TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

GST की तरह अब नए आपराधिक कानूनों पर फैलाई जा रही झूठी खबरें।

केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत नई आपराधिक कानून प्रणाली को कमजोर करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर एक प्रेरित प्रयास चल रहा है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
5 July 2024
in चर्चित, राजनीति, समीक्षा
जीएसटी, नए आपराधिक कानून, भारत सरकार, अमित शाह, झूठी खबरें
Share on FacebookShare on X

जुलाई 2017 में, जब केंद्र सरकार ने पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू की, तो इस नई कर व्यवस्था के खिलाफ गलत खबरों और अफवाहों का एक बवंडर उठ खड़ा हुआ। हर तरह की रिपोर्टें फैलाई गई कि “इस वस्तु पर अधिक कर लगेगा” और “उस वस्तु पर अधिक कर लगेगा”। सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स, जो पहले से ही झूठी खबरों के लिए कुख्यात हैं, ने इस माहौल को और बिगाड़ा। सरकार को कई बार हस्तक्षेप करके इन गलत खबरों का खंडन करना पड़ा और उन्हें प्रारंभिक अवस्था में ही रोकना पड़ा।

दोहराती हुई इतिहास

यह इतिहास अब फिर से दोहराया जा रहा है जब तीन आपराधिक कानून, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), देशभर में औपचारिक रूप से लागू किए गए हैं। सरकार के विरोधी तत्व फिर से सक्रिय हो गए हैं और सोशल मीडिया पर भय फैलाने का अभियान चला रहे हैं। हालांकि सरकार ने नई कानूनी प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं को समझाने के लिए बैठकें आयोजित की हैं, फिर भी सरकार चौंक गई है क्योंकि एक के बाद एक समूह नई व्यवस्था में अपने को पीड़ित के रूप में पेश कर रहे हैं।

संबंधितपोस्ट

अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस के आरोप तेज, बीजेपी ने राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों पर सवाल उठाने का लगाया आरोप

नेपाल में बाढ़ पर अमित शाह ने जताया दुख, कहा- संकट की घड़ी में भारत नेपाल के साथ

संसद में एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक, पीएम मोदी और अमित शाह समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे

और लोड करें

प्रथम झूठी खबर

जैसे ही नई कानूनी प्रणाली, जो देशभर के 650 से अधिक जिला न्यायालयों और 16,000 पुलिस स्टेशनों को कवर करती है, लागू हुई, पहली झूठी खबर फैलाई गई। हर जगह यह खबर थी कि नई प्रणाली के तहत पहला मामला नई दिल्ली के एक स्ट्रीट वेंडर के खिलाफ था। “स्ट्रीट वेंडर” शब्द का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना था कि नई प्रणाली गरीब और वंचितों के खिलाफ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह स्पष्ट करना पड़ा कि नए कानूनों का उस स्ट्रीट वेंडर के मामले से कोई संबंध नहीं है। लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था।

झूठी कहानियों की बाढ़

फिर एक और अभियान शुरू किया गया कि कानून बिना पर्याप्त समय सीमा के लागू किए गए। यह एक और भ्रामक मुद्दा था। बिल के लोकसभा में 9 घंटे और 29 मिनट और राज्यसभा में 6 घंटे की चर्चा के बाद पारित होने के बावजूद यह झूठ फैलाया गया। एक संसदीय समिति ने इस पर चर्चा की और सुझाव दिए, जिनमें से कई को शामिल किया गया। तीनों बिल, जो मौजूदा ब्रिटिश युग के आपराधिक कानूनों (भारतीय दंड संहिता, 1860; आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872) को बदलने के लिए लाए गए थे, बाद में 31 सदस्यीय संसदीय स्थायी समिति को भेजे गए। विशेषज्ञों और हितधारकों से परामर्श करने के बाद, पैनल ने नवंबर 2023 में इन बिलों पर अपनी रिपोर्ट अपनाई और 50 से अधिक बदलावों की सिफारिश की। संशोधित बिलों को दिसंबर 2023 में फिर से पेश किया गया और संसद में चर्चा की गई।

मेडिकल समुदाय का विरोध

मेडिकल समुदाय, जिसे जनता की सहानुभूति मिलती है क्योंकि उसका काम सभी के जीवन को सीधे प्रभावित करता है, को गलत खबरें फैलाने के लिए चुना गया। बीएनएस में चिकित्सा लापरवाही को ‘आपराधिक लापरवाही’ के दायरे में लाया गया है। वास्तव में, यह आम जनता के दृष्टिकोण से एक स्वागत योग्य कदम है। जब हर पेशा साबित लापरवाही की स्थिति में आपराधिक अभियोजन का सामना करता है, तो चिकित्सा पेशे को बाहर छोड़ना अनुचित और संभवतः अवैध है।

गलत सूचनाओं का प्रचार

दरअसल, मेडिकल पेशे को कुछ छूट की आवश्यकता होती है और भारतीय न्यायशास्त्र पहले से ही डॉक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी डॉक्टरों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा के दिशा-निर्देश निर्धारित किए हैं। वर्तमान में चल रही गलत सूचना की लहर में सबसे बड़ा झूठ यह है कि डॉक्टरों को अगर उनकी आपराधिक लापरवाही साबित होती है तो पांच साल की जेल का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि पिछले कानून के तहत अधिकतम सजा केवल दो साल थी। मुख्यधारा के समाचार पत्रों ने भी कहानियां प्रकाशित कीं कि डॉक्टर इस विकास से बहुत असंतुष्ट हैं। यह पूरी तरह से गलत है।

समान व्यवस्था

वास्तविकता यह है कि पिछले कानूनी व्यवस्था से सजा के वर्षों की संख्या में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें भी डॉक्टरों को आपराधिक लापरवाही के लिए मुकदमा चलाया जा सकता था। बीएनएस की धारा 106, जो आईपीसी की धारा 304ए से संबंधित है, जिसमें ‘लापरवाही से मौत का कारण’ था, सभी के लिए पांच साल की सजा देती है, लेकिन वास्तव में पंजीकृत चिकित्सा चिकित्सकों को छूट देती है। उनके खिलाफ मामला साबित होने पर उन्हें पहले की तरह दो साल की जेल की सजा मिलती है।

नई कानून वास्तव में उन डॉक्टरों के पक्ष में है जिनके काम में कोई दोष नहीं है। लेकिन चल रहा विरोध पहले ही सुझाव दे रहा है कि डॉक्टर नए कानूनों के कारण ‘जोखिम से बचने वाले’ बन जाएंगे। यह बिल्कुल बेवकूफी है। डॉक्टर, जो एक मरीज की जान बचाने के लिए जोखिम उठाते हैं, उन्हें कभी भी अभियोजन का सामना नहीं करना पड़ा। केवल अत्यधिक लापरवाही के मामलों (जैसे नशे में पाए जाने या अवैध रूप से अंगों की कटाई के लिए मरीज को बचाने की कोशिश न करने) को लक्षित किया जा रहा है। यह आम व्यक्ति के लाभ के लिए है, जो किसी भी तर्कसंगत और सहानुभूतिपूर्ण कानूनी प्रणाली का प्रमुख फोकस होना चाहिए।

सरकार की जिम्मेदारी

कुछ डॉक्टर जिन्हें संदिग्ध तत्वों ने उकसाया है, वे गलत दिशा में जा रहे हैं। उन्हें संदिग्ध राजनीतिक योजना का शिकार नहीं होना चाहिए। लेकिन सत्तारूढ़ सरकार पर भी झूठी और गलत खबरों की आग को बुझाने की जिम्मेदारी है। यदि आवश्यकता हो, तो उसे दूरगामी अफवाहें फैलाने वालों पर नए आपराधिक कानूनों का पूरा जोर लगाना चाहिए। इसके अलावा, स्पष्ट संचार वर्तमान माहौल में जरूरी है।

निष्कर्ष

इस प्रकार, सरकार को गलत खबरों और अफवाहों के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने होंगे और जनता को सही जानकारी प्रदान करनी होगी, ताकि नए आपराधिक कानून सही ढंग से लागू हो सकें और समाज में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

और पढ़ें:- मोदी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना: पुराने हाथों के लिए नई भूमिकाएं

Tags: Amit ShahFake NewsGovernment of India.GSTNew criminal lawअमित शाहजीएसटीझूठी खबरेंनए आपराधिक कानूनभारत सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मोदी सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना: पुराने हाथों के लिए नई भूमिकाएं

अगली पोस्ट

बिहार: प्रशांत किशोर की रणनीति से हिला राजद का किला।

संबंधित पोस्ट

दुनिया ने कहा ‘हीरो’, विपक्षी नेताओं की चुप्पी क्यों? कैप्टन स्मित मच्छार पर राहुल-अखिलेश से सवाल
चर्चित

दुनिया ने कहा ‘हीरो’, विपक्षी नेताओं की चुप्पी क्यों? कैप्टन स्मित मच्छार पर राहुल-अखिलेश से सवाल

1 October 2026

कैप्टन स्मित मच्छार आज दुनिया के लिए हीरो हैं, लेकिन विपक्ष के बड़े चेहरे उनके लिए दो शब्द तक क्यों नहीं लिख पा रहे हैं?एक...

BRICS प्रदर्शनी में पीएम मोदी समेत 6 नेताओं ने देखा
चर्चित

BRICS प्रदर्शनी में पीएम मोदी समेत 6 नेताओं ने देखा EyeROV का रोबोट

1 October 2026

नई दिल्ली में आयोजित BRICS Bharat Innovates Exposition में भारत की टेक्नोलॉजी कंपनी EyeROV के अंडरवाटर रोबोट ने खास ध्यान खींचा। कंपनी के मुताबिक, 17...

RSS का Nationwide NRC दांव: Census और SIR के बीच अब हर नागरिक की होगी पहचान?
चर्चित

RSS का Nationwide NRC दांव: Census और SIR के बीच अब हर नागरिक की होगी पहचान?

1 October 2026

देश में इस समय SIR यानी Special Intensive Revision और Census 2027 को लेकर बहस चल रही है। इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited