पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से चल रहे टोल गेट, ड्रॉप गेट और बैरिकेड्स के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति लगाए गए किसी भी प्रकार के टोल या वसूली केंद्र अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे और इन्हें तुरंत बंद किया जाएगा।
12 मई 2026 को मुख्य सचिव की ओर से एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया। इस आदेश में सभी जिला अधिकारियों (जिलाधिकारियों) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे सभी टोल गेट और ड्रॉप गेट की जांच करें। जहां भी ऐसे केंद्र बिना सरकारी अनुमति के पाए जाएं, उन्हें तुरंत हटाया जाए या बंद किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि भविष्य में ऐसे अवैध केंद्र दोबारा स्थापित न हो सकें।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी भी अवैध टोल प्वाइंट पर किसी प्रकार की वसूली, शुल्क या टैक्स लेना पूरी तरह से बंद किया जाएगा। इस नियम का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने सभी वैध टोल संग्रह केंद्रों की भी पूरी सूची तैयार करने का निर्देश दिया है। इस सूची में यह जानकारी भी शामिल होगी कि कौन सी एजेंसी टोल का संचालन कर रही है और उनका टेंडर कितने समय के लिए वैध है। इससे राज्य में टोल व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
मुख्य सचिव के आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी जिलों को वैध और अवैध दोनों प्रकार के टोल केंद्रों की सूची तैयार करके 15 मई 2026 को दोपहर 12 बजे तक संबंधित अंडर सेक्रेटरी को सौंपनी होगी।
सरकार ने चेतावनी दी है कि इस आदेश का पालन पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या आदेश की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।






























