TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मेट्रो में शालीनता, सड़कों पर अव्यवस्था

    मेट्रो में लाइन, बसों में धक्का-मुक्की: आर्थिक सर्वेक्षण ने बताई वजह

    मणिपुर विधानसभा

    मणिपुर को आज मिल सकता है नया मुख्यमंत्री, संभावित सरकार गठन को लेकर बीजेपी मुख्यालय में विधायक दल की बैठक

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    सुप्रीमकोर्ट ने डेटा लिक को लेकर दी कड़ी चेतावनी

    डेटा प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, व्हाट्सएप के खिलाफ सख्त चेतावनी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    भारत में डेटा सेंटर इस्तेमाल करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल तक टैक्स में राहत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जी 20 मंच का इस्तेमाल रूस के विरुद्ध करने के प्रयासों में लगा है अमेरिका

समझिए कैसे?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
3 March 2023
in विश्व
Blinken was not in India for India, he was here for Russia

Source: The Hindu

Share on FacebookShare on X

जो दिखता है, आवश्यक नहीं कि वही सत्य हो। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका कुछ ही ज़्यादा “भारत का हितैषी” दिखने को उद्यत है। वह संसार को यह दिखाना चाहता है कि भारत के लिए यदि कोई सबसे अधिक चिंतित है तो वह अमेरिका ही है, परंतु जी 20 सम्मेलन में आगमन से पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने वही किया, जिसकी आशा किसी विश्लेषक को न थी, और इससे एक बार फिर यही स्पष्ट होता है कि अमेरिका अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ सकता।

इस लेख में पढ़िए  कैसे एक बार फिर अमेरिका ने अपना वास्तविक रूप दिखाया है।

संबंधितपोस्ट

अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे: मोदी की रणनीति, अमेरिका की बेचैनी और भारत का संतुलन

भारत-अमेरिका रिश्तों में खटास के 5 बड़े कारण और भारत की नई कूटनीतिक चालें

पुतिन की भारत यात्रा तय, ट्रंप के रूसी तेल पर टैरिफ हमले का जवाब?

और लोड करें

मध्य एशिया पहुंचे ब्लिंकन

इस वर्ष जी-20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है और जी-20 के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकन भी भारत आए थे, परंतु यह महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि अमेरिका के विदेश मंत्री अमेरिका से सीधे भारत ने आकर मध्य एशिया में कुछ समय रुके थे, उसके बाद वो भारत आए।

ऐसे में प्रश्न उठता है कि आखिरकार उन्होंने ऐसा क्यों किया? इसके लिए हमें समझना होगा कि मध्य एशिया केवल एक क्षेत्र नहीं है बल्कि अवसरों का असीमित सागर है, जो रणनीतिक रूप से दो महाशक्तियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है रूस और भारत। इसके अलावा चीन भी इस क्षेत्र में अपनी नजरें गड़ाया हुआ है।

मध्य एशिया के दौरे के दौरान ब्लिंकन ने कजाखिस्तान की यात्रा भी की है, जहां वे विदेश मंत्री मुख्तार तिलेउबर्दी से मिले और फिर वहां के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव के साथ बातचीत की। इसके बाद तथाकथित सी5+1 समूह की बैठक हुई। इस समूह सी5+1 में अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ के सदस्य- कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा कि सी5+1 की बैठक में ब्लिंकन ‘मध्य एशियाई देशों की स्वतंत्रता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अमेरिकी प्रतिबद्धता’ पर जोर देंगे। रूस से युद्ध में यूक्रेन का समर्थन करने के लिए अमेरिका इसी प्रतिबद्धता का हवाला देता है।

और पढ़ें: भारत का हितैषी दिखने का स्वांग रचकर अपने पाप धुलना चाहता है अमेरिका

पूर्व सोवियत संघ का हिस्सा रह चुके कजाकिस्तान, किर्गिजिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान को पारंपरिक रूप से मॉस्को से प्रभावित माना जाता है, लेकिन इनमें से किसी ने भी सार्वजनिक रूप से युद्ध का समर्थन नहीं किया है और ऐसे में अब ब्लिंकन मध्य एशिया के माध्यम से रूस को “कूटनीतिक रूप” से अलग-थलग करना चाहते हैं।

इसके संकेत स्वयं ब्लिंकन ने दिए। जिन्होंने इस बात को उज्बेकिस्तान में भी दोहराया। उन्होंने कहा, “आखिरकार, अगर एक शक्तिशाली देश बलपूर्वक एक संप्रभु पड़ोसी की सीमाओं को मिटाने की कोशिश करने को तैयार है, तो उसे दूसरों के साथ ऐसा करने से क्या रोका जा सकता है? मध्य एशिया के देश इसे समझते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका भी ऐसा ही करता है, और ऐसा ही दुनिया भर के भागीदार और सहयोगी भी करते हैं। और यही कारण है कि हम प्रतिबद्ध हैं और न केवल यूक्रेन की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता के लिए खड़े होने के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि मध्य एशिया और वास्तव में, दुनिया भर के देशों के लिए भी हैं।

ऐसे में इतना तो स्पष्ट है कि अमेरिका भारत के मंच से रूस के घेराबंदी का भरसक प्रयास कर रही है। बता दें कि रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, फ्रांस की कैथरीन कोलोना, चीनी विदेश मंत्री किन गैंग, जर्मनी की एनालेना बेयरबॉक और ब्रिटिश विदेश सचिव जेम्स क्लीवरली उन लोगों में शामिल हैं जो भारत की मेजबानी में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं।

जी 20 में अमेरिका का एजेंडा

अतिथि के रूप में भारत के निमंत्रण के बाद श्रीलंका और बांग्लादेश सहित गैर-जी20 देशों के कई विदेश मंत्री भी बैठक में भाग ले रहे हैं। बैठक में गिरते आर्थिक विकास, बढ़ती महंगाई, वस्तुओं और सेवाओं की कम मांग के साथ-साथ भोजन, ईंधन और उर्वरकों की बढ़ती कीमतों से निपटने के तरीकों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त अमेरिका जी 20 के माध्यम से रूस यूक्रेन युद्ध के लिए रूस को “आइसोलेट” करने की दिशा में हरसंभव प्रयास करने को उद्यत है।

परंतु अमेरिका भारत के माध्यम से ही रूस को क्यों नीचा दिखाना चाहता है? ऐसा इसलिए क्योंकि लाख प्रपंच के बाद भी भारत और रूस के बीच संबंधों पर कोई आंच नहीं आई है, और भारत ने स्पष्ट किया है कि आत्मनिर्भरता के पथ पर वह अपनी गति से आगे बढ़ेगा, किसी के दबाव में नहीं।

इसके अतिरिक्त रूस-यूक्रेन युद्ध के एक वर्ष पूर्ण होने पर संयुक्त राष्ट्र की महासभा में एक बार फिर रूस के विरुद्ध प्रस्ताव लाया गया था, परंतु इस मतदान में भारत और चीन ने प्रतिभाग नहीं किया था। 193 सदस्य देशों में से 141 सदस्य देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इससे पहले भी कई बार महासभा में रूस के विरुद्ध लाए गए प्रस्ताव पर भारत ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

और पढ़ें: जब तक डेमोक्रेट पार्टी सत्ता में है, भारत-अमेरिका के संबंध प्रगाढ़ नहीं हो सकते

वोट न देने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए महासभा में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज ने कहा था, “समकालीन चुनौतियों से निपटने में संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद की प्रभावशीलता पर प्रश्न खड़ा होता है। भारत दृढ़ता से बहुपक्षवाद के लिए प्रतिबद्ध है और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों को बरकरार रखता है। हम सदैव बातचीत और कूटनीति को एकमात्र उपाय मानते हैं। हमने जब आज के प्रस्ताव में दिए गए उद्देश्य पर ध्यान दिया, तब स्थायी शांति प्राप्ति करने के अपने लक्ष्य तक पहुंचने में इसकी सीमा को देखते हुए हम इस मतदान से स्वयं को दूर रखने के लिए मजबूर हो गए”।

ऐसे में अमेरिका जी 20 में अन्य देशों के माध्यम से दबाव बनाना चाहता है, ताकि कैसे भी करके रूस को वैश्विक पटल पर अलग-थलग किया जा सके।

शायद इसी को पहले ही भाँपते हुए संयुक्त राष्ट्र की महासभा में रुचिरा कंबोज ने कहा,  “भारत, यूक्रेन की स्थिति को लेकर चिंतित है, जहां संघर्ष के कारण अनगिनत लोगों की जान चली गई, इसका दुख है- विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए। लाखों लोग बेघर हो गए और पड़ोसी देशों में शरण लेने के लिए मजबूर हो गए। हमने लगातार इस बात की वकालत की है कि मानव जीवन की कीमत पर कभी भी कोई समाधान नहीं निकाला जा सकता है। हमारे प्रधानमंत्री का यह कथन कि यह युद्ध का युग नहीं हो सकता है, दोहराए जाने योग्य है। शत्रुता और हिंसा का बढ़ना किसी के हित में नहीं है, इसके बजाय बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर तत्काल वापसी ही आगे का रास्ता है”।

इसमें कोई दो राय नहीं कि भारत विश्व का इकलौता ऐसा राष्ट्र है जो दोनों देशों के बीच शांति करवा सकता है और दोनों देशों को बातचीत की पटरी पर ला सकता है। इसलिए भारत का रूस के विरुद्ध हुई इस वोटिंग से बाहर रहना बिल्कुल सही था- क्योंकि यदि भारत वोटिंग करता तो वो भी एक पक्ष में खड़ा दिखता।

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि मध्य एशिया की यात्रा कर एंटनी ब्लिंकेन ने वही किया, जिसका अंदेशा काफी पूर्व से ही लगाया जा रहा था, ऐसे में अब देखना होगा कि अपनी अध्यक्षता में भारत अमेरिकी की चालों का कैसे काट निकालता है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: G 20 Summit IndiaG20 in New DelhiIndia-Russia RelationsIndia-US Relations
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सीएम योगी के उत्तर प्रदेश में आपका स्वागत है, जहां माफियाओं के लिए घर नही जेल है सुरक्षित स्थान

अगली पोस्ट

सनातन धर्म त्यागने वालों को आरक्षण देने पर विचाराधीन है RSS

संबंधित पोस्ट

भारत–EU सहयोग को नई गति
भारत

समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

3 February 2026

पिछले सप्ताह भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए “मदर ऑफ ऑल डील्स” ने भले ही सुर्खियाँ बटोरी हों, लेकिन इसी दौरान एक और...

एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका
AMERIKA

एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

30 January 2026

भारत ने एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को उसके नए Gen 2 सैटेलाइट सिस्टम के लिए मंज़ूरी नहीं दी है। इससे भारत में मोबाइल फोन...

तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा
चर्चित

तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

29 January 2026

पचहत्तर वर्ष पहले, जब चीनी सेनाएं मध्य तिब्बत की ओर बढ़ रही थीं, तब 14वें दलाई लामा तिब्बत के आधुनिक इतिहास के एक निर्णायक मोड़...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited