TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता

    कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

आखिर क्यों कुछ यूनिवर्सिटीज के छात्र कर रहे हैं नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन तो कुछ हैं खिलाफ

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
16 December 2019
in मत
नागरिकता संशोधन

PC: Scroll.in

Share on FacebookShare on X

दिशाहीन, बेकार, हताश, नकारवादी, विध्वंसवादी बेकार युवकों की यह भीड़ खतरनाक होती है। इसका प्रयोग महत्वाकांक्षी विचारधारावाले व्यक्ति और समूह कर सकते हैं। इस भीड़ का उपयोग नेपोलियन, हिटलर और मुसोलिनी ने किया था। हरिशंकर परसाई का यह वाक्य आज भी प्रासंगिक है और ऐसा लगता है कि यह नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे छात्राओं के रूप में स्पष्ट दिखाई भी दे रहा है। जब से सरकार ने इसे संसद के पटल पर रखा तब से ही विरोध शुरू हो चुका है और यह अब हिंसक स्वरूप ले चुका है।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बात स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि इस कानून के विरोध में ऐसे कुछ विश्वविद्यालय के छात्र उतर आये हैं जो अपने आप को लिबरल कहते हैं या फिर अपने आप को मानवाधिकार का चैम्पियन मानते हैं। वहीं जिन विश्वविद्यालय में छात्र अपनी पढ़ाई पर ध्यान देते हैं और देश के लिए कुछ करना चाहते हैं वे पूरी तरह से समर्थन में दिखे है। उदाहरण के लिए Jamia Millia Islamia (JMI) University, Jawaharlal Nehru University, Patna University and AMU जैसे यूनिवर्सिटीज में नागरिकता संशोधन कानून का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, Jadavpur University and IIT Mumbai भी इनके समर्थन में उतरी हैं। वहीं ठीक इसके उलट आईआईटी-आईआईएम और लॉ यूनिवर्सिटीज के हजारों छात्रों ने पत्र लिखकर नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया है। इन छात्रों का कहना है कि इस कानून से भारत के किसी भी नागरिक के अधिकार का हनन नहीं होता है, इसलिए इस विधेयक का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। छात्रों का कहना है कि इस विधेयक के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है और लोगों को विरोध करने से पहले विधेयक को एक बार पढ़ना चाहिए। खुद देश के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इस बात का आश्वासन दिया है कि जो देश के नागरिक हैं उन्हें किसी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही दोनों ने ही इस बात पर जोर डाला है कि किसी भी भ्रामक खबरों में न पड़े।  

संबंधितपोस्ट

जेएनयू परिसर में फिर हुई हिंसक झड़प, छात्रों में असुरक्षा की भावना बढ़ी

DUSU चुनाव 2025: Gen Z ने अपने वोट से दिया राष्ट्रवाद का संदेश

बंगाल का JNU कहे जाने वाले जादवपुर यूनिवर्सिटी में की गई आजाद कश्मीर और फ्री फिलिस्तीन की पेंटिंग; वामपंथी छात्र संगठन PDSF के खिलाफ दर्ज हुई FIR

और लोड करें

अगर गौर करें तो विरोध करने वालों का कोई स्पष्ट मत नहीं है कि वह विरोध किसका कर रहे हैं क्योंकि इस कानून में कुछ भी ऐसा नहीं है जो देश के किसी भी नागरिक को चाहे वो किसी भी समुदाय से हो, उसकी नागरिकता को लेकर असमंजस की स्थिति में डाले। हैरानी की बात तो यह है कि इस कानून में कहीं भी मुस्लिम शब्द का ही प्रयोग ही नहीं किया गया तो यह मुस्लिम विरोधी कैसे हो गया? यह संशोधन कानून कहता है कि पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई समुदाय का कोई भी व्यक्ति अगर 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आया है तो उसे तुरंत ही भारतीय नागरिकता दी जाएगी। अगर कोई इस तिथि के बाद आता है तो उसे अब 11 वर्ष की बजाय 5 वर्ष तक भारत में रहने के बाद ही नागरिकता दे दी जाएगी। यह कानून ऐसा नहीं कहता कि कोई मुस्लिम भारत की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं कर सकता। कानूनी तौर से कोई भी भारत की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। उदाहरण के लिए अदनान सामी को ही देख लीजिये। सोशल मीडिया के युग में लोग बिना पढ़े किसी बात का यकीन कर लेते हैं और भड़क जाते हैं। इससे राष्ट्रीय शांति को खतरा पहुंचता है। लोगों को किसी भी मुद्दे पर राय बनाने के लिए दूसरे की बात सुनने की बजाय उसे पढ़कर और उसकी गहराई में जाकर अपनी राय बनानी चाहिए।

विरोध प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को देखें तो यह वही विश्वविद्यालय हैं जहां से अक्सर सरकार के सभी मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन की खबर आती रहती है। चाहे वो तीन तलाक का मुद्दा हो या आर्टिकल 370 को कश्मीर से हटाया जाना या फिर एनारसी का ही मुद्दा क्यों न हो, ऐसे में ये सवला उठता है कि आखिर ऐसा क्यों है कि देश के बाकी छात्रों को भारत सरकार द्वारा लिए गये कुछ निर्णयों से कोई परेशानी नहीं होती परन्तु अपने आप को लिबरल और बुद्धिजीवी कहने वाले कुछ विश्वविद्यालयों के छात्रों को सभी मुद्दों पर अधिक परेशानी होती है। इसका कारण कुछ और नहीं बल्कि छात्रों का राजनीतिक गठजोड़ हैं।

यह सभी छात्र उच्च पदों पर बैठे और घर से सोशल मीडिया पर क्रांति की पुकार लगाते बुद्धिजीवियों और नेताओं के राजनीतिक उपकरण या political tool हैं जिन्हें मौका पड़ने पर अपना एजेंडा फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। विरोध प्रदर्शन करने वाले, पत्थरबाजी करने वाले, नारे लगाने वाले और सार्वजनिक संपत्ति में को क्षति पहुँचाने वाले, इन सभी में से 80 प्रतिशत को तो यह भी नहीं पता होता है कि आखिर वे यह सब कर क्यों रहे है और इनके प्रदर्शन का आधार क्या है ये अभी तक अपने आप में सवाल बना हुआ है। बिना जांच-पड़ताल के ही विरोध-प्रदर्शन में कूद पड़ना इनकी बुद्धिमत्ता का ही परिचायक है। वहीं जो छात्र स्पष्ट रूप से समर्थन में दिख रहे है उनका स्टांस दिखाता है कि उन्होंने कानून को गहराई में जा कर पढ़ा है और सोशल मीडिया पर फैलाये जा रहे भ्रामक प्रचार में नहीं आ रहे है और उन्हें भारत सरकार पर भरोसा है।

एक तरफ लिबरल समर्थन वाले यूनिवर्सिटी हैं जो आये दिन अपनी देश विरोधी गतिविधियों और देश हित फैसलों का विरोध करने का एक मौका नहीं छोड़ते, और दूसरी तरफ USEFUL संस्थान हैं जो शिक्षा के साथ साथ हर उस निर्णय का समर्थन करते हैं जो देश हित में है। चाहे वो अनुच्छेद 370 का समर्थन करना हो या सेना द्वारा की गयी सर्जिकल स्ट्राइक हो या देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही क्यों न हो..!! हर यूनिवर्सिटी में छात्र पढ़ते हैं परन्तु कुछ के विचारों देश हित हैं तो कुछ के अपने ही देश की सम्पत्ति को क्षति पहुँचाने से भी न झिझकना। अंतर आपको भी दिखाई दे रहा है, वास्तव में अगर इन कुछ यूनिवर्सिटी के छात्रों का पोलिटिकल टूल के तौर पर इस्तेमाल होना बंद हो जाये या ये समझ जाएँ कि इससे उनका कोई हित नहीं होने वाला तो शायद छात्रों के बीच का ये अंतर भी खत्म हो जाता और देश में कुछ राजनीतिक पार्टियों का एजेंडा धरा का धरा रह जाता।

  

Tags: जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटीजेएनयू
शेयर54ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

CAA पर रेडियो मिर्ची की RJ सायमा ने जहर उगला, फिर लोगों ने जमकर लताड़ा तो ट्वीट डिलीट कर भागी

अगली पोस्ट

CJI बोबडे ने लगाई उपद्रवी छात्रों को फटकार, कहा- ‘हिंसा करने वालों की कोई सुनवाई नहीं होगी’

संबंधित पोस्ट

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited