ओमान के पूर्वी तट के पास बुधवार, 23 सितंबर को एक वाणिज्यिक जहाज MV Cape Dao पर हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले इस बल्क कैरियर पर दो टॉरपीडो से हमला किया गया। उस समय जहाज मीना साकर से भारत की ओर जा रहा था।
हमले से जहाज के चालक दल के रहने वाले हिस्से और इंजन रूम के एक हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। जहाज पर कुल 28 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 20 भारतीय नागरिक शामिल थे। इनमें से 19 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक भारतीय की मौत हो गई। भारतीय मीडिया के मुताबिक, मृतक नाविक की पहचान उत्तर प्रदेश के सूरज यादव के रूप में हुई है।
विदेश मंत्रालय ने जताया दुख
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जहाज पर हुए हमले की निंदा की है। मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार 20 भारतीय नाविकों में से 19 को बचा लिया गया है। मंत्रालय ने मृतक नाविक के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ मिलकर भारतीय नाविकों को जल्द भारत वापस लाने की व्यवस्था कर रहा है। मंत्रालय ने इस मामले में मदद के लिए ओमान का भी धन्यवाद किया।
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत ने एक बार फिर तनाव कम करने और क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। 13 सितंबर को भी ओमान के तट के पास MT El Gaia नाम के एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ था। पनामा के झंडे वाले इस जहाज पर 14 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 13 को बचा लिया गया, जबकि एक नाविक अभी भी लापता है।
पश्चिम एशिया के समुद्री इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविक भी प्रभावित हो रहे हैं। इस साल की शुरुआत में इराक के बसरा के पास अमेरिकी स्वामित्व वाले टैंकर Safesea Vishnu पर हमले में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई थी। बाकी भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
मार्च में भारत के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने बताया था कि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच विदेशी झंडे वाले जहाजों पर काम करने वाले तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई और एक घायल हुआ। इसके बाद सरकार ने भारतीय नाविकों की सुरक्षित निकासी और मदद के लिए एक क्विक रिस्पॉन्स टीम भी बनाई थी।






























