इनके काम में समस्या ये आती है कि कई बार ये किसी न किसी राजनैतिक दल से पहले ही सर्वेक्षण का कॉन्ट्रैक्ट किये बैठे होते हैं। ऐसी स्थिति में राजनैतिक दल की मंशा से इतर जाकर पूरा सच ये किसी टीवी चैनल पर बता दें, ये उस करार के कारण संभव ही नहीं जिसपर इन्होंने पहले ही हस्ताक्षर कर रखे हैं।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    Devender Mahto Ranchi student protest

    Jharkhand Student Protest: रांची में सड़कों पर छात्र, CBI जांच और JSSC CGL पर क्यों अटका पेंच?

    Gen Z voter and BJP

    क्या Gen Z बीजेपी के साथ है? धर्मेंद्र प्रधान के दावे का Election Data से समझिए सच

    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पोस्ट ट्रुथ काल में ट्रुथ की बेजा उम्मीद: चुनावी सर्वेक्षणों का ये है सच, राजनीतिक दलों से एजेंसियों के करार

अब सोचिये कि जिस संस्था का मूल काम सर्वेक्षण करना हो ही नहीं, समाचार इकट्ठा करना हो, उसके पास वास्तविक डेटा और फर्जी डेटा में अंतर करने योग्य कितने लोग होंगे?

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
22 November 2024
in चर्चित, चर्चित, राजनीति
एग्जिट पोल

एग्जिट पोल मनोरंजक चाहे जितना भी लगे, लेकिन इनमें सच्चाई का अंश बहुत मामूली है

Share on FacebookShare on X

मार्केट रिसर्च की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है फर्जी फॉर्म की पहचान करके उन्हें छांटना। आप कहेंगे ये फर्जी फॉर्म क्या होता है? तो जमीनी स्तर पर SPSS या पाइथन जैसे सॉफ्टवेयर इत्यादि इस्तेमाल करना, सर्वेक्षण का डिजाईन बनाना, या फिर सांख्यकी (स्टेटिस्टिक्स) उतनी कठिन चीजें नहीं होती। होता क्या है कि सवालों को जिस फॉर्म पर सवाल प्रिंट करके सर्वेक्षणकर्ताओं को दिए जाते हैं, ताकि वो उत्तरदाताओं के जवाब रिकॉर्ड कर सकें, उसके साथ ही उन्हें एक टारगेट भी मिलता है – दिन में इतने फॉर्म भरवाने हैं। लोग आसानी से सर्वे करने वालों को जवाब नहीं देते और शाम तक टारगेट पूरा नहीं होता। ऐसे में कई बार फॉर्म भरवाने वाले बेईमानी करते हैं, यानी खुद ही फॉर्म अपनी मर्जी से भर डालते हैं।

चूँकि दस फॉर्म वो वास्तविक उत्तर देने वालों से भरवा चुके होते हैं, इसलिए उन्हें पता है कि जवाब क्या आ सकता है। तो असली फॉर्म, उत्तरदाता का भरा हुआ कौन सा है, और कौन सर्वेक्षक ने खुद ही भर दिया है, इसकी पहचान करना सिर्फ अनुभवी लोगों के लिए संभव है।

संबंधितपोस्ट

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर झारखंड में बवाल, छात्रों का विधानसभा मार्च; BJP ने घेरा CM आवास

महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश का असर: पातालगंगा नदी में बह गए 3,000 गैस सिलेंडर, वीडियो हुआ वायरल

झारखंड-मिजोरम राज्यसभा चुनाव: आज पड़ेगा वोट, किसके पक्ष में है संख्या बल?

और लोड करें

अब सोचिये कि जिस संस्था का मूल काम सर्वेक्षण करना हो ही नहीं, समाचार इकट्ठा करना हो, उसके पास वास्तविक डेटा और फर्जी डेटा में अंतर करने योग्य कितने लोग होंगे? समाचार कंपनियों, जी हाँ, हरेक न्यूज़ चैनल एक प्राइवेट लिमिटेड या प्रोप्राइटरशिप कंपनी ही है; ऐसी न्यूज़ प्रदर्शित/प्रकाशित करने वाली कंपनियां कैसे जाँचेंगी कि जो आंकड़े उनके पास किसी प्री-पोल सर्वे से आये हैं, वो असली हैं भी या नहीं? जो परिणाम उन्हें बताये जा रहे हैं, उसमें गड़बड़ी एक दूसरे स्तर पर भी संभव है। आज का मतदाता उतना भोला-भाला भी नहीं होता जितना चुनाव लड़ने उतरे नेताजी बताते हैं। उसे अच्छी तरह पता है कि Zee न्यूज़ वाले सर्वेक्षक को क्या उत्तर देना है और NDTV वाले को क्या जवाब देना है। समाचार में उसका चेहरा दिख जाये, इस हिसाब से उत्तरदाता जवाब देता है और बेचारा इंटर्न जिसे फील्ड में भेजकर किसी एसी दफ्तर में बैठे न्यूज़ एडिटर साहब सोच रहे हैं कि कैमरे पर सभी सही जवाब रिकॉर्ड तो हो रहे हैं, वो नया इंटर्न अनुमान ही नहीं लगा पाता कि उसे गलत जवाब दिया जा रहा है। पैनल डिस्कशन में सच्चाई बाहर नहीं आती क्योंकि रोज न्यूज़ का पैनल बदलता नहीं – एक ही इकोचैंबर, वही पुराने लोग रोज होते हैं।

इसके बाद अगर आप ये उम्मीद कर रहे हैं कि चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में आपको अनुमान हो जाएगा कि कौन जीतने वाला है तो चलिए एक और कमी भी देख लेते हैं। एक करोड़ मतदाताओं के कितने प्रतिशत में सर्वेक्षण करने पर अनुमान सही लगाया जा सकता है? कम से कम पांच प्रतिशत का सर्वेक्षण तो करेंगे न? अगर सर्वेक्षण 5000 लोगों में किया है तो आपने 0.05% का सर्वेक्षण किया है, इतने पर कौन से नतीजों की उम्मीद कर रहे हैं? तो जिन चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों की रिपोर्ट लेकर टीवी पैनल पर बड़ी-बड़ी बहसें चल रही होती हैं, वो एंटरटेनमेंट से अधिक और क्या हैं?

दस हजार लोगों के मतदान के बारे में पांच लोगों से पूछकर कुछ पता चलेगा, ऐसा सोचना ही एक मजाक है। कुछ लोग सोच सकते हैं कि बड़े पत्रकारों को कुछ तो पता चलता होगा? तो सीधा नाम ही सोचकर ये बताइये कि रवीश कुमार या बरखा दत्त से रोज मिलने वाले लोगों में से कितने लोग भाजपा के मतदाता होंगे? सुधीर चौधरी से कितने कांग्रेस समर्थक मिलते जुलते होंगे? अर्नब गोस्वामी के पास उद्धव ठाकरे को वोट देने वाला जाता होगा? नहीं, ये सभी के सभी केवल एक ही पक्ष में बात कर सकते हैं, इसे समझने के लिए कोई रॉकेट साइंस जानना जरूरी नहीं।

शाम के समाचारों का दौर दूरदर्शन के शाम 7-8 बजे वाले समाचार देखने वाली पीढ़ी के साथ ही बीत चुका है। बहुत पहले जब स्टार जैसे चैनल और प्रनॉय रॉय जैसे लोगों ने इस चुनावी सर्वेक्षणों के बाजार में हाथ डाला था, उसी समय से बदलाव शुरू हो गए थे। एक पार्टी का प्रवक्ता दूसरी पार्टी के किसी नेता पर टूट पड़े, बहसें बिलकुल एक दूसरे के कपड़े फाड़ देने के स्तर तक उतर आये, इसके प्रयास काफी पहले शुरू हो गए थे। जिस दौर में चुनावी सर्वेक्षणों के लिए प्रनॉय रॉय “द वर्डिक्ट” जैसी किताबें लिख रहे थे, उसी दौर में सर्वेक्षणों को उचित वैज्ञानिक रीति से करने पर भी बात शुरू हुई थी।

एन. भास्कर राव जैसे लोगों ने टीवी पर जो सर्वेक्षण चुनावों के दौर में नजर आते हैं, उनपर किताब लिखी है। इस बात पर केवल अफसोस किया जा सकता है कि जिन विषयों को एक अकादमिक विषय की तरह पढ़ना-समझना, उनपर बात करने से पहले जरूरी था, उन्हें केवल मसालेदार बेस्ट सेलर्स से पढ़ा गया। नतीजा ये हुआ कि दर्शकों को भी कम से कम डेढ़-दो दशक से वही अधकचरा ज्ञान परोसा जा रहा है।

जैसे-जैसे पोस्ट पोल यानी चुनावों के बाद और नतीजों से पहले वाले सर्वेक्षण बंद करवाकर व्यवस्था को थोड़ा सुधारने की ओर सरकारें बढ़ीं, चुनाव आयोग इत्यादि ने कदम उठाने शुरू किये, भारत में अलग से केवल चुनावी सर्वेक्षण करवाने वाली कंपनियां भी आई। इनके काम में समस्या ये आती है कि कई बार ये किसी न किसी राजनैतिक दल से पहले ही सर्वेक्षण का कॉन्ट्रैक्ट किये बैठे होते हैं। ऐसी स्थिति में राजनैतिक दल की मंशा से इतर जाकर पूरा सच ये किसी टीवी चैनल पर बता दें, ये उस करार के कारण संभव ही नहीं जिसपर इन्होंने पहले ही हस्ताक्षर कर रखे हैं। तो कुल मिलाकर जनता को ये समझना होगा कि 1) समय सीमा, 2) आर्थिक मजबूरियां, 3) उचित जानकारी और प्रशिक्षण, 4) राजनैतिक प्रतिबद्धता एवं 5) TRP का मोह जैसे मुख्य कारण हैं, जिनका असर हमें टीवी पर दिखाए जाने वाले टीवी सर्वेक्षण में दिखाई देता है। ये मनोरंजक चाहे जितना भी लगे, लेकिन इनमें सच्चाई का अंश बहुत मामूली है।

सबसे अंत में बारी आती है उन यूट्यूब चैनल्स की जो आजकल ऐसे सर्वेक्षण का दावा करते हैं। इनके पास सर्वेक्षण करने के लिए 100-50 कर्मचारी नहीं होते। आर्थिक संसाधन सीमित होते हैं। इनका ऑडियंस यानी दर्शक वर्ग भी पहले से ही एक विशेष राजनैतिक झुकाव का होता है। जब उद्देश्य ही अपने दर्शक वर्ग को गुदगुदाना, उन्हें खुश कर देना भर हो, तो सच से इनकी कितनी नजदीकी होगी? कुल मिलाकर चुनावी सर्वेक्षणों में भारतीय जनता को आज या कल के किसी निकट भविष्य में सच्चाई दिखाई जाएगी, इसकी संभावना बहुत क्षीण है। जिस दौर में हम हैं, उस तथाकथित “पोस्ट ट्रुथ” काल में कोई “ट्रुथ” को सोशल मीडिया पर भी “पोस्ट” कर देने की हिम्मत दिखायेगा, ऐसा होता तो नहीं दिखता।

स्रोत: Jharkhand, Maharashtra, झारखंड, महाराष्ट्र, विधानसभा चुनाव, Vidhan Sabha Election, Exit Polls, एग्जिट पोल्स
Tags: Exit PollsJharkhandMaharashtraVidhan Sabha Electionएग्जिट पोल्सझारखंडमहाराष्ट्रविधानसभा चुनाव
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सिर्फ 3% था बचने का चांस; सिद्धू की पत्नी ने नीम के पत्ते, कच्ची हल्दी और आयुर्वेद के सहारे स्टेज IV कैंसर को हराया

अगली पोस्ट

कश्मीरी हिंदुओं की दुकानों पर चला बुलडोजर, रोते-बिलखते पीड़ित बोले- हमारी रोजी-रोटी छीन ली

संबंधित पोस्ट

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन
Uncategorized

PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी, प्रेम नायक का अनशन 11वें दिन पहुंचा

13 August 2026

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में PSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी छात्र...

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया
चर्चित

मानसून सत्र खत्म, किरेन रिजिजू ने बताया- राज्यसभा की उत्पादकता 39% और लोकसभा की 19%

13 August 2026

संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्र के कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने...

लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके के घटनास्थल और जांच के बाद की तस्वीरें
चर्चित

लाल किले के पास नवंबर 2025 धमाका: UN रिपोर्ट में AQIS का नाम, 11 लोगों की हुई थी मौत

13 August 2026

दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03

Beyond S-400: Why India's Indigenous Kusha Missile Could Change Air Defence

00:03:42

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited