TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे उनके जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

    मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट: हाई टाइड और तेज हवाओं की चेतावनी, 17 उड़ानें रद्द

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती: पश्चिम बंगाल में स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाएंगे उनके जीवन और विचार

    यूपी केबिनेट के अहम फैसले

    यूपी कैबिनेट के बड़े फैसले: शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदला, स्टार्टअप नीति को मंजूरी, पशुओं का होगा बीमा

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान

    पीएम मोदी ने याद किया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का योगदान, बोले- राष्ट्र की एकता के लिए उनका संघर्ष प्रेरणादायक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

हमें खंडित मंदिरों का उद्धार करना है, “वर्ल्ड हेरिटेज” की भीख नहीं मांगनी!

ये टैग कोई सम्मान का विषय नहीं!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
29 September 2023
in मत
हमें खंडित मंदिरों का उद्धार करना है, “वर्ल्ड हेरिटेज” की भीख नहीं मांगनी!
Share on FacebookShare on X

विगत कुछ वर्षों से पर्यटन के प्रति रुचि काफी बढ़ गई है, खासकर भारत में, जहां स्मारक और विभिन्न ऐतिहासिक स्थल की कोई कमी नहीं हैं। यात्री घूमने के लिए नए और रोमांचक स्थलों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में, यूनेस्को द्वारा प्रमाणित “वर्ल्ड हेरिटेज स्थलों” का अपना अलग ही महत्व व्याप्त है।

निस्संदेह “वर्ल्ड हेरिटेज साइट” अपने आप में गर्व का विषय है। परन्तु एक प्रश्न का उत्तर अब भी नहीं मिला है: क्या ये “विश्व धरोहर स्थल” का टैग वास्तव में इन प्रतिष्ठित स्थानों को लाभान्वित करता है, या क्या यह वास्तव में, लाभ की तुलना में अधिक हानि पहुंचाता है?

संबंधितपोस्ट

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: विनय कटियार बोले- धन का गबन हुआ है, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

राम मंदिर दान जांच: मंदिर की चढ़ावा व्यवस्था में कथित सिस्टमगत अनियमितताओं के बीच आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

और लोड करें

सच कहें “विश्व धरोहर स्थल” का शीर्षक गर्व की बात नहीं है, खासकर प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के संदर्भ में। यह लेबल कुछ मामलों में आशीर्वाद से अधिक अभिशाप साबित हो सकता है।

तो स्वागत है आप सभी का, और आज हम चर्चा करेंगे “यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल” के टैग पर, और क्यों ये हमारे दर्शनीय स्थलों के लिए कोई गर्व का विषय नहीं है !

क्यों है “World Heritage Site” का उपनाम एक अभिशाप?

कहने को “वर्ल्ड हेरिटेज साइट” एक सम्मानीय टैग कुछ लोगों के लिए हो सकता है, पर वास्तव में ये टैग ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों के लिए अभिशाप साबित हो सकता है। देखिये, उक्त टैग यह दर्शाता है कि एक स्मारक या शहर को उसके असाधारण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या वास्तुशिल्प महत्व के लिए पहचाना और संरक्षित किया जाता है, जो दस विशिष्ट मानदंडों में से एक को पूरा करता है।

इन मंदिरों को संरक्षित करना कोई सरल कार्य नहीं है, लेकिन अधिक महत्वपूर्ण मुद्दा इन स्थलों के आसपास व्यापक योजना की कमी है, जिससे उन्हें मार्केट फोर्सेज़ पर निर्भर होना पड़ता है। आधुनिकता और आध्यात्मिकता में संतुलन होना आवश्यक है, लेकिन दुख की बात है कि ऐसा नहीं है।

और पढ़ें: “सोमनाथ मंदिर को तोड़कर गजनवी ने कुछ गलत नहीं किया”, ऐसे बयानों को आप जानते हैं लेकिन ये क्यों दिए जाते हैं यह जान लीजिए

अब वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स बनने का फायदा है तो नुकसान भी है। उदाहरण के लिए बृहदेश्वर मंदिर को ले लीजिये।मंदिर का नाम “बृहत” (जिसका अर्थ है बड़ा या विशाल) और “ईश्वर” (भगवान शिव को संदर्भित करते हुए) से लिया गया है, जो सबसे महत्वपूर्ण शिव मंदिरों में से एक के रूप में इसके महत्त्व को रेखांकित करता है। परन्तु 1987 में, मंदिर को जब से यूनेस्को के “विश्व धरोहर स्थल” का दर्जा दिया गया था, तभी से स्थिति बद से बदतर हो गई!

कुछ वर्ष पूर्व TFIPost पर हमारे एक पाठक ने बृहदेश्वर मंदिर का अपना अनुभव हमारे साथ साझा किया । उन्होने बताया  कि, “बृहदेश्वर मंदिर में दर्शन करने का अवसर प्राप्त हुआ। मैं इसके लिए अति उत्सुक था लेकिन मंदिर के द्वार पर मुझे एक झटका लगा । मैंने देखा कि हिंदुओं के सबसे बड़े मंदिरों में से एक मंदिर में दूसरे धर्म के लोगों को भी प्रवेश की अनुमति थी। अब क्योंकि वहाँ उन लोगों को भी प्रवेश की अनुमति है, जो मूर्ति पूजक नहीं है, मंदिर का प्रांगण किसी पब्लिक पार्क की भांति लग रहा था जहां लोग अपने प्रेमियों के साथ हाथ पकड़ कर घूम रहे हैं।”

इसके अतिरिक्त जब इसके अलावा, जब मंदिर केवल पिकनिक स्पॉट बनकर रह जाते हैं, तो मानदंड धुंधले हो जाते हैं, और आगंतुक ऐसी पोशाक पहनकर आ सकते हैं जो मंदिर के भाव / प्राँगण के लिए उचित न हो। स्मरण दिलाएं कि पवित्र केदारनाथ धाम में कुछ माह से क्या हो रहा था?

पर्यटन के लिए आध्यात्मिकता से समझौता नहीं!

हम मंदिर क्यों जाते हैं? निस्संदेह, पूजा अर्चना के लिए! लेकिन सनातनी मंदिरों के संदर्भ में, जो दिखता है उससे कहीं अधिक है।

प्राचीन समय में, मंदिर बहुमुखी केंद्र के रूप में कार्य करते थे जहां संस्कृति, व्यापार और आध्यात्मिकता सामंजस्यपूर्ण रूप से सह-अस्तित्व में रहते थे। आज भी हमारे मंदिर ऊर्जा के आदान-प्रदान के माध्यम हैं। जब हम अंदर कदम रखते हैं, तो सकारात्मकता की एक निर्विवाद आभा हमें घेर लेती है।

अब जब वह भावना ख़त्म हो जाती है, तो संकेत बिल्कुल स्पष्ट हो जाते हैं: स्थान की पवित्रता भंग हो गई है। यही बात  “विश्व विरासत स्थल” टैग के लिए चरितार्थ होती है, जिसका नकारात्मक प्रभाव हमें गहन आध्यात्मिक महत्व के ऐतिहासिक स्थानों पर देखने को मिलता है। उदाहरण के लिए, आइए कोणार्क सूर्य मंदिर पर एक नज़र डालें। सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी और जल जैसे प्राकृतिक तत्वों और शक्तियों की पूजा भारतीय संस्कृति के ताने-बाने में बुनी गई है। पूर्वी भारत में, विशेष रूप से बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में, सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्त्व है।

ओडिशा में, 13वीं शताब्दी में निर्मित कोणार्क सूर्य मंदिर, जिसे कुछ लोग और भी प्राचीन मानते हैं, सूर्य देव के प्रति लोगों की अटूट भक्ति का जीता जागता  प्रमाण है। ओडिशा के लोगों ने अपनी समुद्री यात्रा कौशल के साथ, दक्षिण पूर्व एशिया में हिंदू धर्म को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में सूर्य मंदिरों का प्रसार हुआ।

हालाँकि, वर्तमान समय में कोणार्क सूर्य मंदिर में एक अजीब विरोधाभास सामने आता है – यहाँ सूर्यदेव की उपासना ही नहीं होता। इसके बजाय, यह हिंदू पूजा स्थल के बजाय एक पर्यटन स्थल में तब्दील हो गया है। अब प्रश्न उठता है: यदि आप पूजा नहीं कर सकते तो सूर्य मंदिर का क्या प्रयोजन है?

कोणार्क का एक समृद्ध इतिहास है, लेकिन इसका अस्तित्व इसकी दीवारों के भीतर पूजा की बहाली पर निर्भर है। जब पूजा ही नहीं होगी, तो दर्शनीय स्थलों का अस्तित्व क्यों और किसलिए रहेगा?  काशी (वाराणसी) पर विचार करें, जो अपनी जीवनशैली में पूजा की अभिन्न भूमिका के कारण सहस्राब्दियों तक फलता-फूलता रहा है – केवल पर्यटकों के लिए आरक्षित नहीं रहा है।

क्या आपने कभी सोचा है कि जीर्णोद्धार के बावजूद गुजरात का सोमनाथ मंदिर पूजनीय क्यों बना हुआ है?  सरदार पटेल और “आचार्य” केएम मुंशी के प्रयासों से इसकी आध्यात्मिक पवित्रता अक्षुण्ण रही। दूसरे, यह “विश्व विरासत स्थल” टैग का बोझ नहीं उठाता है, जो इसे बेलगाम पर्यटन के हमले से बचाता है।

और पढ़ें: राम मंदिर से पूर्व यूपी में तनाव की कामना कर रहे हैं उद्धव!

क्यों जीर्ण शीर्ण मंदिरों का उद्धार है अवश्यम्भावी

परित्यक्त अथवा जीर्णशीर्ण मंदिरों को पुनर्जीवित करना केवल सांस्कृतिक गौरव का विषय नहीं है; यह हमारे उज्जवल भविष्य के लिए अवश्यम्भावी है। हालाँकि चुनौतियाँ अवश्य रहेंगी, आधुनिकता को अपनाते हुए हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना एक टाइट रोप पर चलने समान है।

आप इसे जो चाहें कहें, लेकिन योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विरासत स्थलों को संरक्षित करने का उत्तर प्रदेश (यूपी) मॉडल दर्शाता है कि उस संतुलन को प्रभावी ढंग से कैसे बनाया जाए। आज की तुलना में 2010 में अयोध्या पर एक नज़र डालें, और आप समझ जायेंगे कि संतुलित परिवर्तन किसे कहते हैं।

हालाँकि, यह सिर्फ अयोध्या जैसे प्रसिद्ध स्थानों के बारे में नहीं है। मार्तंड सूर्य मंदिर जैसे अद्वितीय धरोहर, जो वर्तमान में खंडहर हैं, इसी कायाकल्प के लिए दशकों से तरस रहा है। अपनी सांस्कृतिक विरासत को वास्तव में और स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए, हमें आधुनिकता और आध्यात्मिकता में संतुलन साधना ही होगा। “वर्ल्ड हेरिटेज साइट”  टैग से हमारी विरासत की रक्षा नहीं होगी, हमें स्वयं आगे बढ़कर अपना श्रेष्ठ प्रयास इस दिशा में देना ही होगा।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: AyodhyaBrihadeshwara Templecultural heritagecultural pridecultural significanceHeritage Preservationheritage siteshistorical sitesidentityIndiaKonark Sun TempleMartand Surya Templeresuscitating abandoned templesspiritual sanctityTemplestourism.UNESCO World Heritage SiteUttar Pradesh modelYogi Adityanath
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

क्यों मनीष कश्यप से इतना कुढ़ती है नीतीश सरकार?

अगली पोस्ट

क्या हो रहा है खालिस्तानियों और मणिपुर के अलगाववादियों में गठजोड़?

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited