा की गई ताज़ा टिप्पणी ‘लक्ष्मण रेखा’ का उल्लंघन है और हमें इस पर बयान जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

यह बात भी ध्यान देने वाली है कि जस्टिस सूर्य कांत ने जजों को होने वाले खतरे की बात कही थी। 2021 में जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस एन वी रमन्ना की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा था कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) न्यायपालिका की बिलकुल भी सहायता नहीं करती। इस सुनवाई के दौरान बेंच ने अफसोस जताया था कि जांच अधिकारियों द्वारा जजों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता है।

ऐसे में इस बात पर अब प्रश्न उठ रहे हैं कि जजों की सुरक्षा की बात करने वाले और बोलने की आजादी को किसी तरह बचाने की वकालत करने वाले जस्टिस सूर्य कांत ने नुपुर शर्मा को खतरे में होने के बाद हिंसा का जिम्मेदार क्यों माना था और उनसे उनके बयान के लिए माफ़ी मांगने को क्यों कहा था।

और पढ़ें:- वैश्विक आलोचना के बाद अब नूपुर शर्मा को मिलने लगा है वैश्विक समर्थन

Tags: Freedom of SpeechjudiciaryJustice SuryakantNupur SharmaSupreme Courtजस्टिस सूर्यकांतनुपुर शर्मान्यायतंत्रबोलने की आजादीसुप्रीम कोर्ट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अजमेर में एक मौलाना की बच्चों ने की हत्या, नाबालिगों से करता था दरिंदगी

अगली पोस्ट

POK में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया क्यों नहीं कर रही चर्चा?

संबंधित पोस्ट

‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’
चर्चित

‘अराजकता’ को बढ़ावा देने की ढाल नहीं बन सकते ‘तिरंगा’ और अन्य ‘राष्ट्रीय प्रतीक’

17 October 2026

देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों एक अलग ही माहौल बना हुआ है। आये दिन कुछ न कुछ घटित हो रहा है। अब तिरंगा...

France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी
चर्चित

France Bans Pakistani Pilots: फ्रांस ने पाकिस्तानी पायलटों पर क्यों लगाया बैन? जानें Flydubai हमले और इजरायल कनेक्शन की पूरी कहानी

14 October 2026

30 सितंबर को Flydubai की दुबई-तेल अवीव उड़ान में हुए आतंकी हमले की कोशिश के बाद इजरायल ने विमानन सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए...

आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल
राजनीति

आंदोलन या सिर्फ सुर्खियां? नियमों के बावजूद राहुल गांधी का प्रदर्शन, फिर हिरासत; उठे बड़े सवाल

7 October 2026

दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कोई नई बात नहीं है। लोकतंत्र में सरकार, चुनाव आयोग या किसी भी संवैधानिक संस्था के खिलाफ आवाज उठाना विपक्ष का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35

Why Tejas Mk2 Matters: India’s Fighter Bridge Between 4th Gen jets and AMCA

00:04:59

How DRDO’s AIP Could Transform India’s Submarine Fleet

00:04:16
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited