बिहार में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं साधेगी BJP, उम्मीदवारों की लिस्ट में ये होगी असली कसौटी
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    अमित शाह: मोदी सरकार

    अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

    रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम

    रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास

    Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर

    ममता बनर्जी के चुनावी भाषण पर एक और एफआईआर, कानूनी जांच हुई तेज

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बिहार में सिर्फ जातीय समीकरण नहीं साधेगी बीजेपी, उम्मीदवारों की लिस्ट में ये होगी असली कसौटी

2025 का चुनाव मोदी फैक्टर, संगठन शक्ति और युवा नेतृत्व पर केंद्रित, जाति से ऊपर ‘जीतने वाले’ चेहरों की तलाश में पार्टी।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
13 October 2025
in चर्चित, मत, राजनीति, समीक्षा
बिहार में पहले चरण में बंपर वोटिंग से पीएम मोदी गदगद, भारी मतदान से विपक्ष हतप्रभ और एनडीए का आत्मविश्वास आसमान पर

विपक्ष के पास न तो कोई राष्ट्रीय चेहरा है और न ही विचारधारा का सामर्थ्य।

Share on FacebookShare on X

बिहार विधानसभा चुनाव की गहमागहमी अब दिल्ली से लेकर पटना तक तेज हो चुकी है। एनडीए में सीट बंटवारे के बाद बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी पूरी कर ली है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक ने इस बात को साफ कर दिया कि बीजेपी इस बार बिहार चुनाव को सिर्फ जातीय समीकरणों के दायरे में सीमित नहीं रखेगी।

पार्टी का फोकस अब कौन किस जाति से है से आगे बढ़कर कौन जीत सकता है पर है। यानी जातीय संतुलन रहेगा, लेकिन उम्मीदवार चयन की प्राथमिक कसौटी होगी उनकी विजय क्षमता।

संबंधितपोस्ट

टीएमसी पर अस्तित्व का संकट गहराया: संसदीय बगावत ने पकड़ी रफ्तार, बागी खेमे से सायोनी घोष और माला रॉय के जुड़ने की चर्चा

पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू को भी छोड़ा पीछे

हिमाचल नगर निगम चुनाव में भाजपा का दबदबा, 4 में से 3 नगर निगमों पर जमाया कब्जा

और लोड करें

एनडीए में सीट बंटवारा तय, अब लिस्ट पर फोकस

एनडीए में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है। बीजेपी 243 में से 101 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि जदयू भी 101 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगी। शेष सीटें हम (HAM), लोजपा (रामविलास) और अन्य सहयोगी दलों को मिलेंगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पहले चरण के उम्मीदवारों की घोषणा पटना में जल्द ही हो सकती है। दिल्ली में हुई बैठक में उम्मीदवारों की लिस्ट को लेकर घंटेभर चली गहन चर्चा में हर उम्मीदवार की ग्राउंड रिपोर्ट, जातीय समीकरण और व्यक्तिगत लोकप्रियता पर अलग-अलग रिपोर्ट पेश की गई।

सिर्फ जातीय गणित नहीं, ‘विजय क्षमता’ बनेगी प्राथमिकता

बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा से निर्णायक रहे हैं। यादव, कुशवाहा, भूमिहार, ब्राह्मण, पासवान और मुसहर जैसे समुदायों का वोट शेयर हर पार्टी की रणनीति का केंद्र रहा है। लेकिन बीजेपी इस बार इस परंपरा को आंशिक रूप से तोड़ने के मूड में है। पार्टी का इरादा है कि वह जाति प्रतिनिधित्व को तो बनाए रखे, लेकिन टिकट वितरण में ‘वोट ट्रांसफर और ग्राउंड पर जीतने की संभावना’ को ही अंतिम पैमाना बनाया जाए।

एक वरिष्ठ बीजेपी पदाधिकारी ने कहा कि अब केवल जाति से जीत नहीं मिलती। जनता काम, छवि और कनेक्शन देखती है। पार्टी का मानना है कि जिसे जनता स्वीकारती है, वही उम्मीदवार सही है। इसका मतलब यह है कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय लोकप्रियता, संगठन से जुड़ाव और केंद्र की योजनाओं से तालमेल को भी उतनी ही गंभीरता से तौलेगी जितनी जाति को।

सिटिंग विधायकों को मिलेगा दोबारा मौका

दिलचस्प बात यह है कि पार्टी ने इस बार अपने अधिकांश सिटिंग विधायकों को फिर से मौका देने का निर्णय लिया है। हालांकि, 2020 में बीजेपी ने बड़ी संख्या में नए चेहरों को उतारा था, जिनमें से कई ने पहली बार में ही मजबूत जनाधार तैयार कर लिया। पार्टी के भीतर यह मूल्यांकन किया गया कि बिहार में सरकार-विरोधी लहर (Anti-incumbency) जैसी कोई स्थिति नहीं है। इसलिए जहां अन्य राज्यों में बीजेपी औसतन 25-30% विधायकों का टिकट काटती रही है, वहीं बिहार में यह अपवाद साबित हो सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे पार्टी को दोहरा लाभ होगा। पहला यह कि संगठन के भीतर असंतोष नहीं फैलेगा और दूसरा कार्यकर्ताओं को संदेश जाएगा कि परिश्रम और जनता से जुड़ाव का इनाम पार्टी देती है।

युवा और महिला उम्मीदवारों पर जोर

बीजेपी की सूची में इस बार एक और बड़ा संदेश छिपा होगा, नई पीढ़ी को आगे लाने का। पार्टी की योजना है कि कुल उम्मीदवारों में से 10–15% सीटों पर महिला चेहरों को मौका दिया जाए। इनमें से कई वे होंगी जो स्थानीय निकायों या पंचायत राजनीति से उभरी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और ग्राउंड कनेक्ट में सक्रिय युवा नेताओं को भी टिकट देने की तैयारी है।

पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि बिहार की युवा आबादी (18 से 30 वर्ष आयु वर्ग) अब निर्णायक मतदाता बन चुकी है। ऐसे में बीजेपी चाहती है कि उसका हर दूसरा उम्मीदवार नए बिहार की छवि पेश करे। शिक्षित, तकनीकी रूप से सक्षम और संगठन से जुड़े।

उम्र बनेगी टिकट कटने का बड़ा कारण

बीजेपी के आंतरिक दिशानिर्देशों के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक उम्र के नेताओं को अब मार्गदर्शक मंडल की भूमिका में भेजा जा सकता है। हालांकि, यह नियम लचीला रहेगा। यदि किसी सीट पर वरिष्ठ नेता ही सबसे मजबूत विकल्प हैं, तो उन्हें अपवाद के तौर पर टिकट दिया जा सकता है। पार्टी इस बार यह स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि राजनीतिक उत्तराधिकार योग्यता से तय होगा, न कि केवल परंपरा से।

एनडीए में तालमेल की परीक्षा

भले ही सीट बंटवारे पर सहमति बन चुकी है, लेकिन वास्तविक परीक्षा तब शुरू होगी जब प्रत्याशियों की घोषणा होगी। कई सीटों पर बीजेपी और जदयू का पारंपरिक प्रभाव क्षेत्र एक-दूसरे से टकराता है। खासकर सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल में। बीजेपी की चुनौती यह रहेगी कि सहयोगी दलों के उम्मीदवारों के बीच आपसी समन्वय बना रहे और स्थानीय स्तर पर फ्रेंडली फाइट जैसी स्थिति न बने।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर बीजेपी यह तालमेल बनाए रखने में सफल रही तो वह जदयू की परंपरागत जमीन पर भी सेंध लगा सकती है, खासकर शहरी और अर्धशहरी सीटों पर।

मोदी फैक्टर अब भी सबसे बड़ा हथियार

बीजेपी की रणनीति का सबसे मजबूत स्तंभ अब भी नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता है। पार्टी इस चुनाव को विकास बनाम जाति के एजेंडे पर ले जाना चाहती है। केंद्र की योजनाएं प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और हर घर जल बीजेपी के डिलीवरी मॉडल के प्रतीक के रूप में पेश की जाएंगी। हर जिले में मोदी के विकास और राज्य सरकार के प्रशासन का तुलनात्मक मॉडल तैयार किया जा रहा है।

बीजेपी संगठन की नज़र में, बिहार में ‘मोदी मैजिक’ अभी भी 10-12% तक का अतिरिक्त वोट बैंक जोड़ता है। यही कारण है कि पार्टी हर उम्मीदवार से यह उम्मीद रखेगी कि वह केंद्र की नीतियों को अपनी स्थानीय पहचान से जोड़ सके।

जाति राजनीति से आगे बढ़ने की कोशिश

बिहार की राजनीति से जाति को पूरी तरह मिटाना असंभव है, लेकिन बीजेपी यह संदेश देना चाहती है कि वह इसे कंट्रोल नहीं बल्कि रिफॉर्म करना चाहती है। पार्टी का उद्देश्य है कि जाति को राजनीतिक गणित से हटाकर प्रतिनिधित्व और विकास के मिश्रण के रूप में पेश किया जाए।

2014 से अब तक बिहार में बीजेपी का वोट शेयर लगभग 33% के औसत पर स्थिर है। पार्टी मानती है कि यदि वह जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर विकास और पहचान का नया नैरेटिव गढ़ पाती है, तो यह चुनाव उसके लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

लिस्ट नहीं, संदेश होगा असली खेल

जब बीजेपी अपनी पहली सूची जारी करेगी, तो वह सिर्फ नामों की घोषणा नहीं होगी, बल्कि एक राजनीतिक घोषणा-पत्र की तरह होगी। यह सूची बताएगी कि पार्टी अब “वोट बैंक” नहीं, बल्कि “विकास बैंक” बनाने की दिशा में है। जहां विपक्ष अभी भी जाति-समुदाय आधारित समीकरणों में उलझा हुआ है, वहीं बीजेपी अपने पत्ते संगठन, युवा नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता पर खेल रही है।

अगर यह रणनीति जमीन पर उतरी, तो 2025 का बिहार चुनाव बीजेपी के लिए केवल एक जीत नहीं, बल्कि राजनीतिक परिपक्वता की नई परिभाषा बन सकता है, जहां जाति नहीं, काबिलियत और कनेक्टिविटी तय करेगी कि किसे मिलेगा जनता का आशीर्वाद।

Tags: Assembly ElectionsBiharBJPcaste equationsJDUNDAticket distributionएनडीएजदयूजातीय समीकरणटिकट वितरणबिहारबीजेपीविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत और अफगानिस्तान: बदलती भू-राजनीतिक परिदृश्य में मजबूत रणनीतिक साझेदार

अगली पोस्ट

ट्रम्प ने की इज़राइल-हमास युद्ध ख़त्म होने की घोषणा की, इज़राइल को बंधकों की रिहाई का इंतज़ार

संबंधित पोस्ट

अमित शाह: मोदी सरकार
राजनीति

अमित शाह: मोदी सरकार के 12 साल विकास, विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा का ‘स्वर्णिम संगम

18 June 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 साल के कार्यकाल को भारत का "स्वर्णिम काल" बताया है।...

रामपुर में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का माम
चर्चित

रामपुर में मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक को दिया धोखा, असलियत सामने आने पर मामला पहुंचा कोर्ट में

16 June 2026

एक ऐसा मामला सामने आय़ा है जिसे जानकर सभी हैरान है, आज तक आपने ये सुना था कि मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की को धोखा दिया,...

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम पास
चर्चित

Defence System: भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी रेंज की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम

13 June 2026

भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11

MISSILE IN TANKER! How Indian Navy Pulled Off A Mission Impossible At Sea | Hormuz | Gulf of Oman

00:03:38

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited