TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    इमरान खान

    पाकिस्तान की राजनीति में अमेरिकी दखल के आरोप तेज, इमरान खान सरकार गिराने वाले Cipher से मचा बवाल

    कोलकाता में तनावपूर्ण हालात

    पार्क स्ट्रीट में बुलडोज़र कार्रवाई पर बवाल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव

    अमित शाह के दौरे से सुरक्षा,

    गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा प्लान, बस्तर में अब सुरक्षा के साथ विकास पर फोकस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    इमरान खान

    पाकिस्तान की राजनीति में अमेरिकी दखल के आरोप तेज, इमरान खान सरकार गिराने वाले Cipher से मचा बवाल

    कोलकाता में तनावपूर्ण हालात

    पार्क स्ट्रीट में बुलडोज़र कार्रवाई पर बवाल, प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव

    अमित शाह के दौरे से सुरक्षा,

    गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा प्लान, बस्तर में अब सुरक्षा के साथ विकास पर फोकस

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    सोने-चांदी के भाव धड़ाम: क्या वाकई फूट गया चांदी का बुलबुला? रिकॉर्ड स्तर से ₹1.92 लाख तक टूटी कीमतें

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मुगलों के वंशज आज भी भारत में हैं, पेंशन ले रहे हैं, सरकारी नौकरी कर रहे हैं और लाल किला हथियाने की धमकी भी दे रहे हैं

निर्लज्जता की भी एक सीमा होती है!

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
18 November 2021
in चर्चित, समीक्षा
सुल्ताना बेगम

Source- Google

Share on FacebookShare on X

भारत में मुगलों का इतिहास बाबर के 1526 में आने के साथ आरंभ हुआ था, परंतु आज भी उसके वंशज भारत में रहते हैं। वो सिर्फ भारत में रहते ही नहीं, बल्कि पेंशन का लाभ भी उठाते हैं। कुछ वर्ष पहले तो यह भी खबर आई थी कि वो लाल किला और कई अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर दावा ठोकने वाले हैं।

दरअसल, भारत में कोई और मुद्दा चर्चा में रहे या न रहे, मुगल हमेशा चर्चा में रहते हैं। लिबरल ब्रिगेड कभी उनके अत्याचारों पर पर्दा डालने के प्रयत्न में उनका गुणगान कर रहे होते हैं, कभी उनके द्वारा बनाए गए महलों का गुणगान किया जाता है, कभी उनके समय में भारत की हुई समृद्धि गिनाई जाती है, तो कभी मुग़लों के वंशजों को ढाल बना कर उनके विरासत के सम्मान की बात कही जाती है। मुगलों के यह वंशज रहते तो झुग्गी में हैं, लेकिन इनके चाहने वालों ने इनके लिए YouTube चैनल बना कर रखा है, जिससे ये भारत की विरासत पर अपना दावा करते हैं।

संबंधितपोस्ट

सुल्ताना बेगम को चाहिए लाल किला, CJI ने पूछा- फतेहपुर सीकरी क्यों नहीं? याचिका खारिज

मुगलों के वंशज ने कहा “लाल किला हमारा है”, तो दिल्ली HC ने दिखा दिया आईना

और लोड करें
Sultana Begam
Source- YouTube

ध्यान देने वाली बात यह है कि इस YouTube चैनल को 2019 में बनाया गया था। इस चैनल से लगातार यह सहानुभूति का माहौल बनाने का प्रयत्न किया जा रहा है कि सुल्ताना बेगम भारत की महारानी थी, जो अब झोपड़ियों में रहती है और सरकार को इनके लिए कुछ करना चाहिए। यानी उन मुगलों के नाम पर सहानुभूति बटोरी जा रही है, जिनके शासन में हिंदुओं को जीवित रहने के लिए भी टैक्स भरना पड़ता था। यही नहीं इनका बस चले तो ये लाल किले को भी अपने कब्जे में कर लें, वर्ष 2007 में तो इन्होंने इसी तरह का कुछ दावा किया था।

और पढ़ें: पाकिस्तान की भारत से घृणा स्वाभाविक है, परंतु भुट्टो परिवार के लिए ये दुश्मनी पर्सनल है!

सरकार की ओर से दिया जा रहा है पेंशन

अंतिम मुगल सम्राट, बहादुर शाह जफर के प्रत्यक्ष वंशजों में से एक सुल्ताना बेगम कोलकाता की एक झुग्गी में रहती हैं और 6000 रुपये प्रति माह की पेंशन का लाभ उठाती हैं। सुल्ताना बेगम की शादी बहादुर शाह जफर के परपोते मिर्जा बेदार बख्त से हुई थी, जिनकी 1980 में कोलकाता में मृत्यु हो गई थी। परिवार चाहता है कि सुल्ताना को दी जाने वाली पेंशन को बढ़ाया जाए। वर्ष 1980 में, जब बेदार बख्त की मृत्यु हुई, तो संसद में तत्कालीन गृह राज्य मंत्री से एक प्रश्न रखा गया था कि क्या भारत सरकार को पता था कि वह कौन थे और क्या उनके परिवार के लिए कुछ किया जाएगा। इस पर सरकार का जवाब था कि सरकार जागरूक है और 400 रुपये पेंशन जारी रखी जाएगी, जिसे अनुरोध किए जाने पर सहानुभूति के आधार पर बढ़ाया जा सकता है।

अंतिम मुगल सम्राट का जीवित पुत्र जवान बख्त था और बाद का पुत्र जमशेद बख्त। जमशेद बख्त के दो बेटे हुए, मिर्जा सिकंदर और बेदार बख्त। बाद में बेदार बख्त का सुल्ताना बेगम से निकाह हुआ था। बेदार और सुल्ताना के छह बच्चे थे, जिनमें एक बेटा भी शामिल है जो अब सऊदी अरब में बस गया है।

सुल्ताना बेगम
Source- Google

सुल्ताना बेगम और उनकी बेटियां पेंशन पर दावा करते हुए कहती हैं कि ‘‘मुग़ल नाम का क्या फ़ायदा, अगर हमारे पास खाने के लिए ही कुछ नहीं है?” सरकार ने उनकी पोती रोशन आरा के लिए एक नौकरी प्रदान की है, जिसे 15,000 का वेतन मिलता है। लेकिन परिवार के कई अन्य सदस्य, जो अनपढ़ हैं, नौकरी की पेशकश पर सामान्य सरकारी टेस्ट को भी पास करने में असफल रहे हैं। सुल्ताना बेगम ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अपनी विरासत के बारे में बताया था और अपील की थी कि वो उन्हें किसी प्रकार की सहायता प्रदान करें।

और पढ़ें: अल्लामा मुहम्मद इक़बाल: जिसने “सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा” लिखकर भारत को बाँट दिया

लाल किला पर दावा

वर्ष 2003 में सरकार ने उनकी मदद की थी। साल 2004 में एनडीए सरकार में रहते हुए ममता बनर्जी ने बहादुर शाह जफर के वंशजों से मुलाकात की थी। वो मदद के प्रतीक के रूप में 50,000 रुपये के चेक के साथ अंतिम मुगल बादशाह के परिवार से मिलने गई थी। यहां तक कि उन्हें एक अपार्टमेंट भी दिया था। जब ममता बनर्जी ने रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला, तो सुलताना बेगम ने इस अवसर का लाभ उठाया और ममता को पत्र लिखकर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा याद दिलाया। तब ममता बनर्जी ने सुल्ताना की पोती रोशन आरा को टिकियापारा में रेलवे के कोच यार्ड में ग्रुप-डी की नौकरी भी दिलवाई थी। जिन्हें अभी 15000 रुपये का वेतन भी मिलता है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि बहादुर शाह जफर की परपोती, रौनक जमानी बेगम और उनकी बहन जीनत महल शेख अपने बेटों के साथ नवी मुंबई में बेगम के एक कमरे के घर में रहती हैं। इन्होंने वर्ष 2007 में दावा किया था कि लाल किला इनका है। रौनक जमानी बेगम के पति इकबाल नवाब भी उनका साथ दे रहे हैं। उनका कहना है कि “हम लाल किले के लिए मुकदमा लड़ने के लिए एक वकील की पहचान कर रहे हैं और इस साल के भीतर अदालत में याचिका दायर करेंगे। वास्तव में हम मुगलों की अनेक संपत्तियों में से केवल एक ही मांग रहे हैं।” उस समय जब यह पूछा गया कि क्या लाल किले पर दावा करना एक कठिन काम होगा, तब रौनक ने तर्क दिया था कि “अगर सरकार हमें हमारा लाल किला नहीं दे सकती है, तो कम से कम हमें ठीक से मुआवजा दे।”

और पढ़ें: आगा खान – जिसने ऑल इंडिया मुस्लिम लीग का सृजन किया और अखंड भारत को खंडित किया

सरकार को बंद करना चाहिए इनका पेंशन

अब यहां सवाल यह है कि आखिर सरकार इनकी मदद क्यों करे? क्या इन्होंने भारत पर कोई एहसान किया है? या फिर इनका कुछ ऐसा योगदान था जिसकी कीमत हिंदुओं को न चुकाना पड़ा हो? अगर माध्यकालीन मुगलों ने भारत में इमारतों का निर्माण किया भी, तो सिर्फ अपने रहने के लिए किया था, वह भी भारत के संसाधन से तथा हिंदुओं के खून से। उन्हें तो अभी शुक्रगुजार होना चाहिए कि पेंशन मिल रहा है। उन्हें तो इसका भी अधिकार नहीं मिलना चाहिए, सरकार को तुरंत एक्शन लेते हुए उनका पेंशन को बंद करना चाहिए। आखिर कितने वर्षों तक भारत पर अत्याचार करने वालों का बोझ भारत सरकार उठाए।

Tags: बहादुर शाह जफरसुल्ताना बेगम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

फ्रांस से सीख सकता है भारत Wokeism की बीमारी को दूर भगाने के उपाय

अगली पोस्ट

पंजाब की कांग्रेस सरकार चाहती है राज्य में पंजाबियों के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में 100 प्रतिशत आरक्षण!

संबंधित पोस्ट

इमरान खान
चर्चित

पाकिस्तान की राजनीति में अमेरिकी दखल के आरोप तेज, इमरान खान सरकार गिराने वाले Cipher से मचा बवाल

18 May 2026

पाकिस्तान की राजनीति में अमेरिकी दखल को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सरकार गिरने से जुड़े...

मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर भड़के लोग
चर्चित

मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर तेज हुई हिंदू मुस्लिम की बहस

18 May 2026

मौलाना साजिद रशीदी के एक बयान को लेकर देशभर में विवाद खड़ा हो गया है। एक टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में...

पहल्गाम हमले के बाद बढ़ा तनाव
चर्चित

पहल्गाम हमले के बाद बढ़ा तनाव, जानिए भारत और पाकिस्तान की परमाणु ताकत और रणनीति में कितना अंतर

18 May 2026

 पहलगाम में कम से कम 26 नागरिकों की हत्या कर दी, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया। इसके जवाब में India...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. Madan Mohan says:
    4 years पहले

    पूरा लेख पढने के बाद ऐसा लगता है कि यह किसी खास ग्रुप क्षरा फैलाया जा रहा प्रोपेगंडा है। जैसे कि एक बार क मकान खरीदने समय क‍िसी ने कान में डाल दिया कि यह मकान सही नहीं है। अब खरीददार ने जांच करवाई तो सच में ही वह किसी से जबरन छीना गया था और असली मालिक का अता पता नहीं था । रजिस्‍ट्री पर जिस महिला की फोटो लगी थी खुद उसे पता नहीं था उसे एक हजार रूपऐ देने को कहा था जब कभी कोर्ट में बुलाया जाए । खरीददार खुफिया विभाग में थे, लखनऊ तक फोन बज उठे और गहन जांच में पता चला कि असली मालिक को तो तार कर गायब कर दिया था।
    इसमें भी किसी विदेशी षडयंत्र की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता । जहां तक ममता ने नौकरी दी बड़ी बात नहीं है वह तो हर मुसलिम के लिए खजाना खोल देती है।
    इस विषय की खुफिया जांच जरूरी है। फिलहाल दिल्‍ली हाई कोर्ट ने मामला खारिज कर दिया है। पर कानून के दलाल और कोशिश करेंगे1 ाारवधानीजरूरी है।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited