TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि

    भगत सिंह की जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, पीएम मोदी और ओम बिरला ने किया नमन

    मनमोहन सिंह और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

    ‘गांधी परिवार’ बार-बार नीचा ना दिखाता तो ‘इतिहास’ ही नहीं ‘वर्तमान’ भी करता मनमोहन सिंह का उदार मूल्यांकन

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    Make in India के 12 साल: अब भारत का अगला मैन्युफैक्चरिंग मिशन क्या है? सेमीकंडक्टर से ग्लोबल सप्लाई चेन तक नजर

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    Pandit Deendayal Upadhyaya Integral Humanism Antyodaya Jana Sangh

    पश्चिमी मॉडल से अलग भारत का रास्ता: क्या था दीनदयाल उपाध्याय का ‘एकात्म मानववाद’?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    भारत के अलावा किन-किन देशों में होती है गणेश जी की पूजा और क्या है मान्यताएं?

    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

बाबरी मस्जिद फैसला– कैसे लिबरल मीडिया मुसलमानों को पीड़ित ही बनाए रखना चाहती है

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
2 October 2020
in मत
मुसलमानों

(Image for Representational Purpose)

Share on FacebookShare on X

हाल ही में एक अहम निर्णय में सीबीआई के एक विशेष न्यायालय ने बाबरी मस्जिद में आरोपीत 32 व्यक्तियों को ठोस साक्ष्यों के अभाव में निर्दोष करार दिया। न्यायालय ने ये स्पष्ट किया है कि मस्जिद का विध्वंस पहले से सुनियोजित नहीं था, और ऐसे में मस्जिद को गिराने के लिए षड्यंत्र का रचा जाना अस्वाभाविक है, और अपने 2300 पृष्ठों के निर्णय में विशेष न्यायाधीश एसके यादव ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सीबीआई कोई ठोस साक्ष्य नहीं पेश कर पाई है।

लेकिन इस निर्णय के आने के बाद से वामपंथियों, विशेषकर लिबरल मीडिया के ध्वजवाहकों के छाती पर साँप लोटने लगे हैं। जब से यह निर्णय सामने आया है, तब से ये ‘बुद्धिजीवी वर्ग’ मुसलमानों को यह महसूस कराना चाहते हैं कि उनकी इस देश में कोई पूछ नहीं है, और उन्हे किसी भी मामले में न्याय नहीं मिलता। कई भड़काऊ ट्वीट्स किए जा रहे हैं, ताकि मुस्लिम समुदाय बाबरी मस्जिद के विध्वंस को कभी न भूल पाये और वो खुद को विक्टिम समझें।

संबंधितपोस्ट

दुनिया ने कहा ‘हीरो’, विपक्षी नेताओं की चुप्पी क्यों? कैप्टन स्मित मच्छार पर राहुल-अखिलेश से सवाल

BRICS प्रदर्शनी में पीएम मोदी समेत 6 नेताओं ने देखा EyeROV का रोबोट

RSS का Nationwide NRC दांव: Census और SIR के बीच अब हर नागरिक की होगी पहचान?

और लोड करें

उदाहरण के लिए राणा अय्यूब का ट्वीट ही देख लीजिये। अपने ट्वीट में लिखती हैं, “दुस्वप्न तो 1992 में ही शुरू हो गया था। अगर 92 के लिए इंसाफ मिलता, तो 2002 होता ही नहीं। अगर 2002 के दोषियों को न्याय मिलता, तो वर्तमान भारत कुछ और ही होता। भारतीय मीडिया ने एक विचित्र किस्म का amnesia विकसित किया है, जिसने कथित सेक्युलर नेताओं के सभी पापों को धोने का काम किया है”।

The nightmare began as early as 1993 and 2002. If 93 was given justice, 2002 would not have happened. If 2002 was given justice, present day India would have looked different. The Indian media developed a collective amnesia, whitewashed the sins of the great "secular" leaders. https://t.co/1nlYr7edHb

— Rana Ayyub (@RanaAyyub) October 1, 2020

परंतु बात यहीं पर खत्म नहीं होती। सीजे वर्लमैन जैसे प्रोपगैंडावादी पत्रकार इस बात को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मुसलमान बाबरी मस्जिद के विध्वंस को न भूलें, और उन्हें हमेशा अपने ‘शोषण’ की याद दिलाई जाये, जो उनके ट्वीट में भी स्पष्ट दिखती है, जहां वे ट्वीट करते हैं, “एक विशेष न्यायालय द्वारा बाबरी मस्जिद को गिराने वाले भाजपा नेताओं को बरी करना नरसंहार को औपचारिक रूप से उचित ठहराना है”।

https://twitter.com/cjwerleman/status/1311537111946780672

इसी भांति रामचन्द्र गुहा ने इसी विचारधारा को धार देते हुए लिखा, “बाबरी मस्जिद का निर्णय – क्या मुसलमानों के लिए दुस्वप्न शुरू हो चुके हैं?”

Babri Verdict: Has Nightmare Begun for Muslims and India? https://t.co/73ExHyYdHE

— Ramachandra Guha (@Ram_Guha) October 1, 2020

चाहे संपादकीय हो, कार्टून हो या फिर ट्वीट, हर प्रकार से मुसलमानों में यह धारणा बिठाने का प्रयास किया जा रहा है कि उनके साथ गलत हुआ है, और इसके लिए सरकार से लेकर न्यायपालिका तक सब दोषी है। लेकिन यह सिलसिला यूं ही नहीं शुरू हुआ है। दरअसल, मुसलमानों को मीडिया का एक धड़ा हमेशा उन्हें पीड़ित बनाए रखना चाहता है, और वह नहीं चाहता कि भारत के मुसलमान इस भावना से ऊपर उठकर अपने और अपने देश के विकास के बारे में सोचे।

आज ये सिद्ध हो चुका है कि बाबरी मस्जिद को अयोध्या में श्रीराम को समर्पित भव्य मंदिर का विध्वंस कर बनाया गया था। इसी बात की पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष श्रीराम जन्मभूमि परिसर के पुनर्निर्माण को हरी झंडी दी थी। लेकिन वामपंथी मीडिया ने दावा किया कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय गलत है, और मुसलमानों ने अपनी मस्जिद हमेशा के लिए खो दी है। बाबरी मस्जिद के विध्वंस का मुद्दा करीब 28 वर्ष पुराना है, परंतु आज भी भारतीय मुसलमानों की वर्तमान पीढ़ी को अपने आप को पीड़ित समझने के लिए वामपंथी मीडिया द्वारा मजबूर किया जा रहा है।

बाबरी मस्जिद के मुद्दे के जरिये वामपंथी मुसलमानों को बरगलाना चाहते हैं, ताकि वे कभी भी अपने विकास और अपने पुनरुत्थान की ओर ध्यान न दें। हालांकि, ये पहला ऐसा मामला नहीं है, क्योंकि 2002 के दंगों पर मीडिया की जो कवरेज रही है, उसे देखते हुए बाबरी मस्जिद पर लिबरलों का विलाप अस्वाभाविक नहीं लगता। गोधरा के पास साबरमती एक्स्प्रेस में लगाई गई आग में जो निर्दोष व्यक्ति मारे गए, उन्हें पूरी तरह से अनदेखा कर जिस प्रकार से मुसलमानों को पीड़ित के तौर पर वर्षों तक दिखाया गया, उससे वामपंथी मीडिया मुसलमानों के हितैषी कम, और उनका अहित चाहने वाले ज़्यादा नजर आते हैं।

परन्तु दंगे हमेशा एकतरफा नहीं होते, जैसा कि मीडिया दिखाना चाहती है। जब हिन्दू या कोई अन्य समुदाय के साथ अन्याय होता है, तब यही मीडिया उस मामले को इस हद तक दबाना चाहती है, कि उसके बारे में बात करने के लिए भी आपको सांप्रदायिक घोषित कर दिया जाये। चाहे मरीछझापी का नरसंहार हो, या फिर मोपलाह के दंगे, या फिर नोआखली में उमड़े दंगे ही क्यों, इन्हें या तो लिबरल मीडिया द्वारा दबा दिया जाता है, या फिर इन्हें किसी विद्रोह की तरह महिमामंडित किया जाता है, जैसे मोपलाह दंगों के साथ किया गया। अंग्रेज़ों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति का इससे बेजोड़ उदाहरण और कहीं देखने को मिलेगा।

चाहे इशरत जहां का केस हो, या फिर बाटला हाउस का एनकाउंटर का मामला हो, इनका पीड़ितों वाला narrative ऐसा है कि अनेकों बार न्यायालय में झूठा सिद्ध होने के बावजूद वे अपनी दुकान चलाने और समाज में वैमनस्य बनाए रखने के लिए इस विचारधारा को बढ़ावा देते रहेंगे, और सीएए के विरोध के नाम पर शाहीन बाग में पनपे देशद्रोही तत्वों को बढ़ावा देना इसी बात का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है। यदि राज्य को उनसे कोई घृणा न हो, तब भी एक विशिष्ट समुदाय को हमेशा इस छलावे में रखा जाता है कि सरकार उन्हें दबाना चाहती है, उन्हे कुचलना चाहती है।

इसके पीछे केवल वैचारिक ही नहीं, वित्तीय कारण भी है। दरअसल, वामपंथी मीडिया का जो भी सब्सक्राइबर बेस है, वो अधिकतर ऐसे ही लोगों से भरा हुआ है, जो अपने समुदाय के हित की बातें उनके माध्यम से सामने रखना चाहते हैं। जब ये सब्सक्राइबर बेस ही हट जाएगा, तो इन वामपंथियों की दुकानें कैसे चलेंगी? इसीलिए ये वामपंथी अपनी ‘दुकानों’ को बचाए रखने के लिए देश में आग लगाने को भी तैयार हैं।

यदि आपको विश्वास न हो तो शाहीन बाग में भाग लेने वाले बच्चों के विचार पर ही नज़र डाल लीजिये। जब उनसे पूछा गया कि वे यहाँ क्यों जमा है तो उन्होने बताया कि वे मोदी को मारना चाहते हैं, और जब इसका कारण पूछा जाता है तो वे बताते हैं कि मोदी सरकार उन्हे मारना चाहती है, उनके माँ बाप को देश से निकालना चाहती है।

आखिर किसने इन मासूम बच्चों के मन में ऐसा विष घोला? कौन उन्हे भड़का रहा है? इसके पीछे वही मीडिया है, जिसने सीएए जैसे कानून पर भी मुसलमानों के अधिकारों की बात करने के नाम पर मुसलमानों को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मीडिया द्वारा इसी प्रकार की विषैली रिपोर्टिंग किये जाने के कारण कई मुसलमान ‘हिंदुओं’ से बदला लेने के नाम पर गलत रास्ते की ओर मुड़ जाते हैं। उदाहरण के लिए पूर्वोत्तर दिल्ली में भड़के दंगों को ही देख लीजिये, जहां पर जांच पड़ताल में ये सामने आया कि ये दंगा इसलिए भड़का क्योंकि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने मुसलमानों को ‘आक्रोशित’ कर दिया था, और वे ‘हिंदुओं को सबक सिखाना’ चाहते थे। अब आपको यह अनुमान लगाने की आवश्यकता नहीं कि किसने दंगों के आरोपियों को इस दिशा में भड़काया होगा।

सच कहें तो वामपंथी मीडिया मुसलमानों को अपने वर्तमान दायरे से आगे ही नहीं बढ़ना देना चाहती है। ये बात शाहिद आज़मी जैसे लोग भली भांति समझ गए थे, जो आतंकवाद के मुहाने से वापिस लौटकर ऐसे दोहरे मापदण्डों को उजागर करने के उद्देश्य से वकालत कर रहे हैं। इसीलिए बाबरी मस्जिद के संबंध में लिबराल्स की रुदाली इसीलिए है, ताकि मुसलमानों के सर से ‘पीड़ित’ का टैग कभी न हट पाये।

शेयर13ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अब बनेगा ‘तुर्की फ्राई’: फ्रांस अब आर्मेनिया के साथ, तुर्की के खिलाफ एकजुट हुए फ्रांस और रूस

अगली पोस्ट

वियतनाम कभी चीन से पीड़ित था, अब चीन के खिलाफ मैदान में उतर गया है

संबंधित पोस्ट

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ
मत

वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

4 September 2026

आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। आज के दिन हम प्रायः श्रीकृष्ण के बालरूप को याद करते हैं। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा, मुरली बजाने वाले गोप...

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्
ज्ञान

हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

4 September 2026

हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिन्दूः पतितो भवेत् मम दीक्षा हिन्दू रक्षा, मम मन्त्रः समानता यही वह भाव है, जिसके साथ विश्व हिन्दू परिषद् की स्थापना...

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

How Pakistan-Linked Drug Networks Are Targeting India | Coast Guard Deals a ₹3,000 Crore Blow

00:03:28

How SkyStriker Hunts Its Target: Inside India’s Loitering Munition

00:03:49

F-35 vs Rafale? Inside India’s Biggest Air Exercise

00:05:54

China and the Philippines Are Fighting a War With Maps, Not Missiles

00:05:55

ONGC finds gas off Odisha: Can the Mahanadi basin fuel India’s energy future?

00:07:22
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited