TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पाकिस्तान की राजनीति में सैन्य प्रभाव का बदला हुआ

    PTI के खिलाफ रणनीति: पाकिस्तान में राजनीतिक नियंत्रण का बदला हुआ चेहरा

    अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    नए साल की पूर्व संध्या पर अजय सिंघल बने हरियाणा के नए डीजीपी

    चीनी पक्ष अमेरिका के नक्शे कदम पर चल रहा है

    नई दिल्ली ने खारिज किया चीन का दावा, बताया ‘बिज़ार’ और राजनीति से प्रेरित

    खालिदा जिया के निधन से शोक में बांग्लादेश

    बांग्लादेश की राजनीति में युग का अंत: खालिदा जिया के निधन पर शेख हसीना ने जताया दुख

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ग्रेगोरियन नववर्ष

    ग्रेगोरियन नववर्ष: कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत

    उमर ख़ालिद मामले में अमेरिकी दखल

    उमर ख़ालिद की ज़मानत को लेकर अमेरिकी सांसदों का दबाव, भारत के राजदूत को लिखा पत्र

    युद्ध समाप्ति की चुनौती: ज़ेलेंसकी का मुश्किल मोड़

    ज़ेलेंसकी और युद्ध का जटिल खेल: समाप्ति से अधिक खतरनाक बन गया संघर्ष

    बांग्लादेश में अमेरिकी जीएमओ मक्का का आगमन, क्षेत्रीय खाद्य संप्रभुता पर खतरा

    अमेरिकी जीएमओ मक्का पर पश्चिम का दबदबा, ठेकेदारों ने किया अधिग्रहण

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

“बचपन में चली गई थी देखने की शक्ति, 22 भाषाओं के ज्ञाता, राम मंदिर के लिए सुप्रीम कोर्ट में गवाही, 80 ग्रंथ रच दिए”, जगद्गुरु रामभद्राचार्य की कहानी

सुप्रीम कोर्ट भी जिनकी आभा और प्रज्ञा देखकर दंग रह गया था।

Yogesh Sharma द्वारा Yogesh Sharma
29 January 2023
in ज्ञान
Know Story of Jagadguru Rambhadracharya

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

भारत की पहचान साधु-संतों की भूमि के रूप में होती है। भारत के संतों ने विश्व में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का प्रचार प्रसार करने का कार्य किया हैं। इसलिए समाज में ऐसे संतों को बेहद सम्मान और आदर भाव की नजर से देखा जाता हैं। एक ऐसे ही महान संत हैं श्री रामभद्राचार्य जी। जो न तो देख सकते हैं, न पढ़ सकते हैं और न ही लिख सकते हैं परंतु फिर भी वो 80 से अधिक ग्रंथों की रचना कर चुके हैं। वो अपनी रचनाओं को बोलकर लिखवाते हैं। उन्हें बहुभाषाविद भी कहा जाता है। क्योंकि उन्हें 22 भाषाओं में कुशलता प्राप्त है। आज हम आपको इस लेख में हिंदू समाज के महान संत श्री रामभद्राचार्य महाराज से जुड़ी कई रोचक बातों से अवगत कराएंगें।

और पढ़ें: जब मोहनदास करमचंद गांधी ने स्वामी श्रद्धानंद के हत्यारे का किया था बचाव

संबंधितपोस्ट

आर्मी चीफ से मुलाकात के बाद स्वामी रामभद्राचार्य का बड़ा दावा, कहा- 2 वर्ष में PoK में बनेगा राम मंदिर, भारत में होगा शामिल

जन्मदिन विशेष: मानस नेत्रों से समाज को प्रकाशित करने वाले नेत्रहीन संत ‘रामभद्राचार्य’

मोहन भागवत के वक्तव्य का इतना विरोध क्यों?

और लोड करें

बचपन में ही चली गई थी आंखों की रोशनी

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का जन्म 14 जनवरी 1950 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुआ था। जगद्गुरु रामभद्राचार्य बचपन में ही ट्रकोम नामक एक बीमारी का शिकार हो गये थे। बताया जाता है कि एक महिला से उनकी आंखों में दवाई डलवायी गयी थी जिससे उनकी आंखों से खून निकलने लगा था। कई जगहों पर इलाज कराने के बावजूद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला जिससे उनकी आंखो की रोशनी चली गई थी।

अवध भाषा में की पहली रचना

जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में अपने दादा की देखरेख में घर पर ही हुई। उनके पिता मुम्बई में ही नौकरी करते थे। उन्हें घर पर ही रामायण, महाभारत, विश्रामसागर, सुखसागर, प्रेमसागर, ब्रजविलास जैसे किताबों का पाठ कराया गया। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज का वास्तविक नाम गिरधर मिश्रा है। रामभद्राचार्य ने महज 3 वर्ष की आयु में अपनी पहली कविता की रचना अवध भाषा में कर दी थी। इन्होंने अपनी रचना जब दादा को सुनाई तो हर कोई हैरत में पड़ गया था। इन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शास्त्री की उपाधि ली थी। साथ ही अयोध्या में उन्होंने ईश्वरदास महाराज से गायत्री मंच और राममंत्र की दीक्षा ली। तभी से इनका नाम रामभ्रदाचार्य हो गया था।

और पढ़ें: नीम करोली बाबा की कहानी, विराट-अनुष्का, मार्क जकरबर्ग, स्टीव जॉब्स हैं जिनके भक्त

जगद्गुरु रामभद्राचार्य 22 भाषाओं में पारंगत हैं। संस्कृत, हिंदी के साथ ही वह अवधि, मैथिली समेत अन्य भाषाओं में रचनाएं रची हैं। यह 80 से अधिक पुस्तकों की रचना कर चुके हैं, जिसमें दो संस्कृत और दो हिंदी के महाकाव्य भी शामिल हैं। इन्होंने केवल सुनकर शिक्षा हासिल की और वो बोलकर अपनी रचनाएं लिखवाते हैं। आपको बता दें कि रामभद्राचार्य महाराज को तुलसीदास पर देश के सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों में गिना जाता है। उन्होंने संत तुलसीदास के नाम पर चित्रकूट में एक धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान तुलसी पीठ की भी स्थापना की है।

साथ ही वह उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में विकलांग विश्वविद्यालय की स्थापना कर चुके हैं जोकि भारत और विश्व का पहला विकलांग विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय में केवल चार प्रकार के विकलांग- दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, अस्थि-विकलांग और मानसिक विकलांगों स्नातक और पीजी कराया जाता है। देशभर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य के लाखों अनुयायी हैं। लोग उनका नाम बहुत आदर के साथ लेते हैं। हर कोई उनकी अद्भुत प्रतिभा का कायल हैं। इन्हें सरकार के द्वारा वर्ष 2015 में पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।

बताया जाता है कि 5 वर्ष की अल्प आयु में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने अपने पड़ोसी पंडित मुरलीधर मिश्रा की सहायता से 15 दिनों में अध्याय और श्लोक संख्या के साथ लगभग 700 छंदों से युक्त संपूर्ण भगवद गीता को याद कर लिया था। साथ ही ये भी कहा जाता है कि सात साल की उम्र में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने 60 दिनों में तुलसीदास के संपूर्ण रामचरितमानस को याद कर लिया था। स्वामी रामभद्राचार्य ने बचपन में ही धार्मिक ज्ञान प्राप्त कर लिया था और 4 वर्ष की अल्प आयु में ही रामभद्राचार्य महाराज कवितायें करने लगे थे और 8 वर्ष की आयु में वो भागवत कथा और रामकथा भी करने लगे।

और पढ़ें: “चीन की जासूसी की, पिस्तौल लेकर चलते थे, 15 वर्ष हिमालय में घूमते रहे”, स्वामी प्रणवानंद की कहानी

राम मंदिर मामले में दी महत्वपूर्ण गवाही

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस में जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की खूब चर्चा हुई थी। जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में वादी के तौर पर उपस्थित हुए और उन्होंने सरयू नदी के स्थान विशेष से दिशा और दूरी का बिल्कुल सटीक ब्यौरा देते हुए श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई थी। जिसके बाद अदालत में जैमिनीय संहिता मंगाई गई। उसमें जगद्गुरु ने जिन उद्धहरणों का जिक्र किया था, उसे खोलकर देखा गया। सभी विवरण सही पाए गए। पाया गया कि जिस स्थान पर श्रीराम जन्मभूमि की स्थिति बताई गई, विवादित स्थल ठीक उसी स्थान पर है। जिसका परिणाम ये हुआ कि जगद्गुरु के बयान ने निर्णय का रूख मोड़ दिया। सुनवाई करने वाले जस्टिस ने भी इसे भारतीय प्रज्ञा का चमत्कार माना। सभी हैरान थे कि जो व्यक्ति  देख नहीं सकते उन्हें कैसे वेदों और शास्त्रों के विशाल संसार से उद्धहरण दे सकते हैं। कुछ लोगों ने इसे ईश्वरीय शक्ति बताया।

बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य वर्ल्ड ह्यूमैनिटी पार्लियामेंट संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2023 का प्राइड ऑफ सनातन विश्व प्रसिद्ध पुरस्कार से विभूषित किया है जो सभी के लिए गौरव की बात है। जगदगुरु की आशुकवि क्षमता है। रचनात्मक कार्यों में पठन-पाठन करते रहते हैं।

और पढ़ें: एक प्रख्यात पुरातत्वविद् और पुरालेखशास्त्री थे डॉ० आर नागास्वामी

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Jagadguru Shri Rambhadracharyaजगद्गुरु रामभद्राचार्य की कहानीराम मंदिर केसस्वामी रामभद्राचार्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“हमें हिंदू राष्ट्रवादी बताते हैं, अपने देश को ईसाई राष्ट्रवादी क्यों नहीं?” जयशंकर ने चीन का नाम लेकर राहुल को ढंग से लपेट दिया

अगली पोस्ट

“9 प्रतिशत ने 10 वर्ष के होने से पहले गांजा लिया, 70 प्रतिशत ने10 से 15 वर्ष का होने पर गांजा लिया”, कम्युनिस्ट केरल के युवा चे ग्वेरा बनने पर तुले हैं?

संबंधित पोस्ट

भारतीय संविधान
ज्ञान

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

31 December 2025

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर...

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited