माधवराव की मौत के बाद उनके छोटे भाई नारायणराव पेशवा बने। नारायणराव की उनके चाचा रघुनाथ राव ने हत्या कर दी और कुछ समय के लिए पेशवा बन गए, लेकिन यहाँ पर नाना फडणवीस ने दिमाग का उपयोग किया और सात महीने में ही रघुनाथ राव की पेशवाई को उखाड़ फेंका।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मराठा ‘चाणक्य’ जिसने बचा कर रखा मराठा सम्राज्य: तब अंग्रेज-निजाम-टीपू से था ख़तरा, बुद्धि से सबको दी मात

माधवराव की मौत के बाद उनके छोटे भाई नारायणराव पेशवा बने। नारायणराव की उनके चाचा रघुनाथ राव ने हत्या कर दी और कुछ समय के लिए पेशवा बन गए, लेकिन यहाँ पर नाना फडणवीस ने दिमाग का उपयोग किया और सात महीने में ही रघुनाथ राव की पेशवाई को उखाड़ फेंका।

khushbusingh1 द्वारा khushbusingh1
6 December 2024
in इतिहास, ज्ञान
नाना फडणवीस, मराठा सम्राज्य

नाना फडणवीस ने मराठा सम्राज्य को अपनी बुद्धि से मजबूत बनाए रखा

Share on FacebookShare on X

पेशवा माधवराव प्रथम ने उन्हें फडणवीस (पेशवाई की आय-व्यय का लेख-जोखा रखने वाला) के पद पर नियुक्त किया था। इसके कारण वे फडणवीस कहलाने लगे। हालाँकि, 14 जनवरी, 1761 को पानीपत की तीसरी लड़ाई में अफगान आक्रांता अहमदशाह अब्दाली के हाथों मराठों को भीषण पराजय का सामना करना पड़ा। इसके बाद मराठा साम्राज्य हर तरह से क्षत-विक्षत हो गया। खजाने खाली हो गए। राजनीतिक हालात बिगड़ गए। ऐसे विकट समय में नाना फडणवीस ने साम्राज्य को सँभाला। उन्होंने व्यवस्था बहाल की और आर्थिक स्थिति को सुधारने की कोशिश की। बिगड़ चुके राजनीतिक हालात को संभारने के लिए उन्होंने अंग्रेजों और यहाँ तक मुगलों एवं निजामों तक से संधि की। सत्ता के लालची पेशवा रघुनाथराव जैसे आंतरिक खतरों से भी उन्होंने मराठा साम्राज्य को बचाया।

बालाजी जनार्दन भानु का जन्म चितपावन परिवार में 12 फरवरी, 1762 को हुआ था। उनके पिता का नाम जनार्दन और माँ का नाम रख्माबाई था। नाना फडणवीस का संबंध भानु घराने से था, जबकि पेशवाओं का संबंध भट्ट घराने था। दोनों घराने से पीढ़ियों से एक-दूसरे से संबंधित थे। भट्ट घराने में दो भाई थे- बालाजी विश्वनाथ और जानोजी विश्वनाथ। वहीं, भानु घराने में चार भाई थे- नारायण, हरि, रामचंद्र और बलवंत। एक बार भट्ट भाइयों को भानु भाइयों ने अपनी सूझ-बूझ से बचा लिया। इसके बाद बालाजी विश्वनाथ ने भानु बंधुओं से कहा कि ‘हम जो भी रोटी लाएँगे, उसमें एक रोटी तुम्हें भी मिलेगी।’ भट्ट परिवार ने भानु परिवार को दिया यह वचन निभाया।

संबंधितपोस्ट

महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर विरोध और समर्थन के बीच सियासी विवाद गहराया

आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

और लोड करें

छत्रपति शाहूजी महाराज ने 1714 में बालाजी विश्वनाथ को पेशवा बनाया। इसके बाद बालाजी ने भानु भाइयों में से हरि को फडणवीस बनाया। फडणवसी पेशवा के आय-व्यय का लेखा जोखा देखने वाला विश्वसनीय अधिकारी होता था। हरि की मौत के बाद बलवंत को यह उपाधि मिली। बलवंत के बाद यह काम रामचंद्र को मिला और उनकी मौत के बाद उनके बेटे बालाजी जनार्दन भानु यानी नाना फडणवीस को यह पदवी एवं काम मिला। जनार्दन की मौत भी उत्तर भारत में एक सैन्य अभियान के दौरान हो गई। इसके पहले भी कई फडणवीसों की ऐसे ही मौत हुई। आखिरकार पेशवाओं ने अपना वादा निभाते हुए जनार्दन के बाद उनके बेटे नाना को फडणवीस बनाया। नाना कूटनीति में माहिर थे।

माधव राव को पेशवा बनाया, टीपू सुल्तान की सुनिश्चित की हार

पानीपत की तीसरी लड़ाई में हार के बाद अगले छह महीने में नानासाहेब पेशवा की मौत हो गई। इसके बाद नानासाहेब के बड़े भाई माधवराव पेशवा बने। नाना फडणवीस माधवराव के साथ काम करने लगे। नाना शरीर से बेहद दुर्बल थे, लेकिन दिमाग के बहुत तेज थे। पेशवा जब सैन्य अभियान पर होते तो राजकाज की सारी जिम्मेदारी नाना फडणवीस के हवाले करके जाते थे। बिगड़े मराठा साम्राज्य का सारा भार नाना फडणवीस पर आ गया।

नाना फडणवीस ने माधवराव पेशवा को आंतरिक विरोध से रक्षा थी। माधव राव और रघुनाथ राव के बीच पेशवाई को लेकर खींचतान चल रही थी। माधवराव ने रघुनाथ को शनिवारवाडा में कैद कर रखा। वे बाहर ना निकलें, इसकी जिम्मेदारी नाना फडणवीस को दी गई थी। 2 अप्रैल, 1769 को रघुनाथ राव ने जेल से भागने की कोशिश की, लेकिन नाना ने उन्हें पकड़ लिया और उन पहरा सख्त कर दिया। माधवराव की मौत के बाद उनके छोटे भाई नारायणराव पेशवा बने। नारायणराव की उनके चाचा रघुनाथ राव ने हत्या कर दी और कुछ समय के लिए पेशवा बन गए, लेकिन यहाँ पर नाना फडणवीस ने दिमाग का उपयोग किया और सात महीने में ही रघुनाथ राव की पेशवाई को उखाड़ फेंका।

इस दौरान नारायणराव की गर्भवती से सवाई माधव राव नाम का एक पुत्र उत्पन्न हुआ। नाना फडणवीस की अगुवाई में गठित एक परिषद ने छोटे से बालक माधव राव को पेशवा घोषित कर दिया और उनके नाम पर नाना ने राजकाज सँभाल लिया। इस दौरान नाना फडणवीस ने नागपुर के भोसले और निजाम-हैदर से गठबंधन किया। बाद में हैदर के बेटे टीपू सुल्तान ने दक्षिण में हमला किया तो नाना फडणवीस ने अंग्रेजों और निजाम से गठबंधन कर लिया। टीपू सुल्तान की इसमें हार हो गई। अंग्रेजों का ध्यान अब पेशवा की ओर गया, लेकिन यह सब आसान नहीं था।

निजाम और अंग्रेज जैसे खतरों के बीच नाना फडणवीस ने मराठाओं को मजबूत किया

पेशवा सवाई माधव राव के संरक्षक नाना फडणवीस ने इस दौरान आंतरिक भीतरघात और अंग्रेजों एवं निजाम की नजरों से जूझते हुए मराठाओं को एकत्रित करना जारी रखा। अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए कर की वसूली पर ध्यान दिया, ताकि राजकाज चलाने के लिए पर्याप्त धन आदि का आगमन हो सके। सवाई माधवराव के समय में नाना फडणवीस ने कभी युद्ध, कभी मित्रता तो कभी शांति की नीति अपनाई। उन्होंने फ्रांसीसियों का स्वागत और आतिथ्य सत्कार किया, ताकि अंग्रेजों को भ्रमित किया जा सके। आगे चलकर माधवराव ने शनिवार वाडा में छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। हालाँकि, इसके लिए नाना फडणवीस को दोषी बताया जाता है, लेकिन नाना ने मराठा साम्राज्य को बचाने के लिए हर जतन किए।

बाद में रघुनाथ राव के बेटे बालाजी द्वितीय ने पेशवा पद पर कब्जा कर लिया और नाना फडणवीस को जेल में डाल दिया। सन् 1800 में नाना फडणवीस ने मराठा साम्राज्य को अपनी छत्रछाया में ना सिर्फ बचाए रखा, बल्कि एकसूत्र में पिरोया भी और उसे इस मुकाम तक पहुँचाया कि वो अंग्रेज और निजाम जैसे समृद्ध तंत्रों से युद्ध कर सकें। यह सब कुछ नाना फडणवीस जैसा कुशल रणनीतिकार ही कर सकता था।

स्रोत: Nana Fadnavis, नाना फडणवीस, Maratha, मराठा, Peshwa, पेशवा
Tags: HistoryMaharashtraMarathaNana Fadnavisइतिहासनाना फडणवीसमराठामहाराष्ट्र
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

यशस्वी जायसवाल तोड़ सकते हैं रूट और सचिन का रिकॉर्ड, करना होगा केवल ये काम

अगली पोस्ट

देवेंद्र फडणवीस के साथ पटरी पर महाराष्ट्र की राजनीति

संबंधित पोस्ट

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी
इतिहास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

26 March 2026

राम नवमी हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लेकिन,...

राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ
चर्चित

कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

26 March 2026

काकालचक्र की गति तेज है, वह घूम रहा है। घूमते - घूमते पीछे जा रहा है- बहुत पीछे। इतिहास के पृष्ठ फड़फड़ाते हुए हमें ले...

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited