भारत में किसी भी चुनाव को जीतने के लिए सबसे जरूरी होता है जातिगत समीकरण को साधना। हालांकि, 2014 के बाद आई हिंदुत्व...
‘जहां सत्ता वहां पीके’, अगर ये कहा जाए तो शायद कुछ गलत नहीं होगा। स्वयं को सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक रणनीतिकार मानने वाले प्रशांत किशोर...
असम की हिमंता सरकार ने नागरिकता (संशोधन) कानून और एनआरसी के तहत अहम फैसला लेते हुए गोरखा समुदाय को सीएए और एनआरसी संबन्धित...
अक्सर हमने देखा है कि कई विषयों पर केंद्र और राज्यों में टकराव होता है, जिसका दुष्परिणाम पूरे देश को भुगतना पड़ता है।...
5 अगस्त, एक ऐसी तारीख जिसने देश की दशा और दिशा को पूरी तरह से बदल दिया है। भारत के दो प्रमुख मुद्दों...
लम्बे समय तक भारत दुनिया में सबसे अधिक कॉरपोरेट टैक्स लेने वाले देशों में एक था। हालांकि मोदी सरकार ने इसमें सुधार लागू...
कमंडल की राजनीति के धुर विरोधी और मंडल राजनीति की धुरी लालू प्रसाद यादव के सुर अब बदलने लगे हैं। रथ-यात्रा से लेकर...
हाल ही में दिल्ली कैंट में एक 9 वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। इस जघन्य अपराध की करीब-करीब...
जब तक अपराध को जाति-धर्म के चश्मे से देखा जाता रहेगा, तब तक देश में सांप्रदायिक अस्थिरता बनी ही रहेगी। कुछ राजनीतिक दल...
2015, World Hockey League Finals (FIH ), भारत और द नीदरलैण्ड्स के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला होना था। किसी को आशा...
हम अकसर देखते हैं कि जिस भी मामले में हिन्दू-मुस्लिम से जुड़ा कोई भी एंगल होता है, उसमें हिंदुओं को दबाने के प्रयास...
उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर ये कहा जाता है कि सरकार उसी राजनीतिक दल की बनती है, जिसका दबदबा पूर्वांचल की सीटों...


©2026 TFI Media Private Limited