साईं की सच्चाई: शिरडी साईं बाबा का जीवन और समय- मूल कहानी
“शिरडी वाले साईं बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली” “साईं राम, साईं श्याम, दुख भंजन तेरो नाम” ऐसे नाना प्रकार के भजन और गीत आपने इस व्यक्ति के बारे में सुने ही होंगे। यह देव अपने...
“शिरडी वाले साईं बाबा, आया है तेरे दर पे सवाली” “साईं राम, साईं श्याम, दुख भंजन तेरो नाम” ऐसे नाना प्रकार के भजन और गीत आपने इस व्यक्ति के बारे में सुने ही होंगे। यह देव अपने...
गंगूबाई काठियावाड़ी – फ्लॉप, बच्चन पाण्डेय – फ्लॉप, शमशेरा – फ्लॉप, लाल सिंह चड्ढा – सुपरफ्लॉप, और ब्रह्मास्त्र – भाई रहने दो, क्या ही बात करें, बॉलीवुड पर तो मानो ऐसा ग्रहण लगा जो खत्म होने का...
पिछले कुछ माह में भारतीय क्रिकेट टीम में एक नाम चारों दिशाओं में गूंज रहा है- सूर्यकुमार यादव का। ये न केवल टीम इंडिया के तारणहार सिद्ध हो रहे हैं, अपितु हाल ही में संपन्न हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया...
अब कोई यह न कह दे कि नेहा कक्कड़ का कोई नया गीत आया है। एक महामारी से किसी तरह निकल के आए हैं कि दूसरी और लाद दी गई हम पर। इस लेख में जानेंगे कि कैसे...
पोन्नियिन सेल्वन- 1:समय भी बड़ा विचित्र है। कभी-कभी ऐसे अवसर उन लोगों के हाथों से दिलवाते हैं जिसका कोई न सर होता है, न पैर। परंतु वो इतना भव्य और सौभाग्यशाली होता है कि लोग उसे अनदेखा...
एक पोस्ट आपको भौकाल से 'वोकानंद' बना सकता है और एक पोस्ट आपको इस्लामिस्टों के कोपभाजन का शिकार भी बना सकता है। अंतर आपकी विचारधारा का है बस। कुछ ऐसा ही हुआ बांग्लादेशी क्रिकेटर लिटन कुमार दास...
देश के इतिहास को कितना तोड़ा-मरोड़ा गया है यह किसी से छिपा नहीं है। देश की संस्कृति और धरोहर को दबाने और मुगलों के महिमामंडन से लेकर अन्य तमाम चीजों से हमारा इतिहास भरा पड़ा है लेकिन...
विश्व में अपनी जयजयकार कराने के लिए आपको युद्ध जीतना ही आवश्यक नहीं, कभी कभी स्पष्ट विचार और निर्भीक दृष्टिकोण पर्याप्त है। आप कहोगे कि ऐसे लोग आदर्शवादी होते हैं, ये केवल कागज़ के सिंह होते हैं...
भाई कुछ भी हो जाए, लाख बुरे कर्म हो युवराज सिंह के परंतु एक पुण्य के लिए वह स्वर्ग की यात्रा तो अवश्य करेंगे। वह है स्टुअर्ट ब्रॉड की पिटाई। उन्होंने जिस निर्ममता से टी20 विश्व कप...
कहते हैं कुछ भी सदैव के लिए विद्यमान नहीं रहता और ये बात चीन के लिए भी लागू होती है। यदि शी जिनपिंग को लग रहा था कि वह अनंतकाल तक चीन के राष्ट्राध्यक्ष रहेंगे तो यह...
“For the best viewing experience, मोबाइल फोन्स और कुछ क्रिटिक्स साइलेंट रहे” “तेरा काम है फिल्म को महसूस करना, फिल्म कैसा बिजनेस करेगी तेरा काम नहीं है!” अंतिम बार ऐसा सोचने पर विवश करने वाले संवाद किसी फिल्म में कब सुने थे? किसी चलचित्र को देखकर अंतिम बार रोमांच और भय की भावना एक ही साथ आप में कब आई थी? परंतु...
ब्रह्मास्त्र बॉक्स ऑफिस: तो भाई आखिरकार वही हुआ जिसके लिए सभी को बहुत दिनों से प्रतीक्षा थी। लाख प्रपंच, 9000 स्क्रीन और भरसक PR एवं प्रोपेगेंडा के बाद भी ब्रह्मास्त्र का सत्य सबके समक्ष उजागर हो ही...


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