TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    TCS केस में अदालत की अहम टिप्पणी

    TCS धर्म परिवर्तन केस: गर्भवती निदा खान को जमानत, कोर्ट ने दिया मानवीय आधार का हवाला

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाएगा उनका जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन कर रहा Bio War की तैयारी!, कितना तैयार है भारत?

अमेरिका में एक संभावित Agroterrorism का मामला सामने आया है जो चीन से जुड़ा हुआ है

Shiv Chaudhary द्वारा Shiv Chaudhary
4 June 2025
in रक्षा
चीन कर रहा Bio War की तैयारी!, कितना तैयार है भारत?
Share on FacebookShare on X

कभी युद्ध हाथी और घोड़ों से लड़े जाते थे, फिर आया तोप, टैंकों और मिसाइलों का दौर, जहां युद्ध और भी विनाशकारी होता गया। आज हम ड्रोन्स और सैटेलाइट्स की दुनिया में हैं, जहां तकनीक एक बड़ा हथियार बन चुकी है। लेकिन आने वाले चरण और भी खतरनाक है और वो है बायो वॉर यानी जैविक युद्ध। यहां एक अदृश्य जीवाणु लाखों लोगों की जान ले सकता है, वो भी बिना किसी गोली या हथियार के। अब ऐसे संकेत मिले हैं जिससे लग रहा है कि चीन बायो वॉर  की तैयारी कर रहा है। हालांकि, पहले ही इससे जुड़ी कई रिपोर्ट्स सामने आई हैं लेकिन अब यह अमेरिका से एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे इन अटकलों को और भी बल मिला है। अमेरिका में एक संभावित Agroterrorism का मामला सामने आया है।

Agroterrorism हथियार के गिरफ्तार चीनी रिसर्चर

एक चीनी कपल ज़ुनयोंग लियू और युनकिंग जियान पर खतरनाक फफूंद फ्यूज़ेरियम ग्रामिनियारम (Fusarium graminearum) को गैर-कानूनी रूप से अमेरिका में लाने का आरोप लगा है। अमेरिका की Federal Bureau of Investigation (FBI) ने जियान को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिका के डिपार्मेंट ऑफ जस्टिस ने बताया है कि जिस फफूंद को स्मगल करने का आरोप लगा है वो Scientific Literature में संभावित agroterrorism हथियार माना गया है। यह जहरीला फंगस गेहूं, जौ, मक्का और चावल में “हेड ब्लाइट” नाम की बीमारी फैलाता है, जिससे हर साल दुनियाभर में अरबों डॉलर का आर्थिक नुकसान होता है। फ्यूज़ेरियम ग्रामिनियारम से निकलने वाले ज़हरीले तत्वों से इंसानों और जानवरों में उल्टी, लीवर को नुकसान और प्रजनन से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

संबंधितपोस्ट

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

वेनेज़ुएला में विनाशकारी भूकंप: राजधानी काराकास में भारी तबाही, 32 की मौत, हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

और लोड करें

क्या बोले FBI के डायरेक्टर?

चीन पर कोविड-19 को लेकर बायो वॉर के आरोप लगते रहे हैं और अब अमेरिकी ने इस मामले में चीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। FBI के डायरेक्टर काश पटेल का कहना है कि सबूतों से यह भी पता चला है कि जियान ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जताई थी और उसे चीन में इसी पैथोजन पर काम करने के लिए चीनी सरकार से फंडिंग भी मिली थी। काश पटेल ने बताया कि जियान का बॉयफ्रेंड ज़ुनयोंग लियू चीन की एक यूनिवर्सिटी में काम करता है, और वहां वह इसी खतरनाक पैथोजन पर रिसर्च कर रहा है।

मिशिगन यूनिवर्सिटी ने दी सफाई

इस मामले पर मिशिगन यूनिवर्सिटी ने भी सफाई दी है और एजेंसियों को मदद का पूरा भरोसा दिया है। यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा, “यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके शोध कार्य के लिए विश्वविद्यालय को चीनी सरकार से कोई फंडिंग नहीं मिली है। हम इस मामले में संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पहले भी सहयोग कर चुके हैं और आगे भी पूरी तरह से सहयोग करते रहेंगे।

बायो वॉर को लेकर चीन की तैयारी

चीन 1972 के Biological Weapons Convention (BWC) का हस्ताक्षरकर्ता है। इसे आधिकारिक रूप से Convention on the Prohibition of the Development, Production and Stockpiling of Bacteriological (Biological) and Toxin Weapons and on their Destruction कहा जाता है। आसान शब्दों में इसे समझें तो यह एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता है जिसका मकसद है कि कोई भी देश खतरनाक जैविक और ज़हरीले हथियार न बनाए, न जमा करे और जो पहले से हैं, उन्हें पूरी तरह नष्ट कर दे। लेकिन फिर पर चीन पर जैविक हथियार के निर्माण को लेकर लगातार दुनिया भर की नज़रें रहती हैं।

अमेरिका के रक्षा विभाग की MILITARY AND SECURITY DEVELOPMENTS INVOLVING THE PEOPLE’S REPUBLIC OF CHINA 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन (PRC) आज भी ऐसे जैविक शोध और गतिविधियों में शामिल है जिनका dual-use किया जा सकता है, इसी वजह से यह चिंता उठती है कि क्या चीन वास्तव में Biological Weapons Convention का पालन कर रहा है या नहीं। dual-use ऐसे जैविक शोध हैं जो किए तो स्वास्थ्य या विज्ञान के नाम पर जाते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल जैविक हथियारों के रूप में भी किया जा सकता है। इसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बायोटेक्नोलॉजी चीन के आधुनिकीकरण के लक्ष्यों का एक अहम हिस्सा है, चीन की सेना (PLA) से जुड़े मेडिकल संस्थान अब जीन एडिटिंग और बायोटेक्नोलॉजी के अन्य उभरते क्षेत्रों में रिसर्च के प्रमुख केंद्र बन गए हैं।

MILITARY AND SECURITY DEVELOPMENTS INVOLVING THE PEOPLE’S REPUBLIC OF CHINA – Report

2016 में चीन ने चाइना ब्रेन प्रोजेक्ट की शुरुआत की जो 2030 तक चलेगा, इसका उद्देश्य दिमाग के काम करने के तरीके और तंत्रिका तंत्र (neural pathways) को बेहतर समझना है। इसमें कई टेक्नोलॉजी पर काम किया जा रहा है, रिपोर्ट में बताया गया है कि PLA अब ऐसे न्यूरोकॉग्निटिव वॉरफेयर विकल्पों पर काम कर रही है, जिनका मकसद दुश्मन के दिमाग को न्यूरोसाइंस और मनोविज्ञान के जरिए प्रभावित करना है, यानी चीन दुश्मन के दिमाग को ही युद्ध का मैदान बनाने पर तुला हुआ है।

न्यूरोकॉग्निटिव वॉरफेयर के लिए तैयार होता चीन

CHINA AEROSPACE STUDIES INSTITUTE की CHINA’S MILITARY-CIVIL FUSION STRATEGY रिपोर्ट में बताया गया है कि 2016 में चीन ने 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बायोटेक को एयरोस्पेस, समुद्री, सूचना और परमाणु प्रौद्योगिकी के साथ-साथ एक प्रमुख फोकस क्षेत्र के रूप में राष्ट्रीय रणनीतिक उभरते राष्ट्रीय उद्योगों के लिए विकास योजना में सूचीबद्ध किया गया था। इसके प्रमुख घटकों में synthetic biology, biological breeding, ecological protection, and energy production शामिल है।

CHINA’S MILITARY-CIVIL FUSION STRATEGY – Report

चीन-पाकिस्तान का दोहरा खतरा

बेशक के जैविक हथियार कार्यक्रम की लेकर ठोस जानकारी नहीं है लेकिन इतना तय है कि चीन जैविक तकनीकों को एक नई ताकत के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। अब अगर चीन बायो वॉर की और आगे बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा खतरा भारत को ही हो सकता है, और भारत के लिए खतरा दो तरफा है, भारत के लिए चीन के साथ-साथ पाकिस्तान भी एक संभावित खतरा है और हम ऐसे इसलिए कह रहे हैं कि इस क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करने की खबरें आई हैं।

2020 में खोजी पत्रकार एंथनी क्लान ने अपनी ऑस्ट्रेलियाई समाचार वेबसाइट The Klaxon में एक खबर छापी थी, इसमें दावा किया गया कि चीन और पाकिस्तान ने तीन साल का एक गुप्त समझौता किया है, जिसका उद्देश्य bio-warfare capabilities यानी जैव-युद्ध क्षमताओं को बढ़ाना है। इस समझौते के तहत, चीन के वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और पाकिस्तान की डिफेंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी ऑर्गनाइजेशन (DESTO) के बीच “उभरती संक्रामक बीमारियों” पर अनुसंधान में सहयोग किया जा सके, हालांकि, पाकिस्तान और चीन दोनों ने इन आरोपों को खारिज किया लेकिन जिस तरह मिसाइल और परमाणु तकनीक में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग किया है ऐसे में किसी भी क्षेत्र में साझेदारी की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता है।

कितना तैयार है भारत?

कोविड-19 महामारी ने पूरी दुनिया को हिला दिया और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। लेकिन इस संकट ने एक और अहम बात सिखाई है कि जैविक खतरे यानी बायोलॉजिकल थ्रेट्स अब कल्पना नहीं, हकीकत बन चुके हैं। भारत ने इस सबक को सीरियसली लिया है। DRDO, ICMR और NCDC जैसी संस्थाओं ने बायोथ्रेट्स की पहचान और उससे निपटने की अपनी क्षमताओं को बेहतर किया है। तकनीक, टेस्टिंग और रिस्पॉन्स टाइम में भी सुधार हुआ है।

लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू भी है और कई ज़रूरी मोर्चों पर हम अभी भी काफी पीछे हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा फूड प्रोड्यूसर देशों में से एक है लेकिन कृषि से जुड़ी जैविक सुरक्षा अब भी हमारी प्राथमिकता नहीं बन पाई है। सोचिए, अगर कोई जैविक हमला हमारी फसलों पर हो जाए तो इसका असर सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश की खाद्य सुरक्षा डगमगा जाएगी। इसके अलावा, देश की सीमाओं पर जैविक निगरानी (बायो-सर्विलांस) अभी भी बिखरी हुई है। संवेदनशील इलाकों में ना तो निगरानी के पुख्ता इंतज़ाम हैं और ना ही कानून का कठोर पालन होता है।

एक और बड़ी कमी है, हमारे स्वास्थ्य और रक्षा विभागों के बीच सहयोग की। एक ही देश के दो अहम हिस्से, लेकिन आपस में खुलकर बात नहीं करते। और निजी बायोटेक्नोलॉजी लैब्स तो इस सिस्टम से पूरी तरह बाहर ही हैं। इसका मतलब ये हुआ कि अगर जैविक खतरा कहीं से उभरे, तो हम सब एक-दूसरे से कटे हुए हैं और इससे खतरे का असर और गंभीर हो सकता है। सबसे बड़ी बात, हमारे पास अब भी कोई स्पष्ट और ठोस नेशनल बायो-सिक्योरिटी फ्रेमवर्क नहीं है। यानी अगर कल कोई जैविक हमला हो, खासकर ऐसा जो फूड सप्लाई या स्वास्थ्य सिस्टम को प्रभावित करे तो हमें जवाब देने में काफी वक्त लग सकता है। और उस वक्त में नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है।

अमेरिका के मिशिगन में जैविक एजेंट से जुड़ा एक मामला सामने आया है। हो सकता है वो एक अकेला मामला हो, लेकिन ये दुनिया भर की सरकारों को सतर्क करने के लिए काफी है। भारत के लिए ये एक सीधा संदेश है कि अब जैविक सुरक्षा को अब नीतियों की फाइलों में नहीं, ज़मीनी प्राथमिकताओं में शामिल करना ही होगा। हमें चाहिए कि:

  • जल्द से जल्द एक राष्ट्रीय जैव सुरक्षा नीति बने और लागू हो

  • हेल्थ और एग्रीकल्चर दोनों क्षेत्रों के लिए एडवांस जैव खतरा डिटेक्शन सिस्टम तैयार हों

  • सिविल और मिलिट्री एजेंसियों के बीच सहयोग मजबूत हो

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंटेलिजेंस शेयरिंग और शुरुआती चेतावनी सिस्टम में भारत की भागीदारी बढ़े

  • भारतीय बायोटेक उद्योग को सुरक्षा और नैतिकता के सख्त मानकों के साथ बढ़ावा मिले

जैविक खतरे अब सिर्फ किसी साइंस फिक्शन फिल्म का हिस्सा नहीं रहे हैं। ये हमारे दरवाज़े तक आ चुके हैं और ये किसी लैब में बैठे वैज्ञानिक, किसी सरकार या फिर सीमा पार के आतंकी-सरकार के छिपे गठजोड़ से भी आ सकते हैं। भारत इस खतरे को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। हमें अब इंतज़ार नहीं करना चाहिए कि कोई नया संकट हमारे दरवाज़े पर दस्तक दे। जैव युद्ध का खतरा सच्चाई बन चुका है और इसकी तैयारी आज ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा है।

Tags: AmericaBio WarChinaअमेरिकाचीन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

काम का बहाना बनाकर बुलाया, फिर मदरसे में ही शिक्षिका के साथ मदरसा संचालक जुबैर ने की हैवानियत, वीडियो हो रहा वायरल

अगली पोस्ट

देश में पहली बार 1st क्लास से होगी मिलिट्री ट्रेनिंग, क्या हैं मायने?

संबंधित पोस्ट

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव
चर्चित

भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

29 June 2026

भारतीय सेना जल्द ही अपने पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (Integrated Battle Group-IBG) को ऑपरेशनल करने जा रही है। इसे सेना की युद्ध संरचना में पिछले...

ब्रह्मोस मिसाइल
रक्षा

ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

30 May 2026

भारत के रक्षा निर्यात को नई गति मिली है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस...

अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला
चर्चित

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

30 May 2026

Vice Admiral Ajay Kochhar ने भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (VCNS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। वे अपने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited