TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कर्नल सोनम वांगचुक लद्दाख स्काउट्स के लिए जीवित किवदंती थे, इस उपाधि को उन्होने मेडल्स से नहीं साथी जवानों के भरोसे और विश्वास से प्राप्त किया

हर रेजिमेंट में कुछ ऐसे सैनिक होते हैं जो सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि उस रेजिमेंट की आत्मा का हिस्सा बन जाते हैं। कर्नल सोनम वांगचुक उन्हीं में से एक थे।

Ayush Aman Rai द्वारा Ayush Aman Rai
13 April 2026
in चर्चित
कर्नल सोनम वांगचुक लद्दाख स्काउट्स के लिए जीवित किवदंती थे, इस उपाधि को उन्होने मेडल्स से नहीं साथी जवानों के भरोसे और विश्वास से प्राप्त किया

सोनम वांगचुक

Share on FacebookShare on X

10 अप्रैल 2026 को जब कर्नल सोनम वांगचुक का निधन हुआ, तो यह केवल एक युद्ध नायक के चले जाने की खबर नहीं थी, बल्कि एक ऐसे इंसान की विदाई थी जिसने अपने साथियों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी थी। उनके जाने का दुख सिर्फ औपचारिक नहीं था, बल्कि बेहद व्यक्तिगत था, खासकर उन सैनिकों के लिए, जिन्होंने उनके साथ सेवा की, उनके नेतृत्व में लड़ा और उन्हें करीब से जाना। लद्दाख स्काउट्स के लिए वह केवल एक सम्मानित अधिकारी नहीं थे, बल्कि अपने जैसे ही एक इंसान थे, ऐसा चेहरा, जिसमें रेजिमेंट का गौरव, पहाड़ों की कठोरता और सैनिकों की खामोश ताकत झलकती थी।

हर रेजिमेंट में कुछ ऐसे सैनिक होते हैं जो सिर्फ इतिहास का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि उस रेजिमेंट की आत्मा का हिस्सा बन जाते हैं। कर्नल सोनम वांगचुक उन्हीं में से एक थे। उनका सैन्य सफर असम रेजिमेंट से शुरू हुआ था, लेकिन उनकी पहचान और विरासत लद्दाख स्काउट्स के साथ जुड़कर ही अमर हुई। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लद्दाख स्काउट्स कोई साधारण यूनिट नहीं है। यह एक ऐसी रेजिमेंट है, जो कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता, स्थानीय ज्ञान और अपने क्षेत्र के प्रति गहरे लगाव के लिए जानी जाती है।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

कर्नल वांगचुक इन सभी गुणों का जीवंत उदाहरण थे। उनका जन्म और पालन-पोषण लद्दाख में हुआ, जिससे उन्हें उस क्षेत्र की भौगोलिक और सांस्कृतिक समझ स्वाभाविक रूप से मिली। उन्होंने इस पहचान को केवल अपनाया ही नहीं, बल्कि पूरी ईमानदारी से जिया। उनके व्यक्तित्व में रेजिमेंट को खुद का प्रतिबिंब दिखाई देता था, साहस, समर्पण और आत्मबल का।

उनकी असली पहचान और ख्याति कारगिल युद्ध के दौरान सामने आई। उस समय वह एक युवा मेजर के रूप में 3 लद्दाख स्काउट्स (इंडस विंग) के साथ चोरबत ला सेक्टर में तैनात थे। यह क्षेत्र बेहद कठिन था, ऊंचाई, बर्फ, ठंड और दुश्मन की गोलाबारी ने इसे युद्ध के सबसे चुनौतीपूर्ण मोर्चों में से एक बना दिया था। लेकिन इन सबके बीच कर्नल वांगचुक ने न केवल अपने कर्तव्यों को निभाया, बल्कि अपने नेतृत्व और साहस से एक नई मिसाल कायम की।

आधिकारिक सैन्य रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा किया, कई हमलों का नेतृत्व किया और असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया। लेकिन सैनिकों की भाषा में, यह सब कुछ एक ही वाक्य में समेटा जा सकता है—वह “लद्दाख स्काउट्स के जीवित किंवदंती” बन गए थे। यह उपाधि केवल पदकों से नहीं मिलती, बल्कि उस विश्वास और सम्मान से मिलती है, जो साथी सैनिकों के दिलों में बसता है।

एक सच्चे नेता की पहचान यह होती है कि वह अपने सैनिकों को वहां भेजता है, जहां वह खुद जाने को तैयार हो। कर्नल वांगचुक ने हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व किया। उन्होंने कभी अपने जवानों से ऐसा कोई काम नहीं करवाया, जिसे करने के लिए वह खुद तैयार न हों। यही कारण था कि उनके साथी उन्हें केवल एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत मानते थे।

कारगिल युद्ध के बाद भी उनका प्रभाव कम नहीं हुआ। उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान समय के साथ और मजबूत होता गया। इसका एक उदाहरण तब देखने को मिला जब एसएस पाटिल ने एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि जब जनरल द्विवेदी उत्तरी सेना के कमांडर थे, तब वह अधिकारियों को कर्नल वांगचुक की रणनीतिक समझ से सीखने के लिए प्रेरित करते थे। यह दर्शाता है कि उनका प्रभाव केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं था, बल्कि सैन्य रणनीति और नेतृत्व के क्षेत्र में भी उनकी गहरी छाप थी।

उनकी विरासत का एक और महत्वपूर्ण पहलू वह सम्मान है, जो उन्हें उनके कार्यों के लिए मिला। चोरबत ला सेक्टर में उनके साहसिक अभियानों के बाद दो पोस्टों का नाम “Sonam 1” और “Sonam 2” रखा गया। सेना में यह एक बहुत बड़ा सम्मान माना जाता है। यह केवल एक नाम नहीं होता, बल्कि एक कहानी होती है, एक प्रेरणा, जो आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाती है कि उनसे पहले कौन लोग थे और उन्होंने किस तरह के साहस का प्रदर्शन किया।

सैनिक जीवन में ऐसे सम्मान बहुत मायने रखते हैं। यह आने वाले जवानों के लिए एक संदेश होता है कि कठिन परिस्थितियों में भी साहस और कर्तव्य का पालन कैसे किया जाता है। कर्नल वांगचुक का नाम इन पोस्टों के जरिए हमेशा जीवित रहेगा, हर उस सैनिक के दिल में, जो इन ऊंचाइयों पर तैनात होगा।

कर्नल सोनम वांगचुक का जीवन केवल एक सैन्य अधिकारी की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस भाईचारे की कहानी है, जो सैनिकों के बीच होता है। यह वह रिश्ता है, जो शब्दों से परे होता है, जहां एक-दूसरे के लिए विश्वास, सम्मान और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने अपने जीवन से यह साबित किया कि एक सच्चा सैनिक केवल आदेशों का पालन नहीं करता, बल्कि अपने साथियों के लिए एक उदाहरण बनता है।

आज जब हम उनके जीवन को देखते हैं, तो यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने केवल युद्ध नहीं लड़ा, बल्कि एक ऐसी विरासत बनाई, जो आने वाले समय में भी प्रेरणा देती रहेगी। वह केवल लद्दाख के हीरो नहीं थे, बल्कि भारतीय सेना की उस भावना का प्रतीक थे, जिसमें साहस, कर्तव्य और भाईचारा सर्वोपरि होता है।

उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि असली महानता पद या पुरस्कार में नहीं, बल्कि उस प्रभाव में होती है, जो हम दूसरों के जीवन पर छोड़ते हैं। कर्नल सोनम वांगचुक ने अपने साथियों के दिलों में जो जगह बनाई, वह किसी भी सम्मान से बड़ी है।

आज भले ही वह हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें, उनकी कहानियां और उनका साहस हमेशा जीवित रहेगा—लद्दाख स्काउट्स की परंपराओं में, सैनिकों की बातचीत में, और उन ऊंचे पहाड़ों पर, जहां उन्होंने अपनी बहादुरी की मिसाल कायम की थी।

Tags: Assam Regiment officerCol Sonam WangchukIndian Army legendIndian Army newsIndian military heroesKargil War braveryKargil War heroLadakh Scouts
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

अगली पोस्ट

भारत ने दी सुरों की सम्राज्ञी को अंतिम विदाई: आशा भोसले को राजकीय सम्मान के साथ दी गई श्रद्धांजलि

संबंधित पोस्ट

कॉकरोच के पुतले
चर्चित

दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

20 October 2026

दिल्ली में इस बार दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों के साथ 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। पीतमपुरा में...

मोहन भागवत
चर्चित

मोहन भागवत बोले- बंटने की वजह से कमजोर हुए, भारत की एकता और सामाजिक सद्भाव पर दिया जोर

20 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में शस्त्र पूजन किया। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव...

पीएम मोदी ने दी विजयादशममी की शुभकाममनाएं
चर्चित

RSS के 100 साल पूरे, PM मोदी ने दी स्वयंसेवकों को बधाई, मोहन भागवत ने राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

20 October 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने विजयादशमी के अवसर पर अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर नागपुर में शताब्दी वर्ष...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited