TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    दुनिया भर में मुसलमान ईद मना रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान में मुस्लिमों के एक वर्ग पर ईद मनाने पर प्रतिबंध क्यों है? अहमदिया मुस्लिम क्यों नहीं मना सकते ईद ?

 


    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बहराइच: जहां हिंदुओं से मारकाट, धर्मांतरण कराने वाले मसूद की मजार, वहां दंगाई सोच पर हैरानी कैसी?

मसूद गाजी को 1034 के युद्ध में बहराइच के पास महाराजा सुहेलदेव ने मार गिराया था। मसूद की वहीं पर मजार बनी हुई है।

Sudhakar Singh द्वारा Sudhakar Singh
15 October 2024
in संस्कृति
बहराइच: जहां हिंदुओं से मारकाट, धर्मांतरण कराने वाले मसूद की मजार, वहां दंगाई सोच पर हैरानी कैसी?

महाराजा सुहेलदेव ने मसूद गाजी का किया था वध

Share on FacebookShare on X

बहराइच चर्चा में है। वजह- दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंदुओं पर हमला। 22 साल के रामगोपाल मिश्रा को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से कई गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। बहराइच में सैयद सालार मसूद की मजार भी है। जी हां, वही मसूद गाजी जो तलवार की धार पर इस्लाम को पूरे भारत में फैलाना चाहता था। हिंदुओं के धर्मस्थलों को खंडित करने की नापाक सोच रखने वाला मसूद। बताया जाता है कि इसी मसूद ने महमूद गजनवी को सोमनाथ मंदिर ध्वस्त करने की सलाह दी थी। मसूद गाजी को लगता था कि वह तलवार के बल पर इस्लाम का हरा झंडा फहरा देगा। लेकिन उसको नहीं पता था कि आगे उसका सामना भगवा झंडे के सूरमा महाराजा सुहेलदेव से होने वाला है। महाराजा सुहेलदेव ने मसूद को ऐसा सबक सिखाया, जिसकी चर्चा आज भी होती है।

जब ओवैसी पहुंचे थे मसूद की कब्र पर

संबंधितपोस्ट

गोली लगने से हुई रामगोपाल की मौत, टॉर्चर के दावों को बहराइच पुलिस ने बताया अफवाह, यह अपील

बहराइच: नेपाल भागने की फिराक में दंगाई, पीड़ित परिवार से मिले योगी, कहा- किसी कीमत पर बख्शेंगे नहीं

बहराइच हिंसा: रामगोपाल की जगह रहमान मरा होता, तो क्या ऐसा बोलते अखिलेश यादव?

और लोड करें

महमूद गजनवी के दौर में मसूद मुल्तान से दिल्ली और फिर बाराबंकी होते हुए वह बहराइच तक पहुंच गया था। जहां-जहां उसकी सेना पहुंचती थी, वहां हिंदुओं से मारकाट और धर्मांतरण का सिलसिला चल रहा था। आखिरकार उसे करारा जवाब मिलता है, महाराज सुहेलदेव से। जंग-ए-बहराइच ने मसूद गाजी को दो गज जमीन के अंदर पहुंचा दिया। बहराइच में ही उसकी मजार है, जहां इस आक्रांता को पूजने वाले मिल जाएंगे। जाहिर है ऐसे इलाके में अगर दंगाई सोच विकसित हो जाती है, तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। जुलाई 2021 में उसकी दरगाह पर सजदा करने असदुद्दीन ओवैसी भी पहुंचते हैं लेकिन पास ही मौजूद सुहेलदेव की प्रतिमा तक नहीं जाते हैं। ओवैसी मुस्लिम आक्रांता को महिमामंडित करते हैं, क्योंकि उनको मुसलमानों का मसीहा बनना है। उनको हिंदू हृदय सम्राट सुहेलदेव से क्या लेना देना।

कैसे बन गई मसूद की मजार?

सन् 1246 से 1266 ईसवी तक नसीरुद्दीन महमूद दिल्ली सल्तनत का सुल्तान था। उसी ने मसूद की मजार बनवाई थी। इसके बाद दिल्ली के सुल्तान यहां आने लगे। फिरोज शाह तुगलक भी यहां आया था और लौटने के बाद पहले से ज्यादा कट्टर हो गया था। चिश्तिया संप्रदाय से आने वाले अब्दुर रहमान रशीदी ने 17वीं सदी में फारसी भाषा में मिरात-ए-मसूदी लिखी थी। इस किताब से पता चलता है कि गाजी के पिता का नाम सालार साहू था। बाराबंकी के पास सतरिख में सालार साहू की मृत्यु हुई और यहीं पर उसकी एक मजार है। वहीं अबुल फजल ने भी आइन-ए-अकबरी में लिखा है कि मसूद गाजी महमूद गजनवी का भांजा था। ऐसी भी चर्चा होती है कि मुगल बादशाह अकबर भेष बदलकर एक बार मसूद गाजी की दरगाह पर गया था।

गजनवी से इजाजत लेकर भारत पर आक्रमण

मिरात-ए-मसूदी में मसूद का इतिहास मिलता है। इसमें बताया गया है कि महमूद गजनवी को सोमनाथ का मंदिर ध्वस्त करने की सलाह मसूद गाजी ने ही दी थी। महमूद गजनवी बचपन से ही उसकी बात को तवज्जो देता था। इसीलिए, जब उसने भारत पर आक्रमण की इजाजत मांगी और इस्लाम के प्रचार-प्रसार की बात कही, तो उसे इजाजत मिल गई। 16 साल की उम्र में सिंधु नदी को पार करते हुए उसने मुल्तान को जीत लिया। 18 महीने के अंदर ही वह दिल्ली तक पहुंच गया। अपने मामा गजनी की फ़ौज की सहायता से दिल्ली में वह छह महीने तक रहा। मेरठ के रास्ते मसूद गाजी कन्नौज पहुंचा गया। ‘Gazetteer of the Province of Oudh, Volume 1‘ के मुताबिक इस्लाम के प्रसार के मकसद से मसूद सतरिख पहुंचा। वर्तमान का बाराबंकी ही उस समय सतरिख था। उस समय यह इलाका देश के फलते-फूलते नगरों में था। ऐसे में मसूद को इस्लाम के लिए उपजाऊ जमीन जैसा नजर आया।

महाराजा सुहेलदेव ने हिंदू राजाओं को किया एकजुट

इतिहासकार इस पर एक राय नहीं हैं कि सतरिख आज की बाराबंकी वाली है या फिर अयोध्या। मसूद ने यहां चारों तरफ अपने आदमियों को भेज कर इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने को कहा।  बहराइच में अपने और अपनी फ़ौज के लिए वो सिद्धौर और अमेठी से सप्लाई मंगाता था। बहराइच और मानिकपुर के कुछ सरदारों ने इस दौरान उसको थोड़ी चुनौती दी। इसी बीच मसूद का अब्बा सालार साहू अपनी फ़ौज लेकर आ पहुंचा और उसने बेटे के लिए राह आसान कर दी। बहराइच के बगल में ही एक सूर्य मंदिर और कुंड हुआ करता था। हिन्दुओं के लिए उस जगह की काफी मान्यता थी। उसने वहां पर एक मस्जिद बनवाने का ऐलान करते हुए ‘काफिरों’ को सबक सिखाने की गीदड़भभकी दी। राजभर राजा सुहेलदेव ने ठान लिया कि मुस्लिम आक्रांता को करारा जवाब देना है। उन्होंने आस-पड़ोस के हिंदू राजाओं को एकजुट किया।

‘सुहेलदेव ने मसूद का सिर काटा या गले में तीर मारा’

जिस जगह पर मसूद गाजी की दरगाह है, वहां पर उस दौर में बालार्क ऋषि का आश्रम हुआ करता था। उनको राजा सुहेलदेव का गुरु बताया जाता है। एक रिसर्च पेपर (The Forgotten Battle of Bahraich) के मुताबिक सुहेलदेव ने या तो मसूद का सिर काट दिया या फिर उसके गले में तीर मारा था। इस रिसर्च के मुताबिक मसूद की मौत सूर्यकुंड झील (सूर्य मंदिर के पास) के पास महुए के पेड़ के नीचे हुई। बहराइच की लड़ाई में सुहेलदेव ने 21 पासी राजाओं का गठबंधन बनाकर सैयद सालार मसूद गाजी को युद्ध में शिकस्त दी। इन राजाओं में बहराइच, श्रावस्ती के साथ ही लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ और बाराबंकी के राजा भी शामिल थे। 1034 ईसवी में मसूद गाजी और सुहेलदेव की सेनाओं में बहराइच में भीषण जंग हुई। भारत गौरव राजा सुहेलदेव ने हिंदू सेना में जोश भर दिया। 15 दिन से ज्यादा चले युद्ध के बाद राजा सुहेलदेव गाजी के कैंप के पास पहुंचे। सुहेलदेव ने गाजी को उसके कई साथियों सहित मार गिराया। इसके बाद उसके अनुयायियों ने उसी सूर्य मंदिर वाली जगह या उसके आसपास में उसे दफना दिया। हालांकि, इस्लामी इतिहासकारों ने इस बेइज्जती को अपने इतिहास में कहीं पर स्थान नहीं दिया।

मसूद की बारात और सुहेलदेव विजयोत्सव

ब्रिटिश काल में अंग्रेज अफसर भी यह देखकर हैरान थे कि जिस गाजी मियां ने हिंदुओं से मारकाट मचाई, उसी की मजार पर हिंदू सर नवाने जाते हैं। प्रोफेसर डीसी बेली का कहना है कि ऐसा लगता है कि गाजी मियां ने उस समय के पिछड़ों का धर्मांतरण किया होगा। इसके बाद उनके मन में गाजी के प्रति ये भाव भरा गया होगा। अंग्रेज विलियम स्लीमन ने कहा था कि हिंदुओं को मौत के घाट उतारने वाले गाजी की मजार पर हिन्दू-मुस्लिम दोनों जाते हैं। हर साल मई में मसूद गाजी की मजार पर उर्स होता है। बाराबंकी की चर्चित दरगाह देवा शरीफ से गाजी मियां की बारात आने के साथ इस मेले का आगाज होता है। जिस दिन यह बारात बहराइच में मजार पर आती है, ठीक उसी दिन हिंदूवादी संगठन महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव मनाते हैं। जाहिर है इतिहास के पन्नों में जंग-ए-बहराइच को नए सिरे से लिखने की जरूरत है, जिसने महान हिंदू सम्राट महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा से लोगों को परिचित नहीं कराया। ऐसा करने पर ही उस सोच को जवाब दिया जा सकता है, जिसने बहराइच में हिंदू समुदाय के दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान रंग में भंग मचाया।

Tags: Bahraich RiotsBattle of BahraichHindu King SuheldevMaharaja SuheldevMahmud GhaznaviMasood Ghazi HistoryWho was Masood Ghaziबहराइच का युद्धबाले मियांमसूद गाजीमहमूद गजनवीमहाराजा सुहेलदेवहिंदू राजा सुहेलदेव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जयशंकर SCO समिट के लिए पहुंचे पाकिस्तान; VIDEO में देखें कैसे हुआ उनका स्वागत

अगली पोस्ट

कनाडा कैसे बन गया खालिस्तानियों की पनाहगाह, कट्टरपंथियों के इशारों पर नाचने लगी सरकार: कहानी 127 साल की

संबंधित पोस्ट

हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष
संस्कृति

अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

19 March 2026

राष्ट्रीय चेतना के ऋषि स्वामी विवेकानन्द ने कहा था- यदि हमें गौरव से जीने की भावना जागृत करनी है, यदि हम अपने हृदय में देशभक्ति...

सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट
चर्चित

सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

18 March 2026

हाल ही में सारा अली खान से जुड़े एक घटनाक्रम ने भारत में आस्था, परंपरा और धार्मिक स्थलों तक पहुंच को लेकर व्यापक चर्चा छेड़...

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला
इतिहास

जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

16 March 2026

ईरान और अमेरिका / इजरायल के बीच युद्ध जारी हैं। दो सप्ताह से ज्यादा समय हो चुका हैं। एक दूसरे पर जबर्दस्त बमबारी हो रही...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited