TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

चीन में गणतांत्रिक वादे की त्रासदी उसका घरेलू मामला भर नहीं है, इसका प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है

चीन के साम्राज्यवादी मॉडल ने दुनिया से चीन के रिश्तों को नया रूप दिया है। जो देश कभी नागरिकता और समानता की बात करता था, वह अब निष्ठा और चुप्पी की माँग करता है।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
7 January 2026
in विश्व
आधुनिक गणतंत्र का चीनी वादा भी चाइनीज़ सामान की तरह निकला

आधुनिक गणतंत्र का चीनी वादा भी चाइनीज़ सामान की तरह निकला

Share on FacebookShare on X

जब 1912 में चीन गणराज्य की घोषणा हुई, तो इसे साम्राज्य से इसका अलगाव माना गया। चिंग राजवंश के पतन का अर्थ था—विजय, पदानुक्रम और वंशानुगत सत्ता पर आधारित शासन का अंत। सुन यात-सेन और अन्य गणतांत्रिक नेताओं ने नागरिकता, प्रतिनिधित्व और दुनिया के साथ सहयोग पर आधारित एक आधुनिक राज्य की बात की। उनका तर्क था कि चीन अब किसी साम्राज्य की तरह नहीं एक आधुनिक गणतंत्र की तरह व्यवहार करेगा।क़रीब आधी सदी बीतने के बाद आज आधुनिक चीन उस कल्पना से बहुत अलग दिखाई देता है, जिसकी कल्पना उन नेताओं ने की थी। आज बीजिंग में शासन करने वाली राजनीतिक व्यवस्था गणतांत्रिक विचारों को नहीं दर्शाती। इसके बजाय, देश के भीतर और बाहर उसका व्यवहार उसी साम्राज्यवादी मॉडल से मिलता-जुलता है, जिसे उसने कभी अस्वीकार किया था। तिब्बत से हांगकांग तक, ताइवान से दक्षिण चीन सागर तक- चीनी सत्ता सहमति के बजाय ताक़त और नियंत्रण की साम्राज्यवादी नीति का ही प्रयोग कर रहा है।

आधुनिक गणतंत्र का चीनी वादा भी चाइनीज़ सामान की तरह निकला

संबंधितपोस्ट

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

पेंटागन की रिपोर्ट: 2027 तक ताइवान को बलपूर्वक कब्ज़ा करने की तैयारी में चीन

आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

और लोड करें

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) खुद को चीन के इस नए आधुनिक और गणतांत्रिक स्वरूप की वैध उत्तराधिकारी बताती है। लेकिन जिन क्षेत्रों पर उसका प्रभाव है, वहाँ उसके काम करने के तरीके कुछ और ही कहानी बयां करते हैं। ताइवान के मामले में बीजिंग संप्रभुता का दावा करता है, लेकिन वो वहां के लोगों को अपने राजनीतिक भविष्य पर निर्णय लेने की अनुमति नहीं देता। सैन्य अभ्यास, कूटनीतिक अलगाव और आर्थिक दबाव—इन सबका इस्तेमाल ऐसे दावे को मज़बूत करने के लिए किया जाता है, जो किसी भी तरह की जनभागीदारी नहीं, बल्कि ताक़त पर टिका है।

हॉंगकॉंग इसका एक और उदाहरण है। “एक देश, दो प्रणाली” के ढांचे के तहत जब ब्रिटेन ने 1997 में हॉंगकॉंग को चीन को लौटाया था, तो इसके एवज़ में एक शर्त भी रखी गई थी। वो शर्त थी- इस शहर को बड़े स्तर पर स्वायत्तता देने की। लेकिन यह वादा धीरे-धीरे खोखला होता गया। चुनावी सुधारों को पूरी तरह बदल दिया गया। चीनी सत्ता से असहमति को अपराध घोषित कर दिया गया और स्वतंत्र संस्थानों को कड़े केंद्रीय नियंत्रण में लाया गया।

दक्षिण चीन सागर में भी यही पैटर्न दिखता है। कृत्रिम द्वीप, सैन्य ठिकाने और बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए समुद्री दावे। चीन की इन गतिविधियों ने इस विवादित इलाके को नए सिरे से गढ़ दिया है। मतभेदों को बातचीत से सुलझाने के बजाय, बीजिंग ने ताक़त की मौजूदगी और दबाव का सहारा लिया। क्षेत्र के छोटे देशों को उन नई वास्तविकताओं के साथ तालमेल बिठाना पड़ा, जिन्हें उन्होंने चुना नहीं था।
ये नीतियाँ गणतांत्रिक शासन नहीं, बल्कि साम्राज्यवादी विस्तार का संकेत देती हैं, जहाँ स्थानीय आवाज़ों या साझा नियमों की परवाह किए बिना बाहर की ओर सत्ता थोपी जाती है।

क्या CPC ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ की वैध उत्तराधिकारी है ?

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी खुद को चीन के आधुनिक इतिहास का झंडाबरदार बताती है। वास्तविकता में, यह 1912 से शुरू हुए गणतांत्रिक प्रयोग से पलायन का प्रतिनिधित्व करती है। उस चीनी गणराज्य का उद्देश्य साम्राज्यवादी शासन को नागरिकता और क़ानून पर आधारित व्यवस्था से बदलना था। लेकिन मौजूदा कम्युनिस्ट व्यवस्था सत्ता को एक ही पार्टी में केंद्रित करती है, जिसे किसी भी प्रकार से चुनौती नहीं दी जा सकती है।

यह दृष्टिकोण गणतंत्र से ज़्यादा उसी राजशाही सोच के क़रीब है। सत्ता ऊपर से नीचे थोपी जाती है। लोगों से सरकार के प्रति निष्ठा के सबूत मांगे जाते हैं- उस पर बातचीत नहीं होती। विविधता को अस्थिरता माना जाता है। सीमाओं को समुदायों द्वारा साझा स्थानों की तरह नहीं, बल्कि संपत्ति की तरह देखा जाता है, जिन पर नियंत्रण होना चाहिए।
CPC चीन में एक गणराज्य की तरह शासन नहीं करती। वह एक ऐसे केंद्र की तरह शासन करती है, जिसके चारों ओर कड़े घेरे हैं और सब कुछ उन घेरों के नियंत्रण में है।

चीन के “राष्ट्रीय पुनरुत्थान” की परिभाषा

बीजिंग का “राष्ट्रीय पुनरुत्थान” का नारा अक्सर एक आधुनिक परियोजना के रूप में पेश किया जाता है। व्यवहार में, यह राजवंशीय पुनर्स्थापना की भाषा से काफ़ी मेल खाता है। अतीत की महानता को याद किया जाता है। एकता को आज्ञाकारिता के रूप में परिभाषित किया जाता है और शक्ति को ज्यादा से ज्यादा ज़मीन पर कब्जे से मापा जाता है।यह भाषा सुधार और भागीदारी के ज़रिये प्रगति के गणतांत्रिक विचार को नहीं दर्शाती। इसके बजाय, यह खोए हुए क्रम को सत्ता और बल से वापस लाने की पुरानी धारणाओं की प्रतिध्वनि है। अतीत से सीखने की जगह उसे वर्तमान सत्ता को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
चीन के इस नए ढांचे में असहमति को विश्वासघात बताया जाता है। स्वायत्तता को विखंडन कहा जाता है।

चीन में गणतांत्रिक वादे की विफलता का प्रभाव पूरा एशिया महसूस कर रहा है

चीन के गणतांत्रिक वादे की विफलता उसके भीतर तक सीमित नहीं है। इसके प्रभाव पूरे एशिया में महसूस होते हैं। जब चीन अपने पड़ोसियों से जुड़ता है, तो वह अक्सर साझेदारी के बजाय दबाव की रणनीति का इस्तेमाल करता है। पड़ोसियों और सहयोगियों से संवाद की जगह आर्थिक दबाव का प्रयोग किया जाता है और भरोसे की जगह सैन्य मौजूदगी ले लेती है।दक्षिण चीन सागर के आसपास के देशों के लिए इसका स्पष्ट अर्थ अनिश्चितता और असंतुलन रहा है। ताइवान के लिए इसका मतलब लगातार ख़तरे में जीना है। हांगकांग के लिए इसका मतलब—उस राजनीतिक स्पेस का खो जाना है, जिसकी गारंटी उसे कभी दी गई थी।

तिब्बत सबसे शुरुआती और सबसे स्पष्ट उदाहरण है। 1950 के बाद उसका विलय चीनी साम्राज्यवाद का एक पैटर्न बन गया। पहले सेना भेजना, फिर प्रशासन और राजनीति पर नियंत्रण और फिर आखिरी चरण में सांस्कृतिक और दीर्घकालिक नियंत्रण। तिब्बत में जो कुछ हुआ, वह अपवाद नहीं था; वह आधुनिक चीनी साम्राज्यवाद के लिए एक मॉडल बन गया।आधुनिक चीन तेज़ी से पॉलिटिकल, फ़ाइनेंशियल और मिलिट्री प्रेशर का निर्यात कर रहा है। उसका प्रभाव साझा संस्थाओं या आपसी सहमति से नहीं, बल्कि ताक़त के ज़रिये महसूस होता है। इसने पूरे रीज़नल संतुलन और उसके बर्ताव को बदल दिया है। सहयोग को हतोत्साहित किया है और संवाद को डर और अनिश्चितता से बदल कर रख दिया है।
चीन के टूटे हुए गणतांत्रिक वादे की त्रासदी इसलिए केवल घरेलू नहीं है। इसने दुनिया से चीन के रिश्तों को नया रूप दिया है। जो देश कभी नागरिकता और समानता की बात करता था, वह अब निष्ठा और चुप्पी की माँग करता है।

*चीन के गणतांत्रिक भविष्य का क्या होगा ? *

इतिहास स्थिर नहीं होता। लेकिन अब तक चुना गया रास्ता उन गणतांत्रिक आदर्शों से दूर जाता दिखता है, जो कभी एक अलग तरह की सत्ता और देश का वादा करते थे। 
तिब्बत से दक्षिण चीन सागर तक पैटर्न साफ़ है। सहमति की जगह नियंत्रण आ गया है और भागीदारी की जगह अधिकारों ने ले ली है। वहीं साम्राज्यवादी प्रवृत्ति आधुनिक भाषा पहनकर लौट आई है।
जिस गणराज्य का उद्देश्य साम्राज्य का अंत करना था, वह अपना वादा पूरा नहीं कर सका। उसके स्थान पर जो उभरा है, वह कोई शांतिपूर्ण आधुनिक गणराज्य नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली राज्य है, जो बाहर की ओर हाथ बढ़ाते हुए उसी अतीत की आदतें दोहरा रहा है, जिन्हें उसने कभी छोड़ने का दावा किया था।

Tags: Asiachin bijingChinatibbatwest cchinaचीन में गणतांत्रिक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तानी नागरिक से विवाह के बाद सरबजीत कौर को अटारी–वाघा सीमा से भेजा जाएगा वापस

अगली पोस्ट

अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

संबंधित पोस्ट

ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर
भारत

ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

17 January 2026

बीती रात इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक भयावह नजारा देखने को मिला..अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या था...आपको बता दें कि...

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया
AMERIKA

माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

16 January 2026

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वेनेजुेला की विपक्षी नेता मारिया कोरिन माचोडो इन दिनों चर्चा में है, दरअसल,व्हाइट हाउस में जबसे उन्होंने अपना नोबेल...

ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ
AMERIKA

ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

13 January 2026

अमेरिका ने ईरान को हर तरफ से घेरना शुरू कर दिया है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान को लेकर बड़ा फैसला लिया है कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited