TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब इंदिरा गांधी ने चौधरी चरण सिंह के पीठ में छुरा घोंपा था

पहले साथ दिया और फिर विश्वासघात किया

Vaishali Shukla द्वारा Vaishali Shukla
10 February 2023
in इतिहास
इंदिरा गांधी चौधरी चरण सिंह

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

25 जून 1975 देश के लोकतंत्र पर एक बदनुमा दाग की तरह है। ये वो दिन था जब इंदिरा गांधी ने अपनी हार स्वीकारने की जगह देश पर आपातकाल थोप दिया था। स्वतंत्र भारत के इतिहास के पन्नों में ये सबसे विवादास्पद और अलोकतांत्रिक काल माना जाता था। जहां आपातकाल में चुनाव स्थगित हो गए थे तथा नागरिक अधिकारों को समाप्त करके खूब मनमानी हुई थी। परंतु आपातकाल खत्म होने के बाद भी देश में काफी राजनीतिक ड्रामा चला। इस दौरान इंदिरा गांधी ने चौधरी चरण सिंह को पहले प्रधानमंत्री बनाकर और फिर उनकी पीठ में छुरा घोंपकर एक अलग ही खेल खेला था।

और पढ़ें: इंदिरा गांधी के संरक्षण में संजय गांधी ने जमकर मचाया था ‘उत्पात’

संबंधितपोस्ट

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

पोखरण-I के 51 साल: जब भारत ने दुनिया को दिखाया अपना परमाणु आत्मबल

Vijay Diwas 2025 : 16 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विजय दिवस, जानें पूरा इतिहास

और लोड करें

मोरारजी देसाई बने प्रधानमंत्री

21 महीने की अवधि के बाद देश पर 21 मार्च 1977 को आपातकाल हटाया गया था। आपातकाल की समाप्ति के पश्चात देश में लोकसभा चुनाव की घोषणा हुई। देश में इंदिरा गांधी के विरुद्ध आक्रोश अपने चरम पर था। इस दौरान बिखरी हुई छोटी-छोटी क्षेत्रीय पार्टियां जनता पार्टी के बैनर तले एक हो गयी और इन्होंने मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव में जनता पार्टी की जीत हुई और कांग्रेस और इंदिरा गांधी को अपने गलत निर्णय का परिणाम भुगतना पड़ा। खास बात ये थी इस दौरान जय प्रकाश नारायण इंदिरा गांधी के विरुद्ध विपक्ष का नेतृत्व और चुनाव प्रसार किया था। जनता पार्टी की जीत के बाद मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बना दिया गया।

मोरारजी देसाई भारत के स्वाधीनता सेनानी, राजनेता और देश के चौथे प्रधानमंत्री बने थे। साथ ही वह प्रथम ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बजाये दूसरे दल से थे। मोरारजी देसाई के मन में हमेशा से ही प्रधानमंत्री बनने की इच्छा थी। जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद मोरारजी देसाई उम्मीद लगाए बैठे थे कि वे प्रधानमंत्री बनेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। तब दूसरी ओर एक और राजनेता थे, जो कई वर्षों से प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहे थे। वह थे चौधरी चरण सिंह। लगातार 40 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी का सदस्य रहने के बाद उन्होंने 1967 में इस पार्टी से इस्तीफ़ा दिया था। इसके एक साल बाद उन्होंने भारतीय क्रांति दल का गठन किया था।

चौधरी चरण सिंह एक ऐसे राजनेता थे, जिन्होंने हमेशा ही किसानों के हित में बात की थी। उन्हें किसानों का मसीहा भी कहा जाता है। वे अपने उसूलों और सिद्धांतों के बड़े ही पक्के थे। वर्ष 1978 की बात है जब चौधरी चरण सिंह के 76वें जन्मदिन पर दिल्ली के बोट क्लब में किसान सम्मेलन हुआ था। इस दौरान लाखों की संख्या में किसान देश की राजधानी दिल्ली में इकट्ठा हुए थे। इसके जरिए उन्होंने अपनी ताकत को प्रदर्शित किया था। तब से ही 23 दिसंबर को उनके जन्मदिन के अवसर को किसान दिवस के रूप में मनाना आरम्भ हुआ था।

और पढ़ें: “इंदिरा गांधी ने BBC के दिल्ली ऑफिस पर ताला जड़वा दिया था”, आज कांग्रेस ‘अघोषित आपातकाल’ का रोना रो रही है

अनबन की आई खबरें

1977 में इंदिरा सरकार को हराने के बाद गठबंधन की सरकार तो बन गई थी, लेकिन कुछ ही समय में सरकार में खटपट की खबरें सामने आने लगीं। मोरारजी देसाई जब प्रधानमंत्री बने तो चरण सिंह का नाम गृह मंत्री के लिए सुझाया गया। वो बात अलग है कि चरण सिंह की जनता सरकार से अधिक समय तक नहीं बनी। खासकर मोरारजी देसाई और चरण सिंह में बिलकुल भी नहीं बन रही थी। मोरारजी देसाई के विषय में चरण सिंह की राय थी कि वे Do-Nothing प्राइम मिनिस्टर की तरह हैं। साथ ही उनका ऐसा ही कहना था कि मोरारजी स्वयं ही अपने निर्णय लेते थे और वह किसी की भी सुनते नहीं। जल्द ही चौधरी चरण सिंह ने जनता सरकार से इस्तीफा दे दिया। हालांकि समझौता होने के बाद वे देश के उप प्रधानमंत्री बने थे।

दूसरी ओर इंदिरा गांधी दबे पांव सरकार में घुसने के रास्ते तलाश रही थी। तभी चौधरी चरण सिंह ने जनता पार्टी से सभी सांसदों को पार्टी से बाहर निकालते हुए स्वयं को अलग कर लिया। चरण सिंह के सामने ऐसी कठिन परिस्थितियां पैदा हो गयी थी जिससे उनके पास पार्टी तोड़ने के सिवा कोई चारा ही नहीं बचा था। चरण सिंह के जाते ही जनता पार्टी की जड़ें हिल गयी। बस फिर क्या था इंदिरा गांधी ऐसे ही अवसर की तलाश में थी और उन्होंने ये मौका अपनी हाथों से जाने नहीं दिया और इन्होंने चरण सिंह को अपना समर्थन दे दिया। चौधरी चरण सिंह प्रधानमंत्री तो अवश्य बनें, परंतु अधिक समय तक वो इस पद पर रह न सकें।

और पढ़ें: जब भरी सभा में दिलीप कुमार ने इंदिरा गांधी की निकाल दी थी हेकड़ी

इंदिरा गांधी ने दिया समर्थन और फिर…

हुआ कुछ ऐसा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद अब इनको सदन में अपना बहुमत साबित करना था। कई दिनों तक इस पर बातचीत होती रही। उसके बाद इनको बहुमत साबित करने के लिए कहा गया तब इंदिरा गांधी ने अपना समर्थन ही वापस ले लिया, जिससे इनकी सरकार अल्पमत में आ गई और सरकार गिर गयी।

चौधरी चरण सिंह के प्रधानमंत्री बनने के समय हिम्मत नाम की मैगजीन में एक खबर आई थी कि इंदिरा गांधी मध्यावधि चुनाव चाहती हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें प्रतीत होता था कि इससे उन्हें अधिक लाभ होगा और ऐसा भी हो सकता है कि सिंह की सरकार दो-तीन महीने भी न रह पाए। हुआ भी ऐसा ही। एक महीने के अंदर ही कांग्रेस ने अपना समर्थन वापस ले लिया था। इस्तीफे देने के बाद चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि वो इंदिरा गांधी से ब्लैकमेल नहीं होना चाहते थे। उनके अनुसार, इंदिरा गांधी ने यह शर्त रखी है कि आपातकाल के समय हुई ज्यादतियों से जुड़े जो भी केस उनके खिलाफ दर्ज किए गए हैं, उन्हें वापस ले लिया जाए। मुझे यह शर्त बिलकुल भी मंजूर नहीं है और इसलिए मैं प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। चौधरी चरण सिंह ने ये भी कहा था, “हम ऐसे किसी व्यक्ति पर मामले कैसे हटा सकते हैं, जो इमरजेंसी के दौरान लोगों पर हुए उत्पीड़न का जिम्मेदार हो। यदि हम सत्ता में रहने के लिए ऐसा करते भी हैं तो फिर ये देश हमें कभी माफ नहीं करेगा।”

अब इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने यहीं पर दिलचस्प मोड़ ले लिया था। तब सरकार बनाने के लिए न तो न तो कांग्रेस के पास बहुमत था न जनता पार्टी के पास और न ही चरण सिंह के पास। इस तरह कि स्थिति का एक ही समाधान था कि मध्यावधि चुनाव हो। हालांकि इसके लिए चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से कुछ समय मांगा था और तब तक चरण सिंह ही कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहे थे। लेकिन अगर देखा जाए तो सरकार गिरने से पहले चौधरी चरण सिंह केवल 23 दिनों तक ही प्रधानमंत्री के पद पर थे। चौधरी चरण सिंह को प्रधानमंत्री के पद से हटाने में सबसे बड़ा हाथ कांग्रेस पार्टी का था। पहले कांग्रेस पार्टी ने चौधरी चरण सिंह का समर्थन किया और फिर कुछ दिनों तक एक राजनीतिक ड्रामा खेला और आखिर में चौधरी चरण सिंह की पीठ में छुरा घोपा कर उनको प्रधानमंत्री के पद से रवाना करवा दिया। मध्यावधि चुनाव के बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई और इंदिरा गांधी जो चाहती थीं उसमें सफल भी हुईं।

और पढ़ें: भ्रम में मत रहिए, राजनीतिक लाभ के लिए इंदिरा गांधी ने किया था बैंकों का राष्ट्रीयकरण

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Chaudhary Charan Singhआपातकालइंदिरा गाँधीमोरारजी देसाई
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कांग्रेस छोड़ने जा रहे हैं शशि थरूर, पीएम मोदी ने इशारा दे दिया है

अगली पोस्ट

संसद में पीएम मोदी के भाषण की लोग ऐसे प्रतीक्षा कर रहे थे, जैसे कभी रामायण-महाभारत के लिए होती थी

संबंधित पोस्ट

भारत पाकिस्तान का विभाजन
इतिहास

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

16 August 2026

15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता तो मिली, लेकिन प्रश्न था कि अब आगे क्या ? दुर्भाग्य से गांधी जी ने मुस्लिम लीग के...

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम
इतिहास

80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

15 August 2026

भारत की आज़ादी सिर्फ कुछ मशहूर नेताओं की वजह से नहीं मिली, बल्कि यह अनगिनत बहादुर लोगों के त्याग और संघर्ष का नतीजा है। इनमें...

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?
इतिहास

‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

14 August 2026

वर्ष 2021 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अगस्त को 'विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस' (Partition Horrors Remembrance Day) के रूप में मनाने...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited