उनके शोध को सबसे पहले नरसिम्हा राव सरकार ने स्वीकृति दी थी। राम के वन-गमन मार्ग और उन स्थलों पर, जहाँ श्रीराम ने विश्राम किया था, डॉ. शर्मा ने उनकी खोज और विकास के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कुछ वर्षों पहले 'श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान' की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे भगवान राम के वन-गमन मार्ग के साथ-साथ अन्य यात्राओं का भी मार्ग नक्शे पर उभारने का कार्य कर रहे हैं।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

श्रीराम की राहों पर: भारत के जिन स्थलों में बसती है अयोध्या से लंका तक की गाथा, प्रदर्शनी में दिखी उनकी छँटा

14 वर्ष, 10000 km की यात्रा, 248 स्थलों पर विश्राम

Guest Author द्वारा Guest Author
16 October 2024
in ज्ञान, धार्मिक कथा, संस्कृति
राम, लक्ष्मण, सीता

भारत में कई स्थलों पर अंकित हैं श्रीराम के पदचिह्न

Share on FacebookShare on X

सक्षम फाउंडेशन के सम्पूर्ण रामायण 2024 के भव्य आयोजन का मुख्य आकर्षण राम वन गमन पथ की मिट्टी की प्रदर्शनी रही। यह आयोजन 9, 10, 11 अक्टूबर 2024 को जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली में सम्पन्न हुआ। भारत भूमि को मां कहा जाता है। राम का उद्घोष है कि “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” अर्थात जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं। इस जन्मभूमि की भावना में भारत की मिट्टी को अत्यंत महत्त्व दिया जाता है। वनगमन के दौरान अयोध्या (उत्तर प्रदेश) से निकलने के बाद क्रमशः प्रयागराज (उत्तर प्रदेश), चित्रकूट (उत्तर प्रदेश), सतना (मध्य प्रदेश), पंचवटी (नासिक, महाराष्ट्र), सर्वतीर्थ (नासिक, महाराष्ट्र), पर्णशाला (खम्मम, तेलंगाना), सीताराम मंदिर (खम्मम, तेलंगाना), शबरी आश्रम (बेलगांव, कर्नाटक), ऋष्यमूक पर्वत (हम्पी कोपल, कर्नाटक), रामेश्वरम (रामनाथपुरम, तमिलनाडु), धनुषकोटि (रामनाथपुरम, तमिलनाडु) इन स्थानों की मिट्टी का एक साथ प्रदर्शन और इन स्थानों के महत्व की व्याख्या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की भारतीय चेतना को प्रदर्शित करती है।

राम द्वारा उत्तर से दक्षिण तक पैदल यात्रा कर संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का अनुपम प्रयास किया गया था। यही सनातन की सांस्कृतिक एकता का परिचायक है। इसी भाव को पुनः जागृत करने का सुंदर प्रयास इस भाव के मार्गदर्शक श्री राजीव पाठक (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा, दिल्ली) ने राम वनगमन पथ की मिट्टी को एकत्र कर किया है। राजीव का यह प्रयास देखकर मन में ऐसा भाव जागृत होता है मानो राम के वन गमन पथ की यात्रा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ हो।

संबंधितपोस्ट

कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

अधर्म पर धर्म की विजय के पर्व विजयदशमी को भागवद्गीता की दृष्टि से देखने पर क्या मिलता है?

‘महाभारत में बीफ परोसने का उल्लेख’: जानें हिंदुत्व, रामायण, महाभारत और गीता को लेकर क्या थी नेहरू की राय?

और लोड करें

14 वर्ष, 10000 km की यात्रा, 248 स्थलों पर विश्राम

श्रीराम ने अयोध्या से श्रीलंका तक 14 वर्षों में लगभग 10,000 किलोमीटर की यात्रा की, जिसमें 248 प्रमुख स्थानों पर उन्होंने विश्राम किया या महत्वपूर्ण कार्य किए। ये स्थान आज राम की वन यात्रा के रूप में धार्मिक महत्व रखते हैं। 2015 में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने ‘रामायण सर्किट’ विकसित करने की घोषणा की थी। इस परियोजना के तहत राम वन-गमन मार्ग और इससे जुड़े स्थलों पर गहन शोध करने वाले डॉ. राम अवतार शर्मा ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आयकर विभाग की राजभाषा सेल में असिस्टेंट डायरेक्टर की नौकरी छोड़कर पिछले ढाई दशकों से इस अभियान पर कार्य किया है। डॉ. शर्मा ने प्रामाणिक रूप से 10,000 किलोमीटर लंबे राम वन-गमन मार्ग और भगवान राम से जुड़े 248 स्थलों की पहचान की है। उनके शोध को सबसे पहले नरसिम्हा राव सरकार ने स्वीकृति दी थी। राम के वन-गमन मार्ग और उन स्थलों पर, जहाँ श्रीराम ने विश्राम किया था, डॉ. शर्मा ने उनकी खोज और विकास के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। उन्होंने कुछ वर्षों पहले ‘श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान’ की स्थापना की, जिसके माध्यम से वे भगवान राम के वन-गमन मार्ग के साथ-साथ अन्य यात्राओं का भी मार्ग नक्शे पर उभारने का कार्य कर रहे हैं। उनके इन प्रयासों के परिणामस्वरूप 2015 में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने न केवल रामायण सर्किट की घोषणा की, बल्कि डॉ. शर्मा को रामायण सर्किट सलाहकार समिति का अध्यक्ष भी नियुक्त किया।

राजीव पाठक स्वयं भी भारतीय पर्यटन मंत्रालय के इस कार्यक्रम से जुड़े रहे। रामायण सर्किट में कुल 21 महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं: पहले पांच उत्तर प्रदेश में, छठा, सातवां और आठवां मध्य प्रदेश में, नौवां और दसवां छत्तीसगढ़ में, ग्यारहवां, बारहवां और तेरहवां महाराष्ट्र में, चौदहवां और पंद्रहवां आंध्र प्रदेश में, सोलहवां केरल में, सत्रहवां कर्नाटक में, अठारहवां से बीसवां तमिलनाडु में, और अंतिम इक्कीसवां श्रीलंका में स्थित है।

सक्षम फाउंडेशन की इस प्रदर्शनी में जिन प्रमुख स्थानों की धूलि प्रदर्शित की गई, उनके विवरण निम्नवत हैं:

शृंगवेरपुर (सिंगरौर)

श्रीराम ने गोमती नदी पार करने के बाद प्रयागराज (तत्कालीन इलाहाबाद) से लगभग 20-22 किलोमीटर दूर शृंगवेरपुर पहुँचकर निषादराज गुह से मुलाकात की। यह स्थान गंगा नदी के तट पर स्थित था, जहाँ राम ने केवट से गंगा पार कराने का अनुरोध किया था। शृंगवेरपुर का उल्लेख रामायण में मिलता है और इसे महाभारत में ‘तीर्थस्थल’ कहा गया है। वर्तमान में इसे सिंगरौर के नाम से जाना जाता है।

प्रयाग

कुरई से आगे बढ़ते हुए श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ प्रयाग पहुँचे, जिसे वर्तमान में इलाहाबाद के नाम से जाना जाता है। यहाँ गंगा और यमुना का संगम है, जो हिन्दुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। श्रीराम ने संगम के समीप यमुना नदी को पार किया और चित्रकूट की ओर प्रस्थान किया। प्रयाग में स्थित प्रमुख स्थलों में वाल्मीकि आश्रम, मांडव्य आश्रम, और भरतकूप शामिल हैं।

चित्रकूट

संगम से यमुना नदी पार करने के बाद श्रीराम चित्रकूट पहुँचे, जहाँ उनके वनवास के महत्वपूर्ण प्रमाण मिलते हैं। चित्रकूट वही स्थान है जहाँ भरत अपने पिता दशरथ की मृत्यु के बाद श्रीराम को मनाने और उन्हें अयोध्या वापस लाने के लिए आते हैं। राम अपनी चरण पादुका भरत को देते हैं, जिसे भरत अयोध्या ले जाकर राज्य की प्रतीक के रूप में स्थापित करते हैं।

सतना

अत्रि आश्रम से आगे बढ़ते हुए श्रीराम मध्य प्रदेश के सतना पहुँचे, जहाँ ‘रामवन’ स्थित है। यहाँ से आगे उन्होंने नर्मदा और महानदी के किनारे 10 वर्षों तक विभिन्न ऋषियों के आश्रमों का भ्रमण किया। दंडकारण्य क्षेत्र में यात्रा करते हुए वे विराध, सरभंग, और सुतीक्ष्ण मुनियों के आश्रमों में गए। सतना के आगे, पन्ना, रायपुर, बस्तर और जगदलपुर में भी भगवान राम के वनवास से संबंधित कई महत्वपूर्ण स्थल और स्मारक हैं, जैसे मांडव्य आश्रम, श्रृंगी आश्रम, और राम-लक्ष्मण मंदिर।

पंचवटी, नासिक

दंडकारण्य के मुनियों के आश्रमों में कुछ समय बिताने के बाद, श्रीराम ने कई नदियों, तालाबों, पहाड़ों, और वनों को पार करते हुए नासिक के पंचवटी क्षेत्र में अगस्त्य मुनि के आश्रम की ओर प्रस्थान किया। यह स्थान गोदावरी नदी के तट पर स्थित है। त्रेतायुग में श्रीराम, लक्ष्मण, और सीता ने वनवास का एक हिस्सा पंचवटी में बिताया था, जो उस समय जनस्थान या दंडक वन के अंतर्गत आता था। पंचवटी नासिक से लगभग 32 किलोमीटर दूर त्र्यंबकेश्वर के निकट स्थित है, जो गोदावरी का उद्गम स्थल है। अगस्त्य मुनि ने श्रीराम को अपने आश्रम में शस्त्र भेंट किए।

सीताहरण का स्थान, सर्वतीर्थ

नासिक क्षेत्र में शूर्पणखा, मारीच, और खर-दूषण के वध के बाद, रावण ने सीता का हरण किया और गिद्धराज जटायु का वध भी किया। जटायु की मृत्यु नासिक से 56 किलोमीटर दूर इगतपुरी तहसील के ताकेड़ गाँव के ‘सर्वतीर्थ’ नामक स्थान पर हुई। इस स्थान को ‘सर्वतीर्थ’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ मरणासन्न जटायु ने श्रीराम को सीता माता के बारे में जानकारी दी थी। रामजी ने यहीं जटायु का अंतिम संस्कार किया और उनके साथ अपने पिता का श्राद्ध-तर्पण भी किया। यही वह स्थान है जहाँ लक्ष्मण रेखा खींची गई थी।

पर्णशाला, भद्राचलम (तेलंगाना)

पर्णशाला, जिसे ‘पनशाला’ या ‘पनसाला’ भी कहा जाता है, भद्राचलम में गोदावरी नदी के तट पर स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है। यह स्थान रामायण में उस घटना के लिए प्रसिद्ध है जहाँ सीता जी का रावण द्वारा हरण हुआ था। कुछ मान्यताओं के अनुसार, रावण ने यहाँ अपना पुष्पक विमान उतारा और सीता जी को विमान में बिठाकर ले गया। यहाँ पर एक प्राचीन राम-सीता मंदिर भी स्थित है, जो इस घटना का स्मरण कराता है।

शबरी का आश्रम, पम्पा सरोवर (केरल)

श्रीराम और लक्ष्मण ने सीता जी की खोज के दौरान तुंगभद्रा और कावेरी नदियों को पार किया था। जटायु और कबंध से मिलने के बाद वे ऋष्यमूक पर्वत पहुँचे, लेकिन रास्ते में पम्पा नदी के किनारे स्थित शबरी के आश्रम में भी गए थे। यह स्थान वर्तमान में केरल में है और पम्पा नदी के किनारे स्थित है। शबरी ने भगवान राम का स्वागत बेर खिलाकर किया था, जिसकी कथा आज भी प्रसिद्ध है। हम्पी, जो वानर राज्य किष्किंधा की राजधानी के रूप में वर्णित है, पम्पा नदी के किनारे स्थित है।

ऋष्यमूक पर्वत, हनुमान से भेंट (कर्नाटक)

मलय पर्वत और चंदन वनों को पार करते हुए श्रीराम ऋष्यमूक पर्वत पहुँचे, जहाँ उन्होंने हनुमान और सुग्रीव से भेंट की। यहीं श्रीराम ने सीता जी के आभूषण देखे और बाली का वध करने का संकल्प लिया। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, ऋष्यमूक पर्वत वानरों की राजधानी किष्किंधा के निकट स्थित था। इसी पर्वत पर श्रीराम की हनुमान से पहली मुलाकात हुई थी, और हनुमान ने श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता करवाई थी। यह स्थान कर्नाटक के हम्पी जिले के बेल्लारी में स्थित है, और इसके पास ही तुंगभद्रा नदी बहती है। यहाँ मतंग पर्वत भी है, जहाँ मतंग ऋषि का आश्रम था।

रामेश्वरम (तमिलनाडु)

रामेश्वरम समुद्र तट एक शांतिपूर्ण स्थान है, जो हिंदू तीर्थ स्थल के रूप में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यहाँ भगवान राम ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान शिव की पूजा की थी। रामेश्वरम का शिवलिंग, जिसे श्रीराम ने स्थापित किया था, आज भी श्रद्धालुओं द्वारा पूजित होता है।

धनुषकोडी (तमिलनाडु)

वाल्मीकि रामायण के अनुसार, श्रीराम ने तीन दिनों की खोज के बाद समुद्र में वह स्थान ढूँढ निकाला जहाँ से श्रीलंका तक आसानी से पहुँचा जा सकता था। इस स्थान पर नल और नील की मदद से उन्होंने पुल का निर्माण कराया, जिसे आज रामसेतु के नाम से जाना जाता है। धनुषकोडी, जो रामेश्वरम द्वीप के दक्षिणी किनारे पर स्थित है, इस पुल का प्रारंभिक बिंदु है। यह स्थान श्रीलंका से केवल 18 मील दूर है। रामसेतु, जिसे अंग्रेजों ने ‘एडम्स ब्रिज’ कहा, 30 मील लंबा और सवा मील चौड़ा है। श्रीलंका सरकार ने इस डूबे हुए पुल पर भू-मार्ग बनाने का प्रस्ताव रखा था, जबकि भारत सरकार इसे नौवहन मार्ग के रूप में विकसित करने का प्रयास कर रही है, जिसे ‘सेतुसमुद्रम प्रोजेक्ट’ का नाम दिया गया है।

चूंकि राम भारत के प्राण हैं, इसीलिए उनके पदयात्रा की मिट्टी को एक साथ देखना सांस्कृतिक एकीकरण के साथ-साथ हर एक सनातनी को भावुक करने का भी अवसर है। इस महनीय प्रयास हेतु सक्षम फाउंडेशन के समस्त पदाधिकारियों को भूरिशः बधाई।

(इस लेख को लिखने वाले डा. आलोक कुमार द्विवेदी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्ञ में पीएचडी हैं। वर्तमान में वह KSAS, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान अमेरिका स्थित INADS, USA का भारत स्थित शोध केंद्र है। डा. आलोक की रुचि दर्शन, संस्कृति, समाज और राजनीति के विषयों में हैं।)

Tags: RamayanaShri Ramरामायणश्रीराम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मकर संक्रांति के बाद पद संभालेंगे नए BJP अध्यक्ष: प्रधानमंत्री हैं OBC, तो फिर जनरल कैटेगरी को मौका?

अगली पोस्ट

सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की आंखों से हटी पट्टी, हाथ में तलवार नहीं संविधान, CJI चंद्रचूड़ की ऐतिहासिक पहल

संबंधित पोस्ट

22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था
इतिहास

‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

28 September 2026

भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की चर्चा भगत सिंह का नाम लिए बगैर हमेशा अधूरी ही मानी जाएगी। भगत सिंह का योगदान इतिहास के...

Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh
इतिहास

पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

25 September 2026

प्रभावशाली व्यक्तित्व प्रखर चिंतक, एकात्म मानववाद एवं अंत्योदय दर्शन के प्रणेता दीनदयाल उपाध्याय उनकी वैचारिक दृष्टि आचार व्यवहार से कार्यकर्ता  बहुत कुछ सीखते थे ।...

भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?
धार्मिक कथा

भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

25 September 2026

10 दिनों की धूमधाम के बाद बप्पा के विसर्जन के साथ ही गणेश उत्सव समाप्त हो गया। गणपति महोत्सव हिंदू धर्म का बहुत ही खास...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited