साल 1938 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में गांधी और नेहरू समेत अन्य नेताओं ने मंच से श्याम लाल गुप्त द्वारा लिखित गीत को गाया था
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नेहरू-गांधी गाते थे जिनके गाने, इलाज के अभाव में हो गई थी उनकी मौत: कहानी ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ लिखने वाले ‘पार्षद जी’ की

महान सेनानी थे श्याम लाल गुप्त 'पार्षद'

Akash Sharma Nayan द्वारा Akash Sharma Nayan
9 December 2024
in इतिहास, चर्चित
श्याम लाल गुप्त पार्षद
Share on FacebookShare on X

‘विजयी विश्‍व तिरंगा प्‍यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा’ इस गीत को सुनने के बाद हर कोई जोश से भर उठता है। आजादी के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों में भी इस गीत ने जोश भरने का काम किया था। आज भी स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर बच्चे-बच्चे की जुबान पर यह गीत होता है। लेकिन इस गीत को लिखने वाले श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ को याद नहीं किया जाता। इसे देश का दुर्भाग्य की कहा जाएगा कि जिनके गीत गाकर एक परिवार सत्ता में बैठा उसे सम्मान तो दूर की बात ‘नाम’ तक नहीं मिला और तो और मृत्यु शैय्या में पड़े होने के बाद भी इलाज तक नहीं मिल पाया।

श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ सिर्फ गीत या कविता लिखने वाले कवि नहीं बल्कि सच्चे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उत्तर प्रदेश के कानपुर पास के पास नरवल गांव में 9 दिसंबर 1893 को जन्मे श्यामलाल गुप्त के पिता विशेश्वर प्रसाद गुप्त उन्हें व्यवसायी बनाना चाहते थे। लेकिन श्यामलाल का मन पढ़ाई पूरी करने के बाद अध्यापक बनने का था। जब वह 5वीं कक्षा में थे, तब से ही कविता लिखना शुरू कर दिया था।

संबंधितपोस्ट

बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

पंजाब सीएम भगवंत मान की बढ़ीं मुश्किलें: वायरल वीडियो मामले में अकाल तख्त ने सुनाया फैसला

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

और लोड करें

वहीं महज 15 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने हरिगीतिका, सवैया, घनाक्षरी आदि छंदों के जरिए रामकथा के बालकण्ड की रचना की थी। हालांकि लोगों ने उनके पिता से यह कह दिया था कि कविता लिखने वाला दरिद्र होता है। इसके चलते उनके पिता ने उनकी सभी रचनाएं कुएं में फेंक दी थीं। इससे दुखी होकर उन्होंने घर छोड़कर आयोध्या चले गए थे। आयोध्या जाने के बाद उन्होंने वहां मौनी बाबा से दीक्षा ले ली और भक्ति करने लग गए थे। इसके बाद, घर वाले अयोध्या जाकर उन्हें वापस ले आए थे।

अयोध्या से वापस आने के बाद श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ का मन भक्ति में ही लगा हुआ था। हालांकि देश के हालात देखकर वह स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में कूद गए। इस दौरान वह लगातार अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहे। इसके बाद, साल 1920 में 23 वर्ष की उम्र में फतेहपुर जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बन गए। असहयोग आंदोलन के दौरान उनकी सक्रियता के चलते उन्हें दुर्दांत क्रांतिकारी घोषित कर जेल भेज दिया गया। इसके बाद 1930 में ‘नमक सत्याग्रह’ के दौरान भी उन्हें जेल जाना पड़ा। हालांकि इसके बाद जिला परिषद के स्कूल में बतौर शिक्षक उनकी नौकरी लग गई। इस दौरान उनसे एक शपथ पत्र भरने के लिए कहा गया, जिसमें उन्हें दो साल तक स्कूल से नौकरी न छोड़ने का आश्वासन देना था। इसे उन्होंने अपनी स्वतंत्रता के खिलाफ समझा और स्कूल से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद श्यामलाल गुप्त, ‘सचिव’ नाम से मासिक पत्रिका निकालने लगे। इसके हर अंक में मुख पृष्ठ पर लिखा होता था, ‘रामराज्य की शक्ति शान्ति, सुखमय स्वतंत्रता लाने को, लिया ‘सचिव’ ने जन्म, देश की परतंत्रता मिटाने को।’ कानपुर में आयोजित एक समारोह में श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ ने महावीर प्रसाद द्विवेदी के स्वागत में एक कविता पढ़ी। इससे गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ बहुत प्रभावित हुए। साल 1923 में फतेहपुर में जिला कांग्रेस अधिवेशन में गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ का ओजस्वी भाषण हुआ। इसके चलते अंग्रेजी सरकार ने उन्हें जेल में ठूँस दिया। जेल से आने पर उनके स्वागत में श्यामलाल गुप्त ने एक कविता पढ़ी। इस प्रकार दोनों की घनिष्ठता बढ़ती गयी।

कांग्रेस ने जब तिरंगा झंडा तय कर लिया था, लेकिन उसके लिए कोई गीत नहीं था। तब गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ ने श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ से आग्रह किया कि वह तिरंगे का ‘झण्डा गीत’ लिख दें। लेकिन श्यामलाल गुप्त कई दिन तक गीत नहीं लिख पाए थे। इसके बाद गणेश शंकर ‘विद्यार्थी’ के कहने पर उन्होंने एक रात में ही झण्डा गीत लिखकर उन्हें दे दिया था। इस गीत के ‘विजयी विश्व’ शब्द पर कुछ स्वतंत्रता सेनानियों को आपत्ति थी। इस पर उन्होंने कहा था कि विजयी विश्व का अर्थ विश्व को जीतना नहीं, बल्कि विश्व में भारत को अपना गौरव प्राप्त करना है। इस गीत के सामने आने के बाद यह स्वतंत्रता संग्राम के हर सेनानी को कंठस्थ होने के साथ ही पूरे देश में लोकप्रिय हो गया था।

साल 1938 में हुए ‘हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन’ में मोहनदास करमचंद गांधी और जवाहरलाल नेहरू समेत अन्य नेताओं ने मंच से इस गीत को गाया था। इससे श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ बेहद खुश हुए थे। देश की आजादी के बाद श्यामलाल राजनीति में नहीं आए बल्कि अपने गांव नरवल जाकर उन्होंने वहां ‘गणेश सेवा आश्रम’ खोला। इसके बाद वह कानपुर से करीब 16 किमी पैदल चलकर रोजाना आश्रम पैदल जाने लगे। पैदल जाने के पीछे का बड़ा कारण उनकी आर्थिक स्थिति थी। इस दौरान धीरे-धीरे कांग्रेस और उसके नेताओं का आचरण बदलता जा रहा था। श्यामलाल इससे नाराज थे। एक बार किसी ने उनसे पूछा, “‘पार्षद’ जी आजकल क्या लिख रहे हैं? इस पर उनका जवाब था, कुछ नया तो नहीं लिख रहा। हां पुराने झण्डा-गीत में पंक्ति संशोधित कर दी है, ‘इसकी शान भले ही जाए, पर कुर्सी न जाने पाए।’

कानपुर से आश्रम पैदल आने-जाने के दौरान एक दिन रास्ते में उनके पैर पर कांच लग ने से गहरा घाव हो गया था। जब श्यामलाल गुप्त ‘पार्षद’ के गीत गाने वाले लोग सत्ता में बैठे थे, तब ‘पार्षद’ के पास अपना इलाज कराने के लिए भी पैसा नहीं था और उनकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं था। इसके चलते उन्हें गैंगरीन रोग हो गया, जिसका उनके अंतिम समय तक इलाज नहीं हो सका। इसके चलते उनका निधन हो गया और 10 अगस्त, 1977 को वह इस दुनिया को छोड़कर चले गए। हालत यह थी कि डॉक्टर ने शव अभद्र तरीके से वॉर्ड से बाहर जमीन पर रखवा दिया। घर तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस नहीं मिला। हालांकि बाद में घर से शमशान ले जाने के लिए एंबुलेस की व्यवस्था जरूर हो गई थी।

इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि आजादी के बाद राजनीति को अपना ‘धंधा’ बनाने वालों का परिवार जब मलाई खा रहा था और उनके बेटे विदेशों में घूम रहे थे, तब पैसे की तंगी के चलते इलाज के अभाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मौत हो गई थी और उसकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं था।

स्रोत: श्याम लाल गुप्त पार्षद, Shyamlal Gupta Parshad, Shyamlal Gupta Parshad Kanpur, श्याम लाल गुप्त पार्षद कानपुर, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा के लेखक, विजयी विश्व तिरंगा प्यारा के रचयिता, Vijayi Vishwa Tiranga Pyara Writer, Vijayi Vishwa Tiranga Pyara Lyrics
Tags: HistoryMahatma Gandhiइतिहासजवाहर लाल नेहरूमोहन दास करमचंद गांधी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

धर्मांतरण पर मेरठ पुलिस का कड़ा प्रहार, मिशनरी द्वारा 500 लोगों के धर्मांतरण की थी कोशिश

अगली पोस्ट

जिस कश्मीर में सेना पर चलते थे पत्थर, वहाँ अब दिख रहा हिन्दुओं का पुनर्जागरण

संबंधित पोस्ट

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

अमेरिकी सांसद रिले मूर ने प्रस्तावित FCRA संसोधन विधेयक 2026 को ईसाईयों पर हमला बताया है
चर्चित

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

6 August 2026

अमेरिकी रिपब्लिकन सांसद रिले एम. मूर का एक सोशल मीडिया पोस्ट भारत में चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि भारत का...

मेटा की माफी नाकाफी
चर्चित

क्या मेटा की माफी नाकाफी? निरंकुश बिग-टेक को अब बनाना होगा जवाबदेह

6 August 2026

"गलती हुई है और हम सुधार करेंगे।" मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग और उनकी टीम की ओर से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited