TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    फॉर्म 17C का विवाद: लोकतंत्र की ‘अकाउंट बुक’ पर क्यों छिड़ी है कानूनी जंग?

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    ग्रेटर निकोबार परियोजना: सरकार ने ठोस आंकड़ों के साथ राहुल गांधी को दिया जवाब, इसे भारत के लिए ‘रणनीतिक अनिवार्यता’ बताया

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    सत्ता के गलियारों से पुलिस के रडार तक: राजनीतिक विवाद के केंद्र में संदीप पाठक

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    Narad jayanti

    लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतीय संस्कृति पर मुगलों का प्रभाव- अध्याय 2: भारतीयों वस्त्रों पर ‘मुगलई’ छाप

भारतीय परिधानों पर अभी भी है मुगलों का असर!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
31 January 2022
in ज्ञान
घूंघट

Source- TFIPOST

Share on FacebookShare on X
“पर्दे में रहने दो, पर्दा न उठाओ,
पर्दा जो उठ गया तो भेद खुल जाएगा….”
“दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है,
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है!”

घूंघट/पर्दा प्रथा – आप भी सोच रहे होंगे कि एक गंभीर लेख में ऐसा शायराना अंदाज? परंतु यह संस्कृति हमारी अपनी नहीं है, ये संस्कृति मुगलों द्वारा थोपी गई है। ये सत्य है कि कोस कोस पर बदले पानी और चार कोस में वाणी, परंतु विविधता का अर्थ ये भी नहीं कि हम दासता को ही अपनी संस्कृति बना लें। मुगलों के आक्रमण ने सनातन संस्कृति को जितना प्रभावित किया है, उतना शायद ही किसी अन्य संस्कृति ने किया हो। अपने प्रथम अध्याय में हमने इस बात पर प्रकाश डाला था कि कैसे हिन्दी भाषा का उर्दूकरण मुगलों के कारण हुआ था और इस अध्याय में हम आपको अवगत कराएंगे कि कैसे मुगलों ने हमारे परिधानों पर गहरा प्रभाव डाला!

और पढ़ें: भारत में मुगलों का हिंदुओं पर सांस्कृतिक प्रभाव- अध्याय 1: हिंदी का उर्दूकरण

संबंधितपोस्ट

कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

वंदे मातरम्, विभाजन की मानसिकता और मोदी का राष्ट्रवादी दृष्टिकोण – इतिहास, संस्कृति और आत्मगौरव का विश्लेषण

भारत-विरोधी विचारों वाला मेयर: Zohran Mamdani की राजनीति और पश्चिमी लोकतंत्र में फैलती हिंदू फोबिया

और लोड करें

कभी सोचा है आपने कि अंगवस्त्रम और साड़ी के देश में सलवार कमीज़ कहां से प्रचलित हो गई? कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि कैसे प्रात: काल में होने वाले विवाह अचानक से मध्य रात्रि में होने लगे? कभी सोचा है कि अचानक से भारत में जहां पगड़ी के बिना अनुष्ठान अधूरा माना जाता था, वो अचानक सेहरा और पर्दा को अपनी परंपरा कैसे मानने लग गया? अगर आप ध्यान दें, तो इन सबके पीछे एक वंश की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है – मुगल वंश।

भाषा से लेकर कई क्षेत्रों में इन्होंने अपना गहरा प्रभाव डाला है और ऐसे में परिधान कैसे पीछे छूटते? ऐसा नहीं है कि तुर्क और अफ़गान आक्रांताओं ने कोई प्रभाव नहीं डाला था, परंतु उनके आक्रमणों से हमारी वेशभूषा पर लेशमात्र भी अंतर नहीं पड़ा था। लेकिन यह सब बदला मुगलों के आगमन, क्षमा कीजिए, आक्रमण से। उन्होंने हमारी सांस्कृतिक परिधानों पर जो गहरा प्रभाव डाला, उसके बारे में जितना कहा जाए, उतना कम होगा। सूची तो अनंत है, परंतु कुछ ऐसे प्रमुख परिधान हैं, जो विशेष रूप से मुगलों की देन रहे हैं –

घूंघट/पर्दा प्रथा

अगर कुछ गांवों और कस्बों को छोड़ दें, तो अब आपको यह प्रथा दूर-दूर तक नहीं दिखेगी। लेकिन यह घूंघट भारतीय संस्कृति का भाग कैसे बना? वैदिक काल छोड़िए, प्राचीन भारत में दूर-दूर तक घूंघट का उल्लेख नहीं था। यहां तक कि तुर्क काल में भी घूंघट प्रथा पूरी तरह से भारत में नहीं फैल पाई थी, तो फिर घूंघट का प्रादुर्भाव हुआ कैसे? कारण स्पष्ट है – मुगल आक्रांता। तुर्क या अफ़गान भी कम नहीं थे, परंतु मुगलों की ‘बात ही कुछ और थी’। जो बात सल्तनत के युग में बहुत दुर्लभ थी, वो मुगल काल तक आम बात हो चली थी। मुगल हरम में हिन्दू स्त्रियों की कोई कमी न थी, चाहे वो जोधाबाई हो या इंदिरा कंवर! एक बार किसी मुगल ने अपना मन बना लिया, तो संसार की कोई शक्ति उस स्त्री को मुगल हरम का भाग बनने से नहीं रोक सकती थी।

जब हिंदुओं में विवाह अपने चरम पर होते थे, जैसे सहालग के समय, तो मुगलों की ओर से अनेक आक्रांत राह चलते किसी भी विवाह समारोह पर आक्रमण कर देते और महिलाओं को उठाकर ले जाते। साम, दाम, दंड, भेद, किसी भी भांति स्त्रियों, विशेषकर हिंदू स्त्रियों पर मुगल अधिकार जमाना चाहते थे। ऐसे में सती और घूंघट स्वेच्छा नहीं, विवशता थी। इसके अतिरिक्त दो और सांस्कृतिक बदलाव हुए, जो आज तक विद्यमान थे, पर धीरे धीरे इनमें भी बदलाव दिखने लगे हैं –

  • प्रात: काल के बजाए मध्य रात्रि में विवाह सम्पन्न कराना
  • मुगलों से कन्याओं की रक्षा हेतु घूंघट प्रथा को बढ़ावा देना

और पढ़ें : प्राचीन भारत में इन आठ तरीकों से होते थे विवाह, दो आज तक प्रचलन में हैं

मुगलों का प्रभाव उत्तर और उत्तर पश्चिमी भारत में सर्वाधिक था और यहां पर घूंघट सनातन संस्कृति का भी एक ‘अभिन्न अंग’ बन गया, ठीक वैसे ही, जैसे विवाह में वर के परिधान में शेरवानी और सेहरा सम्मिलित हो गया। पंजाब में तो ‘सेहराबंदी’ नामक एक विशेष रीति भी प्रचलित है, जो अब सनातन विवाहों का भाग बन चुकी है। परंतु प्रारंभ में सनातन विवाह में अंगवस्त्रम, धोती और पगड़ी ही वर के प्रमुख परिधान हुआ करते थे। लेकिन अब शेरवानी और सेहरा न हो, तो वर ‘कूल’ नहीं लगता! शेरवानी भी मध्यकालीन इतिहास की उपज थी, जिसे यदि मुगल न लाए होते तो शायद ये भारत में भी नहीं आता!

सलवार-कमीज़

अब आप शायद चकित हों, लेकिन सलवार कमीज़ भी भारतीय नहीं है। अपने शोध पत्र ‘Elucidation of Indian Salwar Kameez’ में मोनिषा कुमार और अमिता वालिया लिखती हैं कि “सलवार ढीले-ढाले ट्राउज़र्स समान परिधान थे, जिन्हे नाड़े से बांधा जाता था और इस शब्द की उत्पत्ति तुर्की, पर्शिया (अब ईरान) और अरब जगत से हुआ है। इसी भांति कमीज़ शब्द की उत्पत्ति अरबी है, जो विभिन्न लंबाइयों के ‘शर्ट/कुर्तों’ का विवरण देती है।” मुगलों से पहले सलवार कमीज़ भारतीय परिधान का प्रमुख हिस्सा नहीं था। हालांकि, इससे मिलते-जुलते परिधान राजस्थान की ओर देखे जा सकते थे। परंतु मुगलों ने बड़ी चतुराई से इसे एक ‘भारतीय परिधान’ में परिवर्तित कर दिया, मानों इससे पूर्व हमारे पास कोई और परिधान था ही नहीं।

बुर्का

लेकिन इससे भी अधिक अगर मुगलों ने किसी विदेशी परिधान का ‘भारतीयकरण’ किया है, तो वह है बुर्का। घूंघट की भांति बुर्का का दूर-दूर तक प्राचीन भारत में अस्तित्व नहीं था, लेकिन आज भारत में बुर्का पहनना तो मानो किसी फैशन से कम नहीं है। बुर्का शब्द की उत्पत्ति ही अरबी है और इसका मूल स्त्रोत भी भौगोलिक अधिक है। बुर्का का मूल उद्देश्य था रेगिस्तान की रेत और कुछ जानवरों से अपनी रक्षा करना। परंतु भारत में ऐसा भूगोल कहां है भाई? जो थोपा गया, उसे हाथों हाथ लपक लिया गया और आज बुर्का देशभर में कैंसर की भांति फैल रहा है।पर मुगलों की गंदगी केवल यहीं तक सीमित नहीं है। भोजन पर भी उन्होंने अपना अलग डेरा जमा रखा है। अगले अध्याय में हम इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि कैसे ‘मुगलई’ भोजन के नाम पर मुगलों और उनके चाटुकारों ने दशकों तक देश को उल्लू बनाया!

Tags: घूंघटभारतीय संस्कृतिमुग़ल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

मालदीव जैसे द्वीप राष्ट्र को भी चीन की चिंता नहीं

अगली पोस्ट

असम में एक सींग वाले गैंडे विलुप्त होने के कगार पर थे, भाजपा सरकार ने दिया नया जीवन

संबंधित पोस्ट

Narad jayanti
ज्ञान

लोक-कल्याण संचारक और संदेशवाहक देवर्षि नारद एवं वर्तमान पत्रकारिता की स्थिति

2 May 2026

सूचना और संवाद मानव सभ्यता के प्राण हैं। भारतीय परंपरा में यदि संवाद-कला का कोई आदिपुरुष है तो वह देवर्षि नारद हैं। उन्हें ब्रह्मा का...

सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में
ज्ञान

सीबीएसई कक्षा 12 के परिणाम 2026 जल्द आने की संभावना, सत्यापन अंतिम चरण में

2 May 2026

सत्यापन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँचने के साथ ही छात्रों को डिजिलॉकर, उमंग और आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से मार्कशीट मिलने की संभावना है क्योंकि...

पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी
अर्थव्यवस्था

पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

30 April 2026

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के स्वरूप को पूरी तरह बदलने के लिए कमर कस ली है। 30 अप्रैल,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited