केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश कर दिया है। विपक्ष इस बिल को लेकर विरोध कर रहा है जबकि सरकार इसे सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है। इस्लामी संगठन और नेताओं की राय भी इस बिल पर बटी हुई है कई मुस्लिम संगठनों ने इसे सुधारवादी कदम बताया है तो कई ने इसे सरकार की मनमानी कहा है। बिहार के राज्यपाल और इस्लामिक स्कॉलर आरिफ मोहम्मद खान ने भी इस बिल की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। आरिफ मोहम्मद खान बुधवार को मथुरा पहुंचे थे और उन्होंने वहां मीडिया से बातचीत की है।
बंदूक से आगे की लड़ाई ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...































