TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नित्य, सनातन एवं शुभता की सारगर्भित चेतना हैं भगवान शिव; समझिए शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर

सनातन परंपरा में यह स्वीकार किया जाता है कि रात्रि सृजनधर्मा होती है अर्थात् सृष्टि की उत्पत्ति के समय घना अंधकार ही था

Dr Alok Kumar Dwivedi द्वारा Dr Alok Kumar Dwivedi
26 February 2025
in धर्म
नित्य, सनातन एवं शुभता की सारगर्भित चेतना हैं भगवान शिव; समझिए शिवरात्रि और महाशिवरात्रि का अंतर
Share on FacebookShare on X

महाशिवरात्रि सनातन संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है। शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में अंतर होता है शिवरात्रि प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है जबकि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाने वाली शिवरात्रि को ही महाशिवरात्रि कहा जाता है। यह पर्व भगवान शिव के भक्तों की अटूट श्रद्धा एवं विश्वास का प्रतीक है। सनातन परंपरा में यह स्वीकार किया जाता है कि रात्रि सृजनधर्मा होती है अर्थात् सृष्टि की उत्पत्ति के समय घना अंधकार ही था। ऋग्वेद के दसवें मंडल में वर्णित नासदीय सूक्त (नासदीय सूक्त को वेदों का ब्रह्मांड विज्ञान भी कहा जाता है)  में सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन इसी रूप में प्राप्त होता है।

तम् आसीत्तमसा गूढमग्रेऽप्रकेतं सलिलं सर्वमा इदं।
तुच्छ्येनाभ्वपिहितं यदासीत्तपसस्तन्महिना जायतैकं॥३॥(नासदीय सूक्त, ऋग्वेद)

संबंधितपोस्ट

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

‘शिवायण’: भ्रांतियों से सत्य की ओर जाने का रास्ता बताती पुस्तक

करवा चौथ 2025: आज सुहागिनें रखेंगी अखंड सौभाग्य का व्रत, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और आपके शहर में कब दिखेगा चांद

और लोड करें

अर्थात् प्रलय के समय सर्वत्र अंधकार ही था तथा जगत तमस रूप मूल कारण में विद्यमान था। यह संपूर्ण जगत सलिल अर्थात् परम कारण द्वारा ‘लीला’ के माध्यम से रचा गया था। उस समय कारण और कार्य दोनों मिले हुए थे। कारण से कार्य एक रूप होकर यह जगत ईश्वर के संकल्प तथा तप की महिमा से उत्पन्न हुआ।

महाशिवरात्रि इस रूप में विशेष महत्व रखती है क्योंकि साधक इस घड़ी में त्रिगुणात्मक एवं त्रिगुणातीत शिव की साधना द्वारा आंतरिक नव सृजन प्रारंभ करता है। एक रूपक से समझने का प्रयास करें तो फाल्गुन संवत्सर का अंतिम मास है। फाल्गुन में फल्गु का अर्थ है- व्यर्थ या बेकार। इस प्रकार यह निर्दिष्ट करता है कि जो साधक पूरे वर्ष अपनी साधना के द्वारा इस जगत की नि:सारता को समझ लेता है तथा स्वयं के चित्त (मन, बुद्धि एवं अहंकार) का शिव में विलीन कर देता है, वही महाशिवरात्रि का वास्तविक अर्थ समझ सकता है। इस फाल्गुन मास के पूर्व का मास माघ है। अघ का अर्थ है- पाप एवं मा का अर्थ है- नहीं। इस प्रकार माघ मास निर्दिष्ट करता है कि जिसने अपने सभी पापों के लिए प्रायश्चित कर लिया हो एवं अब कोई पाप न करने का व्रत धारण किया हो वही फाल्गुन मास में प्रवेश का अधिकारी हो सकता है।

माघ मास में गंगा स्नान की सनातन परंपरा रही है। गंगा स्नान को लेकर एक सामान्य धारणा है कि गंगा स्नान करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। पूर्ण वर्णित संवत्सर के महीनों के रूपकों से देखें तो स्पष्ट होता है कि माघ महीने में गंगा स्नान करना एवं पाप से मुक्त होना इस रूप में है कि गंगा स्नान करते समय व्यक्ति अपने सभी पापों का प्रायश्चित करे एवं भविष्य में कभी पाप ने करने का दृढ़ व्रत ले। इस रूप में गंगा स्नान का महत्व अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है। भारतीय सनातन परंपरा में पंचमहाभूतों को साक्षी मानकर दृढ़व्रत करने की परंपरा सदा से रही है। अग्नि, आकाश, जल, वायु एवं पृथ्वी को साक्षी मानकर अनेकों व्रत एवं धर्म संपन्न किए जाते रहे हैं। संभव है कि जिस प्रकार विवाह संस्कार के दौरान अग्नि को साक्षी मानकर उसके समक्ष पति – पत्नी अगले सात जन्मों तक एक दूसरे के सुख-दुख में सहभागी होते हुए सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने का संकल्प लेते हैं, ठीक उसी प्रकार गंगा जल में खड़े होकर पूर्व किए गए पापों का प्रायश्चित एवं भविष्य में पाप ने करने का संकल्प भी गंगा को साक्षी मानकर दृढ़ व्रत लेना हो सकता है। 

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाए जाने वाले महाशिवरात्रि के पूरे दिन भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना एवं अभिषेक किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में चार पहर की जाती है। शिव महापुराण के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था। इस पवित्र तिथि को भगवान शिव ने वैराग्य का जीवन त्याग कर देवी पार्वती के साथ विवाह बंधन में बधकर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया था। शिव महापुराण के अनुसार महाशिवरात्रि पर ही भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। स्कंद पुराण में वर्णित है कि महाशिवरात्रि के दिन शिव की आराधना, पूजन जागरण एवं उपवास से पुनर्जन्म से मुक्ति मिलती है तथा मोक्ष प्राप्त होता है।

ऐसी भी मान्यता है कि देवासुर संग्राम के पूर्व समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष से जब देवता एवं दैत्यों दोनों पक्षों में हाहाकार मच गया तो सबके आह्वान पर भगवान शिव ने हलाहल विष का पान किया और इससे उनका कंठ नीला पड़ गया, इस प्रकार शिव नीलकंठ कहलाए। कहा जाता है कि यह दिन महाशिवरात्रि का ही दिन था। गोस्वामी तुलसीदास जी इस प्रसंग को लेकर लिखते हैं-

जरत सकल सुर बृंद बिषम गरल जेहिं पान किय। 
तेहि न भजसि मन मंद को कृपाल संकर सरिस॥ (किष्किन्धाकाण्ड, रामचरित मानस)

इस प्रसंग में शिव मानो यह संदेश देते हैं कि यदि कोई परोपकार भाव से नि:स्वार्थ दूसरों के हिस्से का विष पीने को तैयार हो जाता है तो वह विष ही उसे मृत्युंजय बना देता है। सनातन परंपरा में शिव शुभता के केंद्र हैं। समस्त कल्याण का अधिष्ठान होने से उनको शिव कहा जाता है- ‘शिवम् कल्याणम् विद्यतेऽस्य शिव:’। शिव की आराधना करते हुए कहा गया है-

ईशान सर्वविद्यानाम् ईश्वर सर्व भूतानाम्।
ब्रह्मादीपते ब्रह्मनोदिपते ब्रह्मा शिवोमें अस्तु सदा शिवोम्।। (शिव नमस्काराथा मंत्र) 

अर्थात्  जो संपूर्ण विद्याओं के ईश्वर, समस्त भूत पदार्थों के अधीश्वर, ब्रह्मा के अधिपति, ब्रह्मतेज के प्रतिपालक तथा साक्षात परमात्मा हैं, वे सच्चिदानंद शिव मेरे लिए नित्य कल्याण स्वरूप बने रहें।

जीवन अपने अस्तित्व के साथ ही कल्याण की अपेक्षा रखता है तथा कल्याण की यही सनातन आकांक्षा शिवत्व की ओर उन्मुख करती है। सामाजिक रूप से देखें तो शिव अर्धनारीश्वर के रूप में भी प्रकट हैं, अर्थात् यह स्वरूप निर्दिष्ट करता है कि अस्तित्व में स्त्री एवं पुरुष का अपना-अपना महत्व है। यह सामाजिक समानता का अनुपम प्रतीक है। रघुवंशम् में महाकवि कालिदास कहते हैं-

वागर्थाविव सम्पृक्तौ वागर्थप्रतिपत्तये।
जगतः पितरौ वन्दे पार्वतीपरमेश्वरौ। रघुवंश (1.1)

शंकर में पार्वती और परमेश्वर इस प्रकार समाहित हैं जैसे कविता में शब्द और भाव दोनों। जिस प्रकार अकेले शब्द एवं भाव से कविता नहीं होती उसी प्रकार परम तत्व में स्त्री और पुरुष का अपना महत्व है। ईशा फाउंडेशन के स्वामी जग्गी वासुदेव के अनुसार ‘शि’ का अर्थ शक्ति है तथा शिव में शक्ति भगवती बनाकर समाहित है। उनके अनुसार शिव में शि का मूल अर्थ है शक्ति या ऊर्जा। भारतीय परंपरा में स्त्रीत्व सदैव से शक्ति एवं ऊर्जा का प्रतीक रहा है। ‘व’ का अर्थ है – प्रवीणता या अधिकार। यह प्रवीणता संतुलन को निर्दिष्ट करता है। ‘शि-व’ मंत्र के रूप में एक ऊर्जा है तथा दूसरा उसे संतुलित करता है। इस प्रकार शिव विशेष ऊर्जा का विशेष लक्ष्य की तरफ निर्दिष्टीकरण है।

स्रोत: भगवान शिव, महाशिवरात्रि, शिवरात्रि, धर्म, lord shiva, mahashivratri, shivratri, religion,
Tags: Lord ShivamahashivratriReligion.shivratriधर्मभगवान शिवमहाशिवरात्रिशिवरात्रि
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पुण्यतिथि विशेष: जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के लिए नेहरू सरकार ने किया था सावरकर को क़ैद

अगली पोस्ट

46 साल बाद संभल के खग्गू सराय शिव मंदिर में हुआ जलाभिषेक; महाशिवरात्रि के अवसर पर लगा भक्तों का तांता

संबंधित पोस्ट

अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

चारधाम यात्रा के पीक सीजन से पहले उत्तराखंड अलर्ट
चर्चित

चारधाम यात्रा के पीक सीजन से पहले उत्तराखंड अलर्ट, आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया क्षमता का किया गया परीक्षण

8 June 2026

चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा में इस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited