TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बहराइच: जहां हिंदुओं से मारकाट, धर्मांतरण कराने वाले मसूद की मजार, वहां दंगाई सोच पर हैरानी कैसी?

मसूद गाजी को 1034 के युद्ध में बहराइच के पास महाराजा सुहेलदेव ने मार गिराया था। मसूद की वहीं पर मजार बनी हुई है।

Sudhakar Singh द्वारा Sudhakar Singh
15 October 2024
in संस्कृति
बहराइच: जहां हिंदुओं से मारकाट, धर्मांतरण कराने वाले मसूद की मजार, वहां दंगाई सोच पर हैरानी कैसी?

महाराजा सुहेलदेव ने मसूद गाजी का किया था वध

Share on FacebookShare on X

बहराइच चर्चा में है। वजह- दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंदुओं पर हमला। 22 साल के रामगोपाल मिश्रा को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से कई गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। बहराइच में सैयद सालार मसूद की मजार भी है। जी हां, वही मसूद गाजी जो तलवार की धार पर इस्लाम को पूरे भारत में फैलाना चाहता था। हिंदुओं के धर्मस्थलों को खंडित करने की नापाक सोच रखने वाला मसूद। बताया जाता है कि इसी मसूद ने महमूद गजनवी को सोमनाथ मंदिर ध्वस्त करने की सलाह दी थी। मसूद गाजी को लगता था कि वह तलवार के बल पर इस्लाम का हरा झंडा फहरा देगा। लेकिन उसको नहीं पता था कि आगे उसका सामना भगवा झंडे के सूरमा महाराजा सुहेलदेव से होने वाला है। महाराजा सुहेलदेव ने मसूद को ऐसा सबक सिखाया, जिसकी चर्चा आज भी होती है।

जब ओवैसी पहुंचे थे मसूद की कब्र पर

संबंधितपोस्ट

गोली लगने से हुई रामगोपाल की मौत, टॉर्चर के दावों को बहराइच पुलिस ने बताया अफवाह, यह अपील

बहराइच: नेपाल भागने की फिराक में दंगाई, पीड़ित परिवार से मिले योगी, कहा- किसी कीमत पर बख्शेंगे नहीं

बहराइच हिंसा: रामगोपाल की जगह रहमान मरा होता, तो क्या ऐसा बोलते अखिलेश यादव?

और लोड करें

महमूद गजनवी के दौर में मसूद मुल्तान से दिल्ली और फिर बाराबंकी होते हुए वह बहराइच तक पहुंच गया था। जहां-जहां उसकी सेना पहुंचती थी, वहां हिंदुओं से मारकाट और धर्मांतरण का सिलसिला चल रहा था। आखिरकार उसे करारा जवाब मिलता है, महाराज सुहेलदेव से। जंग-ए-बहराइच ने मसूद गाजी को दो गज जमीन के अंदर पहुंचा दिया। बहराइच में ही उसकी मजार है, जहां इस आक्रांता को पूजने वाले मिल जाएंगे। जाहिर है ऐसे इलाके में अगर दंगाई सोच विकसित हो जाती है, तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। जुलाई 2021 में उसकी दरगाह पर सजदा करने असदुद्दीन ओवैसी भी पहुंचते हैं लेकिन पास ही मौजूद सुहेलदेव की प्रतिमा तक नहीं जाते हैं। ओवैसी मुस्लिम आक्रांता को महिमामंडित करते हैं, क्योंकि उनको मुसलमानों का मसीहा बनना है। उनको हिंदू हृदय सम्राट सुहेलदेव से क्या लेना देना।

कैसे बन गई मसूद की मजार?

सन् 1246 से 1266 ईसवी तक नसीरुद्दीन महमूद दिल्ली सल्तनत का सुल्तान था। उसी ने मसूद की मजार बनवाई थी। इसके बाद दिल्ली के सुल्तान यहां आने लगे। फिरोज शाह तुगलक भी यहां आया था और लौटने के बाद पहले से ज्यादा कट्टर हो गया था। चिश्तिया संप्रदाय से आने वाले अब्दुर रहमान रशीदी ने 17वीं सदी में फारसी भाषा में मिरात-ए-मसूदी लिखी थी। इस किताब से पता चलता है कि गाजी के पिता का नाम सालार साहू था। बाराबंकी के पास सतरिख में सालार साहू की मृत्यु हुई और यहीं पर उसकी एक मजार है। वहीं अबुल फजल ने भी आइन-ए-अकबरी में लिखा है कि मसूद गाजी महमूद गजनवी का भांजा था। ऐसी भी चर्चा होती है कि मुगल बादशाह अकबर भेष बदलकर एक बार मसूद गाजी की दरगाह पर गया था।

गजनवी से इजाजत लेकर भारत पर आक्रमण

मिरात-ए-मसूदी में मसूद का इतिहास मिलता है। इसमें बताया गया है कि महमूद गजनवी को सोमनाथ का मंदिर ध्वस्त करने की सलाह मसूद गाजी ने ही दी थी। महमूद गजनवी बचपन से ही उसकी बात को तवज्जो देता था। इसीलिए, जब उसने भारत पर आक्रमण की इजाजत मांगी और इस्लाम के प्रचार-प्रसार की बात कही, तो उसे इजाजत मिल गई। 16 साल की उम्र में सिंधु नदी को पार करते हुए उसने मुल्तान को जीत लिया। 18 महीने के अंदर ही वह दिल्ली तक पहुंच गया। अपने मामा गजनी की फ़ौज की सहायता से दिल्ली में वह छह महीने तक रहा। मेरठ के रास्ते मसूद गाजी कन्नौज पहुंचा गया। ‘Gazetteer of the Province of Oudh, Volume 1‘ के मुताबिक इस्लाम के प्रसार के मकसद से मसूद सतरिख पहुंचा। वर्तमान का बाराबंकी ही उस समय सतरिख था। उस समय यह इलाका देश के फलते-फूलते नगरों में था। ऐसे में मसूद को इस्लाम के लिए उपजाऊ जमीन जैसा नजर आया।

महाराजा सुहेलदेव ने हिंदू राजाओं को किया एकजुट

इतिहासकार इस पर एक राय नहीं हैं कि सतरिख आज की बाराबंकी वाली है या फिर अयोध्या। मसूद ने यहां चारों तरफ अपने आदमियों को भेज कर इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने को कहा।  बहराइच में अपने और अपनी फ़ौज के लिए वो सिद्धौर और अमेठी से सप्लाई मंगाता था। बहराइच और मानिकपुर के कुछ सरदारों ने इस दौरान उसको थोड़ी चुनौती दी। इसी बीच मसूद का अब्बा सालार साहू अपनी फ़ौज लेकर आ पहुंचा और उसने बेटे के लिए राह आसान कर दी। बहराइच के बगल में ही एक सूर्य मंदिर और कुंड हुआ करता था। हिन्दुओं के लिए उस जगह की काफी मान्यता थी। उसने वहां पर एक मस्जिद बनवाने का ऐलान करते हुए ‘काफिरों’ को सबक सिखाने की गीदड़भभकी दी। राजभर राजा सुहेलदेव ने ठान लिया कि मुस्लिम आक्रांता को करारा जवाब देना है। उन्होंने आस-पड़ोस के हिंदू राजाओं को एकजुट किया।

‘सुहेलदेव ने मसूद का सिर काटा या गले में तीर मारा’

जिस जगह पर मसूद गाजी की दरगाह है, वहां पर उस दौर में बालार्क ऋषि का आश्रम हुआ करता था। उनको राजा सुहेलदेव का गुरु बताया जाता है। एक रिसर्च पेपर (The Forgotten Battle of Bahraich) के मुताबिक सुहेलदेव ने या तो मसूद का सिर काट दिया या फिर उसके गले में तीर मारा था। इस रिसर्च के मुताबिक मसूद की मौत सूर्यकुंड झील (सूर्य मंदिर के पास) के पास महुए के पेड़ के नीचे हुई। बहराइच की लड़ाई में सुहेलदेव ने 21 पासी राजाओं का गठबंधन बनाकर सैयद सालार मसूद गाजी को युद्ध में शिकस्त दी। इन राजाओं में बहराइच, श्रावस्ती के साथ ही लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ और बाराबंकी के राजा भी शामिल थे। 1034 ईसवी में मसूद गाजी और सुहेलदेव की सेनाओं में बहराइच में भीषण जंग हुई। भारत गौरव राजा सुहेलदेव ने हिंदू सेना में जोश भर दिया। 15 दिन से ज्यादा चले युद्ध के बाद राजा सुहेलदेव गाजी के कैंप के पास पहुंचे। सुहेलदेव ने गाजी को उसके कई साथियों सहित मार गिराया। इसके बाद उसके अनुयायियों ने उसी सूर्य मंदिर वाली जगह या उसके आसपास में उसे दफना दिया। हालांकि, इस्लामी इतिहासकारों ने इस बेइज्जती को अपने इतिहास में कहीं पर स्थान नहीं दिया।

मसूद की बारात और सुहेलदेव विजयोत्सव

ब्रिटिश काल में अंग्रेज अफसर भी यह देखकर हैरान थे कि जिस गाजी मियां ने हिंदुओं से मारकाट मचाई, उसी की मजार पर हिंदू सर नवाने जाते हैं। प्रोफेसर डीसी बेली का कहना है कि ऐसा लगता है कि गाजी मियां ने उस समय के पिछड़ों का धर्मांतरण किया होगा। इसके बाद उनके मन में गाजी के प्रति ये भाव भरा गया होगा। अंग्रेज विलियम स्लीमन ने कहा था कि हिंदुओं को मौत के घाट उतारने वाले गाजी की मजार पर हिन्दू-मुस्लिम दोनों जाते हैं। हर साल मई में मसूद गाजी की मजार पर उर्स होता है। बाराबंकी की चर्चित दरगाह देवा शरीफ से गाजी मियां की बारात आने के साथ इस मेले का आगाज होता है। जिस दिन यह बारात बहराइच में मजार पर आती है, ठीक उसी दिन हिंदूवादी संगठन महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव मनाते हैं। जाहिर है इतिहास के पन्नों में जंग-ए-बहराइच को नए सिरे से लिखने की जरूरत है, जिसने महान हिंदू सम्राट महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा से लोगों को परिचित नहीं कराया। ऐसा करने पर ही उस सोच को जवाब दिया जा सकता है, जिसने बहराइच में हिंदू समुदाय के दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान रंग में भंग मचाया।

Tags: Bahraich RiotsBattle of BahraichHindu King SuheldevMaharaja SuheldevMahmud GhaznaviMasood Ghazi HistoryWho was Masood Ghaziबहराइच का युद्धबाले मियांमसूद गाजीमहमूद गजनवीमहाराजा सुहेलदेवहिंदू राजा सुहेलदेव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जयशंकर SCO समिट के लिए पहुंचे पाकिस्तान; VIDEO में देखें कैसे हुआ उनका स्वागत

अगली पोस्ट

कनाडा कैसे बन गया खालिस्तानियों की पनाहगाह, कट्टरपंथियों के इशारों पर नाचने लगी सरकार: कहानी 127 साल की

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

3 January 2026

सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त है, बशर्ते...

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

भारतीय दर्शन और संविधान
इतिहास

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

2 December 2025

भारतीय ज्ञान परंपरा में नागरिकता (Citizenship) का विचार आधुनिक “राज्य–नागरिक” (State–Citizen) ढाँचे से भले अलग रहा हो, पर इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited